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  • देहरादून में दिनदहाड़े​​​​​​​ महिला के अपहरण की कोशिश, शोर मचाते ही भाग निकले बदमाश.

    देहरादून में दिनदहाड़े​​​​​​​ महिला के अपहरण की कोशिश, शोर मचाते ही भाग निकले बदमाश.

    देहरादून में दिनदहाड़े​​​​​​​ महिला के अपहरण की कोशिश, शोर मचाते ही भाग निकले बदमाश.

    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में महिला की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। रायपुर थाना क्षेत्र के सहस्त्रधारा रोड पर नालापानी चौक के पास सुबह के समय स्कूटी सवार एक महिला को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई। महिला की सतर्कता और समय रहते शोर मचाने के कारण आरोपी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।

    बताया जा रहा है कि घटना सुबह करीब 6:45 बजे की है। महिला अपनी बेटी को स्कूल बस में बैठाने के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्विफ्ट कार में सवार दो युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया।

    रास्ता रोककर महिला को पकड़ने की कोशिश

    आरोप है कि कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद कार सवार युवकों ने अपनी गाड़ी महिला की स्कूटी के आगे लगा दी। रास्ता रुकते ही दोनों युवक कार से बाहर निकले और महिला को पकड़ने की कोशिश करने लगे।

    अचानक हुई इस घटना से महिला घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। महिला ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया और आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई।

    महिला की चीख सुनकर मौके की ओर दौड़े लोग

    महिला की आवाज सुनकर आसपास मौजूद कुछ लोग घटनास्थल की ओर आने लगे। लोगों को अपनी तरफ आता देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और कार में बैठकर मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद महिला सीधे रायपुर थाने पहुंची और पुलिस को पूरी जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई। दिनदहाड़े हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

    तीन पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया

    रायपुर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि कार और उसमें सवार आरोपियों की पहचान की जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार के नंबर और घटनास्थल के आसपास मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला को जबरन साथ ले जाने की कोशिश के पीछे आरोपियों का मकसद क्या था।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला की सूझबूझ और समय पर मदद के लिए आवाज उठाने के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।

  • बाइक लेकर जा​​​​​​​ रहा था: शख्स, पीछे से मालिक ने लगाई आवाज तो बदल गया पूरा मामला, वीडियो वायरल

    बाइक लेकर जा​​​​​​​ रहा था: शख्स, पीछे से मालिक ने लगाई आवाज तो बदल गया पूरा मामला, वीडियो वायरल

    बाइक लेकर जा​​​​​​​ रहा था: शख्स, पीछे से मालिक ने लगाई आवाज तो बदल गया पूरा मामला, वीडियो वायरल

    सोशल मीडिया पर एक बाइक से जुड़ी क्लिप तेजी से चर्चा में है। वीडियो में एक शख्स बाइक लेकर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। पहली नजर में ऐसा लगता है कि वह बाइक को लेकर कहीं जा रहा है, लेकिन कुछ ही देर बाद बाइक मालिक की आवाज सुनाई देती है और पूरा घटनाक्रम अलग ही अंदाज में सामने आता है।

    वायरल क्लिप में गमछा लगाए एक शख्स बाइक के पास पहुंचता दिखाई देता है। इसके बाद वह बाइक स्टार्ट करता है और उसे लेकर आगे बढ़ने लगता है। इसी दौरान पीछे से बाइक का मालिक उसे आवाज देता है।

    मालिक ने ऐसा क्या कहा?

    वीडियो में बाइक मालिक का अंदाज लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है। वह कथित तौर पर व्यंग्य करते हुए सामने वाले से कहता है कि हां, बाइक तुम्हारी ही है, ले जाओ।

    मालिक के इस जवाब के बाद वीडियो का माहौल ही बदल जाता है। उसके बोलने के अंदाज को देखकर ऐसा लगता है कि उसने सामने वाले की हरकत को समझ लिया था।

    चोर से ज्यादा मालिक के जवाब की चर्चा

    वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग बाइक लेकर जाने वाले शख्स से ज्यादा मालिक की प्रतिक्रिया पर कमेंट कर रहे हैं। कई यूजर्स को उसका जवाब काफी मजेदार लगा।

    कुछ लोगों ने कमेंट करते हुए कहा कि बाइक मालिक ने जिस अंदाज में जवाब दिया, उससे पूरा मामला किसी फिल्मी सीन जैसा लगने लगा। वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि सामने वाले ने शायद ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की होगी।

    वीडियो की पूरी कहानी साफ नहीं

    हालांकि, इस वायरल क्लिप में दिखाई दे रही घटना की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट नहीं है। वीडियो कहां का है, बाइक लेकर जाने वाला शख्स कौन है और इसके बाद उसके साथ क्या हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

    इसलिए वायरल वीडियो को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। फिलहाल सोशल मीडिया पर बाइक मालिक के अनोखे अंदाज में दिए गए जवाब की वजह से यह क्लिप लोगों का ध्यान खींच रही है।

  • 60 साल के​​​​​​​ दूल्हे ने 23 साल की युवती से रचाई शादी, 37 साल का उम्र का फासला बना चर्चा का विषय.

    60 साल के​​​​​​​ दूल्हे ने 23 साल की युवती से रचाई शादी, 37 साल का उम्र का फासला बना चर्चा का विषय.

    60 साल के​​​​​​​ दूल्हे ने 23 साल की युवती से रचाई शादी, 37 साल का उम्र का फासला बना चर्चा का विषय.

    लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में एक शादी इन दिनों चर्चा में है। अभयपुर थाना क्षेत्र के पीरीबाजार के रामपुर गांव निवासी 60 वर्षीय पिंकू सिंह ने 23 वर्षीय वर्षा रानी के साथ शादी की है। दोनों के बीच उम्र का करीब 37 साल का अंतर है।

    शादी की तस्वीरें और समारोह से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया।

    दोनों की पहले भी हो चुकी है शादी

    बताया जा रहा है कि पिंकू सिंह पेशे से किसान और मजदूर हैं। उनकी पहली पत्नी करीब 10 साल पहले उनसे अलग हो गई थीं। इसके बाद वह अकेले रह रहे थे।

    वहीं, वर्षा रानी की भी यह दूसरी शादी बताई जा रही है। उनकी पहली शादी मुंगेर जिले के कल्याणपुर में हुई थी। उस रिश्ते से उनकी एक बेटी भी है।

    हादसे के बाद टूट गया था पहला रिश्ता

    रिपोर्ट के मुताबिक, वर्षा रानी के पहले ससुराल में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं। इसके बाद उनके पहले पति ने उन्हें अपने साथ रखने से इनकार कर दिया था। बाद में दोनों अलग हो गए।

    वर्षा फिलहाल ग्रेजुएशन पार्ट-1 की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कथित तौर पर कहा कि उन्होंने पिंकू सिंह से शादी अपनी इच्छा से की है और किसी तरह के दबाव में यह फैसला नहीं लिया।

    शादी के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा

    60 वर्षीय पिंकू सिंह और 23 वर्षीय वर्षा रानी की शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा दोनों के बीच 37 साल के उम्र के अंतर को लेकर हो रही है।

    वहीं, वर्षा रानी की उम्र 23 साल होने की पुष्टि सीएसडब्ल्यू सुप्रिया कुमारी की ओर से किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

    दोनों ने शादी के बाद साथ रहने और अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करने का फैसला किया है। अब यह शादी लखीसराय में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • इंडियन आर्मी के​​​​​​​ कॉम्बैट डॉग: का पहली बार हैरतअंगेज स्टंट, प्लेन से हैंडलर और पैराट्रूपर के साथ किया जंप

    इंडियन आर्मी के​​​​​​​ कॉम्बैट डॉग: का पहली बार हैरतअंगेज स्टंट, प्लेन से हैंडलर और पैराट्रूपर के साथ किया जंप

    इंडियन आर्मी के​​​​​​​ कॉम्बैट डॉग: का पहली बार हैरतअंगेज स्टंट, प्लेन से हैंडलर और पैराट्रूपर के साथ किया जंप

     एक अहम एयरबोर्न ट्रेनिंग एक्सरसाइज में इंडियन आर्मी के एक कॉम्बैट डॉग ने अपने हैंडलर और एक पैराट्रूपर के साथ मिलकर टैंडम पैराशूट जंप में हिस्सा लिया. ये एक्सरसाइज सेंट्रल इंडिया में बेहात ड्रॉप जोन में की गई और इससे सेना की मिलिट्री डॉग्स के ऑपरेशनल यूज को बढ़ाने की कोशिशों का पता चलता है.

    एयरबोर्न एक्सरसाइज में डॉग शामिल

    भारतीय सेना की सूर्या कमांड ने ‘एक्स’ पर इस एक्सरसाइज की जानकारी शेयर की. उन्होंने इसे डॉग हैंडलर और मिलिट्री डॉग के साथ किए गए शुरुआती टैंडम पैराशूट जंप में से एक बताया. नीचे उतरते समय पैराट्रूपर, डॉग हैंडलर और कॉम्बैट डॉग ने पूरा कॉम्बैट लोड ले रखा था. सेना ने कहा कि इस एक्सरसाइज से सैनिकों और उनके डॉग के बीच जरूरी तालमेल, भरोसे और टीमवर्क का पता चला.

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    यह भी पढ़ें- टायसन जिंदा है..वो आर्मी डॉग जिसने गोली खाकर भी बताया आतंकियों का ठिकाना, अब मिला वीरता सम्मान

    ये जंप कॉम्बैट डॉग के साथ पहले की गई फ्री-फॉल ट्रेनिंग पर बेस्ड है. ऐसी एक्सरसाइज से ट्रेंड डॉग्स को उन मिशन के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है, जहां सैनिकों को एयरबोर्न ऑपरेशन के जरिए मुश्किल या दुश्मन वाले इलाकों में जाना पड़ता है.

    मिलिट्री डॉग्स का रोल

    मिलिट्री डॉग्स लंबे समय से भारतीय सुरक्षा बलों की मदद कर रहे हैं, जैसे कि आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन, तलाशी और ट्रैकिंग में. उनकी सूंघने की जबरदस्त क्षमता उन्हें विस्फोटक, हथियार और लोगों का पता लगाने में मदद करती है, साथ ही वे सैनिकों को इमारतों और संदिग्ध ठिकानों की तलाशी लेने में भी मदद करते हैं.

    सेना के कॉम्बैट डॉग्स ने जम्मू-कश्मीर में भी ऑपरेशन में हिस्सा लिया है. फरवरी में, 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज के असॉल्ट डॉग टायसन को किश्तवाड़ में आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन के दौरान चोट लग गई थी, लेकिन वो संदिग्ध ठिकाने की तरफ आगे बढ़ता रहा. बाद में उसे ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ से सम्मानित किया गया. जूम, फैंटम और एक्सल जैसे अन्य मिलिट्री डॉग्स भी आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल रहे हैं.

    एयरबोर्न क्षमताओं का विस्तार

    नई एक्सरसाइज में 2 खास क्षमताओं, पैराट्रूपर्स और मिलिट्री डॉग्स को मिलाया गया है. एयरबोर्न सैनिकों के साथ जाने वाला ट्रेंड डॉग मुश्किल इलाकों में उतरने के बाद चीजों का पता लगाने और ट्रैकिंग में मदद कर सकता है. दूसरे देशों की सेनाओं ने भी एयरबोर्न और स्पेशल ऑपरेशन के लिए डॉग्स को ट्रेन किया है. ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पैराशूट से तैनाती के लिए भी डॉग्स को ट्रेन किया गया था. इसलिए इंडियन आर्मी की ये लेटेस्ट एक्सरसाइज ये पता लगाने की दिशा में एक और कदम है कि कैसे कॉम्बैट डॉग्स कंवेंशनल ग्राउंड मिशन से हटकर सैनिकों की मदद कर सकते हैं.

  • बोरों में भरकर​​​​​​​ लाए आवारा कुत्ते, अफसर की मेज पर छोड़े… नासिक में अनोखा प्रदर्शन

    बोरों में भरकर​​​​​​​ लाए आवारा कुत्ते, अफसर की मेज पर छोड़े… नासिक में अनोखा प्रदर्शन

    बोरों में भरकर लाए आवारा कुत्ते, अफसर की मेज पर छोड़े... नासिक में अनोखा प्रदर्शन; VIDEO वायरल

    महाराष्ट्र में आवारा कुत्तों को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां कुछ लोग आवारा कुत्तों को बोरे में भरकर नगर पंचायत ऑफिस पहुंच गए. मामला नासिक के निफाड नगर पंचायत ऑफिस का है. प्रदर्शन करने पंचायत ऑफिस पहुंचे युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने बोरे में भरकर लाए कुत्तों को दफ्तर में छोड़ दिया. उनका कहना है कि प्रशासन आवारा कुत्तों की समस्या को दूर करने में नाकाम है.

    वायरल हुआ वीडियो

    इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि आवारा पिल्लों को बोरों में भरकर लाया गया और फिर अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया गया. इसके बाद कुत्ते मेज पर इधर-उधर भागते दिख रहे हैं. कुत्ते थोड़े घबराए हुए भी लग रहे थे. इसके साथ ही रंधावे ने चीफ ऑफिसर धीरज भामरे की मेज पर नोटों की माला रख दी.

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    क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है. इसकी वजह से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही उनका दावा है कि आवारा कुत्तों ने शहर में कई लोगों को काट लिया है. प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. गणेशोत्सव के दौरान भी यह मुद्दा उठाया गया और कहा कि आवारा कुत्तों की वजह से गणेश मंडलों में आने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया है.

    प्रदर्शनकारियों की मांग है कि तुरंत नसबंदी अभियान चलाएं , कुत्तों को पकड़ने के लिए सही इंतजाम करें और आवारा कुत्तों की आबादी को कंट्रोल के उपाय अपनाएं जाएं.

    रंधावे ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे. साथ ही कहा कि फिर चीफ ऑफिसर के ऑफिस में आवारा कुत्ते छोड़ देंगे.

  • दुनिया का अनोखा​​​​​​​ गांव! 50 मीटर ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहती है जनजाति, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

    दुनिया का अनोखा​​​​​​​ गांव! 50 मीटर ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहती है जनजाति, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

    दुनिया का अनोखा​​​​​​​ गांव! 50 मीटर ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहती है जनजाति, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

    दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जहां लोगों की जीवनशैली आम शहरों और गांवों से बिल्कुल अलग है। इंडोनेशिया के पापुआ क्षेत्र के घने जंगलों में रहने वाली कोरवाई जनजाति भी अपनी अनोखी जीवनशैली के लिए जानी जाती है। इस समुदाय के कुछ लोग जमीन पर घर बनाने के बजाय ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहते हैं।

    पेड़ों की ऊंचाई पर बने इन घरों को देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो सकता है। जंगल के बीच कई मीटर ऊपर बने ये ट्री हाउस इस समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली का खास हिस्सा माने जाते हैं।

    10 से 50 मीटर की ऊंचाई पर बने घर

    कोरवाई समुदाय के कुछ पारंपरिक ट्री हाउस जमीन से करीब 10 से 50 मीटर तक की ऊंचाई पर बनाए जाते हैं। घने जंगलों के बीच पेड़ों की ऊंचाई पर बने ये घर दूर से बेहद अनोखे नजर आते हैं।

    इन घरों की ऊंचाई हर जगह एक जैसी नहीं होती। घर बनाने के लिए मजबूत और उपयुक्त पेड़ों का चयन किया जाता है, जिसके बाद उनकी शाखाओं और तने के आसपास रहने की जगह तैयार की जाती है।

    लकड़ी और पत्तियों से तैयार होते हैं ट्री हाउस

    इन पारंपरिक घरों को तैयार करने में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लकड़ी, पत्तियों और पेड़ों से मिलने वाली दूसरी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

    सीमित संसाधनों के बावजूद इन घरों को इस तरह बनाया जाता है कि लोग उनमें रह सकें और जंगल के वातावरण में अपना जीवन जारी रख सकें।

    आखिर पेड़ों पर क्यों बनाए जाते हैं घर?

    इतनी ऊंचाई पर घर बनाने के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। जंगल में जमीन से ऊपर रहने को जंगली जानवरों और दूसरी संभावित परेशानियों से बचाव का एक तरीका माना जाता है।

    इसके अलावा ऊंचाई पर बने घरों से आसपास के इलाके पर नजर रखना भी आसान हो सकता है। जंगल के वातावरण में यह जीवनशैली पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक परिस्थितियों से जुड़ी हुई मानी जाती है।

    आधुनिक दुनिया से अलग है जीवनशैली

    कोरवाई जनजाति की पारंपरिक जीवनशैली आधुनिक शहरों की जिंदगी से काफी अलग दिखाई देती है। घने जंगलों के बीच प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहकर जीवन बिताना और पेड़ों की ऊंचाई पर घर बनाना इस समुदाय को दुनिया की अन्य आबादी से अलग पहचान देता है।

    हालांकि, समय के साथ इस क्षेत्र में भी आधुनिक जीवनशैली का प्रभाव बढ़ा है और समुदाय के सभी लोग आज एक जैसी पारंपरिक परिस्थितियों में नहीं रहते। फिर भी ऊंचे पेड़ों पर बने पारंपरिक घर कोरवाई संस्कृति और उनके जंगल से जुड़े जीवन का एक अनोखा उदाहरण माने जाते हैं।

  • PIA ने क्रू​​​​​​​ मेंबर्स के लिए लॉन्च की नई ड्रेस, सोशल मीडिया पर यूजर्स बोले- पहले विमानों की हालत सुधारो.

    PIA ने क्रू​​​​​​​ मेंबर्स के लिए लॉन्च की नई ड्रेस, सोशल मीडिया पर यूजर्स बोले- पहले विमानों की हालत सुधारो.

    PIA ने क्रू​​​​​​​ मेंबर्स के लिए लॉन्च की नई ड्रेस, सोशल मीडिया पर यूजर्स बोले- पहले विमानों की हालत सुधारो.

    पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) ने अपने क्रू मेंबर्स के लिए नई ड्रेस लॉन्च की है। एयरलाइन की ओर से नई यूनिफॉर्म पेश किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नई ड्रेस पर चर्चा करने के साथ ही एयरलाइन की दूसरी सेवाओं पर भी सवाल उठाए। कुछ यूजर्स का कहना है कि यूनिफॉर्म बदलने से पहले एयरलाइन को अपने विमानों और यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।

    नई ड्रेस को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा

    PIA की नई यूनिफॉर्म की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने ड्रेस में बदलाव को लेकर प्रतिक्रिया दी, जबकि कई लोगों ने एयरलाइन की मौजूदा सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।

    सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यूनिफॉर्म बाद में भी बदली जा सकती है, लेकिन पहले विमानों की स्थिति और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार किया जाना चाहिए।

    सर्विस और ऑपरेशन को लेकर भी सवाल

    नई ड्रेस के साथ ही सोशल मीडिया यूजर्स ने PIA की कस्टमर सर्विस और एयरलाइन के ऑपरेशन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आई प्रतिक्रियाएं अलग-अलग यूजर्स की राय हैं और इन्हें एयरलाइन की सेवाओं का आधिकारिक आकलन नहीं माना जा सकता।

    PIA की नई यूनिफॉर्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है और यूजर्स एयरलाइन की अन्य सेवाओं पर भी अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं।

  • स्पीति की खतरनाक​​​​​​​ सड़कों: पर ऑटो चला रहे ब्रिटिश टूरिस्ट, देखकर भारतीय ट्रैवलर भी रह गया हैरान..

    स्पीति की खतरनाक​​​​​​​ सड़कों: पर ऑटो चला रहे ब्रिटिश टूरिस्ट, देखकर भारतीय ट्रैवलर भी रह गया हैरान..

    स्पीति की खतरनाक​​​​​​​ सड़कों: पर ऑटो चला रहे ब्रिटिश टूरिस्ट, देखकर भारतीय ट्रैवलर भी रह गया हैरान..

    हिमाचल प्रदेश की स्पीति वैली अपनी खूबसूरत वादियों के साथ-साथ मुश्किल पहाड़ी सड़कों के लिए भी जानी जाती है. यहां का सफर आसान नहीं होता. ऐसे में जब दो ब्रिटिश पर्यटक इन सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलाते नजर आए, तो वहां मौजूद एक भारतीय ट्रैवलर भी हैरान रह गया. दोनों पर्यटक बजाज ऑटो से भारत घूम रहे हैं. उनका सफर हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों से होते हुए आगे राजस्थान के जैसलमेर तक जाने का है. स्पीति की कठिन सड़कों पर ऑटो से सफर करते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.

    ताबो से काजा जाते समय दिखे दोनों पर्यटक

    भारतीय सोलो ट्रैवलर विशाल की नजर इन दोनों पर्यटकों पर तब पड़ी, जब वह स्पीति वैली में ताबो से काजा की ओर जा रहे थे. उन्होंने दोनों को पहाड़ी रास्ते पर ऑटो चलाते देखा और इस पल का वीडियो बना लिया. वीडियो में विशाल ने हैरानी जताई कि जिस रास्ते पर बड़े वाहन चलाना भी चुनौतीपूर्ण होता है, वहां दोनों विदेशी पर्यटक तीन पहियों वाले ऑटो से सफर कर रहे हैं.

    सफर को बनाया एडवेंचर

    विशाल ने अपने वीडियो में कहा कि जो लोग सच में घूमने के शौकीन होते हैं, वे किसी भी चीज को रोमांचक सफर में बदल सकते हैं. ब्रिटिश पर्यटकों का यह सफर भी इसी अंदाज में नजर आ रहा है. स्पीति की ऊंची पहाड़ी सड़कें, मुश्किल मोड़ और बदलता मौसम इस सफर को और चुनौतीपूर्ण बनाते हैं. यही वजह है कि ऑटो से स्पीति घूमते इन पर्यटकों का वीडियो लोगों के लिए खासा दिलचस्प बन गया.

  • अमीरी हो तो​​​​​​​ ऐसी! घर जाने के लिए नहीं था रास्ता, तो बनवा दिया सड़क से कनेक्टेड ब्रिज.

    अमीरी हो तो​​​​​​​ ऐसी! घर जाने के लिए नहीं था रास्ता, तो बनवा दिया सड़क से कनेक्टेड ब्रिज.

    अमीरी हो तो​​​​​​​ ऐसी! घर जाने के लिए नहीं था रास्ता, तो बनवा दिया सड़क से कनेक्टेड ब्रिज.

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक आलीशान घर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक ऐसी आलीशान महलनुमा कोठी दिखाई दे रही है, जहां तक पहुंचने के लिए सामान्य सड़क के बजाय एक लंबा कंक्रीट ब्रिज बनाया गया है. वीडियो सामने आने के बाद लोग इस निर्माण को लेकर हैरानी जता रहे हैं और सोशल मीडिया पर तरह-तरह के रिएक्शन भी वायरल हो रहे हैं. वायरल वीडियो में सफेद रंग की बहुमंजिला इमारत नजर आती है. यह घर सड़क से कुछ ऊंचाई पर बना हुआ दिखाई देता है.

    वीडियो में यूजर्स ये देखकर हैरान रह गए कि घर तक पहुंचने के लिए नीचे मुख्य सड़क से एक घुमावदार और ऊंचा कंक्रीट का रास्ता तैयार किया गया है, जो सीधे मकान की बाउंड्री और मेन गेट तक पहुंचता है. पहली नजर में यह संरचना किसी छोटे फ्लाईओवर या ओवरब्रिज जैसी दिखाई देती है.

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    सड़क नहीं मिली तो घर तक बना दिया ब्रिज

    वीडियो बनाने वाला व्यक्ति इस पूरे घर और ब्रिज को अपने अंदाज में दिखाता है. वीडियो बना रहा शख्स बताता है कि घर तक पहुंचने के लिए नॉर्मल रास्ता उपलब्ध नहीं था, इसलिए सड़क से सीधे मकान तक पहुंचने वाला ब्रिज तैयार कर दिया गया. वीडियो में वह इस निर्माण को लेकर मजाकिया अंदाज में कहता है कि जब पैसा हो तो ऐसी सुविधाएं भी बनाई जा सकती हैं.

    वीडियो में दिखाई दे रहे ब्रिज की लंबाई और उसके घुमावदार रास्ते किसी सरकारी ब्रिज से बहुत अलग और खूबसूरत बनाया गया है. यही वजह है कि सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान इस पर तेजी से गया है.

     
     

     

    किसका है यह आलीशान घर?

    हालांकि, वायरल वीडियो के साथ सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह घर किसका है और कहां स्थित है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो किस शहर या इलाके का है. इसी तरह मकान के मालिक की पहचान भी सामने नहीं आई है. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे अमीरी का अनोखा उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ लोग निर्माण को लेकर मजेदार कमेंट कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि आम लोगों को सड़क और रास्ते के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि यहां घर तक पहुंचने के लिए ही पूरा ब्रिज तैयार कर दिया गया.

  • चप्पल से पीटा,​​​​​​​ गालियां दीं… बिहार के बांका में लड़की से बदसलूकी, मामले में 6 युवकों पर FIR..

    चप्पल से पीटा,​​​​​​​ गालियां दीं… बिहार के बांका में लड़की से बदसलूकी, मामले में 6 युवकों पर FIR..

    चप्पल से पीटा,​​​​​​​ गालियां दीं… बिहार के बांका में लड़की से बदसलूकी, मामले में 6 युवकों पर FIR..

    बांका: बिहार के बांका जिले से एक लड़की के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में घटना मंदार हिल इलाके की बताई गई है।

    मामले में पुलिस ने छह युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि युवकों ने लड़की के साथ बदसलूकी की, उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज भी की। घटना को लेकर पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है।

    सोशल मीडिया से पुलिस को मिली जानकारी

    बौंसी पुलिस को 22 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना बांका के मंदार हिल इलाके में हुई थी।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

    छह युवकों के खिलाफ मामला दर्ज

    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में छह युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों और सामने आई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मामले की जांच जारी

    पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आई सामग्री और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और छह नामजद युवकों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।