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  • ढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड्स बन सकते हैं फैटी लिवर की वजह, जानिए डॉक्टर के सुझाए 7 लाइफस्टाइल टिप्स..

    ढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड्स बन सकते हैं फैटी लिवर की वजह, जानिए डॉक्टर के सुझाए 7 लाइफस्टाइल टिप्स..

    ढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड्स बन सकते हैं फैटी लिवर की वजह, जानिए डॉक्टर के सुझाए 7 लाइफस्टाइल टिप्स..

    बिगड़ते लाइफस्टाइल, जंक फूड का अधिक सेवन और निष्क्रिय लाइफस्टाइल के कारण फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या तेजी से पैर पसार रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फैटी लिवर का सीधा संबंध आपके खून में मौजूद एक खास तरह के फैट यानी ‘ट्राइग्लिसराइड्स’ (Triglycerides) के बढ़ने से भी है? जब शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर अनकंट्रोल हो जाता है, तो यह लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। शुरुआती चरणों में फैटी लिवर को बिना दवाओं के, सिर्फ सही आदतों से पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है।

    जनरल डायटीशियन और डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर कोमल कुलकर्णी ने ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल करने और फैटी लिवर से मुक्ति पाने के लिए लाइफस्टाइल में  7 जरूरी बदलाव (Lifestyle Changes) करने की सलाह दी है। एक्सपर्ट ने बताया खराब खानपान, मीठे पेय, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ता मोटापा आज फैटी लिवर और हाई ट्राइग्लिसराइड्स की बड़ी वजह बन चुके हैं। अगर समय रहते डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव किए जाएं तो ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम करने और फैटी लिवर की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर से छुटकारा पाने के लिए लाइफस्टाइल में कौन-कौन से बदलाव करना जरूरी है।

    सबसे पहले मीठे ड्रिंक्स का सेवन नहीं करें

    डॉक्टर ने सलाह दी है कि अगर ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा हुआ हैं तो सबसे पहले शुगर वाली ड्रिंक्स को डाइट से हटाएं। कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय-कॉफी और अन्य शुगर युक्त पेय पदार्थ शरीर में अतिरिक्त शुगर पहुंचाते हैं, जो ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाने और लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकते हैं। इसकी जगह सादा पानी, बिना चीनी वाली ग्रीन टी या नींबू पानी बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

    शरीर का 10% वजन कम करने का लक्ष्य रखें

    अगर आपका वजन सामान्य से अधिक है तो कुल वजन का लगभग 10 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखें। वजन घटाना लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। धीरे-धीरे वजन घटाने से ट्राइग्लिसराइड्स कम करने, इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने और फैटी लिवर की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।

    नियमित एक्सरसाइज करें

    डॉक्टर के अनुसार सप्ताह में कम से कम 150 से 180 मिनट तेज चाल से चलें। बॉडी को एक्टिव रखने के लिए जॉगिंग या एरोबिक एक्सरसाइज करें। इसके अलावा सप्ताह में 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी शामिल करें। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम करने और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने में मदद करती है।

    हर मील में प्रोटीन शामिल करें

    हर भोजन में अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन शामिल करें। इसके लिए अंडा, चिकन, मछली, पनीर, टोफू और दालें अच्छे विकल्प हो सकते हैं। पर्याप्त प्रोटीन लेने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है, मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और वजन घटाने में भी मदद मिलती है।

    रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम करें

    मैदा से बने बिस्कुट, बेकरी प्रोडक्ट्स, सफेद ब्रेड और नमकीन जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें। इनकी जगह साबुत अनाज और हाई-फाइबर विकल्प चुनें। रिफाइंड कार्ब्स का अधिक सेवन ट्राइग्लिसराइड्स और पेट की चर्बी बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है।

    फाइबर से भरपूर भोजन खाएं

    डाइट में फल, हरी सब्जियां, ओट्स और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। फाइबर पाचन को बेहतर बनाने, ब्लड शुगर को संतुलित रखने और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी सहायक होता है।

    रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें

    अच्छी नींद भी फैटी लिवर और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए जरूरी है। रोजाना 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं, भूख कंट्रोल रहती है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी डॉक्टर के सुझावों पर आधारित है। फैटी लिवर या हाई ट्राइग्लिसराइड्स की स्थिति में डाइट, एक्सरसाइज या दवा में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।

  • नैनीताल के लग्जरी रिजॉर्ट पर पुलिस का छापा, 52 लोग और 10 युवतियां हिरासत में..

    नैनीताल के लग्जरी रिजॉर्ट पर पुलिस का छापा, 52 लोग और 10 युवतियां हिरासत में..

    नैनीताल के लग्जरी रिजॉर्ट पर पुलिस का छापा, 52 लोग और 10 युवतियां हिरासत में..

    नैनीताल : उत्तराखंड के मशहूर पर्यटन स्थल नैनीताल के रामनगर स्थित एक नामी रिजॉर्ट में चल रहे हाई-प्रोफाइल देह व्यापार, अवैध शराब पार्टी और अश्लीलता के बड़े रैकेट का पुलिस ने सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सांवल्दे इलाके में स्थित रिजॉर्ट’ ( Resort) में शनिवार देर रात छापा मारकर यूपी और दिल्ली के 52 रईसजादों समेत 10 युवतियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई युवतियों में एक नाबालिग किशोरी भी शामिल है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।

    इस छापेमारी के दौरान रिजॉर्ट का महाप्रबंधक (GM) अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इस पूरे रिजॉर्ट को सील कर दिया है।

    मेरठ के कीटनाशक कारोबारी उमेंद्र ने दी थी पार्टी, प्रति युवती 10 हजार में हुआ था सौदा

    पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस अश्लील महफिल का मुख्य सूत्रधार उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के टीपीनगर थाना क्षेत्र के मुल्ताननगर का रहने वाला बड़ा कारोबारी उमेंद्र है। उमेंद्र का मेरठ और बुलंदशहर के सिकंदराबाद में कीटनाशक और कृषि उपकरणों का बड़ा कारोबार है। उमेंद्र के साथ उसका साथी मेहराजुद्दीन भी इस अय्याशी की पार्टी में शामिल था।

    आरोपी उमेंद्र ने कुबूल किया कि वह अपनी कंपनी से जुड़े डीलरों और करीबियों के मनोरंजन के लिए उन्हें नैनीताल लेकर आया था। इसके लिए उसने 10 दिन पहले ही रामनगर आकर रिजॉर्ट के जीएम लखेंद्र चौधरी से मुलाकात की थी और एडवांस के तौर पर 2 लाख 20 हजार रुपये जमा कराए थे। जीएम ने ही शराब और युवतियों की डिमांड पूरी करने का ठेका लिया था। इसके बाद कंपनी के एक कर्मचारी राहुल गुप्ता उर्फ सन्नी के माध्यम से 10-10 हजार रुपये प्रति युवती के हिसाब से देश-विदेश से लड़कियां बुलाई गई थीं।

    बिना एंट्री चल रहा था डांस बार, नकली नोटों की गड्डियों के साथ आपत्तिजनक सामान बरामद

    पुलिस जब रिजॉर्ट के भीतर दाखिल हुई तो वहां का नजारा किसी डांस बार जैसा था। बिना किसी अनुमति के तेज म्यूजिक सिस्टम पर युवतियां डांस कर रही थीं और दिल्ली-यूपी से आए रईसजादे उन पर नोट उड़ाते हुए अश्लील हरकतें कर रहे थे। पुलिस ने जब रिजॉर्ट के एंट्री रजिस्टर की जांच की, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। रिजॉर्ट प्रशासन ने मोटी रकम के लालच में किसी भी एंट्री रजिस्टर में इन 62 लोगों का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया था।

    मौके से बरामद हुआ ये सामान:

    • 10-10 रुपये के नकली नोटों की 24 गड्डियां (जो युवतियों पर उड़ाने के लिए लाई गई थीं)
    • 3 पेटी महंगी अंग्रेजी शराब और 1 पेटी बीयर
    • 1 लैपटॉप और 3 स्मार्टफोन
    • हाई-बासबैंड म्यूजिक सिस्टम और साउंड बॉक्स
    • भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री

    रिजॉर्ट सील, फरार जीएम की तलाश में जुटी पुलिस; पॉक्सो समेत इन धाराओं में केस दर्ज

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि इस पूरे सेक्स रैकेट और अवैध पार्टी के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए गए हैं। पकड़े गए सभी 52 पुरुषों, युवतियों और फरार जीएम लखेंद्र चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143, अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3, 5 व 6, पॉक्सो (POXSO) अधिनियम की धारा 14, आबकारी अधिनियम और किशोर न्याय (JJ) अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

    नैनीताल पुलिस अब इस देह व्यापार के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। फरार जीएम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मेरठ पुलिस को भी मुख्य आरोपी उमेंद्र के आपराधिक इतिहास की जांच के लिए इनपुट साझा किए जा रहे हैं।

  • धन के देवता कुबेर से जुड़ा है घर का ये खास कोना, जानिए क्या रखने की सलाह दी जाती है,,,

    धन के देवता कुबेर से जुड़ा है घर का ये खास कोना, जानिए क्या रखने की सलाह दी जाती है,,,

    वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर दिशा को धन और समृद्धि से जोड़ा जाता है. इसे कुबेर कॉर्नर भी कहा जाता है. यदि इस स्थान को सही तरीके से व्यवस्थित रखा जाए और कुछ सरल उपाय अपनाएं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बेहतर माना जाता है.

    धन के देवता कुबेर से जुड़ा है घर का ये खास कोना, जानिए क्या रखने की सलाह दी जाती है,,,

    धन से जुड़े दस्तावेज, तिजोरी या लॉकर को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखकर उसका मुख उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है. (Photo: ITG)

    घर की उत्तर दिशा को कुबेर कॉर्नर कहा जाता है. यह स्थान धन के देवता भगवान कुबेर का माना जाता है. मान्यता है कि यदि इस दिशा को साफ-सुथरा, हल्का और व्यवस्थित रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर बना रहता है. साथ ही, धन की आवक भी अच्छी रहती है. इसलिए इस हिस्से की देखभाल को विशेष महत्व दिया जाता है. आइए आपको इस दिशा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताते हैं.

    साफ-सफाई
    वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा में अनावश्यक सामान, कबाड़ या भारी वस्तुएं जमा नहीं करनी चाहिए. इस स्थान पर अव्यवस्था रहने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है. यदि यह हिस्सा खुला, स्वच्छ और व्यवस्थित रहेगा तो वातावरण अधिक संतुलित और सुखद महसूस हो सकता है.

    तिजोरी और कुबेर यंत्र
    धन से जुड़े दस्तावेज, तिजोरी या लॉकर को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखकर उसका मुख उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है. वहीं, उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करने की भी सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे समृद्धि और आर्थिक स्थिरता से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा को बल मिलता है.

    ये चीजें रखने से भी होगा लाभ
    वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा में छोटे फव्वारे, एक्वेरियम, दर्पण  (आईना) या नीले, हरे और बैंगनी रंग की सजावटी चीजें (डेकॉर आइटम) रखना भी शुभ माना जाता है. इनका उद्देश्य घर के वातावरण में संतुलन और ताजगी बनाए रखना होता है. हालांकि, इनका उपयोग साफ-सफाई और उचित स्थान के साथ ही करना चाहिए.

    इस दिशा में न करें ये गलतियां
    यदि घर की उत्तर दिशा में बाथरूम बना है तो इसे वास्तु के अनुसार आदर्श स्थिति नहीं माना जाता है. ऐसे में छोटे दर्पण या इनडोर प्लांट जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा, इस हिस्से में भारी स्टोरेज, बेकार सामान या लंबे समय से अनुपयोगी वस्तुएं रखने से बचना चाहिए, ताकि यह स्थान सक्रिय और व्यवस्थित बना रहे.

  • बाथरूम के शीशे पर जमे सफेद धब्बे? अपनाएं ये 5 घरेलू ट्रिक्स, लौट आएगी नई जैसी चमक..

    बाथरूम के शीशे पर जमे सफेद धब्बे? अपनाएं ये 5 घरेलू ट्रिक्स, लौट आएगी नई जैसी चमक..

    बाथरूम के शीशे पर जमे सफेद धब्बे? अपनाएं ये 5 घरेलू ट्रिक्स, लौट आएगी नई जैसी चमक..

    बाथरूम के शीशे और शॉवर ग्लास पर हार्ड वॉटर के सफेद दाग जम गए हैं? अगर हां, तो आपको इन्हें साफ करने के लिए किसी महंगे क्लीनर को खरीदने की जरूरत नहीं है. आज सिरका, बेकिंग सोडा, नींबू, टूथपेस्ट और अन्य घरेलू तरीकों से कांच को फिर से नई जैसी चमकदार बना सकते हैं.

    Bathroom Glass Cleaning Tips: बाथरूम में कई ऐसी चीजें होती हैं, जिन्हें रोजाना साफ करने के बाद भी वो साफ नहीं हो पाती हैं. इन्हीं में वॉशबेसिन के ऊपर टंगा शीशा और शॉवर ग्लास भी होता है. समय के साथ शीशे और शॉवर ग्लास के कांच पर सफेद-सफेद जिद्दी धब्बे पड़ जाते हैं, जिसकी वजह से वो धुंधले हो जाते हैं. बार-बार साफ करने के बावजूद भी उनकी चमक वापस नहीं आती है. इसकी वजह हार्ड वॉटर होता है. दरअसल, हार्ड वॉटर में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पानी सूखने के बाद कांच की सतह पर जम जाते हैं. धीरे-धीरे ये परत मोटी होती जाती है, जिससे कांच धुंधला, गंदा और पुराना दिखाई देने लगता है.

    अक्सर लोग इन दागों को हटाने के लिए लोग महंगे क्लीनर या केमिकल्स खरीद लेते हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता है. लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं है, बल्कि सच ये है कि सही तरीका अपनाकर और घर में मौजूद कुछ चीजों की मदद से आप इन जिद्दी दागों को बिना ज्यादा मेहनत के साफ कर सकते हैं. अगर आप भी अपने बाथरूम या घर के कांच को फिर से नई जैसी चमक देना चाहते हैं, तो खबर में तरीके आपके बहुत काम आ सकते हैं.

    हार्ड वॉटर के दाग कितने गहरे हैं, ये जानना जरूरी है
    सफाई शुरू करने से पहले ये देखना जरूरी है कि दाग हल्के हैं या बहुत ज्यादा जमे हुए हैं.

    हल्के या नॉर्मल दाग: अगर कांच पर सिर्फ हल्के सफेद निशान या पतली लेयर बनी है, तो सिरके और डिशवॉश लिक्विड से एक घरेलू घोल बना लें. इससे सफाई करना काफी असरदार रहेगा.

  • 6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, जिले में एक युवती ने अपने कथित लिव-इन पार्टनर पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए बीच सड़क पर उसकी पिटाई कर दी. जानकारी के अनुसार, युवती लखनऊ से अपने प्रेमी की तलाश में सीतापुर पहुंची थी. उसका आरोप है कि युवक उससे संपर्क नहीं कर रहा था और उसके फोन कॉल भी नहीं उठा रहा था.

    बताया जा रहा है कि दोनों पिछले करीब एक साल से लखनऊ में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. कुछ दिन पहले युवक अपने गांव चला गया, जिसके बाद युवती को उस पर शक हुआ. इसके बाद वह उसकी तलाश में सीतापुर पहुंच गई. फिर उसके बाद यह घटना घटी.

    गांव पहुंचने पर युवती को पता चला कि युवक पहले से शादीशुदा है. इस जानकारी के बाद वह नाराज हो गई. आरोप है कि उसने युवक को सड़क पर रोक लिया और उसके साथ मारपीट की. मारपीट के दौरान युवती उससे कह रही थी कि “4 शादी पहले की, पांचवी घर पर है और छठी मैं.” घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बीच युवक दुबका हुआ नजर आ रहा है. वह कुछ नहीं कह पा रहा है.

    फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी दोनों पक्षों के आरोपों पर आधारित है. पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. तब तक देखना होगा कि आगे क्या होता है.

  • मां की मौत पर डाला पर्दा, कागजों में सालों तक रखी जिंदा, बेटे और गर्लफ्रेंड की साजिश का ऐसे हुआ खुलासा..

    मां की मौत पर डाला पर्दा, कागजों में सालों तक रखी जिंदा, बेटे और गर्लफ्रेंड की साजिश का ऐसे हुआ खुलासा..

    मां की मौत पर डाला पर्दा, कागजों में सालों तक रखी जिंदा, बेटे और गर्लफ्रेंड की साजिश का ऐसे हुआ खुलासा..

    राजस्थान के जयपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी मरी हुई मां को जिंदा बताकर उसकी लाखों की पेंशन में हड़प ली. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

    Jaipur Cyber Fraud Case: राजस्थान के जयपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बेटे ने अपनी गर्लफ्रेंड और बैंक मैनेजर के साथ मिलकर अपनी मां के नाम पर धोखाधड़ी की. बेटे ने अपनी मरी हुई मां को पांच सालों से कागजों पर जिंदा रखा हुआ था और एसबीआई बैंक से 6.3 लाख रुपये की पेंशन हड़प ली. मामले का खुलासा होने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. 

    2021 में हो गई थी मौत

    जानकारी के अनुसार, जवाहरनगर थानाधिकारी सरला यादव ने इस बारे में बताया कि आरोपी लालचंद की मां शांति देवी का निधन 2 मई 2021 में हो गया था. इसके बावजूद वो उन्हें जिंदा बताता रहा, इसके लिए उसने फर्जी जीवित पत्र भी बनवाया और एसबीआई के तत्कालीन बैंक कर्मी के साथ मिलकर पेंशन लेता रहा. उसने एटीएम और दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करके लगभग 6.3 लाख रुपए निकाल लिए. 

    पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि उसके इस अपराध में लालचंद ने अपनी गर्लफ्रेंड खुशबू दीक्षित और बैंक के तत्कालीन कर्मचारी सिराज अहमद कुरैशी के साथ मिलकर प्लानिंग की और धोखाधड़ी को अंजाम दिया. इस मामले में खुलासा होने के बाद जवाहर नगर थाना पुलिस ने आरोपी लालचंद के साथ ही बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी और लालचंद की गर्लफ्रेंड खुशबू दीक्षित उर्फ नेहा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और फिर तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. 

    कैसे हुआ मामले का खुलासा?

    इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब को SBI की राजापार्क ब्रांच के प्रबंधक तपिश श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने शिकायत में दावा किया कि शांति देवी के नाम पर बीते कई सालों से पेंशन जा रही है लेकिन शांति देवी का निधन काफी पहले ही हो चुकी है. इस बारे में शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई. जांच में नगर निगम के मृत्यु प्रमाण पत्र से पता चला कि शांति देवी की मौत मई 2021 में ही हो चुकी है. इसके बावजूद भी पेंशन जारी रही और फर्जी जीवित प्रमाण पत्र के जरिए उन्हें जिंदा दिखाया गया और रकम निकाली जाती रही. 

  • तुलसी की पत्तियां सिर्फ पूजा के लिए नहीं, ब्लड शुगर कंट्रोल में भी हो सकती हैं फायदेमंद,,

    तुलसी की पत्तियां सिर्फ पूजा के लिए नहीं, ब्लड शुगर कंट्रोल में भी हो सकती हैं फायदेमंद,,

    तुलसी की पत्तियां सिर्फ पूजा के लिए नहीं, ब्लड शुगर कंट्रोल में भी हो सकती हैं फायदेमंद,,

    घर के आंगन में पूजी जाने वाली ‘तुलसी’ न केवल धार्मिक रूप से पूजनीय है, बल्कि आयुर्वेद में इसे औषधियों की रानी (Queen of Herbs) भी कहा गया है। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से राहत दिलाने वाली तुलसी को लेकर अब आधुनिक मेडिकल साइंस भी कई बड़े दावे कर रहा है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि तुलसी की पत्तियां इतनी ज्यादा असरदार हैं कि ये डायबिटीज को भी कंट्रोल कर सकती हैं।  Journal of Ethnopharmacology और Phytomedicine में प्रकाशित क्लिनिकल रिसर्च के मुताबिक जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को पहचानना बंद कर देती हैं, तो टाइप-2 डायबिटीज होती है। रिसर्च के अनुसार, तुलसी के पत्तों का अर्क पैंक्रियाज की बीटा-कोशिकाओं (Beta Cells) को सीधे उत्तेजित करता है। यह इंसुलिन के स्राव को बढ़ाता है और कोशिकाओं में इंसुलिन रिसेप्टर्स की संवेदनशीलता को सक्रिय करता है, जिससे खून में तैर रहा ग्लूकोज आसानी से एनर्जी में बदल जाता है।

    आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक डायबिटीज मरीज अगर ब्लड शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं तो तुलसी के पत्तों का सेवन करें। तुलसी में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी फंगल, एंटी फ्लू, एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो बॉडी का बीमारियों से बचाव करते हैं और बॉडी को हेल्दी रखते हैं। आइए रिसर्च से भी जान लेते हैं कि तुलसी की पत्तियां कैसे डायबिटीज कंट्रोल करती हैं।

    फास्टिंग और पोस्ट-प्रांडियल शुगर कम करती हैं तुलसी की पत्तियां

    Indian Journal of Clinical Biochemistry में टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों पर किया गया रैंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल में मरीजों को एक निश्चित समय तक रोज सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का पाउडर दिया गया। जिन लोगों ने रोज तुलसी के पाउडर का सेवन किया उनकी फास्टिंग ब्लड शुगर (खाली पेट) में 17.6% और पोस्ट-प्रांडियल शुगर यानी भोजन के बाद की शुगर में 7.3% तक की कमी दर्ज की गई। तुलसी भोजन के बाद कार्बोहाइड्रेट के टूटने की रफ्तार को धीमा करती है, जिससे अचानक शुगर स्पाइक नहीं होता।

    एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है तुलसी

    Journal of Clinical and Biochemical Nutrition के मुताबिक हाई ब्लड शुगर के कारण शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ते हैं, जो आंखों (Retinopathy) और किडनी (Nephropathy) को डैमेज करते हैं। रिसर्च साबित करती है कि तुलसी में प्रचुर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स इन फ्री रेडिकल्स को नष्ट करते हैं। इससे भविष्य में डायबिटीज के कारण होने वाली किडनी, आंखों, नसों और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।

    इम्यूनिटी मजबूत बनाती हैं ये पत्तियां

    तुलसी में विटामिन C, यूजेनॉल (Eugenol) और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकती हैं। यही वजह है कि सर्दी-जुकाम और मौसमी संक्रमण के दौरान भी इसका उपयोग किया जाता है।

    तनाव कम करने में सहायक

    तुलसी को एक एडाप्टोजेन (Adaptogen) माना जाता है। इसका मतलब है कि यह शरीर को मानसिक और शारीरिक तनाव से बेहतर तरीके से निपटने में मदद कर सकती हैं। कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि तुलसी तनाव हार्मोन कोर्टिसोल (Cortisol) के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकती है। Evidence-Based Complementary and Alternative Medicine की न्यूरोलॉजिकल रिपोर्ट के मुताबिक मानसिक तनाव होने पर एड्रीनलीन ग्रंथियां ‘कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज करती हैं, जो लिवर से अतिरिक्त ग्लूकोज निकालकर शुगर लेवल को अचानक बढ़ा देता है। तुलसी को विज्ञान में एक बेहतरीन ‘एडाप्टोजेन माना गया है। क्लिनिकल स्टडी के अनुसार, तुलसी का सेवन मस्तिष्क को शांत कर कोर्टिसोल के स्तर को 30% तक कम कर देता है, जिससे तनाव के कारण बढ़ने वाली शुगर खुद कंट्रोल हो जाती है।

    पाचन तंत्र को बेहतर बना सकती है

    तुलसी पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ाने, गैस, पेट फूलने और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक मानी जाती है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण आंतों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं। International Journal of Food Sciences and Nutrition के मुताबिक तुलसी पेट के गैस्ट्रिक जूस और पाचक एंजाइम्स के स्राव को संतुलित करती है। यह लिवर और आंतों के मेटाबॉलिज्म (चयापचय) में सुधार करती है, जिससे भोजन का अवशोषण सही तरीके से होता है। पाचन तंत्र दुरुस्त रखने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर और वजन दोनों ही कंट्रोल में रहते हैं।

    दिल की सेहत को मिल सकता है फायदा

    तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। कुछ अध्ययनों के अनुसार यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायक हो सकती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। हालांकि इस पर और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है।

    तुलसी का सेवन करते समय रखें इन बातों का ध्यान

    हालांकि तुलसी को सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है, लेकिन यदि आप डायबिटीज की दवाएं, खून पतला करने वाली दवाएं (Blood Thinners) या अन्य गंभीर बीमारियों की दवा ले रहे हैं, तो नियमित रूप से तुलसी का अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी हर्बल उपाय का नियमित सेवन नहीं करना चाहिए। डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद न करें और तुलसी को केवल सहायक उपाय के रूप में ही अपनाएं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। तुलसी कई औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का विकल्प नहीं है। यदि आपको डायबिटीज या कोई अन्य गंभीर बीमारी है, या आप नियमित रूप से दवाएं ले रहे हैं, तो तुलसी का नियमित या अधिक मात्रा में सेवन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। किसी भी उपचार या दवा में बदलाव बिना चिकित्सीय सलाह के न करें।

  • ल्ली में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, 6 संदिग्ध गिरफ्तार, पेट्रोल बम समेत आपत्तिजनक सामान बरामद…

    ल्ली में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, 6 संदिग्ध गिरफ्तार, पेट्रोल बम समेत आपत्तिजनक सामान बरामद…

    ल्ली में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, 6 संदिग्ध गिरफ्तार, पेट्रोल बम समेत आपत्तिजनक सामान बरामद…

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell) ने एक बेहद खुफिया और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए राजधानी को दहलाने की एक और बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने कुख्यात ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ पर तगड़ा प्रहार करते हुए उसके दो अलग-अलग मॉड्यूल का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में दिल्ली और पंजाब के कई संवेदनशील ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर छह संदिग्ध आतंकियों व अपराधियों को दबोचा गया है। सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस बड़ी कामयाबी का खुलासा किया।

    भारी मात्रा में पेट्रोल बम और ऑटोमैटिक पिस्तौल बरामद, दहल जाती दिल्ली

    स्पेशल सेल की इस रेड के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से जो जखीरा मिला है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में अवैध अत्याधुनिक पिस्तौलें और अत्यधिक खतरनाक पेट्रोल बम (मोलोटोव कॉकटेल – Molotov Cocktail) बरामद किए हैं। ये पेट्रोल बम भीड़भाड़ वाले इलाकों में अचानक आगजनी और दहशत फैलाने के लिए तैयार किए गए थे।

    दो अलग-अलग नेटवर्क: एक रच रहा था आतंक की साजिश, दूसरा दे रहा था हथियारों की सप्लाई

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए छह आरोपी बेहद शातिर और संगठित तरीके से दो अलग-अलग खतरनाक विंग (मॉड्यूल) बनाकर देश विरोधी हरकतों को अंजाम दे रहे थे:

    • पहला मॉड्यूल (आतंकी विंग): इस विंग का सीधा संबंध सीमा पार और देश के भीतर सक्रिय आतंकी नेटवर्क से था। यह मॉड्यूल राजधानी के किसी वीवीआईपी या भीड़भाड़ वाले इलाके में एक बड़ी आतंकी वारदात और धमाके करने की फिराक में था।
    • दूसरा मॉड्यूल (स्मगलिंग विंग): यह विंग पूरी तरह से अवैध हथियारों की अंतरराज्यीय तस्करी (Arms Smuggling) में लिप्त था। इसका मुख्य काम बड़े गैंगस्टरों और शूटरों को अत्याधुनिक हथियार और पेट्रोल बम जैसे घातक साधन मुहैया कराना था।

    पंजाब से दिल्ली तक फैले हैं तार, देशव्यापी नेटवर्क की आशंका

    प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि शहजाद भट्टी का यह नेटवर्क बेहद संगठित और कॉरपोरेट स्टाइल में काम कर रहा था। पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि इस स्लीपर सेल और हथियारों के सौदागरों के तार देश के कई अन्य राज्यों (विशेषकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी) के बड़े अपराधियों से जुड़े हुए हैं।

    बड़ी वारदात की फिराक में थे आरोपी: स्पेशल सेल स्पेशल सेल के आला अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए दहशतगर्दों से गहन पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान इस बात की गहराई से तफ्तीश की जाएगी कि इन पेट्रोल बमों और हथियारों का इस्तेमाल दिल्ली में किस खास तारीख और जगह पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए होना था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी अभी भी जारी है।

  • श्री रसिकानंद प्रभु जी की अद्भुत एवं प्रमाणिक जीवन कथा

    श्री रसिकानंद प्रभु जी की अद्भुत एवं प्रमाणिक जीवन कथा

    श्री रसिकानंद प्रभु जी की अद्भुत एवं प्रमाणिक जीवन कथा

    जब एक उग्र हाथी भी हरिनाम सुनकर भगवान का भक्त बन गया

    प्रमाणिक आधार: यह कथा रसिक-मंगल, भक्ति-रत्नाकर तथा गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्राचीन जीवन-चरित्रों में वर्णित है।

    जन्म और बाल्यकाल

    श्री रसिकानंद प्रभु का जन्म सन् 1590 के आसपास उड़ीसा के रोहिणी क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित वैष्णव परिवार में हुआ। उनका बाल्यकाल का नाम रसिक मुरारी था।

    बचपन से ही उनका मन खेल-कूद में कम और भगवान श्रीकृष्ण के नाम, भजन और संतों की सेवा में अधिक लगता था। वे घंटों श्रीमद्भागवत सुनते और हरिनाम का कीर्तन करते थे।

    उनके माता-पिता समझ गए कि यह बालक साधारण नहीं है, बल्कि भगवान की विशेष कृपा का पात्र है।


    गुरु की खोज

    युवावस्था में उनके हृदय में एक ही इच्छा थी—

    “मुझे ऐसा गुरु मिले जो मुझे श्रीराधा-कृष्ण की निष्कपट भक्ति का मार्ग दिखाए।”

    उसी समय उन्हें ज्ञात हुआ कि श्री श्यामानंद प्रभु उड़ीसा में श्रीकृष्ण-भक्ति का प्रचार कर रहे हैं।

    रसिक मुरारी उनके दर्शन के लिए पहुँचे।

    जैसे ही उन्होंने श्यामानंद प्रभु को देखा, उनकी आँखों से प्रेमाश्रु बहने लगे।

    उन्होंने गुरु के चरणों में गिरकर कहा—

    “गुरुदेव! मेरा जीवन श्रीकृष्ण की सेवा के बिना व्यर्थ है। कृपया मुझे अपना शिष्य बना लीजिए।”

    श्यामानंद प्रभु ने उनके विनम्र स्वभाव और गहरी भक्ति को देखकर उन्हें दीक्षा दी।

    दीक्षा के बाद उनका नाम श्री रसिकानंद रखा गया।


    श्रीनाम का प्रचार

    गुरु की आज्ञा से रसिकानंद प्रभु ने उड़ीसा, बंगाल और झारखंड के अनेक गाँवों में श्रीनाम-संकीर्तन का प्रचार आरंभ किया।

    वे जहाँ भी जाते, वहाँ हरिनाम-संकीर्तन, भागवत कथा और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का संदेश देते।

    उनकी मधुर वाणी और प्रेमपूर्ण व्यवहार से हजारों लोग वैष्णव धर्म की ओर आकर्षित हुए।


    उग्र हाथी का चमत्कार

    उनके जीवन की सबसे प्रसिद्ध और प्रमाणिक घटना एक उग्र हाथी से जुड़ी है।

    उस समय एक राजा के पास अत्यंत क्रूर और हिंसक हाथी था।

    वह हाथी इतना उग्र था कि अनेक लोगों को घायल कर चुका था। कोई भी उसके पास जाने का साहस नहीं करता था।

    राजा ने जब रसिकानंद प्रभु की महिमा सुनी, तो कुछ लोगों ने उनकी परीक्षा लेने का विचार किया।

    उन्होंने उस क्रोधित हाथी को रसिकानंद प्रभु की ओर छोड़ दिया।

    जब विशाल हाथी गर्जना करता हुआ उनकी ओर दौड़ा, तब वहाँ उपस्थित लोग भय से भागने लगे।

    लेकिन रसिकानंद प्रभु शांत खड़े रहे।

    उन्होंने अपने हाथ में तुलसी की माला लेकर प्रेमपूर्वक कहा—

    “हे कृष्ण के जीव! तुम भी भगवान के हो। श्रीकृष्ण का नाम लो।”

    फिर उन्होंने हरिनाम का कीर्तन आरंभ किया—

    “हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे।”

    वैष्णव ग्रंथों में वर्णित है कि जैसे ही हाथी ने हरिनाम सुना, उसका क्रोध शांत हो गया।

    वह धीरे-धीरे रसिकानंद प्रभु के पास आया, उनके चरणों में सूंड रखकर बैठ गया और शांत हो गया।

    रसिकानंद प्रभु ने उसके मस्तक पर हाथ रखा और उसे भगवान का प्रसाद दिया।

    यह दृश्य देखकर राजा और उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।

    अनेक लोगों ने उसी दिन श्रीकृष्ण-भक्ति को स्वीकार किया।


    अंतिम जीवन

    रसिकानंद प्रभु ने अपने जीवनभर हजारों लोगों को हरिनाम, गुरु-भक्ति और श्रीराधा-कृष्ण की प्रेम-भक्ति का उपदेश दिया।

    उन्होंने अनेक मंदिरों की स्थापना की, वैष्णवों की सेवा की और गुरु श्री श्यामानंद प्रभु की शिक्षाओं का प्रचार किया।

    आज भी उड़ीसा और बंगाल में उनके अनेक मंदिर और स्मृति-स्थल विद्यमान हैं, जहाँ भक्त बड़ी श्रद्धा से उनके चरणों का स्मरण करते हैं।


    कथा से शिक्षा

    • हरिनाम में इतनी शक्ति है कि वह हिंसक हृदय को भी शांत कर सकता है।
    • गुरु की आज्ञा का पालन करने वाला भक्त भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करता है।
    • प्रेम और करुणा से संसार का सबसे कठोर मन भी बदल सकता है।
    • श्रीकृष्ण का नाम केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, समस्त जीवों के कल्याण का साधन है।

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे
    🙏

  • हाई प्रोटीन डाइट के लिए ट्राई करें ये रोटी, गेहूं के आटे में मिलाएं ये खास चीज..

    हाई प्रोटीन डाइट के लिए ट्राई करें ये रोटी, गेहूं के आटे में मिलाएं ये खास चीज..

    क्या आप प्लांट-बेस्ड डाइट पर रहकर भी मजबूत मसल्स बनाना चाहते हैं? डॉ. अनूप मिश्रा के मुताबिक, सिर्फ प्रोटीन ही काफी नहीं है, बल्कि ‘ल्यूसीन’ नाम के एक खास अमीनो एसिड की जरूरत होती है। जानिए कैसे सही चुनाव और फूड कॉम्बिनेशन से आप बिना किसी सप्लीमेंट के अपनी फिटनेस गोल को हासिल कर सकते हैं।

    हाई प्रोटीन डाइट के लिए ट्राई करें ये रोटी, गेहूं के आटे में मिलाएं ये खास चीज..

    (Image: AI Generated)

    शाकाहारी लोगों की अक्सर शिकायत रहती है उनके पास प्रोटीन सोर्स की कमी रहती है इसलिए उनके मसल्स जल्दी नहीं बन पाते लेकिन एक डॉक्टर ने इसका तरीका भी बताया है. डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है, मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना काफी नहीं है बल्कि उसके साथ ल्यूसीन (Leucine) नाम के एक जरूरी अमीनो एसिड का सही लेवल होना बहुत जरूरी है. ल्यूसीन मसल्स के लिए एक ट्रिगर की तरह काम करता है, जो मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस को एक्टिवेट करता है.  

    क्यों जरूरी है ल्यूसीन?

    ल्यूसीन एक ऐसा अमीनो एसिड है जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता इसलिए इसे डाइट से लेना जरूरी होता है. यह मसल्स को संकेत देता है कि उन्हें प्रोटीन का उपयोग करके बढ़ना और रिकवर होना है. जब आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो ल्यूसीन का सही सेवन मसल्स को तेजी से रिकवर करने और मजबूती देने में मदद करता है.

    कई रिसर्च बताती हैं कि सही मात्रा में ल्यूसीन मिलने पर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भी मसल्स बिल्डिंग में उतने ही कारगर हो सकते हैं जितने कि एनिमल प्रोटीन.  

    क्या है सही चुनाव?

    डॉ. मिश्रा के अनुसार, बेसन जैसे ऑप्शंस में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है. 100 ग्राम बेसन में करीब 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है जो कि गेहूं या अन्य अनाजों के मुकाबले काफी बेहतर है. इसके अलावा, सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के सबसे बेहतरीन सोर्सेज में से एक है. सोया न केवल हाई-प्रोटीन है, बल्कि इसमें ल्यूसीन भी भरपूर होता है, जिससे यह मसल्स बिल्डिंग के लिए एक स्मार्ट और सुलभ विकल्प बन जाता है.  

    डाइट में करें ये छोटा सा बदलाव 

    डॉ. का सुझाव है कि हर मील में प्रोटीन और ल्यूसीन के सही बैलेंस पर ध्यान दें. यदि आप अपनी मील में बेसन या अन्य प्रोटीन सोर्सेज को मिक्स करते हैं तो इससे आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बोहाइड्रेट का असर कम हो जाएगा. यह न केवल आपकी मसल्स बनाने में मदद करेगा बल्कि ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकता है. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का चुनाव करने और खाने के तरीके को सही रखने से बिना किसी महंगी दवा के आपकी सेहत में बड़ा सुधार आ सकता है.