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  • अगर एक महीने तक रोजाना ओट्स का भिगोकर सेवन किया जाए तो सेहत पर कैसा होगा असर, डॉक्टर से जानिए

    अगर एक महीने तक रोजाना ओट्स का भिगोकर सेवन किया जाए तो सेहत पर कैसा होगा असर, डॉक्टर से जानिए

    अगर एक महीने तक रोजाना ओट्स का भिगोकर सेवन किया जाए तो सेहत पर कैसा होगा असर, डॉक्टर से जानिए

    हेल्दी नाश्ते का नाम आते ही सबसे पहले ओट्स का ख्याल आता है। मेडिकल साइंस भी इसे नाश्ते के लिए एक पौष्टिक विकल्प मानती है। ओट्स एक साबुत अनाज है, जिसका सेवन लोग आमतौर पर दूध, दही या उबालकर करते हैं। इसमें फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। ओट्स का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख लगने की संभावना कम हो सकती है। साथ ही यह शरीर को जरूरी पोषक तत्व और ऊर्जा देने में भी मदद करता है।

    ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में गैस्ट्रो साइंसेज के डायरेक्टर और डिपार्टमेंट हेड, डॉ. शुभम वत्स्या के अनुसार रात भर भिगोए हुए ओट्स हेल्दी ब्रेकफास्ट का अहम हिस्सा है। इन्हें पहले से तैयार करना आसान होता है, ये लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और अपनी पसंद के अनुसार इनमें कई पौष्टिक चीजें मिलाई जा सकती हैं। अब सवाल ये उठता है कि अगर रोजाना एक महीने तक ओट्स को भिगोकर उसका सेवन किया जाए तो सेहत पर कैसा असर होता है।

    एक महीने तक रोज़ भीगे हुए ओट्स खाने से सेहत पर कैसा होता है असर?

    डॉ. बताते हैं कि अगर आप रोज़ाना पूरी रात भीगे हुए ओट्स खाते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में पाचन बेहतर हो सकता है, पेट लंबे समय तक भरा रह सकता है और बार-बार कुछ अनहेल्दी खाने की इच्छा कम हो सकती है। ओट्स में फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं जो हमारी बॉडी को धीरे-धीरे  एनर्जी देते हैं और सुबह लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट ने बताया हालांकि हर दिन बिल्कुल एक ही तरह का नाश्ता करना ठीक नहीं है। एक जैसा नाश्ता रोज खाने से शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। इसलिए भोजन में विविधता बनाए रखना भी जरूरी है।

    क्या भीगे हुए ओट्स वजन और शुगर को कंट्रोल करते हैं?

    डॉ. के अनुसार ओट्स का सेवन भिगोकर खाने से वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। ओट्स में मौजूद घुलनशील फाइबर (बीटा-ग्लूकॉन) पाचन की गति को धीमा करता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। धीमी पाचन प्रक्रिया के कारण ग्लूकोज भी धीरे-धीरे ब्लड में पहुंचता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ने की संभावना कम हो सकती है। डॉक्टर ने बताया अगर ओट्स के साथ ग्रीक योगर्ट, बिना नमक वाले मेवे या बीज जैसे प्रोटीन और हेल्दी फैट का सेवन किया जाए तो इसके फायदे और बढ़ सकते हैं।

    क्या भिगोए हुए ओट्स, पके हुए ओट्स से ज्यादा हेल्दी होते हैं?

    डॉ. के मुताबिक पोषण के लिहाज से दूध या दही में भिगोए हुए ओट्स सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होते हैं। भिगोने से ओट्स मुलायम हो जाते हैं, जिससे उन्हें पचाना आसान लगता है। इससे फाइटिक एसिड की मात्रा में भी हल्की कमी आ सकती है, जो कुछ मिनरल्स के अवशोषण को प्रभावित करता है। एक्सपर्ट ने बताया आप ओट्स को पका कर और भिगोकर दोनों तरह खा सकते हैं, दोनों तरह खाने से सेहत को फायदा होता है।

    भिगोकर ओट्स खाने से आंतों की सेहत पर कैसा होता है असर?

    ओवरनाइट ओट्स में भरपूर फाइबर होता है, जो आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है और मल त्याग नियमित रहने में मदद मिलती है। कुछ मामलों में भिगोए हुए ओट्स में रेसिस्टेंट स्टार्च भी बन सकता है, जो आंतों के माइक्रोबायोम के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि फाइबर का पूरा लाभ तभी मिलता है जब दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी भी पिया जाए।

    किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

    • डॉ. के अनुसार ओवरनाइट ओट्स अधिकांश लोगों के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ परेशानियों जैसे डायबिटीज मरीज ओट्स का सेवन करते हैं तो उसमें अतिरिक्त चीनी, शहद या मीठे टॉपिंग्स मिलाने से बचें।
    • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से पीड़ित लोगों में अधिक फाइबर गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकता है, इसलिए उन्हें कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए।
      सीलिएक रोग या ग्लूटेन संवेदनशीलता वाले लोगों को केवल सर्टिफाइड ग्लूटेन-फ्री ओट्स ही चुनने चाहिए, क्योंकि सामान्य ओट्स प्रोसेसिंग के दौरान ग्लूटेन से दूषित हो सकते हैं।

    ओवरनाइट ओट्स बनाने का सबसे हेल्दी तरीका

    डॉ. के मुताबिक ओट्स को रातभर दूध या बिना चीनी वाले दही में भिगोकर रखें। सुबह इसमें ताजे फल, बादाम, अखरोट, चिया सीड्स या फ्लेक्स सीड और थोड़ी-सी दालचीनी मिलाकर खाएं। वहीं चीनी, शहद, फ्लेवर वाले सिरप, चॉकलेट स्प्रेड, मीठा दही या बहुत ज्यादा ड्राई फ्रूट्स मिलाने से बचें, क्योंकि इससे यह हेल्दी नाश्ता अधिक कैलोरी और शुगर वाला बन सकता है। एक्सपर्ट ने बताया अगर ओट्स को ठीक तरीके से तैयार किया जाए तो ओवरनाइट ओट्स रोज़ाना के नाश्ते का एक पौष्टिक विकल्प हो सकते हैं। ये पाचन, वजन कंट्रोल और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। किसी भी नए डाइट प्लान या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • सपने में पितर दिखें तो’ समझें क्या है संकेत? पूर्वजों के सपनों से जुड़ी मान्यताएं… पूर्वज आपसे कुछ मांगें या कुछ दें तो?

    सपने में पितर दिखें तो’ समझें क्या है संकेत? पूर्वजों के सपनों से जुड़ी मान्यताएं… पूर्वज आपसे कुछ मांगें या कुछ दें तो?

    सपने में पितर दिखें तो’ समझें क्या है संकेत? पूर्वजों के सपनों से जुड़ी मान्यताएं… पूर्वज आपसे कुछ मांगें या कुछ दें तो?

    अक्सर लोगों के साथ होता है कि सपनों में उन्हें उनके पूर्वज दिखते हैं. पूर्वज कई बार कभी कुछ देते हुए दिखते हैं या फिर कुछ मांगते हुए. यहां तक कि कई बार वह बीमार भी दिखते हैं. ऐसे सपनो को लेकर धार्मिक मान्यताएं काफी कुछ कहती हैं.

    पितृपक्ष के समय लोग अपने पूर्वजों और पितरों को याद करते हैं. इस दौरान कई लोगों को अपने पूर्वजों के सपने भी आते हैं. ऐसे में मन में कई सवाल उठते हैं कि आखिर सपने में पितर क्यों दिखाई देते हैं और इसका क्या मतलब होता है? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में पितरों से जुड़े सपनों को कई तरह के संकेतों से जोड़ा गया है.

    आमतौर पर माना जाता है कि नींद के दौरान दिखाई देने वाली घटनाओं को सपना कहते हैं. कई बार सोने और जागने के बीच भी व्यक्ति को सपने जैसे अनुभव होते हैं. सपनों पर हमारे खान-पान, मन की स्थिति और आसपास के माहौल का असर पड़ सकता है. इसलिए हर व्यक्ति को आने वाले सपने अलग हो सकते हैं.

    सपने में मृत व्यक्ति क्यों दिखाई देते हैं?

    कई बार जिस व्यक्ति से हमारा बहुत गहरा लगाव होता है, उसकी मृत्यु के बाद भी हम उसे याद करते रहते हैं. ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति के सपने आना आम बात हो सकती है. धार्मिक मान्यताओं में इसे अलग नजर से देखा जाता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, पितरों का सपने में आना किसी संदेश या संकेत से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, हर सपने को किसी विशेष संकेत के रूप में लेना जरूरी नहीं है. कई बार सपने हमारी यादों और भावनाओं का हिस्सा भी हो सकते हैं.

    सपने में एक पूर्वज दिखाई दे तो?

    लोक मान्यता के अनुसार, अगर सपने में कोई एक पूर्वज दिखाई देता है, तो इसे उनके संदेश से जोड़कर देखा जाता है. ऐसी स्थिति में लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनकी शांति के लिए पूजा, तर्पण या दान करते हैं.

    मान्यता है कि अगर सपने में कई पूर्वज एक साथ दिखाई दें, तो इसे परिवार से जुड़े किसी संकेत के रूप में देखा जाता है. कुछ परंपराओं में इसे परिवार के किसी सदस्य पर आने वाले संकट से जोड़ा जाता है.

    पूर्वज कुछ दें या आप कुछ दें तो?

    धार्मिक मान्यताओं में सपने में पूर्वज को कुछ देने और उनसे कुछ पाने के अलग-अलग अर्थ बताए गए हैं. अगर सपने में आप किसी पूर्वज को कुछ देते हैं, तो इसे आने वाले समय में परेशानी या भाग्य का साथ कम मिलने का संकेत माना जाता है. वहीं, पूर्वज से कुछ प्राप्त करना सफलता और अच्छे समय का संकेत माना जाता है.

    कुछ मान्यताओं के अनुसार, अगर सपने में किसी पूर्वज को दुर्घटना या खराब स्वास्थ्य की स्थिति में देखा जाए, तो इसे व्यक्ति पर आने वाले किसी संकट के टलने से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे सपनों से डरने के बजाय लोग अपने पूर्वजों को याद कर उनके नाम पर दान-पुण्य और प्रार्थना करते हैं.

  • आम्रपाली दुबे ने निरहुआ’ संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं शादी की सलाह देते रहते हैं एक्टर

    आम्रपाली दुबे ने निरहुआ’ संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं शादी की सलाह देते रहते हैं एक्टर

    आम्रपाली दुबे ने निरहुआ’ संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं शादी की सलाह देते रहते हैं एक्टर

    भोजपुरी सिनेमा की चर्चित ऑनस्क्रीन जोड़ियों में आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का नाम लंबे समय से लिया जाता है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। यही वजह है कि दोनों की दोस्ती को लेकर समय-समय पर डेटिंग की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं।

    अब बिग बॉस 20 में आम्रपाली दुबे ने निरहुआ के साथ अपनी बॉन्डिंग और शादी को लेकर होने वाली बातचीत पर खुलकर बात की है।

    ‘लोग समझते हैं कि हम डेट कर रहे हैं’

    शो के दौरान आम्रपाली ने कंटेस्टेंट लव गिल से निरहुआ के साथ अपने रिश्ते को लेकर बातचीत की। अभिनेत्री ने बताया कि भोजपुरी इंडस्ट्री में कदम रखने के समय से ही उनकी निरहुआ के साथ अच्छी दोस्ती है।

    आम्रपाली ने साल 2014 में फिल्म ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ से भोजपुरी सिनेमा में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनके साथ दिनेश लाल यादव नजर आए थे। इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया।

    अभिनेत्री के मुताबिक, दोनों के बीच दोस्ती काफी सहज है। उन्होंने बताया कि कई बार बिना कुछ कहे भी दोनों एक-दूसरे की बात समझ लेते हैं। आम्रपाली ने यह भी कहा कि लोगों को उनकी नजदीकी देखकर अक्सर लगता है कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

    निरहुआ देते हैं शादी करने की सलाह

    आम्रपाली ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि निरहुआ उन्हें शादी करने की सलाह देते रहते हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, निरहुआ के लिए शादी करना एक आसान फैसला हो सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए शादी के बाद जिंदगी में कई बदलाव और जिम्मेदारियां जुड़ जाती हैं।

    इसी वजह से आम्रपाली के अनुसार वह शादी को लेकर फैसला लेने में अलग तरह से सोचती हैं।

    निरहुआ के परिवार से भी है अच्छी बॉन्डिंग

    आम्रपाली दुबे पहले भी निरहुआ के परिवार और उनके बच्चों के साथ अपनी बॉन्डिंग को लेकर बात कर चुकी हैं। अभिनेत्री ने बताया है कि वह निरहुआ के बच्चों के काफी करीब हैं और दोनों परिवारों के बीच भी अच्छा अपनापन है।

    उनकी दोस्ती सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही है। आम्रपाली के मुताबिक, निरहुआ ने उनके करियर में भी कुछ मौकों पर मदद की है और उन्हें इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के अवसर दिलाने में भूमिका निभाई।

    महाकुंभ में साथ दिखने के बाद भी उड़ी थीं अफवाहें

    आम्रपाली और निरहुआ के रिश्ते को लेकर चर्चाएं तब भी तेज हुई थीं, जब दोनों महाकुंभ के दौरान साथ नजर आए थे। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों और साथ मौजूदगी को लेकर लोगों ने तरह-तरह के सवाल किए थे।

    बाद में आम्रपाली ने इस बारे में सफाई देते हुए बताया था कि महाकुंभ जाने का कार्यक्रम उनके परिवार के साथ था। उनके साथ उनकी मां, बहन, चाचा और चाची भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि निरहुआ उस समय उत्तर प्रदेश में थे और परिवार के महाकुंभ जाने की जानकारी मिलने के बाद वह भी उनके साथ शामिल हो गए थे।

    पहले भी उठ चुके हैं दोनों के रिश्ते पर सवाल

    आम्रपाली और निरहुआ के रिश्ते को लेकर इससे पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। भोजपुरी रियलिटी शो में भी दोनों की दोस्ती और नजदीकी को लेकर उनसे सवाल किए गए थे।

    हालांकि, आम्रपाली ने सार्वजनिक रूप से निरहुआ के साथ अपने रिश्ते को दोस्ती के तौर पर ही बताया है। दोनों की लोकप्रिय ऑनस्क्रीन जोड़ी और लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के कारण उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं लगातार सुर्खियों में आती रही हैं।

    फिलहाल आम्रपाली के ताजा बयान में उन्होंने निरहुआ के साथ अपनी बॉन्डिंग को पुरानी और सहज दोस्ती बताया है। शादी को लेकर उनकी बातों से यह भी स्पष्ट होता है कि वह इस फैसले को अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय मानती हैं।

  • LPG Cylinder: सरकार​​​​​​​ देने जा रही अब 6 फ्री गैस सिलेंडर, जाने कौन से लोग होंगे इसके लिए पात्र

    LPG Cylinder: सरकार​​​​​​​ देने जा रही अब 6 फ्री गैस सिलेंडर, जाने कौन से लोग होंगे इसके लिए पात्र

    LPG Cylinder: सरकार​​​​​​​ देने जा रही अब 6 फ्री गैस सिलेंडर, जाने कौन से लोग होंगे इसके लिए पात्र

    आपने देखा होगा की केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश की सरकारें आम लोगों के लिए कई काम करती रहती है। ऐसे में कुछ सरकारे एलपीजी के बढ़ते दामों के बीच भी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कई योजनाओं पर काम करती है। ऐसे में यह खबर आपके लिए काम की हो सकती है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत देने के लिए साल में 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दी है।

    इस फैसले की जानकारी 24 सितंबर को विधानसभा में दी गई है, हालांकि इस योजना का फायदा सभी गैस उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए खास कैटेगरी के राशन कार्ड धारकों को ही दिया जाएगा। उमर अब्दुल्ला सरकार के इस फैसले का खास मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के रसोई गैस खर्च को कम करना है। ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 6 मुफ्त सिलेंडर का फायदा किसे मिलेगा, पैसा कैसे मिलेगा और सरकार की इस योजना में क्या शर्तें हैं, तो आइए जानते हैं इस बारे में।

    कौन हैं पात्र दरअसल, जम्मू-कश्मीर सरकार ने एएवाई के तहत आने वाले परिवारों को साल में 6 फ्री एलपीजी सिलेंडर की लागत देने का फैसला किया है। इस योजना का फायदा जम्मू-कश्मीर के उन परिवारों को मिलेगा, जिनके पास अंत्योदय अन्न योजना का राशन कार्ड है। यह राशन कार्ड आर्थिक रूप से सबसे कमजोर परिवारों के लिए जारी किया जाता है।

    कैसे मिलेगा 6 फ्री एलपीजी सिलेंडर? सरकार की ओर से बताई गई जानकारी के मुताबिक, इस योजना के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत लाभार्थी को पहले सामान्य तरीके से सिलेंडर खरीदना होगा। इसके बाद निर्धारित रकम सब्सिडी के तौर पर आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

  • इस साल के​​​​​​​ आखिर तक सोना 1.80 लाख और 3 लाख रुपए तक पहुंच सकती है चांदी, ये है आज का भाव

    इस साल के​​​​​​​ आखिर तक सोना 1.80 लाख और 3 लाख रुपए तक पहुंच सकती है चांदी, ये है आज का भाव

    इस साल के​​​​​​​ आखिर तक सोना 1.80 लाख और 3 लाख रुपए तक पहुंच सकती है चांदी, ये है आज का भाव

    सोने-चांदी की कीमतों में आज भी तेजी आई है। आज दस ग्राम 24 कैरेट सोना 351 रुपए महंगा हो गया है। वहीं एक किलो चांदी कीमत में 1,070 रुपए की तेजी आई है। विशेषज्ञों क अनुसार, सोना इस साल के आखिर तक 1 लाख 80 हजार और चांदी भी 3 लाख रुपए किलो तक जा सकती है।

    खबरों के अनुसार, आज दस ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम में 351 रुपए का इजाफा हुआ है। इससे सोने की कीमत बढ़कर 1.51 लाख रुपए हो गई है। एक किलो चांदी 1,070 रुपए महंगी होकर 2.29 लाख रुपए पर पहुंच गई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, चीन और भारत सहित दुनियाभर के कई देशों के बैंक सोना खरीदने और फेस्टिवल सीजन की बजह से सोना इस साल के आखिर तक 1.80 लाख और चांदी भी 3 लाख रुपए किलो तक जा सकती है।इस साल अब तक सोना 19 हजार रुपए महंगा हो चुका है। वहीं चांदी की कीमत में नौ हजार रुपए का इजाफा हुआ है।

  • ईरान के आसमान​​​​​​​ में फिर: रहस्यमयी रोशनी, UFO का दावा; 1976 की घटना से जुड़ी पुरानी कहानी भी चर्चा में.

    ईरान के आसमान​​​​​​​ में फिर: रहस्यमयी रोशनी, UFO का दावा; 1976 की घटना से जुड़ी पुरानी कहानी भी चर्चा में.

    ईरान के आसमान​​​​​​​ में फिर: रहस्यमयी रोशनी, UFO का दावा; 1976 की घटना से जुड़ी पुरानी कहानी भी चर्चा में.

    ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में एक रहस्यमयी चमकदार वस्तु दिखाई देने का दावा सोशल मीडिया पर चर्चा में है। सामने आई तस्वीरों और क्लिप में आसमान में लाल, हरे और नीले रंग की रोशनी नजर आने की बात कही जा रही है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे UFO यानी अज्ञात उड़न वस्तु बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे ड्रोन, सैन्य उपकरण या रोशनी वाले गुब्बारे से जोड़कर देख रहे हैं।

    हालांकि, अभी तक ईरानी अधिकारियों की ओर से इस वस्तु की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे UFO बताने का दावा फिलहाल सिर्फ अटकलों तक सीमित है।

    20 सितंबर की रात दिखी रहस्यमयी रोशनी

    दावों के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 की रात तेहरान के आजादेगान एक्सप्रेसवे के आसपास आसमान में यह रहस्यमयी वस्तु दिखाई दी। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री में आसमान में एक चमकदार वस्तु और अलग-अलग रंगों की रोशनी दिखाई देने की बात कही जा रही है।

    वस्तु की वास्तविक ऊंचाई, आकार और रफ्तार कितनी थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी वजह से यह स्पष्ट नहीं है कि आसमान में दिखाई देने वाली वस्तु वास्तव में क्या थी।

    कुछ लोगों ने इसे ड्रोन या सैन्य गतिविधि से जोड़ा है, जबकि अन्य लोगों ने एलईडी लाइट वाले गुब्बारे जैसी संभावनाएं भी जताई हैं।

    1976 में भी तेहरान के आसमान में दिखी थी ऐसी वस्तु

    मौजूदा घटना की चर्चा के साथ करीब 50 साल पुरानी एक घटना भी फिर सुर्खियों में आ गई है। 19 सितंबर 1976 को तेहरान के आसमान में एक अज्ञात चमकदार वस्तु दिखाई देने की रिपोर्ट सामने आई थी।

    उस समय ईरानी वायुसेना ने कथित वस्तु की जांच के लिए दो F-4 Phantom लड़ाकू विमान भेजे थे। उस घटना से जुड़े दस्तावेजों और पायलटों के बयानों के मुताबिक, पहले विमान के पायलट ने वस्तु के करीब पहुंचने के दौरान अपने कुछ उपकरणों में खराबी की सूचना दी थी। बताया गया कि विमान के वापस मुड़ने के बाद सिस्टम सामान्य हो गए।

    इसके बाद दूसरे विमान ने भी उस वस्तु का पीछा किया। रिपोर्टों के मुताबिक, पायलट ने रडार पर वस्तु को ट्रैक करने की कोशिश की। उस समय वस्तु से अलग-अलग रंगों की तेज रोशनी दिखाई देने की बात भी सामने आई थी।

    मिसाइल सिस्टम को लेकर भी किया गया था दावा

    1976 की घटना के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि जब पायलट ने वस्तु पर हथियार इस्तेमाल करने की कोशिश की तो हथियार नियंत्रण प्रणाली में समस्या आई। हालांकि, उस समय वास्तव में क्या हुआ था और वस्तु की प्रकृति क्या थी, इसे लेकर आज भी अलग-अलग व्याख्याएं मौजूद हैं।

    इस घटना से जुड़े दस्तावेज अमेरिकी एजेंसियों के रिकॉर्ड में भी मौजूद रहे हैं और इसे लंबे समय से चर्चित UFO मामलों में गिना जाता है। लेकिन इन दस्तावेजों का होना अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि वह वस्तु एलियन या किसी बाहरी ग्रह से आई थी।

    नई घटना को लेकर अभी कई सवाल बाकी

    2026 में सामने आए नए दावे में भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेहरान के आसमान में दिखाई देने वाली वस्तु आखिर क्या थी। अभी इसकी ऊंचाई, गति, आकार और स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से ड्रोन, गुब्बारे और अन्य तकनीकी उपकरणों जैसी अलग-अलग संभावनाएं बताई जा रही हैं। दूसरी ओर, UFO का दावा भी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।

    फिलहाल किसी आधिकारिक जांच या पुष्टि के बिना इस रहस्यमयी वस्तु को UFO या किसी अलौकिक घटना के रूप में निश्चित रूप से बताना सही नहीं होगा। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक पहचान को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

  • मुजफ्फरनगर में सास:​​​​​​​ ने बहू के लिए लिया ऐसा फैसला, बन गई मिसाल

    मुजफ्फरनगर में सास:​​​​​​​ ने बहू के लिए लिया ऐसा फैसला, बन गई मिसाल

    मुजफ्फरनगर में सास:​​​​​​​ ने बहू के लिए लिया ऐसा फैसला, बन गई मिसाल

    मुजफ्फरनगर में एक परिवार ने विधवा बहू को लेकर ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। खतौली कस्बे के दयालपुरम निवासी परिवार में बेटे रोहित की मौत के करीब एक महीने बाद उसकी पत्नी मीनाक्षी की दूसरी शादी करा दी गई। परिवार की ओर से बताया गया कि यह फैसला मीनाक्षी की सहमति से लिया गया। सास सुनीता ने बहू को परिवार की जिम्मेदारी मानने के बजाय उसे बेटी की तरह आगे की जिंदगी शुरू करने का मौका देने का फैसला किया। इस शादी में परिवार के सदस्यों ने उसका साथ दिया और पूरे रीति-रिवाज के साथ उसे नए जीवन के लिए विदा किया।

    एक दिन के अंतर से हुई पति और ससुर की मौत

    बताया गया कि रोहित और मीनाक्षी की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। दोनों की दो बेटियां भी हैं, जिनमें एक सात साल और दूसरी करीब डेढ़ साल की है। परिवार पर उस समय बड़ा संकट आया जब 14 अगस्त को रोहित के पिता ओमपाल का निधन हो गया। वह कैंसर से जूझ रहे थे और राजमिस्त्री का काम करते थे। परिवार के मुताबिक, पिता की मौत का सदमा रोहित भी नहीं सह सका और अगले ही दिन 15 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई। पति और ससुर को खोने के बाद मीनाक्षी अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ रह गई। इसके बाद सास सुनीता ने बहू और उसकी बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसकी दूसरी शादी कराने का फैसला किया।

    मीनाक्षी की रजामंदी से योगेश से तय हुआ रिश्ता

    परिवार ने मीनाक्षी की सहमति से राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ उसका रिश्ता तय किया। इसके बाद बुधवार को आर्य समाज मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि मीनाक्षी के देवर मोहित ने अपनी भाभी का देवर बनकर नहीं, बल्कि भाई की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया। सास सुनीता ने भी मीनाक्षी को बेटी की तरह विदा किया। शादी के बाद परिवार ने कहा कि मीनाक्षी उनके लिए हमेशा परिवार का हिस्सा रहेगी और त्योहारों तथा अन्य पारिवारिक अवसरों पर उसे बेटी की तरह बुलाया जाता रहेगा। जरूरत पड़ने पर परिवार उसके साथ खड़ा रहेगा।

    शादी के बाद मीनाक्षी ने कहा कि उन्होंने यह विवाह अपनी इच्छा से किया है और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने अपने ससुराल वालों के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी सास ने उन्हें बेटी की तरह समझा और नए जीवन की शुरुआत में साथ दिया। वहीं देवर मोहित ने बताया कि भाभी की आगे पूरी जिंदगी बाकी है और उनकी दो बेटियों का भविष्य भी जुड़ा है।

    इसलिए परिवार ने उनकी सहमति से यह फैसला लिया। मोहित ने कहा कि आगे भी मीनाक्षी के साथ पारिवारिक रिश्ता बना रहेगा और किसी परेशानी में परिवार उसकी मदद करेगा। इस परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि मुश्किल परिस्थितियों में किसी महिला को नई जिंदगी शुरू करने का अवसर और परिवार का सहयोग मिलना चाहिए।

  • चारपाई पर आराम​​​​​​​ कर रहा: था तेंदुआ, दुकानदार की पड़ी नजर तो मच गई अफरा-तफरी

    चारपाई पर आराम​​​​​​​ कर रहा: था तेंदुआ, दुकानदार की पड़ी नजर तो मच गई अफरा-तफरी

    चारपाई पर आराम​​​​​​​ कर रहा: था तेंदुआ, दुकानदार की पड़ी नजर तो मच गई अफरा-तफरी

    उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों और दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। मोतीपुर रेंज के दरोगापुरवा इलाके में बुधवार शाम एक तेंदुआ अचानक सड़क किनारे बनी झोपड़ी में घुस गया। हैरानी की बात यह रही कि तेंदुआ झोपड़ी के अंदर रखी चारपाई पर काफी देर तक बैठा रहा।

    पास में चक्की चलाने वाले दुकानदार यूसुफ की नजर जब झोपड़ी के अंदर गई तो वहां तेंदुए को देखकर उसके होश उड़ गए। कुछ पल के लिए वह घबरा गया, लेकिन फिर खुद को संभालते हुए वहां से सुरक्षित हट गया। इसके बाद उसने तेंदुए की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद की और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

    शोर मचते ही झोपड़ी से बाहर निकला तेंदुआ

    झोपड़ी में तेंदुआ होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो तेंदुआ झोपड़ी से बाहर निकला और वहां से भाग गया।

    जिस स्थान पर यह झोपड़ी बनी है, वहां से ग्रामीणों और दुकानदारों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में दिन के समय आबादी के नजदीक तेंदुए के पहुंचने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

    स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अब उन्हें हर समय इस बात का डर रहता है कि कहीं तेंदुआ अचानक किसी व्यक्ति के सामने न आ जाए। लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की है।

    सब्जी तोड़ने गई महिला पर तेंदुए का हमला, मौत

    बहराइच में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता की एक और बड़ी वजह सामने आई है। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े सुजौली थाना क्षेत्र के गड़ेरियनपुरवा गांव में करीब 35 वर्षीय ममता देवी पर तेंदुए के हमले की घटना सामने आई।

    बताया गया कि महिला घर के पास खेत में सब्जी तोड़ने गई थीं। इसी दौरान गन्ने के खेत के आसपास छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण महिला को संभलने का मौका नहीं मिला।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। ममता देवी के तीन बच्चे हैं। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    तेंदुए की दहशत से समय से पहले दुकानें बंद कर रहे लोग

    महिला की मौत और आबादी के नजदीक तेंदुए के लगातार दिखाई देने की घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुए के डर से कई दुकानदार अब शाम होने से पहले ही अपनी दुकानें बंद करके घर लौटने लगे हैं।

    ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने की मांग की है।

    फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने और सुनसान या खेतों वाले इलाकों में अकेले जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • प्रसाद के साथ​​​​​​​ बैल ने” निगल लिया 3 तोले का मंगलसूत्र, फिर…

    प्रसाद के साथ​​​​​​​ बैल ने” निगल लिया 3 तोले का मंगलसूत्र, फिर…

    प्रसाद के साथ​​​​​​​ बैल ने” निगल लिया 3 तोले का मंगलसूत्र, फिर…

    महाराष्ट्र के मालेगांव इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। बैलपोला त्योहार के मौके पर किसान शिवाजी बोरसे अपने बैलों की पूजा कर उन्हें प्रसाद खिला रहे थे। इसी दौरान एक बैल ने प्रसाद के साथ थाली में रखा करीब तीन तोले का सोने का मंगलसूत्र भी निगल लिया। शुरुआत में किसान को पता ही नहीं चला कि आखिर चेन किस बैल के पेट में गई है। शिवाजी बोरसे के पास दो बैल थे और दोनों को ही प्रसाद खिलाया गया था। जब मंगलसूत्र गायब मिला तो किसान के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि किस बैल ने उसे निगला है।

    दोनों बैलों को लेकर पहुंचे अस्पताल

    मामले की जानकारी मिलने के बाद किसान दोनों बैलों को चालीसगांव के पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के सामने भी पहले यह स्पष्ट नहीं था कि सोने की चेन किस जानवर के पेट में है। ऐसे में बिना पुष्टि के किसी एक बैल की सर्जरी करना उचित नहीं था। पशु चिकित्सकों ने आधुनिक एक्स-रे जांच की मदद ली। जांच के जरिए दोनों बैलों के पाचन तंत्र की स्थिति देखी गई और यह पता लगाने की कोशिश की गई कि धातु की वस्तु कहां मौजूद है। जांच के बाद डॉक्टरों को उस बैल की पहचान हो गई, जिसके पेट में मंगलसूत्र फंसा हुआ था। इसके बाद ऑपरेशन की तैयारी की गई।

    सर्जरी कर पेट से निकाला गया सोने का मंगलसूत्र

    एक्स-रे से सही जगह की जानकारी मिलने के बाद पशु चिकित्सकों ने सावधानीपूर्वक सर्जरी की। डॉक्टरों ने बैल के पेट से करीब तीन तोले का पूरा सोने का मंगलसूत्र निकाल लिया। किसान के लिए यह बड़ी राहत की बात थी, क्योंकि कीमती चेन सुरक्षित वापस मिल गई। ऑपरेशन के बाद बैल की हालत स्थिर बताई गई। इस घटना ने यह भी दिखाया कि त्योहारों के दौरान पशुओं को खाना खिलाते समय आसपास रखी छोटी और कीमती चीजों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। अगर समय रहते चेन का पता नहीं चलता तो बैल की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता था।

    सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को बैल के पेट से कुछ ऐसी चीजें भी मिलीं, जिन्हें देखकर वे भी चौंक गए। जानकारी के मुताबिक, मंगलसूत्र के अलावा पेट के अंदर प्लास्टिक की करीब दो गेंदें, नायलॉन का तार और दो एक रुपये के सिक्के भी मौजूद थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बैल ने पहले भी जमीन या आसपास पड़ी कई ऐसी चीजें निगली होंगी, जो उसके लिए भोजन नहीं थीं।

    फिलहाल सर्जरी के बाद बैल की हालत ठीक और स्थिर बताई गई है। इस घटना के बाद पशु चिकित्सकों ने भी लोगों से अपील की है कि पशुओं को खाना या प्रसाद देते समय प्लास्टिक, धातु, धागे और दूसरी गैर-खाद्य चीजें उनके आसपास न रहने दें। छोटी सी लापरवाही पशु के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है।

  • ‘हम पति-पत्नी हैं,​​​​​​​ घरवालों से पूछ लो’, फिर भी नहीं रुकी भीड़, समस्तीपुर में युवक-युवती से बदसलूकी का आरोप.

    ‘हम पति-पत्नी हैं,​​​​​​​ घरवालों से पूछ लो’, फिर भी नहीं रुकी भीड़, समस्तीपुर में युवक-युवती से बदसलूकी का आरोप.

    ‘हम पति-पत्नी हैं,​​​​​​​ घरवालों से पूछ लो’, फिर भी नहीं रुकी भीड़, समस्तीपुर में युवक-युवती से बदसलूकी का आरोप.

    बिहार के समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लाटबसेपुरा पंचायत से जुड़ी एक वायरल क्लिप में स्कूटी सवार एक युवक और युवती को कुछ लोगों की भीड़ से घिरा देखा जा रहा है। आरोप है कि भीड़ ने दोनों को रोककर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

    मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक घटना की तारीख, पूरी परिस्थितियों और क्लिप में दिखाई दे रहे सभी लोगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    ‘हम पति-पत्नी हैं’ कहते रहे युवक-युवती

    सोशल मीडिया पर सामने आई क्लिप में युवक और युवती लोगों की भीड़ के बीच खुद को पति-पत्नी बताते हुए उन्हें छोड़ने की अपील करते नजर आ रहे हैं। दोनों काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें जाने देने के बजाय घेरकर रखा और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

    युवती भी लोगों से मदद की गुहार लगाती नजर आती है। हालांकि, दोनों को वहां किस वजह से रोका गया और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

    मामला सामने आने के बाद मुसरीघरारी थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री का संज्ञान लिया है। थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना कब और कहां हुई, इसमें शामिल युवक-युवती कौन हैं और उनके साथ मौजूद लोग कौन थे। साथ ही विवाद की वास्तविक वजह का भी पता लगाया जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक, अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलने की जानकारी नहीं है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

    समस्तीपुर में इस घटना से पहले कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र से भी एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया था। उस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

    अब मुसरीघरारी क्षेत्र की इस घटना ने एक बार फिर भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने के सवाल को सामने ला दिया है। हालांकि, इस मामले में अभी पुलिस की जांच जारी है और घटना की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस वायरल क्लिप में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी है।