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  • चीनी छोड़ने का 30-Day Challenge, जानिए शरीर पर पड़ने वाले जबरदस्त असर

    चीनी छोड़ने का 30-Day Challenge, जानिए शरीर पर पड़ने वाले जबरदस्त असर

    चीनी छोड़ने का 30-Day Challenge, जानिए शरीर पर पड़ने वाले जबरदस्त असर

    आज के समय में फिट और हेल्दी रहने के लिए लोग अपनी डाइट पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसी वजह से ’30 Days No Sugar Challenge’ तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस चैलेंज में 30 दिनों तक ऐडेड शुगर (Added Sugar) यानी बाहर से मिलाई गई चीनी वाले चीजें और पेय पदार्थों से दूरी बनाई जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप एक महीने तक अतिरिक्त चीनी का सेवन बंद कर संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाते हैं, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन प्रबंधन, ऊर्जा स्तर और दिल की सेहत पर अच्छा असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको फलों, दूध या अन्य नेचुरल मिठास (Natural Sugar) वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी छोड़ देना चाहिए। उनका सेवन संतुलित मात्रा में किया जा सकता है।

    क्या है ’30 Days No Sugar Challenge’?

    इस चैलेंज में उन सभी चीजों से दूरी बनाई जाती है जिनमें बाहर से चीनी मिलाई जाती है। 
    इनमें शामिल हैं, कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक्स
    मिठाइयां, केक और पेस्ट्री
    पैक्ड जूस, कुकीज और कैंडी 
    फ्लेवर्ड योगर्ट
    मीठी सॉस और प्रोसेस्ड स्नैक्स
    इनकी जगह ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, अंडे, ड्राई फ्रूट्स और घर का बना संतुलित भोजन खाने की सलाह दी जाती है।

    ब्लड शुगर रहेगा ज्यादा संतुलित

    बार-बार मीठा खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और फिर अचानक गिरता है। इससे थकान, कमजोरी और बार-बार भूख लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप 30 दिनों तक अतिरिक्त चीनी कम कर देते हैं, तो ब्लड शुगर अधिक स्थिर रहने में मदद मिल सकती है। इससे इंसुलिन बेहतर तरीके से काम कर सकता है और लंबे समय में टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

    वजन घटाने में मिल सकती है मदद

    मीठे खाद्य पदार्थों में कैलोरी अधिक होती है, लेकिन इनमें फाइबर और प्रोटीन बहुत कम होता है। यही वजह है कि इन्हें खाने के बाद जल्दी भूख लग सकती है। जब आप अतिरिक्त चीनी कम करते हैं, तो कुल कैलोरी का सेवन भी कम हो सकता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने और वजन घटाने में मदद मिल सकती है।

    दिनभर महसूस होगी बेहतर एनर्जी

    बहुत ज्यादा चीनी खाने के बाद कुछ समय के लिए एनर्जी बढ़ती है, लेकिन फिर अचानक गिर जाती है। इसे शुगर क्रैश कहा जाता है। 30 दिनों तक ज्यादा चीनी कम करने पर कई लोगों को दिनभर अधिक स्थिर ऊर्जा, कम सुस्ती और बेहतर फोकस महसूस हो सकता है।

    दांत रहेंगे ज्यादा स्वस्थ

    चीनी मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है। ये बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं, जो दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) को नुकसान पहुंचाते हैं। मीठे खाद्य पदार्थ कम खाने से कैविटी, दांतों की सड़न और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।

    दिल और लिवर को मिल सकता है फायदा

    लंबे समय तक अधिक मात्रा में अतिरिक्त चीनी का सेवन मोटापा, फैटी लिवर, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है। अगर आप संतुलित आहार के साथ अतिरिक्त चीनी कम करते हैं, तो इससे दिल और लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    मीठा खाने की आदत भी कम हो सकती है

    शुरुआती कुछ दिनों में मीठा खाने की इच्छा ज्यादा हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे स्वाद बदलने लगता है। कई लोगों को कुछ सप्ताह बाद पहले जितनी मिठास की जरूरत महसूस नहीं होती और प्राकृतिक मिठास वाले फल भी ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगते हैं।

    क्या प्राकृतिक चीनी भी छोड़नी चाहिए?

    नहीं। फलों, दूध और बिना चीनी वाले दही में मौजूद प्राकृतिक शुगर के साथ फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं। इसलिए ‘नो शुगर चैलेंज’ का उद्देश्य ऐडेड शुगर को कम करना है, न कि प्राकृतिक शुगर को पूरी तरह छोड़ना।

    बेहतर परिणाम के लिए इन बातों का रखें ध्यान

    रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
    पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
    7–8 घंटे की नींद लें।
    पैक्ड फूड खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें।
    प्रोटीन और फाइबर से भरपूर भोजन करें।
    मीठे पेय की जगह सादा पानी, नारियल पानी या बिना चीनी की छाछ लें।

    30 दिनों तक अतिरिक्त चीनी छोड़ना आपकी सेहत के लिए एक सकारात्मक शुरुआत हो सकती है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन प्रबंधन, दांतों की सुरक्षा, बेहतर ऊर्जा और हृदय स्वास्थ्य जैसे कई फायदे मिल सकते हैं। हालांकि, केवल चीनी छोड़ना ही पर्याप्त नहीं है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सक्रिय जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है।

    नोट: यदि आपको डायबिटीज, थायरॉयड या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 12 हजार की नौकरी करने वाले अविनाश की लग्जरी लाइफ का खुलासा..

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 12 हजार की नौकरी करने वाले अविनाश की लग्जरी लाइफ का खुलासा..

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 12 हजार की नौकरी करने वाले अविनाश की लग्जरी लाइफ का खुलासा..

    अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला को पुलिस ने कोर्ट से 13 घंटे की रिमांड पर लिया था. इस 13 घंटे की पुलिस पूछताछ में अविनाश ने ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है.

    सरकारी टीचर भाई के नाम पर खरीदी कार

    पुलिस की जांच और पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अविनाश शुक्ला केवल 12 से 13 हजार रुपये की मामूली नौकरी करता था. लेकिन रामलला के चढ़ावे से चोरी किए गए पैसों से उसने ऐशो-आराम के साधन जुटाने शुरू कर दिए थे. अविनाश ने चोरी की रकम से एक सेकंड हैंड कार खरीदी. किसी को उस पर शक न हो, इसलिए उसने यह कार अपने भाई अभिषेक के नाम पर ट्रांसफर कराई, जो कि एक सरकारी स्कूल में टीचर है. पुलिस ने अविनाश की निशानदेही पर इस कार (गाड़ी संख्या: UP 42 AP 6054) को बरामद कर राम जन्मभूमि थाने में खड़ा कर दिया है.

    45 दिनों के CCTV फुटेज देखकर फूटा घड़ा

    पुलिस के सामने शुरुआती पूछताछ में अविनाश खुद को बिल्कुल निर्दोष बताता रहा. लेकिन जब अयोध्या पुलिस ने उसके सामने 45 दिनों के वो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज रख दिए, जिसमें वह साफ तौर पर चढ़ावे की चोरी करते हुए कैद हुआ था तो वह पूरी तरह टूट गया. इसके बाद उसने परत-दर-परत पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया.

  • हनीमून ट्रिप पर बनाई Instagram रील, लोकेशन से पहुंची पुलिस; खुली चौंकाने वाली क्राइम स्टोरी…

    हनीमून ट्रिप पर बनाई Instagram रील, लोकेशन से पहुंची पुलिस; खुली चौंकाने वाली क्राइम स्टोरी…

    हनीमून ट्रिप पर बनाई Instagram रील, लोकेशन से पहुंची पुलिस; खुली चौंकाने वाली क्राइम स्टोरी…

    उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में हनीमून मनाने गई एक महिला को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया. बताया जा रहा है कि लंबे समय से फरार चल रही थी. गिरफ्तार महिला की पहचान मेरठ के सरधना क्षेत्र के छुछाई गांव निवासी ज्योति चौधरी के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, ज्योति अपने महंगे शौक और लग्जरी लाइफस्टाइल को पूरा करने के लिए अपराध की दुनिया में उतर गई थी और एक लुटेरी गैंग का संचालन कर रही थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात के बाद फरारी के दौरान उसने दूसरी शादी रचा ली और पुलिस को चकमा देते हुए सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम रील्स भी पोस्ट करती रही.

    12 जून की रात को घटना को दिया अंजाम

    यह मामला मेरठ जिले के सरधना इलाके का है. यहां बीते 12 जून की रात को मुजफ्फरनगर के रहने वाले आकाश शर्मा, जो एक नामी डिजिटल कंपनी में टीम लीडर हैं, अपनी बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान सरधना पाली कावड़ पटरी मार्ग के पास दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट कर उनकी बाइक व मोबाइल लूट लिया. पीड़ित आकाश ने पुलिस को बताया था कि इस वारदात को अंजाम देने वाले गैंग में एक लड़की भी शामिल थी.आकाश के मुताबिक लड़की बहुत ही शातिर तरीके से पूरे गैंग को निर्देश दे रही थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के तीन सदस्यों को पहले ही दबोच लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी ज्योति चौधरी फरार चल रही थी.

    रील बनाकर पुलिस को दी थी खुली चुनौती, ऐसे आई पकड़ में

    फरारी काटते समय ज्योति चौधरी ने इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की, जिसमें फिल्मी डायलॉग ‘शाका मारा जा सकता है लेकिन पकड़ा नहीं जा सकता’ पर एक्टिंग कर उसने सरेआम पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती दे डाली. इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई और उसकी सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखने लगी. इसी बीच ज्योति ने 23 जून को मोहित नाम के युवक से अपनी दूसरी शादी रचाई और हनीमून मनाने हरिद्वार जिले के एक इलाके में चली गई. हरिद्वार के होटलों और वादियों से ज्योति लगातार सोशल मीडिया पर रील्स डाल रही थी. मेरठ पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस टीम ने उसकी इन्हीं रील्स और गतिविधियों के जरिए लाइव लोकेशन ट्रेस कर ली और शनिवार सुबह हरिद्वार में अचानक दबिश देकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

  • घरेलू विवाद का खौफनाक अंत, पति ने तवे से हमला कर पत्नी को उतारा मौत के घाट..

    घरेलू विवाद का खौफनाक अंत, पति ने तवे से हमला कर पत्नी को उतारा मौत के घाट..

    घरेलू विवाद का खौफनाक अंत, पति ने तवे से हमला कर पत्नी को उतारा मौत के घाट..

    राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. पारिवारिक विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक महिला की जान चली गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपी पति ने कथित तौर पर घर में रखे तवे से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी. घटना के बाद वह खुद थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

    घरेलू विवाद के बाद हुई वारदात

    पुलिस के अनुसार, यह घटना बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र के गोपाल नगर इलाके की है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि शनिवार देर रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और आरोपी ने कथित तौर पर गुस्से में आकर रसोई में रखे तवे से पत्नी के सिर पर कई वार कर दिए. गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई.

    सुबह खुद थाने पहुंचा आरोपी

    घटना के बाद आरोपी पति दिनेश पटेल रविवार सुबह सीधे बाबा हरिदास नगर थाने पहुंचा. वहां उसने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पूरी घटना की जानकारी दी और बताया कि रात में हुए झगड़े के दौरान उसने अपनी पत्नी सरिता पर हमला किया था. आरोपी की सूचना के बाद पुलिस तुरंत उसके घर पहुंची, जहां महिला मृत अवस्था में मिली.

    मानसिक बीमारी और नौकरी छूटने से बढ़ा था तनाव

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दिनेश पटेल पिछले दो से तीन वर्षों से सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से पीड़ित था और उसका इलाज दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा था. इसके अलावा करीब दो महीने पहले उसकी आईटी कंपनी की नौकरी भी चली गई थी. जांच में यह भी सामने आया है कि नौकरी छूटने और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण परिवार में लंबे समय से तनाव का माहौल बना हुआ था और अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था.

    20 साल पुराना था वैवाहिक रिश्ता

    पुलिस के मुताबिक, दिनेश और सरिता की शादी वर्ष 2005 में हुई थी. दंपति के दो बेटे हैं. बड़ा बेटा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है, जबकि छोटा बेटा पांचवीं कक्षा का छात्र है. सरिता का मायका भी गोपाल नगर इलाके में ही है. घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है.

    जांच में जुटी पुलिस

    सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल और क्राइम टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. आरोपी दिनेश पटेल को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.

  • प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, शादी का वादा बना आरोप; दुष्कर्म और गर्भपात मामले में ITBP जवान गिरफ्तार..

    प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, शादी का वादा बना आरोप; दुष्कर्म और गर्भपात मामले में ITBP जवान गिरफ्तार..

    प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, शादी का वादा बना आरोप; दुष्कर्म और गर्भपात मामले में ITBP जवान गिरफ्तार..

    बलिया जिले की पुलिस ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक प्रशिक्षु जवान को एक युवती से कथित तौर पर शादी का झूठा वादा कर उससे दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी …

    Ballia News : बलिया जिले की पुलिस ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक प्रशिक्षु जवान को एक युवती से कथित तौर पर शादी का झूठा वादा कर उससे दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी 28 वर्षीय युवती की शिकायत पर 18 फरवरी को बलिया शहर कोतवाली में रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के डेहरी गांव निवासी मुकेश गुप्त (26) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

    पुलिस ने बताया कि युवती बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में अपनी बहन के घर रहती थी और करीब दो वर्ष पहले उसकी मुकेश से जान-पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। पुलिस के अनुसार आरोप है कि मुकेश ने शादी का झांसा देकर 2024 से लेकर इस वर्ष फरवरी तक युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। फरवरी में वह आईटीबीपी के प्रशिक्षण केंद्र चला गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रशिक्षण केंद्र जाने से पहले वह युवती को असम भी ले गया था।

    शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि बलिया पुलिस ने आरोपी मुकेश को तीन दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के पापुमपारे जिले के किमीन स्थित आईटीबीपी के ‘भर्ती प्रशिक्षण केंद्र’ से गिरफ्तार किया। इसके बाद स्थानीय अदालत से ‘ट्रांजिट रिमांड’ लेकर उसे बलिया लाया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को आरोपी को बलिया की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मऊ जिला जेल भेज दिया गया।

  • विवाहिता को लोन का लालच देकर दुष्कर्म, लंबे समय तक करता रहा शोषण; मैनेजर गिरफ्तार..

    विवाहिता को लोन का लालच देकर दुष्कर्म, लंबे समय तक करता रहा शोषण; मैनेजर गिरफ्तार..

    विवाहिता को लोन का लालच देकर दुष्कर्म, लंबे समय तक करता रहा शोषण; मैनेजर गिरफ्तार..

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    ​​​​​​​ढाका के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि विवाहिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    Motihari News: बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के ढाका थाना क्षेत्र में लोन दिलाने का झांसा देकर एक विवाहिता के कथित यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता की शिकायत पर ढाका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माइक्रोफाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने महिला और आरोपी दोनों की मेडिकल जांच कराने के साथ वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से उनके कपड़े भी जब्त किए हैं।

    लंबे समय तक यौन शोषण करता रहा आरोपी
    पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान चकिया थाना क्षेत्र के बाजार गांव निवासी सन्नी कुमार के रूप में हुई है। वह ढाका बड़ी बाजार स्थित एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी की शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि वह कुछ माह पहले लोन लेने के लिए कंपनी की शाखा गई थी। इसी दौरान शाखा प्रबंधक ने लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाकर उसे अपने प्रभाव में लिया और लंबे समय तक उसका कथित यौन शोषण करता रहा।

    जांच के लिए आवश्यक वस्त्र भी जब्त
    महिला का कहना है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उसका लोन स्वीकृत नहीं कराया गया। बाद में उसे अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी और शोषण का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने ढाका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया और जांच के लिए आवश्यक वस्त्र भी जब्त किए हैं।

    ढाका के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि विवाहिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। वहीं ढाका थानाध्यक्ष रामरूप राय ने बताया कि महिला के आवेदन पर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सिरदर्द को हर बार माइग्रेन समझना पड़ सकता है भारी, जानिए Headache के प्रकार..

    सिरदर्द को हर बार माइग्रेन समझना पड़ सकता है भारी, जानिए Headache के प्रकार..

    सिरदर्द को हर बार माइग्रेन समझना पड़ सकता है भारी, जानिए Headache के प्रकार..

    अकसर यही मान लिया जाता है सिरदर्द मतलब माइग्रेन।  सिरदर्द की बीमारी नर्वस सिस्टम की सबसे आम बीमारियों में से हैं। हालांकि  इसका कारण सिर्फ माइग्रेन ही नहीं है  कई बार सिरदर्द विकलांगता, खराब क्वालिटी ऑफ लाइफ और पैसे के बोझ जैसे पर्सनल और सामाजिक बोझ से जुड़ा होता है। दुनिया भर में सिरदर्द को कम आंका गया है, कम पहचाना गया है और कम इलाज किया गया है। आज हम आपको  सिरदर्द की समस्याओं और माइग्रेन की जटिलताओं के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

    सिरदर्द की बीमारियां, जिनमें बार-बार सिरदर्द होता है, नर्वस सिस्टम की सबसे आम बीमारियों में से हैं। सिरदर्द प्राइमरी सिरदर्द की बीमारियों, जैसे माइग्रेन, टेंशन-टाइप सिरदर्द और क्लस्टर सिरदर्द का एक दर्दनाक और कमज़ोर करने वाला लक्षण है। सिरदर्द कई दूसरी बीमारियों की वजह से भी हो सकता है या उनके बाद हो सकता है, जिनमें सबसे आम है दवा के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाला सिरदर्द। यह बच्चों और किशोरों को भी हो सकता है, लेकिन यह उन्हें अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है।  दुनिया भर में, सिरदर्द की बीमारी लगभग 40% आबादी, या 2021 में 3.1 बिलियन लोगों को प्रभावित करती है, और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज़्यादा आम है।


    सिरदर्द क्यों है इतना खतरनाक

    ग्लोबल हेल्थ एस्टिमेट्स 2021 के अनुसार, स्ट्रोक और नियोनेटल एन्सेफैलोपैथी के बाद, माइग्रेन सिरदर्द दुनिया भर में डिसेबिलिटी-एडजस्टेड लाइफ ईयर्स (DALYs) का तीसरा सबसे बड़ा कारण पाया गया। बार-बार सिरदर्द के दौरे और अक्सर अगले दौरे का लगातार डर, पारिवारिक जीवन, सामाजिक जीवन और नौकरी को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक सिरदर्द की पुरानी बीमारी से निपटने की कोशिश करने से व्यक्ति को दूसरी बीमारियां भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, माइग्रेन से पीड़ित लोगों में एंग्जायटी और डिप्रेशन होना, स्वस्थ लोगों की तुलना में काफी आम है।

    माइग्रेन, टेंशन वाले सिरदर्द, क्लस्टर सिरदर्द और दवा के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले सिरदर्द पब्लिक हेल्थ के लिए ज़रूरी हैं क्योंकि ये आबादी में विकलांगता और खराब सेहत के बड़े लेवल के लिए ज़िम्मेदार हैं। माइग्रेन की पहचान बार-बार होने वाले दौरे हैं और यह अक्सर ज़िंदगी भर रहता है। यह एक प्राइमरी सिरदर्द की बीमारी है, जो ज़्यादातर मामलों में एपिसोडिक होती है, आमतौर पर 4–72 घंटे तक रहती है, और इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी और/या फोटोफोबिया और फोनोफोबिया भी होता है। कभी-कभी इससे पहले ठीक हो सकने वाले, देखने वाले, सेंसरी या दूसरे लक्षणों का एक औरा होता है। माइग्रेन ज़्यादातर प्यूबर्टी में शुरू होता है और आमतौर पर 35 से 45 साल की उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। यह महिलाओं में ज़्यादा आम है, शायद हॉर्मोनल असर की वजह से। अटैक में आमतौर पर सिरदर्द शामिल होता है, जो अक्सर: मध्यम या तेज़ तीव्रता का, एक तरफ़ या आंख के पीछे, एक जैसी धड़कन, रोज़ाना की शारीरिक गतिविधि से बढ़ जाना रोशनी और आवाज़ों के प्रति सेंसिटिव होना; औजी मिचलाने के साथ होता है।


    टेंशन-टाइप सिरदर्द

    टेंशन-टाइप सिरदर्द (TTH) को दबाव या जकड़न के रूप में बताया जाता है, जो अक्सर सिर के चारों ओर एक बैंड जैसा होता है, कभी-कभी गर्दन में या उससे फैल जाता है। ये तनाव से जुड़े हो सकते हैं या गर्दन में मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। ये अक्सर टीनएज में शुरू होते हैं और पुरुषों की तुलना में महिलाओं को 50% ज़्यादा प्रभावित करते हैं। एपिसोडिक TTH, जो महीने में 15 दिन से भी कम होता है कुछ आबादी के 70% से ज़्यादा लोग इसकी रिपोर्ट करते हैं। एपिसोडिक TTH अटैक आमतौर पर कुछ घंटों तक रहते हैं लेकिन कई दिनों तक रह सकते हैं।


    क्लस्टर सिरदर्द

    क्लस्टर सिरदर्द (CH) एक प्राइमरी सिरदर्द की बीमारी है जिसकी पहचान बार-बार होने वाला (दिन में कई बार तक), छोटा लेकिन बहुत तेज़ सिरदर्द है, जो आमतौर पर एक आंख में या उसके आस-पास होता है, जिसमें आंख से पानी आता है और वह लाल हो जाती है। प्रभावित हिस्से पर अक्सर नाक बहती है या बंद हो जाती है और पलक झुक सकती है। CH काफ़ी कम होता है और यह 1000 में से 1 से भी कम वयस्कों को प्रभावित करता है, हर महिला पर छह पुरुषों को प्रभावित करता है। CH से पीड़ित ज़्यादातर लोग 20 साल या उससे ज़्यादा उम्र के होते हैं। CH में एपिसोडिक और ch होते हैं।

    इलाज

    सिरदर्द से परेशान बहुत से लोगों को सही डायग्नोसिस और देखभाल नहीं मिल पाती। सिरदर्द की समस्याओं के सही इलाज के लिए हेल्थ प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग, सही डायग्नोसिस और स्थिति की पहचान, किफायती दवाओं से सही इलाज, जीवनशैली में आसान बदलाव और मरीज़ को जानकारी देना ज़रूरी है।  माइग्रेन के इलाज के लिए, दर्द शुरू होने से रोकने के लिए लक्षणों (जैसे विज़ुअल ऑरा) के दिखते ही एनाल्जेसिक दवाएं लेनी चाहिए। दवाओं के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले सिरदर्द, माइग्रेन को बढ़ाने वाली चीज़ों (ट्रिगर्स) और जीवनशैली में बदलाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के आसान उपाय बहुत असरदार होते हैं।

    नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।

  • स्कूल बंद होते ही शुरू करता था गंदी हरकतें, सरकारी शिक्षक चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    स्कूल बंद होते ही शुरू करता था गंदी हरकतें, सरकारी शिक्षक चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    स्कूल बंद होते ही शुरू करता था गंदी हरकतें, सरकारी शिक्षक चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    कोन थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय बंद होने के उपरांत कार्यालय कक्ष में नाबालिग छात्राओं के साथ अशोभनीय एवं आपराधिक कृत्य करने के मामले में एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी बच्चों से जानकारी लेने के बाद सरकारी शिक्षक टीपू सुल्तान को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने रविवार को बताया कि दो दिन पहले शुक्रवार को कोन थाना पर अभिभावकों ने तहरीर देकर बताया की प्राथमिक विद्यालय धोबी बस्ती कुड़वा में तैनात शिक्षक ने विद्यालय बंद होने के उपरांत कार्यालय कक्ष में नाबालिग छात्राओं को बुलाकर उनके साथ दुष्कर्म के प्रयास व लैंगिक अपराध जैसे अशोभनीय एवं आपराधिक कृत्य करने का प्रयास किया गया है। पुलिस सरकारी शिक्षक के खिलाफ पाॅस्को एक्ट व अन्य धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच में जुट गई। जांच के बाद पुलिस टीम आरोपी शिक्षक के गिरफ्तारी के लिए प्रयास में लगी थी। आज रविवार को मुखबिर की सूचना पर कोन थाना पुलिस टीम ने आरोपी सरकारी शिक्षक 34 वर्पीय टीपू सुल्तान पुत्र सैलानी, निवासी ग्राम रामगढ़, थाना पन्नूगंज को तिलगुड़वा मोड़, कस्बा कोन से गिरफ्तार कर लिया है।

  • सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    झांसी : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और बर्बर वारदात सामने आई है। यहां के मऊरानीपुर इलाके में एक सगे भांजे ने अपने साले के साथ मिलकर 69 वर्षीय बुजुर्ग मामा की ऐसी नृशंस हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। जमीन के लालच और मामा की टोका-टाकी से नाराज भांजे ने पहले बुजुर्ग का अपहरण किया, फिर गला घोंटने और पत्थर से सिर कुचलने के बाद जब उनकी सांसें चलती रहीं, तो उन्हें कार से पेट्रोल निकालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सर्विलांस की मदद से हुआ है।

    अविवाहित मामा ने भांजे के नाम की थी 30 बीघा जमीन, सब बेचकर उड़ाए पैसे

    मऊरानीपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) रत्नेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से महोबा जिले के दिदवारा गांव के रहने वाले 69 वर्षीय नेपाल सिंह पिछले 30 सालों से झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र के धमना पायक गांव में रह रहे थे। नेपाल सिंह आजीवन कुंवारे रहे और उन्होंने शादी नहीं की थी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और संपत्ति अपने भांजे प्रीतम, अपनी बहन सुधा देवी और बहनोई के नाम कर दी थी।

    भांजा प्रीतम बेहद शातिर और खर्चीला था। उसे मामा की तरफ से जो करीब 30 बीघा जमीन मिली थी, उसे वह पहले ही बेचकर पैसे उड़ा चुका था। अब उसकी काली नजर अपनी मां के हिस्से की जमीन पर थी, जिसे वह औने-पौने दामों में बेचना चाहता था। बुजुर्ग मामा नेपाल सिंह भांजे की इस बर्बादी का लगातार विरोध कर रहे थे और उसे गलत काम करने से टोकते थे।

    दो दिन में जान से मार दूंगा बड़े मामा को फोन पर दी थी खुली चुनौती

    पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि प्रीतम अपने मामा नेपाल सिंह की रोज-रोज की टोका-टाकी से इस कदर नाराज हो गया था कि उसने उन्हें रास्ते से हटाने का पूरा प्लान बना लिया। आरोप है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने से ठीक दो दिन पहले, यानी 27 जून को प्रीतम ने अपने बड़े मामा वीर सिंह को फोन किया था। फोन पर उसने खुली धमकी देते हुए कहा था कि “अगर नेपाल सिंह दो दिन के भीतर मेरे घर से नहीं गए, तो मैं उन्हें जान से मार दूंगा।” परिवार ने इस धमकी को सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन प्रीतम के दिमाग में खौफनाक साजिश पक रही थी।

    सुबह तड़के किया किडनैप; सीसीटीवी कैमरे ने खोल दी कलयुगी भांजे की पोल

    29 जून की सुबह तड़के अचानक बुजुर्ग नेपाल सिंह रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने लहचूरा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक बुजुर्ग से जुड़ा होने के कारण थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत तफ्तीश शुरू की।

    पुलिस ने जब गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। फुटेज में साफ दिखा कि सुबह के वक्त प्रीतम अपनी कार में जबरन नेपाल सिंह को बैठाकर ले जा रहा था। इस पुख्ता सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए प्रीतम को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सामने रखी तो वह टूट गया और उसने मामा की रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर स्टोरी बयां कर दी।

    एमपी के करारा गंज जंगल में तड़पा-तड़पा कर दी मौत, एक आरोपी अब भी फरार

    कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रीतम ने बताया कि वह 29 जून को अपने मामा का अपहरण कर सीधे मध्य प्रदेश के अलीपुरा थाना क्षेत्र के करारा गंज गांव पहुंचा। वहां उसका साला गोलू और एक साथी अनुज पहले से कार का इंतजार कर रहे थे। तीनों ने मिलकर पहले नेपाल सिंह का गला घोंटने का प्रयास किया। जब वे नहीं मरे, तो भारी पत्थर उठाकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनका एक दांत टूट गया और वे लहूलुहान हो गए।

    इतनी बर्बरता के बाद भी जब बुजुर्ग की सांसें चलती रहीं, तो आरोपियों ने अपनी ही कार की टंकी से पाइप डालकर पेट्रोल निकाला। तड़प रहे बुजुर्ग मामा पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया। जब वे पूरी तरह जल गए, तो शव को एमपी के घने जंगलों में फेंककर तीनों फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी भांजे प्रीतम और उसके साले गोलू को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी अनुज की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

  • शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना चिनहट में एक युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक आरोपित को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

    मामले की विवेचना कर रहे थाना में तैनात उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा ने बताया कि एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात बाराबंकी के जैदपुर थाना बीबीपुर निवासी ऋषि वर्मा से हुई थीं। आरोपित ऋषि ने उससे कहा कि वो उसको बहुत पसंद है और उससे शादी करना चाहता है। इसी बीच उसने कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाए। अब वह शादी से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं उसे जानमाल की धमकी भी दी है। युवती ने शनिवार को आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

    मामले का संज्ञान लेकर थाना प्रभारी ने पूरे प्रकरण की जांच उन्हें (उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा) को सौंपी थी। उपनिरीक्षक ने बताया कि प्रभावी कार्यवाही करते हुए नामजद आरोपित ऋषि वर्मा को आज गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपित के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।