महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक ऑनलाइन गेमिंग और निवेश गिरोह की ओर से आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर 26 वर्षीय एक युवक से कथित तौर पर 1.36 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक ऑनलाइन गेमिंग और निवेश गिरोह की ओर से आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर 26 वर्षीय एक युवक से कथित तौर पर 1.36 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर थाने ने तीन वेबसाइट और विभिन्न बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि यह धोखाधड़ी अक्टूबर 2024 से इस साल 30 जून के बीच की गई। अधिकारी के मुताबिक अज्ञात आरोपियों ने डिजिटल मीडिया मंच के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया और उसे आकर्षक मुनाफा कमाने के लिए ऑनलाइन गेम खेलने के लिए उकसाया।
उन्होंने बताया कि पीड़ित से कई वेबसाइट पर पंजीकरण करने और शुरुआती भुगतान करने के लिए कहा गया जिसके बाद पिछले दो वर्षों के दौरान उसने जालसाजों की ओर से बताए गए बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 1.36 करोड़ रुपये अंतरित किए। अधिकारी के अनुसार जब शिकायतकर्ता ने निवेश की रकम और उस पर मिले मुनाफे को निकालना चाहा तो वेबसाइट संचालकों ने अस्पष्ट जवाब देना शुरू कर दिया और बाद में उससे संपर्क करना बंद कर दिया।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले के सिलसिले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के बताए वित्तीय लेनदेन और वेबसाइट की डिजिटल गतिविधयों की जांच जारी है।
शहर में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। शनिवार सुबह करीब 6 बजे शालीमार नगर में जीएसटी विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर में घुसे बदमाशों ने परिवार को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान बदमाशों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में रखे करीब 20 तोला सोने के आभूषण, नकदी तथा अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे घर का निरीक्षण किया गया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बदमाशों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी और सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया।
पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि बदमाश हथियारों के साथ घर में घुसे। फिर उन्हें और उनकी पत्नी उर्मिला व बेटे को एक कमरे में बंधक बनाकर अलमारी व लॉकर खंगाले। विरोध करने पर बेटे से मारपीट भी की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित आराम से मौके से फरार हो गए। आरोपित तीन थे, उनके पास देसी कट्टा था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि फिलहाल पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस की कई टीम घटना को सुलझाने में लगी हुई है। सदर थानाधिकारी बिजेंद्र ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपिताें की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जाँच में जुटी हुई है। दिन दहाड़े हुई इस घटना ने शहर में डर का माहौल कर दिया है। हर तरफ इस घटना की चर्चा हो रही है।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम ने इस किताब को सार्वजनिक करते हुए प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और पुस्तक खरीद में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में भेजी गई “जम्मू-कश्मीर की महान व दिग्गज हस्तियां” नामक इस पुस्तक को एक निजी प्रकाशक ओबराय बुकस सर्विस की ओर से प्रकाशित किया गया है और इसे हिलाल अहमद व संतोष मीणा द्वारा लिखा गया है।
सैयद अलगी, शब्बीद सहित कई अलगाववादियों का जिक्र
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर पुस्तक को सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और इस पुस्तक की खरीद करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
फोरम के उप-प्रधान रघु मेहता व ट्रस्टी दीपक कपूर ने बताया कि पुस्तक में आतंकी मकबूल भट्ट को शहीद-ए-आजम बताया है और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम व मौलवी फारूक को कश्मीर का स्वतंत्रता सेनानी।
प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए इस पुस्तक की खरीद की और प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में पुस्तक उपलब्ध कराई गई। कपूर ने बताया कि पुस्तक में मकबूल बट पर अध्याय है। इसमें भारत को आक्रांता दिखाया है और बताया है मकबूल ने कश्मीर की आजादी के लिए बलिदान दे दिया।
1984 में दी गई थी फांसी
मकबूल को सीआइडी इंस्पेक्टर अमर चंद व भारतीय राजदूत की हत्या के आरोप में 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी। पुस्तक में कुछ अन्य अध्यायों में सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर शाह, मसरत आलम, मीरवाइज उमर फारूक व मौलवी फारूक को कश्मीर का स्वतंत्रता सेनानी करार दिया गया है।
पाकिस्तान के लाहौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है। आरोप है कि दो विदेशी महिलाओं को पहले सिंगापुर में दोस्ती कर अपने विश्वास में लिया गया और बाद में निवेश के बहाने पाकिस्तान बुलाया गया। लाहौर पहुंचने के बाद उनके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार के रिश्तेदार समेत कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है।
सिंगापुर में हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ विश्वास जीतने का खेल
जांच में सामने आया है कि आरोपियों की दोनों विदेशी महिलाओं से मुलाकात सिंगापुर में हुई थी। शुरुआती बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच दोस्ती बढ़ी और लगातार संपर्क बना रहा। इसके बाद महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि पाकिस्तान में बड़े निवेश और व्यापारिक अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं। इसी विश्वास के आधार पर उन्हें लाहौर आने के लिए तैयार किया गया।
निवेश के बहाने पाकिस्तान बुलाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार महिलाओं को बड़े आर्थिक लाभ का लालच देकर पाकिस्तान बुलाया गया। उन्हें बताया गया कि लाहौर में महत्वपूर्ण कारोबारी बैठकें होंगी और निवेश से अच्छा मुनाफा मिलेगा। महिलाओं ने इन दावों पर भरोसा किया और पाकिस्तान पहुंच गईं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
लाहौर पहुंचने के बाद कथित वारदात
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि लाहौर पहुंचने के बाद उनके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने में जुट गई। शुरुआती जांच के बाद कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
उपप्रधानमंत्री के रिश्तेदार का नाम आने से बढ़ी हलचल
मामले की जांच के दौरान पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार के एक रिश्तेदार का नाम सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया। पुलिस ने उन्हें अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और कानून सभी के लिए समान है। यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कई पहलुओं की कर रही जांच
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे। आरोपियों के आपसी संपर्क, आर्थिक लेनदेन और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पाकिस्तान में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं किसी भी देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और विदेशी निवेश व पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। अब सभी की नजरें इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। करीब 45 दिन से लापता एक व्यक्ति का शव उसके ही घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पहले बाथरूम की मरम्मत कराने का बहाना बनाया गया और फिर शव को फर्श के नीचे दफना दिया गया। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
18 मई को अचानक लापता हुआ था पति
पुलिस के अनुसार मृतक 18 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पत्नी ने भी पूछताछ के दौरान यही कहा कि उसे पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह भी उनकी तलाश कर रही है। हालांकि समय बीतने के साथ पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले को गुमशुदगी से हत्या की दिशा में मोड़ दिया।
मरम्मत के नाम पर रची गई हत्या छिपाने की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति के लापता होने के कुछ ही दिनों बाद घर के बाथरूम में मरम्मत का काम कराया गया था। आरोप है कि इसके लिए एक मिस्त्री को बुलाया गया और उससे बाथरूम की फर्श तुड़वाई गई। पुलिस का संदेह है कि हत्या के बाद शव को उसी गड्ढे में दबाकर ऊपर से दोबारा सीमेंट और टाइलें लगवा दी गईं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक तक न लगे। मरम्मत का पूरा काम सामान्य निर्माण कार्य की तरह कराया गया, जिससे आसपास के लोगों को भी किसी तरह का शक नहीं हुआ।
शक गहराया तो पुलिस ने कराई खुदाई
लगातार जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे घर के भीतर ही किसी बड़ी वारदात की आशंका मजबूत हो गई। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक अनुमति और अधिकारियों की मौजूदगी में बाथरूम की खुदाई कराई। जैसे ही फर्श हटाई गई, नीचे से मानव शव मिलने से मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। शव की हालत देखकर साफ था कि उसे काफी समय पहले वहां दबाया गया था। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
45 दिन बाद खुला हत्या का खौफनाक राज
करीब डेढ़ महीने तक यह मामला केवल गुमशुदगी का माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जांच बंद नहीं की। मोबाइल फोन की जानकारी, आसपास के लोगों से पूछताछ और घर के भीतर मिले कुछ अहम संकेतों ने जांच को नई दिशा दी। आखिरकार बाथरूम की खुदाई के दौरान शव मिलने के साथ ही हत्या की पूरी कहानी सामने आने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि घर के भीतर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर शव को फर्श के नीचे छिपा दिया जाएगा।
पत्नी से लगातार पूछताछ, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस घटना के पीछे की वजह, पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
मिस्त्री से भी की जा रही पूछताछ
जिस मिस्त्री ने बाथरूम की मरम्मत का काम किया था, उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि मरम्मत के दौरान उसे किसी तरह का संदेह हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसे काम कराने वालों ने क्या जानकारी दी थी। पुलिस मिस्त्री के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
शव को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का सही कारण, हत्या का तरीका और घटना का समय स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल से मिट्टी, निर्माण सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
इलाके में दहशत, रिश्तों पर उठे सवाल
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जमा होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घर में लोग सामान्य जीवन जीते दिखाई दे रहे थे, उसी घर के बाथरूम के नीचे एक शव दबा होने की बात किसी के लिए भी यकीन करना आसान नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अपराध और घरेलू हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधी रात की खामोशी, हाथ में जलती हुई अगरबत्ती और सामने टॉयलेट सीट—यह दृश्य किसी को भी चौंका सकता है। आपको बता दें कि चीन के एक बेहद अनोखी परंपरा लोगों को हैरानी कर दिया है। एक पुरानी हत्या की कहानी कैसे एक निर्दोष महिला को “टॉयलेट की देवी” बना देती है, यह किस्सा किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं लगता। लैंटर्न फेस्टिवल की रात, जब हर जगह रोशनी और उत्सव होता है, वहीं कुछ घरों में चुपचाप टॉयलेट के अंदर भविष्य जानने की एक रहस्यमयी रस्म निभाई जाती है।
टॉयलेट में जिगु देवी की होती है पूजा
चीनी लोककथाओं में जिगु देवी का नाम बड़े रहस्य और आस्था के साथ लिया जाता है, उन्हें महिलाओं की संरक्षक और घर की खुशहाली की रखवाली करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि घर का हर हिस्सा किसी न किसी अदृश्य शक्ति से जुड़ा होता है, और टॉयलेट भी इससे अलग नहीं है। चंद्र कैलेंडर के पहले महीने के 15वें दिन, महिलाएं टॉयलेट की अच्छी तरह सफाई करके वहां एक छोटा सा पुतला स्थापित करती हैं।
टॉयलेट साफ ना किया जाए गुस्सा होती है देवी
इस अनोखी पूजा के पीछे एक बेहद दुखद कहानी जुड़ी है। कहा जाता है कि बहुत पहले एक मासूम महिला को जलन और साजिश के कारण टॉयलेट में ही मार दिया गया था। उसकी बेचैन आत्मा को शांति देने के लिए लोगों ने उसे देवी का रूप दे दिया। ऐसा विश्वास है कि अगर उस खास रात टॉयलेट साफ न किया जाए, तो देवी नाराज हो सकती हैं।
देवी ऐसे देती है जवाब
इस परंपरा का सबसे रहस्यमयी हिस्सा है भविष्यवाणी की प्रक्रिया। लोग जिगु देवी के पुतले के सामने अगरबत्ती जलाकर खेती, स्वास्थ्य और कारोबार से जुड़े सवाल पूछते हैं। मान्यता है कि अगर पुतला थोड़ा भी हिल जाए या कोई संकेत दे, तो उसे देवी का जवाब माना जाता है। भले ही विज्ञान इसे अंधविश्वास माने, लेकिन चीन के कई ग्रामीण इलाकों में यह परंपरा आज भी गहरी आस्था के साथ निभाई जाती है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर दी गई है। satyareport इसकी पुष्टि नहीं करता हैं।)
आज के इस हाई टेक जमाने में हमारे पास मौसम का हाल जानने के लिए बड़े बड़े सैटेलाइट और मोबाइल ऐप्स मौजूद हैं. वैज्ञानिक आसमान को देखकर बता देते हैं कि बारिश कब होगी. लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जो आधुनिक विज्ञान को सीधे चुनौती देता है.
इस मंदिर की छत पर लगा एक खास पत्थर वैज्ञानिकों के लिए आज भी एक बहुत बड़ा रहस्य बना हुआ है. ये मंदिर मौसम विभाग से भी पहले और बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी कर देता है. स्थानीय लोग और दूर दूर से आने वाले श्रद्धालु इसे भगवान का एक अनोखा और सच्चा चमत्कार मानते हैं.
क्या है मंदिर की खासियत?
हम बात कर रहे हैं कानपुर के भीतरगांव ब्लॉक में स्थित भगवान जगन्नाथ के बेहद प्राचीन मंदिर की. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां मानसून आने से ठीक सात दिन पहले ही मंदिर की छत के पत्थरों से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं.
जब देश के बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही होती है और आसमान में बादल का एक टुकड़ा भी नहीं होता, तब इस मंदिर के गर्भगृह की छत गीली हो जाती है. पत्थरों से पानी की बूंदें ऐसे नीचे गिरती हैं जैसे सचमुच बारिश हो रही हो. इस अनोखे नजारे को देखने के लिए हर साल यहां लोगों का तांता लग जाता है.
मानसून का अंदाजा
इस मंदिर की भविष्यवाणी का तरीका भी बेहद दिलचस्प और सटीक है. छत से गिरने वाली बूंदों के आकार को देखकर लोग समझ जाते हैं कि इस साल देश में मानसून कैसा रहेगा. अगर पत्थर से गिरने वाली बूंदें बहुत बड़ी बड़ी होती हैं, तो माना जाता है कि उस साल बहुत भारी बारिश होगी.
वहीं अगर बूंदें छोटी और कम गिरती हैं, तो लोग समझ जाते हैं कि इस बार सूखा पड़ेगा या बारिश बहुत कम होगी. हैरान करने वाली बात यह भी है कि जैसे ही बाहर असलियत में आसमान में बादल छाते हैं और बारिश शुरू होती है, वैसे ही मंदिर की छत के अंदर से पानी टपकना बिल्कुल बंद हो जाता है.
किसी वरदान से कम नहीं है ये मंदिर
आसपास के गांवों के किसानों के लिए ये मंदिर किसी वरदान से कम नहीं है. यहां के किसान मौसम विभाग की खबरों पर नहीं, बल्कि अपने इस जगन्नाथ मंदिर के पत्थरों पर पूरा भरोसा करते हैं.
जैसे ही मंदिर की छत से पानी की बूंदें टपकती हैं, किसान अपनी खेती बाड़ी की तैयारियों में जुट जाते हैं. वे अपने खेतों को जोतना और बीजों का इंतजाम करना शुरू कर देते हैं.
सदियों से चली आ रही यह कुदरती भविष्यवाणी आज तक कभी गलत साबित नहीं हुई है. इसी वजह से इस इलाके के लोग इसे अपना सच्चा वेदर फोरकास्ट सेंटर मानते हैं.
पुरातत्व विभाग ने की जांच पड़ताल
वैज्ञानिकों और पुरातत्व विभाग की टीमों ने इस रहस्य को सुलझाने की कई बार कोशिश की है. कई बार एक्सपर्ट्स की टीम ने मंदिर की दीवारों और छत की जांच पड़ताल की, ताकि पता चल सके कि यह पानी कहां से आता है.
लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी विज्ञान के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि बिना बादलों के पत्थरों से पानी कैसे टपक सकता है. मंदिर की बनावट बौद्ध स्तूप जैसी है और इसकी दीवारें बहुत मोटी हैं.
विज्ञान भले ही इसे कोई भौगोलिक घटना कहे, लेकिन भक्तों के लिए यह भगवान जगन्नाथ की असीम शक्ति का जीवंत सबूत है जो आज भी सबको हैरान कर देता है.
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सामने आई एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय मोनू की मौत कोई हादसा या आत्महत्या नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. आरोप है कि उसकी पत्नी तन्नू ने अपने कथित प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की पूरी पटकथा लिखी, ताकि किसी को उस पर शक तक न हो.
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत पहले मोनू का मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया गया. इसके बाद उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया, ताकि पोस्टमार्टम में मौत की वजह डूबना सामने आए. सुसाइड का माहौल बनाने के लिए उसकी स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी कर दी गई. शुरुआती जांच में यह योजना सफल होती दिखाई दी और पुलिस ने इसे इत्तेफाकिया मामला मानते हुए शव परिजनों को सौंप दिया.
परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार भी कर दिया. उधर, आरोपी पत्नी तन्नू पूरे समय पति की मौत का गम जताती रही. वह अंतिम संस्कार में शामिल हुई, आंसू बहाए और सातवें दिन तक सभी धार्मिक रस्मों में शामिल होकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करती रही.
डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने पलट दी पूरी कहानी
इस पूरी कहानी में मोड़ तब आया, जब पुलिस ने 11 जून को मोनू का मोबाइल परिवार को सौंपा. परिवार ने देखा कि फोन का पूरा डाटा डिलीट किया जा चुका था. इसी बात ने उनके मन में पहला शक पैदा किया.
परिजनों ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से मोबाइल का डिलीट डाटा रिकवर कराया. जब चैट और कॉल डिटेल सामने आईं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मोबाइल में तन्नू और मोनू के बीच बातचीत के रिकॉर्ड मिले. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि 8 जून, यानी मोनू के लापता होने वाले दिन उसने तन्नू को 49 बार फोन किया था, जबकि दोनों के बीच केवल एक बार करीब तीन मिनट बात हुई थी.
परिवार ने तुरंत हंगामा नहीं किया. उन्होंने बेटे की रस्म क्रिया पूरी होने तक चुप्पी साधे रखी, ताकि आरोपी को शक न हो. रस्में पूरी होने के बाद उन्होंने पुलिस को रिकवर किया गया डाटा सौंपा और हत्या का केस दर्ज कर जांच की मांग की.
पेट दर्द का बहाना, सैलरी के पैसे और मौत का जाल
मृतक के परिवार के मुताबिक, 7 जून को मोनू को पत्नी तन्नू को मायके से लाने जाना था. आरोप है कि तन्नू ने उससे कहा था कि वह अपनी सैलरी के पैसे लेकर ही आए. 8 जून को वेतन मिलने के बाद मोनू ने सीएससी से पैसे निकाले और घरवालों से पेट दर्द का बहाना बनाकर दवा लेने की बात कहकर स्कूटी से निकल गया.
परिवार का दावा है कि चैट से पता चला कि तन्नू ने ही उसे मिलने के लिए बुलाया था. जब वह घर नहीं लौटा तो 9 जून को गुमशुदगी दर्ज कराई गई. अगले दिन आसलवास के पास नहर से उसका शव मिला. शरीर पर चोट के निशान नहीं थे और स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी मिली थी. इसी वजह से पुलिस ने शुरुआत में इसे हादसा या आत्महत्या माना.
परिवार ने बाद में आरोप लगाया कि तन्नू और उसके परिवार ने शुरू से ही मोनू के उनके यहां आने या बातचीत होने की बात से इनकार किया था. हालांकि, मोबाइल मिलने के बाद तन्नू के पिता ने माना कि 8 जून को दोनों के बीच तीन मिनट बातचीत हुई थी. उन्होंने बताया कि तन्नू ने कहा था कि मोनू दोस्तों के साथ घूमने जा रहा है और उसे मिलने बुला रहा था.
एसपी तक पहुंचा परिवार, फिर खुली साजिश की परतें
परिवार का आरोप है कि मोबाइल से मिले सबूत देने के बावजूद शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. वे पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिले, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार 2 जुलाई को एसपी से मिलने के बाद मामले ने रफ्तार पकड़ी और पुलिस ने जांच तेज कर दी.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तन्नू ने स्वीकार किया कि 8 जून को उसने मोनू को फोन कर बुलाया था. वहां पहले से घात लगाए बैठे उसके कथित प्रेमी सोनू और उसके साथी हरिओम तथा अमन ने मोनू को पकड़ लिया. आरोप है कि तीनों ने उसका मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया और फिर नहर में फेंक दिया.
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि तन्नू और प्रेमी सोनू के साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य आरोपी सोनू और उसका दूसरा साथी अमन अभी फरार हैं. उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला ने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है. हालांकि, मामले के सभी तथ्यों की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतक के माता-पिता ने आरोपी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को फांसी की सजा देने की मांग की है.
एक शादी में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ. गुस्से में पत्नी ने कथित तौर पर कहा- जो इसे मार देगा, उसे एक लाख रुपये दूंगी. उस वक्त शायद किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया होगा. लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद वही बात एक हत्याकांड की साजिश में बदल गई. ये कहानी महाराष्ट्र के नागपुर की है. पुलिस ने पत्नी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.
महाराष्ट्र के नागपुर में एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है. जिस पत्नी से पति को जिंदगीभर साथ निभाने की उम्मीद थी, उसी ने पति की मौत का सौदा कर दिया और एक लाख रुपये की सुपारी दे दी. उसने पचास हजार रुपये एडवांस भी दिए थे. इसके बाद रात के अंधेरे में पति को मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पत्नी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं.
घटना नागपुर के भांडेवाड़ी पुलिस थाना इलाके की है. बीती रात कुख्यात अपराधी गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी. मृतक गणेश बोरकर पर हत्या, हत्या के प्रयास और चोरी समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. आरोप है कि शराब की लत और घरेलू हिंसा के बीच वह अक्सर अपनी पत्नी मनीषा के साथ मारपीट करता था.
पुलिस जांच में सामने आया कि मनीषा की यह दूसरी शादी थी. पहले पति से उसकी दो बेटियां हैं. महिला ने पुलिस को बताया कि गणेश न केवल उसे प्रताड़ित करता था, बल्कि उसकी बेटियों पर भी गलत नजर रखता था. घर वापस नहीं आने पर जान से मारने की धमकियां भी देता था.
ओडिशा के बालांगीर से सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां शादी टूटने की रंजिश में एक युवक ने उस परिवार पर हमला कर दिया, जिसने उसे मेहमान समझकर अपने घर में ठहराया था. आरोपी ने पहले परिवार के साथ खाना खाया, रात में वहीं रुका. फिर आधी रात के बाद सोते हुए परिवार पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस हमले में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी, बेटा और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए.
यह घटना शुक्रवार की रात बालांगीर के पटनागढ़ थाना क्षेत्र के मलिकमुंडा गांव में हुई. मृतक की पहचान बिनोद साहू के रूप में हुई है. विनोद की पत्नी हेमलता साहू, बेटा और बेटी का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
पुलिस का कहना है कि आरोपी सुरेंद्र साहू की शादी पिछले साल जंबहाल गांव की एक युवती से तय हुई थी. लेकिन बाद में युवती के परिवार ने यह रिश्ता तोड़ दिया. सुरेंद्र की शराब पीने की आदत की वजह से लड़की के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था. रिश्ता टूटने के बाद भी सुरेंद्र लगातार युवती के परिवार पर शादी के लिए दबाव बनाता रहा. पुलिस को आशंका है कि इसी रंजिश में उसने इस वारदात को अंजाम दिया.
शुक्रवार को सुरेंद्र अपनी मां के साथ बिनोद साहू के घर पहुंचा. बिनोद साहू उस युवती के मामा थे, जिससे सुरेंद्र की शादी तय हुई थी. परिवार को किसी तरह के खतरे का अंदेशा नहीं था. उन्होंने मां-बेटे का स्वागत किया, साथ बैठकर खाना खिलाया और रात में घर पर ही रुकने की व्यवस्था कर दी. लेकिन देर रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी सुरेंद्र ने घर में रखा लकड़ी का डंडा उठाया और सो रहे लोगों पर हमला कर दिया.
हमला इतना बेरहमी से किया गया कि बिनोद साहू की मौके पर ही मौत हो गई. उनकी पत्नी, बेटा और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए. हमले में घायल हेमलता साहू ने बताया कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि सुरेंद्र ऐसा कदम उठाएगा. उनके मुताबिक, आरोपी ने उनके पति पर लगातार डंडे से वार किए और फिर परिवार के अन्य लोगों पर भी हमला कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पटनागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि घायलों का इलाज कराया जा रहा है.
एसपी ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया. उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं. शुरुआती जांच में मामला प्रेम या रिश्ते से जुड़े विवाद का लग रहा है, लेकिन असली वजह आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. गांव में इस वारदात के बाद दहशत का माहौल है और लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को मेहमान समझकर घर में ठहराया गया, उसी ने रात के अंधेरे में पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया.