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  • रावण की इस बहन का नाम शायद ही सुना होगा, श्रीराम की बहन शांता से जुड़ा है दिलचस्प कनेक्शन..

    रावण की इस बहन का नाम शायद ही सुना होगा, श्रीराम की बहन शांता से जुड़ा है दिलचस्प कनेक्शन..

    रामायण की जब भी बात होती है, तो रावण की बहन के रूप में सिर्फ शूर्पणखा का नाम दिमाग में आता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि लंकापति रावण की एक और सगी बहन थी, जिसका जिक्र पौराणिक कथाओं में बहुत कम मिलता है.

    इस बहन का नाम कुंभिनी था, जो रावण की सगी और बेहद चतुर बहन थी. इसके साथ ही, इस पूरी कथा में भगवान श्रीराम के परिवार से जुड़ा एक और अनोखा रिश्ता सामने आता है.

    श्री राम की भी एक बड़ी बहन थीं जिनका नाम शांता था. आइए इतिहास के पन्नों को पलटते हैं और रावण की इस गुप्त बहन और श्रीराम की बड़ी बहन शांता के अनोखे रिश्तों की पूरी कहानी को सरल शब्दों में समझते हैं.

    रावण की दूसरी सगी बहन

    रावण की इस गुप्त बहन का नाम कुंभिनी था. वह रावण, कुंभकर्ण और विभीषण की सगी बहन थी. शूर्पणखा की तरह कुंभिनी का स्वभाव चंचल या क्रोधी नहीं था, बल्कि वह काफी समझदार मानी जाती थी.

    कुंभिनी की शादी मथुरा के प्रतापी राजा मधु दैत्य से हुई थी. मधु दैत्य एक शक्तिशाली राजा था और उसके पास भगवान शिव का दिया हुआ एक त्रिशूल था, जिससे वह अजेय बन गया था.

    रावण अपनी इस बहन से बहुत स्नेह करता था, लेकिन एक समय ऐसा आया जब दामाद और साले के बीच भयंकर युद्ध की नौबत आ गई थी.

    जब रावण से टकराया जीजा

    राजा रावण अपनी दिग्विजय यात्रा पर निकला हुआ था और वह पूरी दुनिया को जीतना चाहता था. इसी दौरान वह अपनी बहन कुंभिनी के राज्य मथुरा भी पहुंच गया. वहां रावण ने अपनी ताकत के घमंड में आकर अपनी ही बहन के पति यानी राजा मधु दैत्य को युद्ध के लिए ललकार दिया.

    जब कुंभिनी को इस बात का पता चला, तो वह दोनों के बीच आ गई. उसने रावण को समझाया और अपने पति के प्राणों की भीख मांगी. बहन के आंसुओं को देखकर रावण का दिल पिघल गया और उसने युद्ध का विचार टाल दिया.

    बाद में इसी मधु दैत्य के बेटे लवणासुर का वध भगवान राम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने किया था.

    श्रीराम की बड़ी बहन शांता

    अब बात करते हैं भगवान श्रीराम के परिवार के एक छुपे हुए सच की. राजा दशरथ और माता कौशल्या के चार पुत्रों से पहले एक पुत्री हुई थी, जिनका नाम शांता था. 
    शांता चारों भाइयों में सबसे बड़ी थीं और बेहद गुणी और शांत स्वभाव की थीं. लोक कथाओं के अनुसार, अंग देश के राजा रोमपद की कोई संतान नहीं थी और वे राजा दशरथ के गहरे मित्र थे.

    अपने मित्र का दुख दूर करने के लिए राजा दशरथ ने अपनी बेटी शांता को उन्हें गोद दे दिया था. इस तरह शांता अंग देश की राजकुमारी बनीं और उनका पालन पोषण वहीं हुआ.

    ऋषि ऋष्यश्रृंग से विवाह और पुत्रेष्टि यज्ञ

    राजकुमारी शांता का विवाह महान तपस्वी ऋषि ऋष्यश्रृंग से हुआ था. जब राजा दशरथ को कोई पुत्र नहीं हो रहा था और रघुवंश का आगे बढ़ना मुश्किल लग रहा था, तब राजा दशरथ बेहद चिंतित रहने लगे थे.

    उस समय राजा दशरथ के मंत्रियों ने उन्हें एक विशेष यज्ञ कराने की सलाह दी थी. इस यज्ञ को कराने के लिए राजा दशरथ ने अपने दामाद ऋषि ऋष्यश्रृंग और बेटी शांता को अयोध्या आमंत्रित किया था.

    ऋषि ऋष्यश्रृंग की देखरेख में ही वह प्रसिद्ध पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न हुआ था, जिसके बाद प्रभु श्री राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ.

    रिश्तों का यह अनोखा ताना बाना

    इस तरह देखा जाए तो रामायण की इस महागाथा में पर्दे के पीछे कई ऐसे रिश्ते थे, जो मुख्य कहानी को आगे बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे थे. एक तरफ रावण की बहन कुंभिनी थी, जिसके परिवार का अंत आगे चलकर श्रीराम के भाई शत्रुघ्न के हाथों हुआ.

    वहीं दूसरी तरफ भगवान राम की बड़ी बहन शांता थीं, जिनके पति के आशीर्वाद और यज्ञ के कारण ही राम जी का इस धरती पर अवतार संभव हो सका. इतिहास की ये दो बहनें भले ही मुख्य चर्चाओं से दूर रहीं, लेकिन इनका वजूद अपने अपने कुलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और आदरणीय था.

  • पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    कभी पर्स से कुछ हजार रुपये कम मिलते, कभी बैग से नोट गायब हो जाते. घर में किसी बाहरी शख्स का आना-जाना नहीं था, इसलिए चोरी का शक भी किसी पर नहीं गया. उल्टा, पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच ही बहस होने लगी. लेकिन जब अलमारी से एक साथ लाखों रुपये और जेवर गायब हुए, तब कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शक सीधे उस महिला पर गया, जो पिछले छह महीने से उसी घर में खाना बना रही थी.

    यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है. यहां जिला कारागार के जेलर के सरकारी आवास में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चोरी किसी बाहर से आए चोर ने नहीं, बल्कि घर की नौकरानी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी.

    दरअसल, झांसी जिला कारागार में तैनात जेलर अंजनी कुमार गुप्ता अपनी पत्नी उमा गुप्ता के साथ सरकारी आवास में रहते हैं. पिछले करीब छह महीने से मिथलेश नाम की महिला उनके घर में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही थी. उमा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीनों से घर से नकदी धीरे-धीरे गायब हो रही थी.

    कभी उनके पति के पर्स से पैसे कम मिलते, तो कभी उनके बैग से. शुरुआत में किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ. दोनों को लगता था कि शायद दूसरे ने पैसे निकाल लिए होंगे. इसी बात पर कई बार आपस में कहासुनी भी हुई.

    मुंबई से लौटीं तो अलमारी खाली मिली

    26 जून को उमा गुप्ता अपनी बहन के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई गई थीं. 1 जुलाई को जब वह वापस लौटीं और अलमारी खोली, तो उसमें रखे करीब 6 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे.

    अब सवाल था कि घर में आया कौन था? परिवार के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में घर पर सिर्फ नौकरानी आती थी. यहीं से शक की सुई मिथलेश की ओर घूम गई. शिकायत मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर नौकरानी मिथलेश और उसके बॉयफ्रेंड अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर चोरी की प्लानिंग की थी और चोरी का माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे.

    पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने पहले इस परिवार का भरोसा जीता. फिर वह धीरे-धीरे घर से थोड़ी-थोड़ी नकदी निकालती रही, ताकि किसी को शक न हो. जब कई महीनों तक चोरी पकड़ में नहीं आई, तो उसने अलमारी में रखी बड़ी रकम और जेवर भी निकाल लिए. जांच के मुताबिक, चोरी का सामान उसने अपने बॉयफ्रेंड अमित को दे दिया, ताकि उसे कहीं और छिपाया जा सके. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी रकम और जेवर कहां हैं और क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था.

  • प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 14 वर्षीय एक स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर प्रेमजाल, ब्लैकमेल, धर्म परिवर्तन का दबाव और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है. पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल बस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म के प्रयास, अपहरण, छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.

    पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

    यह भी पढ़ें: कानपुर: दो हिंदू लड़कियों के बाद तीसरी को भी फंसाने की फिराक में था शातिर इरशाद! मोबाइल पर मिली ‘सीक्रेट’ चैट

    दरअसल, यह मामला कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र का है. पीड़िता कक्षा आठ की छात्रा है और रोजाना स्कूल बस से पढ़ने जाती थी. पिता का आरोप है कि इसी दौरान बस चालक मुख्तार कुरैशी ने उसकी पहचान दूसरे धर्म के युवक राज राईन से कराई और दोनों ने मिलकर छात्रा को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की.

    बस चालक पर दोस्ती कराने और ब्लैकमेल का आरोप

    पीड़िता के पिता के मुताबिक, बस चालक मुख्तार कुरैशी लगातार उनकी बेटी पर राज राईन से दोस्ती करने का दबाव बनाता था. आरोप है कि छात्रा को गिफ्ट, चॉकलेट और अन्य सामान दिए जाते थे. बाद में उसे एक मोबाइल फोन भी दिया गया, जिसे छुट्टी के बाद वापस ले लिया जाता था.

    परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी और परिवार को जान से मार दिया जाएगा.

    एफआईआर के मुताबिक, छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव भी बनाया गया. विरोध करने पर लगातार धमकियां दी गईं, जिससे वह लंबे समय तक भय और मानसिक तनाव में रही.

    छात्रा का आरोप- मां के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने को कहा

    शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने छात्रा को एक पुड़िया देकर उसे घर के खाने में मिलाने के लिए कहा. छात्रा का आरोप है कि उससे कहा गया कि इससे उसके माता-पिता को कुछ नहीं होगा और कुछ घंटों बाद उन्हें होश आ जाएगा.

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस दिन उसके पिता घर पर नहीं थे और वह अपनी मां के साथ अकेली थी. उसने कथित तौर पर वह पदार्थ मां के खाने में मिला दिया. इसके बाद आरोपियों ने उसे घर के पास स्थित एक खंडहर में बुलाया.

    छात्रा का कहना है कि वहां पहले से मौजूद मुख्तार, राज राईन और मोनिस ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. उसने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और बाद में पूरी घटना अपने पिता को बताई.

    फोटो एडिट कर वायरल करने का भी आरोप

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके गले में हाथ डालकर जबरन फोटो खिंचवाई. बाद में उसी फोटो और उसकी सोशल मीडिया तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई गई और फोटो एडिट कर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ वायरल किया गया.

    छात्रा ने कहा कि आरोपियों ने उससे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड भी दबाव बनाकर ले लिया था. जब उसने उनकी बात मानने से इनकार किया तो उसकी होली की तस्वीर एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई.

    पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उसके धर्म के बारे में अपमानजनक बातें करते थे और कहते थे कि उनके धर्म में शामिल हो जाओ. छात्रा ने कहा कि उसे न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

    पिता बोले- बेटी डरी हुई थी, तब सामने आया पूरा मामला

    पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज बस से इंटर कॉलेज पढ़ने जाती थी. उनका आरोप है कि बस चालक ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को बहलाया-फुसलाया और उसका मानसिक रूप से ब्रेनवॉश करने की कोशिश की.

    उन्होंने कहा कि बेटी काफी डरी और सहमी रहती थी. जब परिवार ने उससे लगातार पूछताछ की तब उसने पूरी घटना बताई. इसके बाद पता चला कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर उसे बदनाम करने की कोशिश भी की गई.

    पिता ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

    विश्व हिंदू परिषद नेता ने क्या कहा?

    विश्व हिंदू परिषद के हिंदू नेता राज किशोर ने दावा किया कि मूसानगर क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर ब्लैकमेल करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं की तस्वीरें लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और उनका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया जाता है.

    उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों को बाहरी फंडिंग मिलती है और इसी वजह से उनके पास महंगे मोबाइल और वाहन हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों की लड़कियों को फंसाने पर अलग-अलग रकम मिलने जैसी जानकारी उन्हें मिली है.

    हालांकि, इन फंडिंग और संगठित गिरोह से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

    पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    भोगनीपुर के सीओ राजीव सिरोही ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को मूसानगर थाने में 14 वर्षीय छात्रा के संबंध में शिकायत मिली थी. जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.

    सीओ के अनुसार, छात्रा की पहचान बस चालक मुख्तार अहमद ने अपने परिचित राज राईन से कराई थी. आरोप है कि दोनों छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई. बाद में मुख्तार, राज राईन और उनके साथी मोनिस छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई और फोटो खींची गई.

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो टीमों का गठन किया. नामजद आरोपी मुख्तार अहमद और राज राईन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी मोनिस की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • बाल झड़ने से लेकर कमजोर पाचन तक, भृंगराज दे सकता है कई समस्याओं में राहत.

    बाल झड़ने से लेकर कमजोर पाचन तक, भृंगराज दे सकता है कई समस्याओं में राहत.

    बाल झड़ने से लेकर कमजोर पाचन तक, भृंगराज दे सकता है कई समस्याओं में राहत.

    भृंगराज का नाम आते ही सबसे पहले बालों की देखभाल का ख्याल आता है। आयुर्वेद में इसे बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने वाली महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों में गिना जाता है। हालांकि, इसके गुण केवल बालों तक ही सीमित नहीं हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार, भृंगराज का सही तरीके से उपयोग करने पर यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने और गैस, अपच जैसी सामान्य समस्याओं में भी सहायक हो सकता है।

    भृंगराज में पाए जाते हैं औषधीय गुण

    आयुर्वेद के अनुसार भृंगराज में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। ये गुण शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इसी कारण सदियों से आयुर्वेदिक उपचारों में भृंगराज का उपयोग किया जाता रहा है।

    बालों के लिए क्यों माना जाता है फायदेमंद?

    भृंगराज को बालों की देखभाल के लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसका तेल नियमित रूप से लगाने से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है और स्कैल्प स्वस्थ बनी रहती है।

    जानें इसके फायदे

    बालों का झड़ना कम करने में मदद मिल सकती है।
    समय से पहले सफेद होने वाले बालों की समस्या में सहायक माना जाता है।
    रूखे और बेजान बालों को पोषण देकर उन्हें मुलायम और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है।
    स्कैल्प को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है।

    पाचन तंत्र के लिए भी हो सकता है लाभकारी

    आयुर्वेद में भृंगराज को पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी माना गया है। विशेषज्ञ के अनुसार, इसका सीमित और उचित मात्रा में सेवन गैस, अपच और कब्ज जैसी सामान्य समस्याओं में राहत देने में सहायक हो सकता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्राकृतिक प्रक्रिया को समर्थन दे सकता है। हालांकि, यदि आपको लंबे समय से पेट की समस्या है या कोई गंभीर बीमारी है, तो केवल भृंगराज के भरोसे इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच और सलाह जरूर लें।

    भृंगराज का उपयोग किन-किन रूपों में किया जाता है?

    भृंगराज का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है, जैसे
    भृंगराज तेल: बालों और स्कैल्प की देखभाल के लिए।
    भृंगराज चूर्ण: आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सेवन किया जाता है।
    भृंगराज रस: स्वास्थ्य संबंधी लाभ के लिए सीमित मात्रा में उपयोग किया जाता है।
    भृंगराज काढ़ा: कुछ आयुर्वेदिक उपचारों में प्रयोग किया जाता है।
    किसी भी रूप में इसका सेवन या उपयोग विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

    इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

    विशेषज्ञ के अनुसार, कुछ लोगों को भृंगराज का उपयोग करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
    गर्भवती महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन न करें।
    स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी पहले विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
    किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति इसका सेवन डॉक्टर की निगरानी में ही करें।
    यदि भृंगराज के उपयोग के बाद एलर्जी, त्वचा पर खुजली, पेट दर्द या कोई अन्य परेशानी महसूस हो, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर डॉक्टर से संपर्क करें।
    निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन करने से बचें।

    भृंगराज आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी मानी जाती है। यह बालों की देखभाल के साथ-साथ पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में भी सहायक हो सकती है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बेहतर परिणाम और सुरक्षा के लिए इसका उपयोग हमेशा योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें।

  • कैसे बना आगरे का ‘पागलखाना’, क्यों हैं इतना मशहूर; जानिए इसका इतिहास..

    कैसे बना आगरे का ‘पागलखाना’, क्यों हैं इतना मशहूर; जानिए इसका इतिहास..

    कैसे बना आगरे का ‘पागलखाना’, क्यों हैं इतना मशहूर; जानिए इसका इतिहास..

    आगरा: आप सभी ने ताजमहल तो देखा होगा परंतु आगरे का पागलखाना नहीं देखा होगा. आखिर क्या वजह है कि आगरे का पागलखाना इतना मशहूर है? हमने इसके इतिहास के बारे में जानने की कोशिश की. आगरा ताजमहल, पेठा और जूते के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. पर क्या आप जानते हैं कि पहले इसे पागलखाने के नाम से जाना जाता था?

    अब मानसिक आरोग्यशाला कहिए
    आपको बता दें कि अब इसे मानसिक आरोग्यशाला के नाम से जाना जाता है. इसके निर्माण की कहानी भी एकदम अलग है. ऐसा कहा जाता है कि क्रांतिकारियों के विद्रोह के चलते एक अंग्रेज अफसर पागल हो गए. इसके साथ उस अंग्रेज अफसर को हैजा हो गया और उसकी मौत हो गई. इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया आगरा में मानसिक आरोग्यशाला का निर्माण कराया जाए.

    लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रेचल केल्विन विद्रोह से घबरा गया
    आगरा क्रांतिकारियों का गढ़ पहले से ही रहा है. 1857 की लड़ाई शुरू हो गई थी. झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबा दिए थे. इधर मेरठ में सैनिक विद्रोही हो गए थे और आगरा में भी विद्रोह के बादल गरज रहे थे. विद्रोह देख आगरा किले का प्रभारी और लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रेचल केल्विन पूरी तरह घबरा गया.

    केल्विन पागल हो गया
    क्रांतिकारियों की रणनीति से केल्विन पागल हो गया और उसकी दिमागी हालत खराब हो गई और फिर कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो जाती है. अंग्रेज अफसरों ने केल्विन को आगरा किले में ही दफना दिया. आज भी उसकी कब्र आगरा किले के दीवाने आम के सामने मौजूद है.

    कोलकाता में जन्मे कैल्विन
    केल्विन का जन्म 19 मई 1807 को कोलकाता में हुआ था. तब कोलकाता बंगाल प्रेसिडेंसी का हिस्सा था. केल्विन का परिवार एग्लो इंडियन मूल का था. केल्विन की पढ़ाई ईस्ट इंडिया कंपनी कॉलेज में हर्डफोटशायर से इंग्लैंड में हुई.

    क्वीन विक्टोरिया ने बनवाया अस्पताल
    मानसिक चिकित्सालय क्वीन विक्टोरिया ने बनवाया था. इतिहासकार राजकिशोर राज्य के मुताबिक क्रांतिकारियों के डर से घबराए अंग्रेज अफसरों ने कैल्विन को आगरा किला में दफना दिया. कब्र के पास एक ब्रिटिश जमाने की तोप भी रखी हुई है.

  • बाथरूम में आईना लगाने को लेकर क्या कहता है वास्तु? जानिए शुभ-अशुभ मान्यताएं..

    बाथरूम में आईना लगाने को लेकर क्या कहता है वास्तु? जानिए शुभ-अशुभ मान्यताएं..

    बाथरूम में आईना लगाने को लेकर क्या कहता है वास्तु? जानिए शुभ-अशुभ मान्यताएं..

    Bathroom Mirror Vastu: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का बाथरूम घर का एक ऐसा भाग होता है जहां पर सबसे ज्यादा नकारात्मक उर्जा का वास होता है. ये एक ऐसी जगह होती है जिसकी साफ-सफाई से लेकर अन्य लापरवाहियां बरती गईं तो तुरंत पूरे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है. ऐसे में जरूरी है कि बाथरूम को साफ रखा जाए और उससे जुड़े वास्तु नियमों का पालन किया जाए. जब बात बाथरूम से जुड़े वास्तु नियमों की आती है तो एक सवाल जरूर मन में आता है कि क्या घर के बाथरूम में आईना यानी शीशा लगाएं या नहीं.

    आजकल के घरों में जो बाथरूम बनाए जा रहे हैं उसमें विशेष रूप से शीशा या आईना लगवाया जा रहा है. मन में सवाल उठता है कि वास्तु अनुसार ऐसा करवाना शुभ या अशुभ है? आइए इस बारे में जानें और इससे जुड़े एक-एक वास्तु नियमों के बारे में भी जानें.

    बाथरूम में शीशा लगवाना सही या गलत

    वास्तु अनुसार, बाथरूम में शीशा लगवाना सही माना गया है. हालांकि अगर आप बाथरूम में शीशा लगवा रहे हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसे हमेशा साफ रखते हों और इसकी दिशा वास्तु के अनुसार सही हो. बाथरूम में शीशा लगाते समय किन वास्तु नियमों पर ध्यान देना सबसे ज्यादा जरूरी है, आइए इसे भी जान लें.

    बाथरूम में शीशा लगवाने की सही दिशा

    वास्तु शास्त्र अनुसार बाथरूम में शीशे को हमेशा सही दिशा में ही लगाएं. बथरूम में कभी भी उत्तर या पूर्व दिशा में शीशा कभी न लगाएं. ध्यान रहे कि  शीशे के कभी भी बाथरूम के प्रवेश द्वार के पास न लगाएं. ऐसे करने से पूरे घर में बाथरूम से नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है.

    बाथरूम में किस तरह का शीशा लगाएं

    बाथरूम में आयताकार या चौकोर शीशा लगवाना शुभ माना गया है. गोल या अंडाकार शीशा लगाने से बाथरूम में वास्तु दोष लग सकता है. आयताकार शीशा बाथरूम में सकारात्मकता बनाए रखता है.

    इन बातों का रखें ध्यान

    बाथरूम में लगा शीशा समय-समय पर साफ करते रहें. ध्यान रखें कि उस पर पानी के छीटें या किसी तरह का दाग न हो. गंदे शीशे में चेहरा देखकर दिन की शुरुआत करना अशुभ सिद्ध हो सकता है. इसके अलावा बाथरूम में टूटा शीशा कतई न लगाएं. इससे वास्तु दोष लगता है और बनता काम भी बिगड़ जाता है.

    शीशे की ऊंचाई

    बाथरूम में शीश लगवा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि शीशे की ऊंचाई ज्यादा न हो और न तो यह बहुत नीचे लगा हो. शीशा ऐसे लगवाएं कि उसमें आपका चेहरा पूरा दिखता हो. शीशे में आधा चेहरा दिखना अशुभ माना जाता है.

    (डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं.)

  • आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    Agra Murder: आगरा में फिल्म दृष्यम जैसे हुए मर्डर ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, पत्नी ने पति की हत्या कर उसका शव दफना दिया। फिर 46 दिन तक पुलिस को गुमराह करती रही। पत्नी रूबी के घर का बाथरूम करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है। उसी के फर्श के नीचे से पुलिस ने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। नींद की गोलियां खीर में देकर पत्नी हत्या तो अकेले कर सकती है लेकिन अकेले शव ठिकाने नहीं लगा सकती। पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है।

    पुलिस ही नहीं मोहल्ले वालों और परिजनों के जेहन में भी कई सवाल हैं। जिनके जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। रूबी ने बताया कि खीर में नींद की गोलियां दी थीं जिससे पति मर गया। 18 जून की सुबह पति का शव पलंग पर था। सास और बेटियां वायु विहार जेठ के घर चली गईं। उसने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई। बाथरूम का फर्श तोड़ा। शव को घसीटते हुए बाथरूम में लेकर आई। शव को बाथरूम में लिटाया। ऊपर से नमक फिर मिट्टी डाली और आखिर में उसे समतल किया।19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर कराया। यहां तक कि एक दिन में फर्श सूख गया। इसके एक दिन बाद पतनी खुद जेठ के घर गई और बताया कि पति चार दिन से घर पर नहीं हैं, पता नहीं कहां चले गए।

    रूबी की बात सुनकर पुलिस फिर भी असमंजस में है। यह मानकर चल रही है कि इस वारदात में कोई न कोई और शामिल रहा होगा। रूबी ने पूछताछ में यह बताया कि नींद की गोलियां उसकी सास खाती हैं। पति भी खाया करते थे। इसलिए नींद की गोलियां घर में ही मौजूद थीं। पति से परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। शव को इसलिए छिपाया ताकि जेल नहीं जाना पड़े। बेटियों की अकेले देखभाल कर सकते। इससे पहले जब भी पत्नी ने पति को मारा है तो इसके पीछे अवैध संबंधों का मामला निकला है। इसलिए पुलिस इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।

    इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

    16 नींद की गोलियां खाने से किसी की मौत हो सकती है क्या। ऐसा तो नहीं पत्नी ने गला भी दबाया हो।

    बाथरूम दस फीट लंबा और करीब साढ़े चार फीट चौड़ा है। आखिर में इंडियन सीट करीब आठ इंच ऊंचाई पर लगी थी। शेष बाथरूम का फर्श नीचा था।

    शव को उस हिस्से में दफनाया गया जहां परिजन नहाया करते थे। पहले से पक्का फर्श था। उसे तोड़ा गया। करीब आधा फीट खुदाई की गई। शव दफनाया गया। उसके बाद मिट्टी डाली गई।

    सवाल यह उठ रहा है कि यह सब कुछ अकेले रूबी ने कैसे कर लिया। मिस्त्री ने तो सिर्फ सीमेंट किया था।

    बाथरूम में सीमेंट से पहले लेवल चेक किया जाता है। ताकि पानी की निकासी में दिक्कत न हो। रूबी यह कैसे कर सकती है।

    सुरेंद्र शर्मा की लंबी और वजन कितना था। शव को बाथरूम में बिना गड्ढा खोदे दफनाया नहीं जा सकता।

  • फिल्मों जैसा स्टंट पड़ा महंगा! कोबरा के जहर ने पति-पत्नी दोनों को पहुंचाया वेंटिलेटर पर..

    फिल्मों जैसा स्टंट पड़ा महंगा! कोबरा के जहर ने पति-पत्नी दोनों को पहुंचाया वेंटिलेटर पर..

    फिल्मों जैसा स्टंट पड़ा महंगा! कोबरा के जहर ने पति-पत्नी दोनों को पहुंचाया वेंटिलेटर पर..

    पति-पत्नी का रिश्ता अक्सर मुश्किल वक्त में सबसे बड़ी ताकत बन जाता है. जब किसी अपने की जान पर बन आए, तो इंसान बिना सोचे-समझे उसे बचाने की हर संभव कोशिश करता है. लेकिन कई बार भावनाओं में उठाया गया एक कदम खुद की जान को भी खतरे में डाल देता है.

    चीन के युन्नान प्रांत से सामने आई एक ऐसी ही घटना इन दिनों चर्चा में है. इसमें बताया जा रहा है कि खेत में काम कर रहे एक किसान को कोबरा ने काट लिया. पति की हालत बिगड़ती देख उसकी पत्नी घबरा गई और उसने वही तरीका अपनाया, जो उसने फिल्मों और टीवी सीरियल्स में देखा था. उसने जख्म पर मुंह लगाकर जहर चूसने की कोशिश शुरू कर दी. लेकिन कुछ घंटों बाद उसकी भी तबीयत बिगड़ने लगी और आखिरकार उसे भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

    खेत में काम करते समय हुआ हादसा

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन का यह किसान अपने खेत में काम कर रहा था. इसी दौरान अचानक एक जहरीले कोबरा ने उसकी उंगली पर काट लिया. सांप के काटते ही उसकी उंगली तेजी से सूजने लगी. कुछ ही देर में उसे चक्कर आने लगे और पूरे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगी. परिवार के लोगों ने जब उसकी हालत देखी, तो घबरा गए. इसी बीच उसकी पत्नी ने बिना समय गंवाए पति को बचाने की कोशिश शुरू कर दी.

    फिल्मों वाला तरीका पड़ा भारी

    पति की हालत देखकर महिला को फिल्मों में देखा गया एक सीन याद आ गया. उसने सोचा कि अगर जहर मुंह से निकाल दिया जाए, तो पति बच जाएगा. उसने अपने पति के जख्म पर मुंह लगाकर लगातार जहर चूसने की कोशिश शुरू कर दी. उस समय उसे लगा कि वह सही काम कर रही है, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग थी. परिवार वाले किसान को तुरंत अस्पताल ले गए, जबकि महिला खुद को पूरी तरह ठीक समझ रही थी.

    कुछ घंटों बाद पत्नी की भी बिगड़ गई हालत

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, शुरुआत में महिला को कोई परेशानी महसूस नहीं हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद उसके मुंह, जीभ और चेहरे में सुन्नपन शुरू हो गया. धीरे-धीरे उसके हाथ-पैर भी सुन्न पड़ने लगे और अगले दिन उसकी कमजोरी इतनी बढ़ गई कि उसे भी अस्पताल ले जाना पड़ा. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला भी कोबरा के जहर की चपेट में आ चुकी थी. इसके बाद पति-पत्नी दोनों का एंटी-वेनम और दूसरी जरूरी दवाओं से इलाज शुरू किया गया. इलाज के कुछ दिनों बाद दोनों की हालत में सुधार आया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

    डॉक्टरों ने बताया क्यों खतरनाक है यह तरीका

    इलाज करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि आज भी बहुत से लोग यह मानते हैं कि सांप का जहर मुंह से चूसकर बाहर निकाला जा सकता है, जबकि यह पूरी तरह गलत धारणा है. डॉक्टरों के अनुसार, मुंह के अंदर बहुत बारीक खून की वाहिकाएं होती हैं. अगर जहर इनके संपर्क में आ जाए, तो वह सीधे शरीर के अंदर पहुंच सकता है. यही वजह रही कि पति को बचाने की कोशिश कर रही महिला खुद भी जहरीले असर का शिकार हो गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांप का जहर शरीर में बहुत तेजी से फैलता है. ऐसे में उसे मुंह से निकाल पाना लगभग नामुमकिन होता है.

    जख्म काटना या बर्फ लगाना भी नहीं है सही

    डॉक्टरों ने यह भी साफ किया कि सांप काटने के बाद जख्म को ब्लेड या चाकू से काटना भी गलत तरीका है. ऐसा करने से ज्यादा खून बह सकता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इसी तरह जख्म पर आग लगाना, गर्म चीज रखना या बर्फ लगाना भी नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसे घरेलू उपाय मरीज की हालत और ज्यादा खराब कर सकते हैं.

    सांप काट ले तो क्या करें?

    डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो सबसे पहले घबराने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद बुलानी चाहिए. मरीज को जितना हो सके शांत रखें और कम से कम हिलने-डुलने दें, जिससे जहर शरीर में तेजी से न फैले. अगर सुरक्षित हो, तो सांप का रंग, शरीर पर बने निशान या उसकी फोटो डॉक्टरों के लिए मददगार साबित हो सकती है. इससे यह पहचानने में आसानी होती है कि किस प्रजाति के सांप ने काटा है और कौन-सी एंटी-वेनम दवा देनी होगी.

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    चीन में जहरीले सांपों के काटने की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. इसी साल मई में गुआंगडोंग प्रांत में एक 14 वर्षीय छात्र को स्कूल परिसर में किसी जहरीले जीव ने काट लिया था. शुरुआत में उसने इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया. लेकिन कुछ घंटों बाद उसके हाथ-पैर सुन्न होने लगे और उसे धुंधला दिखाई देने लगा. समय रहते अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने एंटी-वेनम देकर उसकी जान बचा ली. डॉक्टरों का कहना था कि अगर इलाज में थोड़ी और देर हो जाती, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी.

    सोशल मीडिया पर भी हुई चर्चा

    युन्नान की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. कई लोगों ने लिखा कि फिल्मों और टीवी में दिखाए जाने वाले हर तरीके को असल जिंदगी में अपनाना सही नहीं होता. वहीं, कुछ लोगों ने महिला के साहस की भी तारीफ की. उनका कहना था कि उसने अपने पति की जान बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की. हालांकि, डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि ऐसी स्थिति में भावनाओं से नहीं, बल्कि सही मेडिकल सलाह के मुताबिक कदम उठाना चाहिए. क्योंकि सांप काटने के बाद कुछ मिनटों की सही कार्रवाई ही किसी की जान बचा सकती है.

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI का बड़ा ऑपरेशन, MES अधिकारी 93 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया..

    भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI का बड़ा ऑपरेशन, MES अधिकारी 93 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया..

    भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI का बड़ा ऑपरेशन, MES अधिकारी 93 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया..

    शिमला। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) शिमला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर केके सोनी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी को 93 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी केके सोनी ने एक ठेकेदार से उसके लंबित बिलों को पास करने के एवज में इस रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर ठेकेदार ने मामले की शिकायत सीबीआई से कर दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सीबीआई की टीम ने एक विशेष ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। रणनीति के तहत, जैसे ही आरोपी ने ठेकेदार से 93 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम ने उसे दबोच लिया।

    भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अहम कार्रवाई को सीबीआई शिमला के पुलिस अधीक्षक राजेश चहल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। इस विशेष टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित पाल और उप पुलिस अधीक्षक गोविंद सोलंकी सहित कई अन्य अधिकारी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • मालकिन के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर खुद को बचाने की कोशिश, इंस्टाग्राम रील ने खोल दी चोरी की कहानी..

    मालकिन के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर खुद को बचाने की कोशिश, इंस्टाग्राम रील ने खोल दी चोरी की कहानी..

    मालकिन के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर खुद को बचाने की कोशिश, इंस्टाग्राम रील ने खोल दी चोरी की कहानी..

    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से चोरी का एक ऐसा अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। दून आईटी पार्क इलाके में रहने वाली एक महिला के घर से करीब एक साल पहले लाखों रुपये के हीरे और सोने के जेवरात गायब हो गए थे। शातिर नौकरानी ने चोरी करने के बाद मालकिन का भरोसा जीतने के लिए ऐसा ड्रामा रचा कि किसी को उस पर शक ही नहीं हुआ। लेकिन कहते हैं न कि चोर चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई गलती कर ही बैठता है। इस मामले में भी नौकरानी का सोशल मीडिया का शौक और रील (Instagram Reel) बनाने का भूत उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गया। मालकिन ने जब नौकरानी की रील और व्हाट्सऐप स्टेटस देखा, तो उनके होश उड़ गए नौकरानी उन्हीं के चोरी हुए कीमती गहने पहनकर ठुमके लगा रही थी।

    एक साल पहले हुई थी वारदात, शक होने पर नौकरानी ने खेला ‘इमोशनल कार्ड’

    पुलिस को दी गई शिकायत में सिक्का किमाया ग्रीन, दून आईटी पार्क की रहने वाली नितिशा वत्स ने बताया कि करीब एक साल पहले जब वह जाखन के दून रिपब्लिक अपार्टमेंट में रहती थीं, तब उनके घर से दो हीरा जड़ित अंगूठियां, एक सोने की चेन और एक कीमती हीरा जड़ित पेंडेंट अचानक गायब हो गए थे। नितिशा को शुरुआत में अपनी घरेलू सहायिका (नौकरानी) विमला देवी पर शक हुआ था। जब उन्होंने विमला से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बड़े ही मासूम चेहरे के साथ चोरी की बात से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने उल्टा मालकिन को ही पुलिस में शिकायत करने की सलाह दे डाली और खुद नितिशा के साथ पुलिस चौकी तक गई ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो। विमला के इस झांसे में आकर मालकिन को लगा कि वह बेकसूर है।

    व्हाट्सऐप स्टेटस और इंस्टाग्राम रील ने खोल दी पोल

    नौकरानी के इस शातिर व्यवहार के चलते नितिशा का विश्वास उस पर पक्का हो गया और वह अपने ही घर के कोने-कोने में गहने तलाशती रहीं। समय बीतता गया और मामला शांत हो गया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट 29 जून की सुबह आया। नितिशा ने जैसे ही विमला देवी का व्हाट्सऐप स्टेटस और उसकी इंस्टाग्राम रील देखी, वह दंग रह गईं। विमला रील में जिन गहनों को पहनकर वीडियो बना रही थी, वे हूबहू नितिशा के वही जेवरात थे जो साल भर पहले चोरी हुए थे। चोरी का पक्का सबूत मिलते ही नितिशा तुरंत जाखन पुलिस चौकी पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। राजपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर चोर नौकरानी की तलाश शुरू कर दी।

    एसएसपी के निर्देश पर बनी टीम, ₹10 लाख के जेवरात के साथ आरोपी गिरफ्तार

    मामले के सोशल मीडिया से जुड़ने और हाईप्रोफाइल होने के कारण देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और शुक्रवार को पुलिस ने जोहड़ी रोड के पास से आरोपी महिला विमला देवी को घेराबंदी करके दबोच लिया। महिला की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया एक शानदार हीरे का हार, सोने का लॉकेट, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने का पेंडल और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। बरामद किए गए इन सभी शाही आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।

    लॉकर देखकर आया था लालच, महंगे होने के कारण बेच नहीं पाई गहने

    पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी विमला देवी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां की। उसने बताया कि वह नितिशा के घर में झाड़ू-पोछा और सफाई का काम करती थी। इस दौरान उसने कई बार घर के लॉकर में रखे हुए महंगे और चमकदार आभूषण देखे थे, जिससे उसके मन में लालच आ गया। मौका मिलते ही उसने बड़ी चालाकी से लॉकर साफ कर दिया और मालकिन को झांसे में रखा। विमला ने यह भी कुबूला कि उसने इन जेवरातों को बाजार में बेचने की कई बार कोशिश की, लेकिन हीरे के बेहद कीमती और विशिष्ट आभूषण होने के कारण कोई भी सुनार उन्हें खरीदने को तैयार नहीं हुआ। विमला देवी (मूल निवासी लखीमपुर खीरी, यूपी; हाल निवासी बापू नगर, जाखन) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। वहीं, इस अनोखे मामले का त्वरित खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी देहरादून ने 2,500 रुपये का नकद पुरस्कार देने का एलान किया है।