Blog

  • बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े..

    बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े..

    जयपुर : जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में झाड़ियों के पीछे पड़ा वो प्लास्टिक का कट्टा सिर्फ एक सड़ती हुई लाश को नहीं छुपा रहा था, बल्कि खून से सने उस खौफनाक सच को भी दबाए बैठा था, जिसने रिश्तों के ताने-बाने को तार-तार कर दिया. 75 साल के बुजुर्ग जगदीश जाट को शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि जिस घर को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, वही घर उनकी कब्र की वजह बनेगा. जब पुलिस ने कट्टे को खोला, तो भीतर पड़े सड़ चुके शव और उससे उठती बदबू ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. लेकिन सांगानेर सदर पुलिस की तीखी नजरों से वो मुजरिम बच न सके, जिन्होंने इस खूनी खेल की पटकथा लिखी थी.

    दोपहर के करीब साढ़े तीन बजे जब राहगीरों ने झाड़ियों के पीछे से एक अजीब सी सड़न भरी बदबू महसूस की, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब प्लास्टिक के बोरे को काटा, तो उसमें 75 वर्षीय जगदीश जाट का शव मिला. लाश की हालत देखकर साफ लग रहा था कि कत्ल कई दिन पहले किया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब परिवार वालों को मौके पर बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और पुत्र सवाईराम जाट के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं. उनके चेहरे पर गम की जगह एक अजीब सा डर और हड़बड़ाहट साफ दिखाई दे रही थी. पुलिस उपायुक्त-दक्षिण राजर्षि राज की सतर्क टीम ने दोनों के इन संदिग्ध हाव-भावों को भांप लिया और बिना देर किए उन्हें हिरासत में ले लिया.

    शराब की लत और घर की कलह का खूनी अंत

    थाने के कड़े पहरे में जब पुलिस ने सजना देवी और सवाईराम से अलग-अलग पूछताछ शुरू की, तो दोनों ज्यादा देर तक झूठ के पुलिंदे के पीछे नहीं छिप सके. कड़ाई से हुई पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि मृतक जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और आए दिन घर में क्लेश और मारपीट करता था. रोज-रोज के इस झगड़े से तंग आकर मां-बेटे ने मिलकर जगदीश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया. उन्होंने मौका पाकर 18 अगस्त की शाम जब शराब के नशे में विवाद हुआ, तो पत्नी सजना देवी (70) और छोटे बेटे सवाईराम जाट (40) ने मिलकर पहले जगदीश का गला दबाया. फिर भी सांसें चलती देख कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली से वार कर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद आरोपी बेटा सवाईराम शव को घसीटकर बाथरूम में ले गया. उसने कुल्हाड़ी से पिता के हाथ और गर्दन काटने का प्रयास किया. जब कुल्हाड़ी से अंग नहीं कटे तो उसने रसोई से चाकू और दांतली लाकर धड़ व हाथ अलग-अलग काट डाले. 19 अगस्त को पूरा दिन और रात शव घर में ही पड़ा रहा. बेटा रातभर लाश के साथ रहकर उसके टुकड़े करता रहा.

    कैब चालक की सतर्कता से खुली कत्ल की परतें

    20 अगस्त को तड़के करीब 3:30 बजे सवाईराम कट्टे में भरे शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुलाकर ले जाने की फिराक में था. लेकिन कट्टे से आती तेज बदबू के कारण टैक्सी चालक को अनहोनी की आशंका हुई और उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी. सूचना मिलते ही सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा की टीम मौके पर पहुंची. पानी की टंकी के पास खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच प्लास्टिक के कट्टे में बंद जगदीश चौधरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. पुलिस ने जब परिजनों को बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट के चेहरे के हाव-भाव देखकर पुलिस को तुरंत शक हो गया. डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा के निर्देशन में जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और रोज-रोज के क्लेश व प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया.

    टोंक में बहू की हत्या में भी जेल जा चुका है पूरा परिवार

    इस अंधे कत्ल की जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि यह परिवार पहले से ही खूनी वारदातों में शामिल रहा है. आरोपी सजना देवी और सवाईराम जाट वर्ष 2024 (टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र) में अपनी ही बहू की हत्या के मामले में जेल जा चुके थे. इस संगीन वारदात में मृतक जगदीश, उसकी पत्नी, दोनों बेटे (सवाईराम और रामअवतार) शामिल थे. पूरा परिवार करीब चार महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था, जबकि बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी जेल में ही बंद है. जमानत पर बाहर आते ही मां-बेटे ने मिलकर घर के मुखिया की ही बलि चढ़ा दी. सांगानेर सदर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

  • कैसे करें तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा का पाठ..?

    कैसे करें तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा का पाठ..?

    गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी. हनुमान जी के भक्त रोजाना या खासकर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करते हैं. हनुमान जी की भक्ति और चालीसा का पाठ करने वाले लोगों को हनुमान चालीसा पढ़ने के दौरान कई नियमों का ध्यान रखना चाहिए. हनुमान चालीसा का पाठ करने के नियमों के बारे में जानते हैं.

    हनुमान चालीसा का पाठ करने के नियम

    हनुमान चालीसा का पाठ साफ और स्वच्छ स्थान पर बैठकर करना चाहिए. शुद्धता और पवित्रता का खास ध्यान रखना चाहिए. सुबह या शाम के समय चालीसा का पाठ करना अधिक फलदायी होता है. स्नान कर साफ लाल रंग के वस्त्र पहनकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर और प्रतिमा के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर चालीसा का पाठ करें. चालीसा का पाठ करने के साथ ही हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं. भक्त 5, 7, या 11 बार चालीसा का पाठ करें.

    श्रीगुरु चरन सरोज रज , निजमन मुकुरु सुधारि।
    बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।
    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
    बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

    चौपाई

    —विज्ञापन—

    जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
    जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
    राम दूत अतुलित बल धामा।
    अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
    महाबीर बिक्रम बजरंगी।
    कुमति निवार सुमति के संगी।।
    कंचन बरन बिराज सुबेसा।
    कानन कुण्डल कुँचित केसा।।
    हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे।
    कांधे मूंज जनेउ साजे।।
    शंकर सुवन केसरी नंदन।
    तेज प्रताप महा जग वंदन।।
    बिद्यावान गुनी अति चातुर।
    राम काज करिबे को आतुर।।
    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
    राम लखन सीता मन बसिया।।
    सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
    बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
    भीम रूप धरि असुर संहारे।
    रामचन्द्र के काज संवारे।।
    लाय सजीवन लखन जियाये।
    श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।
    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
    तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
    सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
    अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।
    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
    नारद सारद सहित अहीसा।।
    जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
    कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
    राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
    तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
    लंकेश्वर भए सब जग जाना।।
    जुग सहस्र जोजन पर भानु।
    लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
    प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
    जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
    दुर्गम काज जगत के जेते।
    सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
    राम दुआरे तुम रखवारे।
    होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
    सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
    तुम रच्छक काहू को डर ना।।
    आपन तेज सम्हारो आपै।
    तीनों लोक हांक तें कांपै।।
    भूतपिसाच निकट नहिं आवै।
    महाबीर जब नाम सुनावै।।
    नासै रोग हरे सब पीरा।
    जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।
    संकट तें हनुमान छुड़ावै।
    मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
    सब पर राम तपस्वी राजा।
    तिन के काज सकल तुम साजा।।
    और मनोरथ जो कोई लावै।
    सोई अमित जीवन फल पावै।।
    चारों जुग परताप तुम्हारा। है
    परसिद्ध जगत उजियारा।।
    साधु संत के तुम रखवारे।
    असुर निकन्दन राम दुलारे।।
    अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता।
    अस बर दीन जानकी माता।।
    राम रसायन तुम्हरे पासा।
    सदा रहो रघुपति के दासा।।
    तुह्मरे भजन राम को पावै।
    जनम जनम के दुख बिसरावै।।
    अंत काल रघुबर पुर जाई।
    जहां जन्म हरिभक्त कहाई।।
    और देवता चित्त न धरई।
    हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
    संकट कटै मिटै सब पीरा।
    जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
    जय जय जय हनुमान गोसाईं।
    कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
    जो सत बार पाठ कर कोई।
    छूटहि बन्दि महा सुख होई।।
    जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
    होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
    तुलसीदास सदा हरि चेरा।
    कीजै नाथ हृदय महं डेरा।।

    दोहा

    पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
    राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

    डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है.

  • वृंदावन में आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में की गई थी संत राघवदास की हत्या, गांव पहुंचा शव..

    वृंदावन में आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में की गई थी संत राघवदास की हत्या, गांव पहुंचा शव..

    Featured Image

    जनपद मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र स्थित अटल्ला चुंगी स्थित प्रेम कुटी आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर घार निवासी संत राघवदास उर्फ राजकुमार (57) की चाकू से गोदकर हुई नृशंस हत्या और पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार देर शाम गांव पहुंचा।

    शव देखकर छोटे भाई अमित कुमार, कल्याण सिंह, भानु प्रताप, बहनें ज्योति, लक्ष्मी, पूजा, खुशबू और वृद्ध मां राजकुमारी सभी रोने विलखने लगे।

    स्वजन के अनुसार संत राघवदास पिछले नौ वर्षों से प्रेम कुटी आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे थे, उनका परिवार गांव में रहता है। आरोप लगाया कि आश्रम पर कब्जा करने की नियत से लवेदी क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर निवासी एक साधु और तीन अन्य लोगों ने 17 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे आश्रम में घुसकर संत राघवदास से मारपीट की थी। यह जानकारी राघवदास ने फोन पर भाई भानु प्रताप को दी थी।

    स्वजन ने बताया कि 18 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे आरोपितों ने दोबारा आकर राघवदास पर हमला कर दिया और शरीर में नौ से दस जगह चाकू से वार कर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर गांव से 20 से 25 लोग वृंदावन पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव उनके घर के लिए भेज दिया था। घटना के बाद सभी हत्यारोपित फरार हो गए।

    भाई भानू प्रताप की तहरीर पर कोतवाली वृंदावन में तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर का साधु है। अन्य आरोपित वृंदावन के बताए जा रहे हैं। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे गांव में शोक की लहर है।

  • मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार..

    मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार..

    Featured Image

    घटना गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है जब बच्चे के दादा-दादी काम पर निकले हुए थे। बच्चे के दादा की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपित महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।

    पारिवारिक विवाद की बात

    आरोपित महिला की पहचान अखिलेश राम की 25 वर्षीय पत्नी आरती कुमारी के रूप में की गई है। बच्चे के दादा कैलाश राम के अनुसार उनके पुत्र अखिलेश की शादी सात वर्ष पूर्व सोढ़ना माधोपुर निवासी आरती से हुई थी।

    अखिलेश पंजाब में मजदूरी करता है और दोनों पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।

    गाछी में दिया जहर

    परिजनों का कहना है कि महिला पंद्रह दिन पहले मायके गई थी और बुधवार को ही ससुराल लौटी थी। गुरुवार दोपहर वह घर से 200 मीटर दूर गाछी में बच्चे को लेकर गई और बिस्किट में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया।

    मासूम आर्यन की हालत बिगड़ने पर महिला के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

    एफएसएल टीम ने की जांच

    थानाध्यक्ष अंजलि कुमारी ने बताया कि घटनास्थल से जहर की शीशी और बिस्किट का पैकेट बरामद किया गया है। सूचना मिलने के बाद एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है जहां जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

  • बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई…! फिर शुरू होता था ठगी का खेल, बेरोजगारों से ऐसे ऐंठते थे हजारों रुपये..

    बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई…! फिर शुरू होता था ठगी का खेल, बेरोजगारों से ऐसे ऐंठते थे हजारों रुपये..

    नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अक्सर फर्जी कॉल और ऑफर का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। प्रतिष्ठित जॉब पोर्टलों के नाम का इस्तेमाल कर एक गिरोह लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।

    मामले का खुलासा साइबर क्राइम पुलिस की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए गए।

    नामी जॉब पोर्टलों के नाम पर करते थे संपर्क

    जांच में पता चला कि आरोपी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन करके बताया जाता था कि उनके लिए नौकरी का ऑफर आया है। बातचीत के दौरान आरोपियों की तरफ से खुद को नौकरी दिलाने वाली कंपनी या एजेंसी से जुड़ा बताया जाता था।

    इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी मनी और ऑफर लेटर जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। बेरोजगार युवक नौकरी की उम्मीद में आरोपियों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर देते थे।

    पैसे मिलते ही ठग अपना मोबाइल बंद कर देते या पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। इस तरह नौकरी की उम्मीद लेकर फोन उठाने वाले लोगों को कुछ ही देर में हजारों रुपये का चूना लग जाता था।

    एक पीड़ित से 22 हजार रुपये से ज्यादा की ठगी

    पुलिस की पूछताछ में एक मामले का भी पता चला, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 22,480 रुपये वसूले गए थे। साइबर अपराध से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में रहने वाले नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बना रहा था।

    महिलाओं की भी थी भूमिका

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। वे कॉल सेंटर की तरह लोगों से बातचीत करती थीं और नौकरी के नाम पर उन्हें भरोसे में लेने की कोशिश करती थीं।

    पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम जुटाई।

    नौकरी के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर नौकरी के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगने वालों की अच्छी तरह जांच करें।

    अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को ट्रेस करने और कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।

  • रेस्टोरेंट में प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, परिजन पहुंचे तो मचा बवाल, मारपीट में कई लोग घायल..

    रेस्टोरेंट में प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, परिजन पहुंचे तो मचा बवाल, मारपीट में कई लोग घायल..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात अचानक बड़े विवाद में बदल गई थी। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने एक रेस्टोरेंट पहुंचा था। दोनों बातचीत कर ही रहे थे कि युवती के परिजन और उसका भाई वहां पहुंच गए। इसके बाद रेस्टोरेंट में हंगामा शुरू हो गया।

    बताया गया था कि मामला चांदपुर के एक बाजार स्थित रेस्टोरेंट का था। युवक और युवती एक टेबल पर बैठे थे, तभी युवती के परिजन वहां पहुंच गए। आरोप है कि परिजनों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में रेस्टोरेंट का माहौल पूरी तरह बदल गया और वहां चीख-पुकार मच गई।

    घटना के दौरान रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान युवती के परिजनों और रेस्टोरेंट पक्ष के लोगों के बीच भी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।

    बताया गया था कि झगड़े के दौरान लाठी-डंडे और लोहे की सरिया तक इस्तेमाल किए गए। मारपीट में युवती पक्ष के तीन और रेस्टोरेंट पक्ष के दो लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

    घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। कई व्यापारी रेस्टोरेंट संचालक के समर्थन में थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी थी। उस समय किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना था कि तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • 65 किलोमीटर दूर प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, ग्रामीणों ने पकड़ा तो मंदिर में करा दी शादी..

    65 किलोमीटर दूर प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, ग्रामीणों ने पकड़ा तो मंदिर में करा दी शादी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेम कहानी ने पूरे इलाके में खूब चर्चा बटोरी थी। करीब पांच साल से एक-दूसरे को जानने वाले युवक और युवती की मुलाकात उस वक्त यादगार बन गई, जब प्रेमिका से मिलने करीब 65 किलोमीटर दूर पहुंचे युवक को ग्रामीणों और परिजनों ने पकड़ लिया।

    बताया गया था कि युवक सावन शिवरात्रि के मौके पर लगे मेले में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। दोनों काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। मेला खत्म होने के बाद युवक प्रेमिका को उसके घर छोड़ने जा रहा था, तभी ग्रामीणों और परिवार के लोगों की नजर दोनों पर पड़ गई।

    दोनों को साथ देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के परिवार भी वहां पहुंच गए। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली।

    करीब ढाई घंटे तक चली पंचायत के बाद दोनों परिवारों की सहमति से युवक और युवती की शादी कराने का फैसला लिया गया। इसके बाद गांव के शिव मंदिर में दोनों का विवाह कराया गया। पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी की रस्में पूरी हुईं और दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।

    बताया गया था कि दोनों की प्रेम कहानी करीब पांच साल पहले शुरू हुई थी। एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद मुलाकातों और बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

    आखिरकार, जिस रिश्ते को दोनों लंबे समय से परिवार और गांव वालों से छिपाकर निभा रहे थे, उसका अंत शादी के साथ हुआ। मंदिर में हुई इस शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं।

  • किन लोगों को सुबह उठकर गर्म पानी पीना चाहिए और किन लोगों को ठंडा ? योगा एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका और सावधावनियां..

    किन लोगों को सुबह उठकर गर्म पानी पीना चाहिए और किन लोगों को ठंडा ? योगा एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका और सावधावनियां..

    Featured Image

    दिन की शुरुआत एक गिलास पानी से करना सेहत के लिए हमेशा से फायदेमंद माना जाता रहा है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक साइंस तक, खाली पेट पानी पीने को फायदेमंद मानता है। साइंस के मुताबिक सुबह खाली पेट पानी पीने से बॉडी डिटॉक्स होती है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। कुछ लोग सुबह उठकर 12 महीने गर्म पानी पीते हैं तो कुछ लोग ठंडा पानी पीते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि सुबह उठकर हर किसी के लिए ठंडा और गर्म पानी पीने के फायदे बराबर हैं क्या? दरअसल, हर इंसान के शरीर की प्रकृति और उसकी शारीरिक जरूरतें अलग-अलग होती हैं। अक्सर लोग बिना अपनी बॉडी टाइप जैसे पित्त, वात या कफ को समझे केवल सुनी-सुनाई बातों पर सुबह-सुबह खौलता हुआ गर्म पानी पीना शुरु कर देते हैं तो कुछ लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना शुरू कर देते हैं, जो फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।

    आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया गर्म पानी जहां किसी के शरीर को ठीक कर देता है तो वहीं किसी दूसरे के शरीर में एसिडिटी,पेट में जलन और अपच जैसी घटनाओं को बढ़ा देता है। योग गुरु के मुताबिक अपने शरीर की स्थिति को समझ कर सुबह पानी का सेवन करना जरूरी है और सुबह उठकर प्राणायाम करना भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि सेहत और लाइफस्टाइल के हिसाब से पानी का सही तापमान क्या होना चाहिए और इसे पीते समय किन-किन सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ।

    सुबह उठते ही कैसा पानी पिएं?

    सुबह उठकर पानी पीना शरीर में रातभर हुई सामान्य फ्लूइड लॉस की भरपाई करने का आसान तरीका है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए पानी का तापमान एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सामान्य स्वस्थ व्यक्ति अपनी पसंद और आराम के अनुसार कमरे के तापमान वाला या हल्का गुनगुना पानी पी सकता है। बहुत गर्म या बहुत ठंडा पानी पीना जरूरी नहीं है।

    किन लोगों को ठंडा पानी पीना चाहिए?

    योग गुरु के मुताबिक अगर एक हेल्दी इंसान ठंडा पानी आसानी से पचा और सहन कर पाता है, तो उसे नॉर्मल पानी पी सकता है। ऐसा जरूरी नहीं है कि गर्मियों में हर व्यक्ति के लिए ठंडा पानी नुकसानदायक होता है। योग गुरु ने बताया बहुत ठंडा पानी कुछ लोगों में दांतों की संवेदनशीलता, गले में असहजता या सिर में अचानक दर्द जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए तापमान का चुनाव व्यक्ति की सहनशीलता पर निर्भर करता है।

    किन लोगों को सुबह गुनगुना पानी पीना चाहिए?

    जिन लोगों को सुबह ठंडा पानी पीने से असहजता होती है, वे हल्का गुनगुना पानी ले सकते हैं। कब्ज वाले लोगों में पर्याप्त पानी पीना मल को नरम रखने और bowel movement को आसान बनाने में मदद कर सकता है। गर्म पानी का सेवन करने से ना सिर्फ कब्ज की समस्या में राहत मिलती है बल्कि वजन कंट्रोल करना भी आसान होता है।

    कौन-कौन सी बीमारियों में गर्म पानी से करें परहेज

    बाबा रामदेव ने बताया जिन लोगों को एसिडिटी और गैस की दिक्कत होती है उन्हें सुबह खाली पेट गर्म पानी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। ऐसे लोग सामान्य तापमान या हल्का गुनगुना पानी अपनी सुविधा के अनुसार ले सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत अधिक मात्रा में पानी एक साथ पीने के बजाय दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहतर है। अगर बार-बार एसिडिटी होती है, तो केवल पानी के तापमान पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारणों की जांच करना भी जरूरी है।

    पानी पीने का सही तरीका क्या है?

    आयुर्वेद के मुताबिक पानी पीने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। आयुर्वेद खड़े होकर पानी पीने के लिए मना करता है। आयुर्वेद के मुताबिक खड़े होकर पानी पीने से घुटनों या जोड़ों में दर्द होता है, या फिर शरीर में ‘वात विकृत’ हो जाता है। आप जब भी पानी पिएं तो बैठकर पिएं। आराम से बैठकर धीरे-धीरे पानी पीना ठीक है। सबसे जरूरी बात है कि पानी को बहुत तेजी से या जबरदस्ती ज्यादा मात्रा में नहीं पिएं।

    सुबह कितना पानी पीना चाहिए?

    सुबह उठकर जरूरी नहीं है कि आप बोतल भरकर या फिर तीन चार गिलास पानी का सेवन करें। आप सुबह उठकर एक से दो गिलास पानी पी सकते हैं। पानी की रिक्वायरमेंट प्यास, मौसम, शारीरिक गतिविधि और दिनभर के कुल fluid intake के अनुसार बदलती रहती है। एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय दिनभर नियमित रूप से पानी पीना बेहतर है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। पानी के तापमान और सेवन की मात्रा हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और मौसम के अनुसार अलग हो सकती है। किसी बीमारी के इलाज या वजन कम करने के लिए केवल गर्म या ठंडे पानी पर निर्भर न रहें। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या लगातार लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह ले।

  • कब होगी पितृपक्ष की शुरुआत? जानिए श्राद्ध और तर्पण की सभी तिथियां और महत्व…

    कब होगी पितृपक्ष की शुरुआत? जानिए श्राद्ध और तर्पण की सभी तिथियां और महत्व…

    Pitru Paksha 2026 Date: हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बहुत ही खास महत्व होता है. पितृपक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध करने और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है. पितृपक्ष का आरंभ हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से होता है. इसका समापन आश्विन माह की अमावस्या पर होता है. पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष का आरंभ 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा के दिन होगा. इसका समापन 10 अक्टूबर को आश्विन अमावस्या को पितृपक्ष का समापन हो जाएगा.

    पितृपक्ष की तिथियां (Pitru Paksha Dates)

    26 सितंबर, 2026 – शनिवार पूर्णिमा श्राद्ध
    27 सितंबर, 2026 – रविवार प्रतिपदा श्राद्ध
    28 सितंबर, 2026 – सोमवार द्वितीया श्राद्ध
    29 सितंबर, 2026 – मंगलवार तृतीया श्राद्ध
    30 सितंबर, 2026 – बुधवार चतुर्थी श्राद्ध
    1 अक्टूबर, 2026 – गुरुवार पंचमी श्राद्ध
    2 अक्टूबर, 2026 – शुक्रवार षष्ठी श्राद्ध
    3 अक्टूबर, 2026 – शनिवार सप्तमी और अष्टमी श्राद्ध

    पंचांग के अनुसार, 3 अक्टूबर को सप्तमी तिथि का समापन सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर हो रहा है. इसके बाद अष्टमी तिथि 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर समाप्त हो रही है. 4 अक्टूबर को नवमी तिथि मान्य होगी. ऐसे में 3 अक्टूबर को सप्तमी और अष्टमी दोनों तिथि मान्य होगी.

    4 अक्टूबर, 2026 – रविवार नवमी श्राद्ध
    5 अक्टूबर, 2026 – सोमवार दशमी श्राद्ध
    6 अक्टूबर, 2026 – मंगलवार एकादशी श्राद्ध
    7 अक्टूबर, 2026 – बुधवार द्वादशी श्राद्ध
    8 अक्टूबर, 2026 – गुरुवार त्रयोदशी श्राद्ध
    9 अक्टूबर, 2026 – शुक्रवार चतुर्दशी श्राद्ध
    10 अक्टूबर,2026 – शनिवार सर्वपितृ अमावस्या

    श्राद्ध पक्ष तिथि के अनुसार श्राद्ध का नियम

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचांग की जिस तिथि को परिजन की मृत्यु हुई होती है, उसी दिन श्राद्ध कर्म किया जाता है. अगर किसी की मृत्यु पंचमी तिथि को हुई है. ऐसे में उसका श्राद्ध पितृपक्ष में पंचमी तिथि के दिन किया जाएगा. इसके अलावा अगर किसी को अपने पूर्वजों की मृत्यु की तिथि का नहीं पता हैं, ऐसे में वह सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध और पिंडदान कर सकता है. पितृपक्ष के दौरान पितरों की आत्मा पृथ्वी लोक पर आती हैं. इस दौरान पितरों का श्राद्ध कर्म करने से वह प्रसन्न होते हैं. पितरों के प्रसन्न होने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है.

  • वजन बढ़ने से परेशान है तो सुबह की ये 3 आदतें बदलें, इंसुलिन और वजन रहेगा बैलेंस..

    वजन बढ़ने से परेशान है तो सुबह की ये 3 आदतें बदलें, इंसुलिन और वजन रहेगा बैलेंस..

    Featured Image

    सुबह की शुरुआत आपकी सेहत का मिजाज तय करती है। अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है और शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ा हुआ है, तो इसकी वजह आपकी सुबह की रूटीन हो सकती है। खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान के चलते वजन बढ़ना और इंसुलिन असंतुलित होना आज एक आम समस्या बन चुका है। अगर आप भी सुबह उठते ही कुछ ऐसी गलतियां कर रहे हैं जो आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा कर रही हैं, तो संभल जाने की जरूरत है। भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक सुबह की सिर्फ 3 आदतों में बदलाव करके आप अपने इंसुलिन लेवल को मैनेज कर सकते हैं और वजन को भी कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि सुबह की आदतें कैसे इंसुलिन और वजन को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं।

    सुबह की आदतें कैसे इंसुलिन और वजन को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं

    अगर आप कम खाना खाने के बावजूद वजन बढ़ने, खासकर पेट के आसपास चर्बी जमा होने से परेशान हैं, तो वजह सिर्फ कैलोरी की मात्रा नहीं हो सकती। शरीर इंसुलिन के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है, यह भी महत्वपूर्ण है। सुबह की कुछ आसान आदतें इंसुलिन संवेदनशीलता और हेल्दी वेट को सपोर्ट कर सकती हैं। इंसुलिन एक हार्मोन है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। जब हम कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो वे ग्लूकोज में टूटता हैं और ब्लडस्ट्रीम में पहुंचता हैं। इंसुलिन ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा के लिए किया जाता है। इसलिए इंसुलिन खुद समस्या नहीं है बल्कि लक्ष्य यह है कि शरीर इंसुलिन का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करे।

    गुनगुना पानी पिएं

    रात में 6 से 8 घंटे सोने के बाद शरीर थोड़ा डिहाइड्रेट हो सकता है। सांस लेने और पसीने के कारण रातभर शरीर से पानी की कुछ मात्रा कम होती है। इसलिए सुबह उठकर गुनगुना पानी पीना हाइड्रेशन बनाए रखने का आसान तरीका है। ध्यान रखें कि पानी सीधे इंसुलिन का स्तर कम नहीं करता, लेकिन पर्याप्त हाइड्रेशन मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है और कई बार प्यास को भूख समझने से बचा सकता है। सुबह-सुबह बहुत गर्म नहीं बल्कि गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए उपयोगी है।

    मांसपेशियों को एक्टिव करें

    आप अपने दिन की शुरुआत करने से पहले अपनी मांसपेशियों को एक्टिव रखें फिर नाश्ता करें। मांसपेशियां शरीर में ग्लूकोज के इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब आप शारीरिक गतिविधि करते हैं, तो मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल करने लगती हैं और इससे इंसुलिन संवेदनशीलता को सपोर्ट मिल सकती है। सुबह नाश्ते से पहले 15 से 20 मिनट की हल्की से मध्यम एक्टिविटी आपके वजन को कम करने में बेहद असरदार साबित होती है। बॉडी एक्टिविटी में सुबह तेज चाल से चलना, सूर्य नमस्कार, स्ट्रेचिंग, सीढ़ियां चढ़ना या अपनी क्षमता के अनुसार हल्की एक्सरसाइज बेहतर विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए खाली पेट एक्सरसाइज जरूरी नहीं है। अपनी क्षमता और हेल्थ कंडीशन के मुताबिक आप बॉडी को एक्टिव रख सकते हैं।

    इंसुलिन-फ्रेंडली नाश्ता खाएं

    आपका सुबह का नाश्ता बैलेंस होना चाहिए जिसमें फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट और अच्छी गुणवत्ता वाले कार्बोहाइड्रेट का संतुलन हो। नाश्ते में फाइबर का सेवन करेंगे तो पाचन की गति धीमी रहेगी, जिससे ग्लूकोज धीरे-धीरे ब्लडस्ट्रीम में पहुंचेगा। आप सुबह के नाश्ते में सब्जियां, स्प्राउट्स, साबुत फल, ओट्स, मिलेट्स और साबुत अनाज खा सकते हैं। प्रोटीन डाइट के लिए आप सुबह के नाश्ते में  मूंग, चना, राजमा, पनीर, दही, टोफू, नट्स और बीज खा सकते हैं। प्रोटीन डाइट पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने, मांसपेशियों को सपोर्ट करने और बार-बार स्नैकिंग से बचने में मदद कर सकती है। हेल्दी फैट की प्राप्ति के लिए आप नाश्ते में नट्स, बीज, मूंगफली, तिल, अलसी और थोड़ी मात्रा में घी का सेवन कर सकते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में लेना बेहतर है। सुबह सुबह बॉडी में एनर्जी बनाए रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट भी जरूरी हैं, लेकिन बहुत अधिक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता हैं। आप सुबह के नाश्ते में साबुत अनाज, दालें, बीन्स, साबुत फल, मिलेट और सीमित मात्रा में चपाती या चावल का सेवन कर सकते हैं।

    सुबह की खराब आदतें जो बढ़ाती है वजन और बिगाड़ती है इंसुलिन बैलेंस

    नाश्ता छोड़ने से बचें

    नाश्ता छोड़ने के बाद कुछ लोगों को बहुत ज्यादा भूख लग सकती है, जिसके कारण बाद में ज्यादा खाना या मीठा और रिफाइंड फूड्स लोग ज्यादा खाते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए सिर्फ नाश्ता करना ही जरूरी नहीं बल्कि दिनभर के खाने का ध्यान रखना भी जरूरी है। नाश्ते में पिज्जा, फ्राइड राइस और मिठाइयां न लें। बचे हुए पिज्जा, फ्राइड राइस, नूडल्स और मिठाइयां अक्सर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी और वसा से भरपूर होते हैं। इन्हें नियमित नाश्ते का हिस्सा बनाने के बजाय फाइबर और प्रोटीन से भरपूर विकल्प चुनना बेहतर है।

    नाश्ते में सिर्फ ड्रिंक का ही नहीं करें सेवन

    फ्रूट जूस, मीठी चाय-कॉफी, मिल्क शेक और मीठी लस्सी जैसे ड्रिंक में फाइबर कम हो सकता है और इनमें मौजूद शुगर तेजी से अवशोषित हो सकती है। साबुत फल खाना आमतौर पर जूस पीने से बेहतर विकल्प है।

    जरूरत से ज्यादा खाने से बचें

    बहुत ज्यादा खाना एक साथ लेने से कुल कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए पेट को बहुत भारी करने के बजाय संतुष्ट होने तक खाना बेहतर है।

    लंबे समय तक लगातार न बैठें

    खाने के बाद थोड़ी देर चलना-फिरना या लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना ग्लूकोज कंट्रोल के लिए मददगार हो सकता है। दिनभर की छोटी-छोटी एक्टिविटी करके ब्रेक लेना एक अच्छी आदत है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। सुबह की ये आदतें और संतुलित आहार इंसुलिन संवेदनशीलता और वजन कंट्रोल को सपोर्ट कर सकते हैं, लेकिन ये डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या मोटापे का इलाज नहीं हैं। किसी भी डाइट या एक्सरसाइज में बदलाव से पहले, खासकर यदि आप डायबिटीज की दवा लेते हैं या कोई स्वास्थ्य समस्या है, डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह जरूर लें।