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  • घर के एंट्री गेट पर कौन-सी 3 चीजें लगाने से पैसों की तंगी तुरंत होती है दूर,..?

    घर के एंट्री गेट पर कौन-सी 3 चीजें लगाने से पैसों की तंगी तुरंत होती है दूर,..?

    Money Vastu Upay: क्या मेहनत करने के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता है? कमाई होती है, लेकिन खर्च और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है? ऐसे में हम अक्सर आय बढ़ाने के तरीके खोजते हैं, लेकिन घर के माहौल और मुख्य द्वार पर ध्यान नहीं देते हैं. वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को बेहद खास माना गया है. मान्यता है कि यहीं से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का प्रवेश होता है. इसलिए आज जानते हैं, 3 आसान लेकिन असदार वास्तु उपाय, जिन्हें अपनाने से लाभ होता है.

    दरवाजे का रंग और नेमप्लेट

    वास्तु की मान्यता के अनुसार, मुख्य द्वार पर बहुत गहरे रंगों से बचना चाहिए. खासकर काला या गहरा नीला रंग न चुनने की सलाह दी जाती है. इसकी जगह हल्का पीला, क्रीम या ऑफ-व्हाइट रंग अच्छा माना जाता है. साथ ही मुख्य द्वार के दाईं तरफ साफ-सुथरी नेमप्लेट लगाएं. लकड़ी या पीतल की नेमप्लेट रख सकते हैं. ध्यान रखें कि उस पर नाम साफ दिखाई दे. टूटी, पुरानी या धुंधली नेमप्लेट को बदल देना बेहतर है.

    काली हल्दी की पोटली

    नकारात्मक ऊर्जा और नजर से बचाव के लिए काली हल्दी का यह पारंपरिक उपाय किया जाता है. इसके लिए एक छोटे काले कपड़े में काली हल्दी की गांठ और थोड़ा फिटकरी बांध लें. इस पोटली को मुख्य द्वार के पास ऐसी जगह रखा या टांगा जा सकता है, जहां वह बहुत ज्यादा नजर न आए. यह एक पारंपरिक वास्तु मान्यता है, जो अक्सर लोग करते हैं.

    दहलीज के लिए खास उपाय

    घर की दहलीज को वास्तु में खास महत्व दिया जाता है. पारंपरिक मान्यता के अनुसार, दहलीज के नीचे चांदी का तार रखने का उपाय बताया गया है. अगर इसके लिए तोड़-फोड़ संभव नहीं है, तो आसान तरीका अपना सकते हैं. हर सुबह मुख्य द्वार और दहलीज की अच्छी तरह सफाई करें. पानी में थोड़ी हल्दी मिलाकर दहलीज पर छिड़काव भी किया जा सकता है. सबसे जरूरी बात यह है कि दरवाजे के सामने जूते, कूड़ा या बेकार सामान का ढेर न लगाएं.

    इसका भी रखें ध्यान

    मुख्य द्वार पर स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ का चिह्न लगाना भी शुभ माना जाता है. आम या अशोक के पत्तों की वंदनवार भी लगा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि एंट्री साफ, खुली और रोशनी वाली हो. घर का माहौल जितना व्यवस्थित रहेगा, उतना ही पॉजिटिव फील होगा. आखिर घर की पहली झलक मुख्य द्वार से ही मिलती है.

    डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है

  • 105 साल के बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट ने किया ‘आजाद’, उम्रकैद की बाकी सजा माफ कर बंद किया मर्डर केस..

    105 साल के बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट ने किया ‘आजाद’, उम्रकैद की बाकी सजा माफ कर बंद किया मर्डर केस..

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए हत्या के दोषी 105 साल के एक बुजुर्ग को बड़ी राहत दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बुजुर्ग को जेल की सलाखों से हमेशा के लिए आजाद कर दिया है। अदालत ने उनकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए न सिर्फ उनका केस बंद कर दिया, बल्कि उनकी उम्रकैद की बाकी सजा को भी पूरी तरह माफ कर दिया है।

    मामले में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए साफ किया कि भले ही उनकी उम्रकैद की पूरी अवधि खत्म न हुई हो, लेकिन उन्हें अब दोबारा हिरासत में नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने साल 2024 में दिए गए उनके अंतरिम जमानत के आदेश को पूर्ण और अंतिम रूप दे दिया है।

    अब समझिए पूरा मामला

    बता दें कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 1920 में जन्मे रसिक चंद्र मंडल को साल 1994 में एक हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उस समय उनकी उम्र 68 वर्ष थी। वह तब से जेल में बंद थे, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 नवंबर 2024 को उन्हें जमानत नहीं दे दी। बुजुर्ग होने के कारण उन्हें कई उम्र संबंधी बीमारियां और स्वास्थ्य समस्याएं थीं।

    इसके बाद 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने रसिक चंद्र मंडल की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी सजा को चुनौती दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उनकी याचिका खारिज हो गई थी।

    99 साल की उम्र में डाली थी रिहाई की याचिका

    गौरतलब है कि उम्र के 99वें साल में पहुंचने पर उन्होंने अपनी अत्यधिक उम्र और स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए समय से पहले रिहाई की याचिका दाखिल की। इसके बाद मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था।

    इसके बाद लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2024 में उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी, जिसे अब अदालत ने फाइनल कर दिया है। इस फैसले के बाद अब 105 साल के रसिक चंद्र मंडल बिना किसी कानूनी बंदिश के एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में अपना बाकी जीवन जी सकेंगे।

  •  बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था।

     बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था।

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    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राजधानी लखनऊ को गुरुवार को सहमा देने वाले डबल मर्डर और सुसाइड केस के बाद आरोप पर सफाई का दौर जारी है। ICICI बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था। दिव्या की हत्या और मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस के सामने आने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ लोगों के प्रज्ञा मिश्रा को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठने के बाद उन्होंने सबका जवाब दिया।

    मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखकर मानस पर गंभीर आरोप लगाए और उसे ‘साइको हत्यारा बताया। पुलिस इस मामले में हत्या और आत्महत्या की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है तो दिव्या की बहन के आरोपों ने पति-पत्नी के रिश्ते, कथित घरेलू हिंसा और घटना से पहले के हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शादी की पहली रात ही मानस ने रखी शर्त

    प्रज्ञा के मुताबिक, मानस का व्यवहार शादी के शुरुआती दिनों से ही सामान्य नहीं था। दिव्या की बहन प्रज्ञा ने मानस वाजपेई को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। प्रज्ञा के मुताबिक, सुहागरात में मानस ने घर के खर्चों की लिस्ट बनाकर आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। शादी की पहली रात ही मानस ने घर के खर्चों की एक सूची तैयार की थी और दिव्या के सामने आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। दिव्या ने शुरुआत में यह व्यवस्था स्वीकार कर ली, लेकिन बाद में जब उसने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया तो मानस को लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है और पत्नी को चिटिंग करने वाली बताया।

    छोटी-छोटी बातों पर मारपीट का आरोप

    प्रज्ञा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में मानस पर घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि मानस छोटी-छोटी बातों को लेकर दिव्या के साथ मारपीट करता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए लिखा कि अगर Blinkit से मंगाया गया कोई टमाटर खराब निकल आता था, तो मानस इसके लिए भी दिव्या को जिम्मेदार ठहराकर उसके साथ मारपीट करता था।

    बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट

    प्रज्ञा ने मानस और उसकी बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रज्ञा ने यह भी दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर उनकी बीमार मां के साथ भी मारपीट की थी और इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई थी।

    मानस अक्सर करता था दिव्या का पीछा

    प्रज्ञा ने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि मानस अक्सर दिव्या का पीछा करता था। लगातार तनाव की वजह से कुछ समय पहले दिव्या का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिसमें उसके हाथ और पैर टूट गए थे। दिव्या को करीब डेढ़ से दो महीने तक इलाज कराना पड़ा। हाल ही में उसने दोबारा चलना शुरू किया था और घटना वाले दिन भी वह दर्द में थी। इसके बावजूद, प्रज्ञा के अनुसार, दिव्या अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी।

    रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी दिव्या

    प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या ने अब तक मानस के नाम का टैटू नहीं हटवाया था और वह हरतालिका तीज का व्रत रखने की तैयारी भी कर रही थी। इतनी प्रताड़ना के बावजूद दिव्या तीज का व्रत रखने वाली थी। प्रज्ञा ने कहा कि दिव्या भीतर ही भीतर चाहती थी कि सब कुछ ठीक हो जाए और उसका पति सुधर जाए। इन दावों के जरिए उन्होंने यह सवाल उठाया कि अगर दिव्या अपने पति से पूरी तरह अलग होना चाहती थी, तो वह अब भी रिश्ते को बचाने की कोशिश क्यों कर रही थी। प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या की फैमिली कोर्ट (Family Court) में काउंसलर के साथ भी झड़प हुई थी।

    मानस के मोबाइल पर स्टेटस

    मानस बाजपेई ने गुरुवार को मोबाइल पर स्टेटस लगाया था कि ‘टूडे आइ किल माइ वाइफ, एज शी चीटेड मी, नाव हाइ हेव किल माइ सेल्फ एंड माइ सिस्टर…. हर सिस्टर प्रज्ञा एंड भरत नोज एवरीथिंक ( हमने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, वह मुझे धोखा दे रही थी, अब मैं खुद व अपनी बहन को मारने जा रहा हूं, प्रजा व भरत को पूरी जानकारी है।) दिव्या की बहन प्रज्ञा है और उसके जीजा भरत हैं। इसे पोस्ट ने सनसनी मचा दी। उसने यह भी लिखा था कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव सब कुछ जानते हैं।

  • दिल की बीमारियों से बचना है तो कभी नहीं नजरअंदाज करें ये 5 आदतें, कार्डियोलॉजिस्ट ने दी आदत बदलने की सलाह..

    दिल की बीमारियों से बचना है तो कभी नहीं नजरअंदाज करें ये 5 आदतें, कार्डियोलॉजिस्ट ने दी आदत बदलने की सलाह..

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    दिल को सेहतमंद रखना केवल सही खान-पान तक सीमित नहीं है, बल्कि आपकी रोजमर्रा की आदतें भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। अक्सर लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो धीरे-धीरे दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार अगर आप समय रहते अपने लाइफस्टाइल में सुधार कर लें और कुछ सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों से दूरी बना लें, तो दिल की बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

    इंस्टाग्राम पोस्ट में बोर्ड-सर्टिफाइड कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निकोल हार्किन ने दिल को हेल्दी रखने के लिए ऐसी 5 चीजें बताई हैं जिन्हें किसी को भी अपने लाइफस्टाइल में जगह नहीं देना चाहिए।  उन्होंने बताया दिल को हेल्दी रखने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल में छोटे छोटे बदलाव असरदार साबित होते हैं। आइए एक्सपर्ट की वीडियो से जानते हैं कि कि कौन-कौन सी 5 आदते हैं जिन्हें दिल को हेल्दी रखने के लिए बदलना जरूरी है।

    स्मोकिंग और वेपिंग दिल के लिए खतरा

    cdc.gov में छपी खबर के मुताबिक सिगरेट का धुआं रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और धमनियों में प्लाक (वसा का जमाव) बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। निकोटीन दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और ब्लड वैसल्स को संकुचित कर सकता है और खून के थक्के बनने की प्रवृत्ति बढ़ा सकता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। cdc की रिपोर्ट के मुताबिक वेपिंग को भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। ई-सिगरेट के एरोसोल में मौजूद कुछ रसायन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन बढ़ा सकते हैं तथा रक्त वाहिकाओं के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। निकोटीन वाले वेपिंग प्रोडक्ट्स ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ाकर दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं इसलिए सिगरेट और वेपिंग से परहेज करना जरूरी है।

    प्रोसेस्ड मीट दिल के लिए क्यों चिंता की बात है?

    American Heart Association के मुताबिक सॉसेज, बेकन, सलामी, हॉट डॉग जैसे प्रोसेस्ड मीट में सोडियम और सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। इन फूड्स का अधिक सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल और दूसरे कार्डियो मेटाबोलिक जोखिम बढ़ते हैं। इसी वजह से अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन हार्ट हेल्दी डाइट में प्रोसेस्ड मीट का सेवन कम करने की सलाह देता है।

    सीने में दर्द को नहीं करें नजरअंदाज?

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) समेत अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं की 2021 की ‘Guideline for the Evaluation and Diagnosis of Chest Pain’ के मुताबिक, सीने में दर्द, दबाव, जकड़न या असहजता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि कंधे, बांह, गर्दन, पीठ, ऊपरी पेट या जबड़े में भी महसूस हो सकता है। सांस फूलना और थकान भी इसके साथ हो सकते हैं।

    हार्ट डिजीज की फैमिली हिस्ट्री है तो सतर्क रहें

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के मुताबिक अगर माता-पिता, भाई-बहन या दादा-दादी को कम उम्र में हार्ट डिजीज या स्ट्रोक हुआ है, तो व्यक्ति में हृदय रोग का जोखिम अधिक हो सकता है। इसका कारण केवल लाइफस्टाइल नहीं, बल्कि जेनेटिक प्रवृत्ति भी हो सकती है। पारिवारिक इतिहास होने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति को हार्ट अटैक जरूर होगा, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण risk signal है। ऐसे लोगों को अपने परिवार का मेडिकल इतिहास जानना और डॉक्टर के साथ ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर आदि की नियमित जांच कराना जरूरी है।

    अच्छी नींद है दिल की जरूरत

    American Heart Association के मुताबिक नींद के दौरान शरीर को रिकवरी का समय मिलता है। लगातार कम या खराब गुणवत्ता वाली नींद का संबंध हाई ब्लड प्रेशर, खराब मेटाबॉलिक हेल्थ, मोटापा, सूजन और दिल के रोग जैसे जोखिम कारकों से पाया गया है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार अधिकांश वयस्कों को औसतन 7–9 घंटे की नींद का लक्ष्य रखना चाहिए। यानी दिल की सुरक्षा सिर्फ खाने और एक्सरसाइज तक सीमित नहीं है है बल्कि आपको स्मोकिंग से दूरी, बेहतर डाइट, पर्याप्त नींद, अपने जोखिमों की जानकारी और चेतावनी संकेतों को समय पर पहचानना भी जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। सीने में दर्द, दबाव, जकड़न, सांस फूलना, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण अचानक या गंभीर रूप से दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

  • सुख पाने के लिए करें इन जीव-जंतुओं की सेवा, दूर होगी आर्थिक तंगी और बनेंगे बिगड़े काम..

    सुख पाने के लिए करें इन जीव-जंतुओं की सेवा, दूर होगी आर्थिक तंगी और बनेंगे बिगड़े काम..

    सुख-समृद्धि के लिए करें जीव-जंतुओं की सेवा

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दूसरों की भलाई और जीव-जंतुओं की सेवा करने से मन को शांति मिलती है। व्यक्ति को हमेशा दूसरों के हित के बारे में सोचना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद करने का प्रयास करना चाहिए। किसी दूसरे के दुख को देखकर उसके प्रति संवेदना रखना और अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करना अच्छे कर्मों में माना जाता है।

    मान्यता है कि जीवन में सुख-समृद्धि और आर्थिक परेशानियों से राहत के लिए गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों को भोजन कराया जा सकता है। गाय को गुड़-रोटी या हरा चारा खिलाएं। कौवों को खिचड़ी या तेल लगी रोटी और चींटियों को आटे की रोटी खिलाने की परंपरा भी बताई गई है।

    शनिवार और गुरुवार को करें ये उपाय

    धार्मिक मान्यताओं में शनिवार और गुरुवार को जीव-जंतुओं को भोजन कराने का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलने और घर में सुख-शांति आने की मान्यता है।

    हालांकि, जीव-जंतुओं को भोजन कराते समय उनकी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्हें हमेशा ताजा, साफ और उनके लिए सुरक्षित भोजन ही दें। सेवा का उद्देश्य केवल किसी मनोकामना की पूर्ति नहीं, बल्कि जीवों के प्रति दया और करुणा का भाव रखना भी होना चाहिए।

  • पेट साफ न होने और भारीपन से परेशान हैं? अपनाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए ये 7 असरदार उपाय

    पेट साफ न होने और भारीपन से परेशान हैं? अपनाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए ये 7 असरदार उपाय

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    खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल, तनाव, बॉडी एक्टिविटी की कमी, फाइबर का कम सेवन और पानी कम पीने की आदत ऐसी खराब आदतें हैं जो कब्ज और पेट से जुड़ी बीमारियों की अहम वजह हैं। महीने या हफ्तों में कभी-कभी कब्ज होना परेशानी की बात नहीं है लेकिन ये समस्या लगातार और रेगुलर बनी रहे तो सेहत को बिगाड़ सकती है। लम्बे समय तक रहने वाला कब्ज पेट से लेकर आंतों तक को सड़ा सकता है।  कब्ज में मल कठोर या सूखा हो जाता है और उसे डिस्चार्ज करने के लिए जोर लगाना पड़ता है जिससे पाइल्स का खतरा बढ़ सकता है।

    आयुर्वेदाचार्य दीपक कुमार ने बताया आजकल लोगों की दिनचर्या और खान-पान काफी बिगड़ गया है। देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना, पोषक तत्वों और फाइबर की कमी वाला भोजन करना, तला-भुना खाना, मैदा और बाजार का खाना अधिक खाना कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं की वजह बन सकता है। समय पर न उठना और दिनचर्या में अनियमितता जैसी आदतें भी कब्ज और पेट से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। आयुर्वेदाचार्य ने कब्ज से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए 7 नेचुरल उपाय बताएं हैं जिन्हें अपनाकर कब्ज की बीमारी का समाधान किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन से 7 असरदार तरीके हैं जो कब्ज को दूर कर सकते हैं।

    सोने से पहले गुनगुना पानी पिएं

    आयुर्वेदाचार्य दीपक कुमार ने बताया सोने से करीब 30-60 मिनट पहले एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार इससे आंतों को गर्माहट मिलती है और रात में पाचन क्रिया को सपोर्ट मिलता है। इसे कब्ज में मददगार बताया गया है। हालांकि, रात में बहुत अधिक पानी पीना कुछ लोगों में बार-बार पेशाब आने या नींद प्रभावित होने का कारण बन सकता है।

    रात में दूध या पानी के साथ घी का करें सेवन

    रात में सोने से करीब एक घंटा पहले आधे से एक चम्मच घी का सेवन करें। इसे गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेने से सुबह उठते ही आपका पेट साफ होगा। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार घी आंतों के सूखेपन को कम करके मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करेगा। इसे आयुर्वेद में ‘स्नेहपान’ से जोड़ा गया।

    त्रिफला का करें सेवन

    तीसरी सलाह त्रिफला के सेवन की है। त्रिफला हरड़, बहेड़ा और आंवला से तैयार किया जाने वाला पारंपरिक आयुर्वेदिक मिश्रण है। इसका सेवन करने से कब्ज से राहत मिलेगी।  रात में आधे से एक चम्मच त्रिफला गर्म पानी या दूध के साथ लेने से सुबह उठते ही आपका पेट साफ होगा और आपको घंटों टॉयलेट में नहीं बैठना पड़ेगा। आयुर्वेदाचार्य ने इसे रेगुलेटिव हर्ब बताया है। रात में लेने पर यह मल त्याग में मदद कर सकता है। याद रखें कि इसका सीमित ही सेवन करें। ज्यादा सेवन करने से दस्त, पेट में ऐंठन या दूसरी पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। एक्सपर्ट ने बताया जिन लोगों को त्रिफला लेने के बाद पेट में ज्यादा एसिडिटी या ढीलापन महसूस होता है, उन्हें इस हर्ब का सेवन करने से बचना चाहिए।

    मुनक्का खाएं

    डॉक्टर ने बताया कब्ज से निजात पाने के लिए आप मुनक्का का सेवन भी कर सकते हैं।  रात में 4-5 मुनक्के को पानी में भिगो दें  और सुबह उन्हें चबा-चबाकर खा लें। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार मुनक्के में मौजूद फाइबर मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है। मुनक्का खाने के बाद भिगोया हुआ पानी पी लें कब्ज से राहत मिलेगी। मुनक्के आयरन का अच्छा स्रोत है ये बॉडी में खून की कमी को पूरा करता है और बॉडी को हेल्दी रखता है।

    हरड़ का करें इस्तेमाल

    आयुर्वेदाचार्य ने कब्ज का इलाज करने के लिए छोटी हरड़ का सेवन करने की सलाह दी है।  इसे कब्ज की महारानी कहा है। हरड़ को भिगोकर सुबह खाने या उसका चूर्ण बनाकर गर्म पानी या फिर दूध के साथ लेने से पेट और आंतों की गंदगी साफ होती है। आयुर्वेद में हरड़ को कोलन की गति को संतुलित करने वाला माना जाता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक इसका सेवन करने से पेट से अतिरिक्त गैस निकलती है और कब्ज में राहत मिलती है।

    सोने से पहले पेट की मालिश करें

    छठी सलाह रात में करीब 10 मिनट पेट की मालिश करें। पेट की मालिश क्लॉकवाइज दिशा में करने से आराम की नींद आती है और पेट की सफाई होने में भी मदद मिलती है।पेट की मालिश करने के लिए आप गाय के घी या सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।  आयुर्वेदाचार्य के अनुसार पेट की मालिश से आंतों की गतिविधि को सक्रिय करने और मल को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

    नाभि में तेल या घी लगाएं

    नाभि में दो बूंद सरसों का तेल या गाय का घी लगाने से आपके पाचन को सपोर्ट मिलेगी । इसे शरीर और स्किन की ड्राईनेस को कम करने में मददगार बताया गया।

    रात में देर से खाना न खाएं

    डॉक्टर से कब्ज से बचाव के लिए सातवी और आखिरी सलाह दी है कि रात में बहुत देर से भोजन न करें। आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया रात 8-9 बजे तक भोजन पूरा कर लें और फिर वॉक करके सो जाएं। आप रात में 10-11 बजे खाना खाने से परहेज करें। रात में बहुत भारी और देर से भोजन करने से पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए नियमित भोजन का समय रखना उपयोगी हो सकता है।

  • महात्मा विदुर के इस श्लोक को अपनाने से मिल सकता है सुखी जीवन, इन 7 बातों से रहें दूर..

    महात्मा विदुर के इस श्लोक को अपनाने से मिल सकता है सुखी जीवन, इन 7 बातों से रहें दूर..

    महात्मा विदुर ने अपनी नीतियों में जीवन जीने के बारे और सुखी जीवन से जुड़े कई नियमों के बारे में बताया है. वह महाभारत काल में हस्तिनापुर के महामंत्री थे. वह अपनी बुद्धिमत्ता और नीतियों के लिए प्रसिद्ध थे. उस समय के उनके विचार और नीतियां आज के समय में भी प्रासांगिक साबित होती है. व्यक्ति को सुखी जीवन के लिए उनके बताए इन नियमों को अपनाना चाहिए.

    विदुर नीति में वर्णित प्रसिद्ध श्लोक

    अनर्थकं विदेशवासं गृहेशुं। पापैः सख्यं परदाराभिमर्शनम्।
    दशं स्तेयं पैशुनं मध्यपानं न सेवते यः स सुखी सदेव॥

    महात्मा विदुर का यह प्रसिद्ध श्लोक महाभारत काल में वर्णित विदुर नीति का है. इस श्लोक के माध्यम से महात्मा विदुर ने लोगों को बुरे कर्मो और बुराई से दूर रहने की सलाह दी है. इस श्लोक के अनुसार, व्यक्ति को जीवन में सात चीजों से दुरी बनाकर रहना चाहिए. आइये इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

    इन 7 बातों से रहें दूर

    व्यर्थ का विदेशवास – व्यर्थ में घर-परिवार से दूर नहीं रहना चाहिए. इससे जीवन में अकेलापन और दुख आता है. घर से दूर रहना उचित नहीं होता है.

    पापियों से दोस्ती – आपको अपने मित्र सोच-समझकर बनाने चाहिए. पाप करने वाले और चरित्रहीन लोगों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए.

    पराई स्त्री से संबंध – कभी भी जीवन में पराई स्त्री से संबंध नहीं रखने चाहिए. पराई स्त्री के साथ संबंध बनाने से परिवार का नाश होता है.

    अपवाद – अपवाद का अर्थ है कि, दूसरों को बदनाम करने और व्यर्थ में किसी के बारे में झूठ बोलने से बचना चाहिए. इसके कारण रिश्ते कमजोर होते हैं.

    चोरी करना – चोरी करने वाले इंसान को जीवन में कभी सुख नहीं मिलता है. चोरी करने से मिले धन से जीवन में परेशानियों आती हैं. हमेशा मेहनत से धन कमाना चाहिए.

    चुगली करना – दूसरों की चुगली करना और इधर-उधर की बातें करके अफवाह फैलाना गलत होता है. इससे समाज में कलह पैदा होती है.

    नशा और मद्यपान – नशा यानी मद्यपान करने से व्यक्ति की बुद्धि, सेहत और सम्मान का नाश होता है. इसलिए नशा करने से बचना चाहिए. शराब, सिगरेट और किसी भी नशे की लत है, तो इसे छोड़ दें.

    डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है.Satyareport  इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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  • विवाहिता को बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार में धकेला, माता-पिता और भाई पर FIR

    विवाहिता को बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार में धकेला, माता-पिता और भाई पर FIR

    रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने ही माता-पिता और भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद उसे मायके में जबरन रोक लिया गया और ससुराल जाने नहीं दिया गया। आरोप है कि इसके बाद उसे घर में बंधक बनाकर जबरन अनैतिक गतिविधियों में धकेला गया।

    पीड़िता किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब हुई और पुलिस के पास पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

    शादी के बाद ससुराल नहीं जाने देने का आरोप

    महिला के मुताबिक, शादी के बाद वह अपने ससुराल जाना चाहती थी, लेकिन उसके मायके वालों ने उसे अपने घर में ही रोक लिया। आरोप है कि धीरे-धीरे परिवार का व्यवहार उसके प्रति बदलता गया और उसे अपनी मर्जी से कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने इस स्थिति का विरोध किया, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई।

    विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप

    शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने कथित गतिविधियों का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। उसे किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

    लगातार दबाव और कथित प्रताड़ना के बीच महिला ने आखिरकार पुलिस से मदद लेने का फैसला किया।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला

    पीड़िता की शिकायत और बयानों के आधार पर पुलिस ने उसके माता-पिता और भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाने, धमकी देने और अनैतिक देह व्यापार से जुड़े कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

    पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    आरोपियों की तलाश में दबिश

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। नामजद आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला को कितने समय तक कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया और मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

    नोट: महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोप साबित होने तक नामजद लोगों को दोषी नहीं माना जा सकता।

  • वंदे भारत के नीचे दिखा 10 फीट लंबा अजगर, ट्रेन में घुसने ही वाला था; 2 घंटे बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू..

    वंदे भारत के नीचे दिखा 10 फीट लंबा अजगर, ट्रेन में घुसने ही वाला था; 2 घंटे बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू..

    उत्तराखंड के हरिद्वार में वंदे भारत ट्रेन से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सामने आई थी। ट्रेन के वाशिंग लाइन यार्ड में खड़े होने के दौरान करीब 10 फीट लंबा अजगर उसके अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। तभी वहां काम कर रहे रेलवे कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ गई और तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई।

    बताया गया कि ट्रेन सुबह करीब 9 बजे मेंटेनेंस के लिए वाशिंग लाइन में पहुंची थी। दोपहर के समय कर्मचारियों ने ट्रेन के नीचे एक विशाल अजगर को देखा। वह धीरे-धीरे ट्रेन की बोगी की तरफ बढ़ रहा था और अंदर घुसने का प्रयास कर रहा था।

    कर्मचारियों ने तुरंत दी वन विभाग को सूचना

    अजगर को देखकर रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने खुद उसे पकड़ने की कोशिश करने के बजाय तत्काल वन विभाग को जानकारी दी।

    सूचना मिलते ही हरिद्वार रेंज की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानी से अजगर को काबू में लेने की प्रक्रिया शुरू की। विशाल आकार होने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था और करीब दो घंटे तक अभियान चलाना पड़ा।

    आखिरकार वनकर्मियों ने अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया।

    जंगल में छोड़ा गया अजगर

    रेस्क्यू के बाद अजगर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। वन विभाग की टीम उसे सुरक्षित स्थान पर ले गई और जंगल में छोड़ दिया।

    अधिकारियों के मुताबिक, बरसात के मौसम में जंगल से सांप और दूसरे सरीसृप कई बार आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। हरिद्वार का क्षेत्र जंगल और राजाजी क्षेत्र के आसपास होने के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।

    वन विभाग ने लोगों से की अपील

    वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके आसपास सांप, अजगर या कोई अन्य जंगली सरीसृप दिखाई दे तो उसके साथ छेड़छाड़ न करें और खुद पकड़ने की कोशिश भी न करें।

    ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके।

    गनीमत रही कि रेलवे कर्मचारियों की नजर अजगर पर समय रहते पड़ गई। अगर वह ट्रेन के अंदर पहुंच जाता तो यात्रियों और कर्मचारियों के लिए स्थिति मुश्किल हो सकती थी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया।

  • गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में घुस गई लाठी, 5 घंटे चला ऑपरेशन, ऐसे बची 10वीं के छात्र की जान..

    गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में घुस गई लाठी, 5 घंटे चला ऑपरेशन, ऐसे बची 10वीं के छात्र की जान..

    उत्तर प्रदेश के कन्नौज में खेल-खेल में एक स्कूली छात्र के साथ ऐसा हादसा हो गया, जिसने परिवार के लोगों की सांसें रोक दीं। गिल्ली-डंडा खेलते समय दीवार से गिरा छात्र नीचे जमीन में गड़ी लाठी के ऊपर जा गिरा। लाठी उसके पेट को चीरते हुए शरीर के अंदर तक घुस गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।

    दीवार से गिरते ही लाठी पर जा गिरा छात्र

    बताया गया कि छात्र अपने दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा खेल रहा था। इसी दौरान वह गिल्ली पकड़ने के लिए दीवार पर चढ़ा। संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे जा गिरा।

    नीचे मैदान में एक लाठी गड़ी हुई थी। छात्र उसी के ऊपर जा गिरा और लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि लाठी का एक बड़ा हिस्सा शरीर के अंदर चला गया था।

    आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजन छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे के इलाज के लिए कानपुर ले जाने की सलाह दी गई।

    मां ने डॉक्टर से कहा- किसी भी तरह बेटे को बचा लीजिए

    कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने छात्र की हालत देखी और तुरंत ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। परिवार के लिए वह बेहद मुश्किल समय था। छात्र की मां ने डॉक्टरों से किसी भी कीमत पर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई।

    डॉक्टरों की टीम ने जोखिम को देखते हुए ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार मौजूद रही, क्योंकि लाठी को सीधे बाहर निकालना बेहद खतरनाक हो सकता था।

    पांच घंटे तक चला ऑपरेशन

    रात करीब 11 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह लगभग 4 बजे तक चला। डॉक्टरों ने लाठी को निकालने के लिए बेहद सावधानी से काम किया।

    लाठी का एक हिस्सा शरीर के बाहर भी था। उसे ऑपरेशन थिएटर तक ले जाना संभव नहीं था, इसलिए पहले बाहर निकले हिस्से को काटा गया। इसके बाद शरीर के अंदर मौजूद हिस्से को धीरे-धीरे छोटे टुकड़ों में काटकर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    लाठी निकालने के साथ ही जहां-जहां अंदरूनी चोट लगी थी, वहां उपचार किया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेशन सफल रहा।

    सात दिन अस्पताल में रहा छात्र

    ऑपरेशन के बाद छात्र को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। करीब सात दिन अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे घर भेज दिया गया।

    बाद की जांच में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को ठीक बताया। बच्चे की जान बचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मां ने इलाज करने वाली पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं।

    खेल के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि बच्चों के खेलने की जगह पर आसपास मौजूद नुकीली या गड़ी हुई वस्तुएं कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। समय पर इलाज और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों की वजह से छात्र की जान बच सकी।