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  • अंतरिक्ष से आया बुलावा तो मचेगी तबाही, 97 देशों के 1000 वैज्ञानिकों की चेतावनी..

    अंतरिक्ष से आया बुलावा तो मचेगी तबाही, 97 देशों के 1000 वैज्ञानिकों की चेतावनी..

    अंतरिक्ष से आया बुलावा तो मचेगी तबाही, 97 देशों के 1000 वैज्ञानिकों की चेतावनी..

    अब तक एलियंस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठते रहे हैं. कुछ लोगों का दावा है कि उनकी मुलाकात दूसरे ग्रहों के परग्रहियों से हुई तो कुछ लोग कहते हैं कि एलियंस ने उन्हें किडनैप कर लिया था. हालांकि, इन तमाम बातों का कोई सबूत नहीं है. लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों के एक समूह ने एलियंस को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने इंसानों को सख्त हिदायत दी है कि ब्रह्मांड के किसी सुदूर कोने से अगर एलियंस पृथ्वी के इंसानों से संपर्क साधने की कोशिश करते हैं, तो हमें तुरंत पलटकर उन्हें कोई जवाब नहीं देना चाहिए. एलियंस के संदेश को शुरुआत में पूरी तरह नजरअंदाज करें और उनसे रुखा बर्ताव करें. यह चौंकाने वाली सलाह वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए एक विशेष ‘8 सूत्रीय प्लान’ का हिस्सा है, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि अगर कभी किसी वास्तविक एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल सभ्यता का पता चलता है, तो मानव जाति को कदम-दर-कदम क्या कदम उठाने चाहिए.

    डेली स्टार के रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिशा-निर्देशों को ‘इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एयरोनॉटिक्स’ ने प्रकाशित किया है, जो 97 देशों के 1,000 से अधिक शीर्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का एक प्रतिष्ठित वैश्विक समूह है. यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से जुड़ी तथाकथित ‘यूएफओ फाइल्स’ के सार्वजनिक होने के बाद से एलियंस और यूएफओ को लेकर दुनिया भर में बहस और जांच-पड़ताल काफी तेज हो गई है. इस पूरी रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य उन वैज्ञानिकों के लिए “सबसे बेहतर तौर-तरीके” स्थापित करना है, जो एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल सिग्नलों या जीवों की खोज में जुटे हैं. साथ ही इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि आम जनता को इस ऐतिहासिक खोज के बारे में कब और कैसे सूचित किया जाएगा. बता दें कि धरती को लेकर एलियंस की सोच क्या है, कोई नहीं जानता. ऐसे में वो महाविनाश भी कर सकते हैं.

    इंसानों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी
    इस वैज्ञानिक रिपोर्ट की सबसे दिलचस्प और महत्वपूर्ण सिफारिश यह है कि यदि एलियंस किसी रेडियो सिग्नल या माध्यम से वैज्ञानिकों से संपर्क करते हैं, तो पृथ्वी से तब तक कोई जवाबी संदेश नहीं भेजा जाना चाहिए, जब तक कि इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श न हो जाए. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों को आपस में और वैश्विक स्तर पर इस बात को लेकर पूरा सहयोग और चर्चा करनी चाहिए कि क्या एलियंस को कोई जवाब दिया जाना चाहिए या नहीं, और यदि जवाब देना भी है, तो उस संदेश में क्या होना चाहिए. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पूरी परामर्श प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए ही संचालित की जानी चाहिए. रिपोर्ट में साफ लिखा है, “जब तक इस तरह की अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल जाता, तब तक अंतरिक्ष में हमारी तरफ से कोई भी जवाबी संदेश नहीं भेजा जाना चाहिए.”

    वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि भविष्य में एलियंस को दिए जाने वाले संभावित जवाबों के सटीक तौर-तरीकों को तय करने के लिए एक अलग से वैश्विक समझौता, घोषणापत्र या व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि पूरी मानव जाति का दृष्टिकोण इस संवेदनशील मुद्दे पर एकजुट और जिम्मेदार बना रहे. एलियंस और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि इस गाइडलाइन में किसी भी एलियन एनकाउंटर या खोज को दुनिया से छिपाने या दबाने की बात नहीं कही गई है. रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि वैज्ञानिकों पर एलियंस से संपर्क करने के शुरुआती प्रयासों को सार्वजनिक करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है, लेकिन एक बार जब खोज पक्की हो जाएगी, तो संबंधित वैज्ञानिक संस्थानों को पूरी दुनिया के सामने पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी होना पड़ेगा. दिशानिर्देशों के अनुसार, वैज्ञानिक संस्थानों और संगठनों को समाचार एजेंसियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य सार्वजनिक संचार माध्यमों के सभी जायज सवालों का जवाब देना होगा.

    वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए एलियन प्रोटोकॉल के 8 पॉइंट्स
    1. खोज की सत्यता की जांच (Authenticate and substantiate): अंतरिक्ष से मिलने वाले किसी भी सिग्नल की बारीकी से जांच की जाए कि वह वाकई एलियंस का है या नहीं.
    2. सावधानी से सूचना का प्रबंधन (Handle information with care): खोजी गई संवेदनशील जानकारियों और डेटा को बेहद सतर्कता के साथ संभाला जाए.
    3. सटीकता और ईमानदारी (Be prompt, accurate and honest): जनता और दुनिया को दी जाने वाली कोई भी जानकारी पूरी तरह सच्ची और बिना किसी देरी के होनी चाहिए.
    4. पूर्ण प्रकटीकरण (Report conclusions fully): एलियंस से जुड़ी खोज के निष्कर्षों को पूरी तरह, खुले तौर पर और बिना कुछ छिपाए रिपोर्ट किया जाए.
    5. डेटा का संरक्षण (Preserve and disseminate all data): खोज से जुड़े सभी वैज्ञानिक डेटा और सिग्नलों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए और शोध के लिए साझा किया जाए.
    6. साक्ष्यों की सुरक्षा (Protect evidence): एलियंस की मौजूदगी साबित करने वाले भौतिक या डिजिटल सबूतों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए.
    7. जवाबी संदेश पर रोक (No reply should be sent): बिना वैश्विक सहमति और संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के अंतरिक्ष में कोई भी जवाबी संदेश न भेजा जाए.
    8. उच्चतम नैतिक मानक (Adhere to highest ethical standards): इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विज्ञान और मानवता के उच्चतम नैतिक मूल्यों का पालन किया जाए.

  • बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

    बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

    बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

    पटना: बिहार में दो लड़कियों ने समलैंगिक विवाह रचा ली। दोनों के बीच प्यार इस कदर था उन्होंने धार्मिक बंधनों को भी तो़ड़ दिया। दोनों ही लड़कियां दो अलग-अलग धर्मों की थीं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मंदिर में शादी रचा ली। पटना में अदालतगंज की दो छात्राओं ने तीन साल की दोस्ती के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और घर से भागकर खगड़िया पहुंच गईं। दोनों ने वहां मंदिर में शादी करने का दावा भी किया है। दोनों ही लड़कियों के घर से गायब होने पर परिजनों ने पटना के कोतवाली थाने में सात अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी।

    इसके बाद पुलिस दोनों को बरामद कर पटना ले आई। यहां पहुंचने के बाद भी दोनों ने एक-दूसरे से अलग होने से मना कर दिया। दोनों ही लड़कियां परिजनों के साथ जाने को तैयार नहीं हुईं। एक लड़की 10वीं में तो दूसरी 12वीं में पढ़ती है। 10वीं की छात्रा के पिता सीआईडी में बताए जा रहे हैं। दोनों अलग-अलग धर्मों से हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों एक-दूसरे की पड़ोसी भी हैं। छात्राओं ने पुलिस को बताया है कि वे अपने रिश्ते को शादी का रूप देना चाहती थीं। इसीलिए 7 अगस्त को घर से निकल गईं। उनके पास 3500 रुपये थे। दोनों इसके बाद खगड़िया पहंच गईं। दोनों ने खगड़िया के ही एक मंदिर में शादी करने का दावा किया। इसके बाद दोनों होटल में ठहरीं थीं।

    कोतवाली थाने की महिला पुलिस पदाधिकारी पूनम कुमारी के नेतृत्व में टीम दोनों को खगड़िया स्टेशन के पास से बरामद किया। थानेदार अजय कुमार ने कहा कि एक के बालिग और दूसरी के नाबालिग होने की बात सामने आई है। दोनों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। नाबालिग को रिमांड होम भेजने का आदेश मिला है। दूसरी बालिग है उसे अपने मर्जी से कहीं भी जाने को कहा गया है।

    बाल गृह के बच्चे चारपहिया से कोर्ट, अस्पताल जाएंगे
    इधर बिहार में समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को समय-समय पर अस्पताल या न्यायालय में पेशी के लिए ले जाने के लिए चार पहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। अबतक ऑटो या रिक्शा या अन्य वाहनों से ले जाया जाता था। विभाग के संयुक्त सचिव सुशील कुमार ने बताया कि 40 विभिन्न गृहों को एक-एक चारपहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। सभी 40 गृहों के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से सातों दिन 24 घंटे चार पहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। हरेक वाहन के लिए प्रति माह 75 हजार रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने एक वर्ष के लिए इसकी मंजूरी दी है। विभाग इस पर 3 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च करेगा।

  • लाल रंग की बिल्ली देख कांप गए लोग, अमेरिका के इस शहर..

    लाल रंग की बिल्ली देख कांप गए लोग, अमेरिका के इस शहर..

    लाल रंग की बिल्ली देख कांप गए लोग, अमेरिका के इस शहर..

    अमेरिका के टेक्सस राज्य के लीग सिटी से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां सड़कों पर चमकीले गहरे लाल रंग की एक बिल्ली घूमती हुई देखी गई है. पहली नजर में खून से सनी या लाल रंग में रंगी दिखाई देने वाली इस बिल्ली को देखकर स्थानीय निवासी दहशत में आ गए हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस अजीबोगरीब जीव को ‘नरक की बिल्ली’ और ‘लूसिफर (यमराज)’ तक का नाम दे दिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पशु संरक्षण विभाग ने आपातकालीन अलर्ट जारी कर आम जनता को इस बिल्ली से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है. लीग सिटी एनिमल केयर की टीम इस लाल रंग की बिल्ली को सुरक्षित पकड़ने के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है.

    अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिल्ली को खुद पकड़ने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे बिल्ली डरकर भाग सकती है और रेस्क्यू टीम के प्रयासों में बाधा आ सकती है. संस्था ने बयान जारी कर बताया कि वे आसपास के कैट-केयरगिवर्स की मदद से पिंजरा लगाकर बिल्ली को सुरक्षित हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उसके शरीर पर लगे खतरनाक केमिकल या डाई का इलाज किया जा सके. सोशल मीडिया पर इस लाल बिल्ली की तस्वीरें वायरल होते ही लोगों ने जानवर के प्रति क्रूरता और अवैध गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर दावे किए हैं.

    कुछ स्थानीय लोगों का आशंका जताई है कि इस बिल्ली को किसी अवैध डॉग-फाइटिंग रिंग (कुत्तों की खूनी लड़ाई) का शिकार बनाने या टारगेट प्रैक्टिस के लिए लाल रंग से रंगा गया हो सकता है. लोगों का मानना है कि बिल्ली किसी तरह वहां से भाग निकली है. ऐसे में पुलिस को इस इलाके में जानवरों की क्रूरता से जुड़े गिरोहों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. वहीं, कुछ कैट लवर्स ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी औपचारिक आपराधिक जांच या एनिमल क्रुएल्टी केस दर्ज करने की घोषणा नहीं की है. फिलहाल रेस्क्यू टीम का पूरा ध्यान बिल्ली को सुरक्षित पकड़कर उसका मेडिकल चेकअप करने और उसे एक सुरक्षित घर दिलाने पर टिका हुआ है.

  • पहले ChatGPT से मांगी सलाह, फिर मां और भाई की हत्या का आरोप… सनसनीखेज मामला आया सामने..

    पहले ChatGPT से मांगी सलाह, फिर मां और भाई की हत्या का आरोप… सनसनीखेज मामला आया सामने..

    पहले ChatGPT से मांगी सलाह, फिर मां और भाई की हत्या का आरोप… सनसनीखेज मामला आया सामने..

    तकनीक अगर हमें कुछ अच्छा सिखाती है, तो इसका गलत इस्तेमाल अपराधी भी बना सकता है. कुछ ऐसा ही हुआ एक 17 साल के लड़के के साथ, जो अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के एक्टन शहर में रहता था. भारतीय मूल के इस लड़के पर अपनी मां और छोटे भाई की हत्या का गंभीर आरोप लगा है. वो हत्या के बाद घर से फरार हो गया था, पर पुलिस ने रातभर तलाश के बाद बुधवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान अर्जुन अरविंद के रूप में हुई है और वो एक्टन-बॉक्सबोरो रीजनल हाई स्कूल का छात्र है.

    अर्जुन पर अपनी 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या के दो मामले दर्ज किए गए हैं. इतना ही नहीं उस पर परिवार के सदस्यों के खिलाफ मारपीट और हमला करने के दो-दो आरोप भी लगाए गए हैं. पुलिस के मुताबिक वो अपने घर से बिना बताए कार लेकर भागा था, ऐसे में उस पर बिना अनुमति वाहन इस्तेमाल करने और वाहन चोरी से जुड़े आरोप भी उसके खिलाफ हैं. जांच के मुताबिक वो अपराध से पहले इंटरनेट और ChatGPT पर परिवार की हत्या से जुड़े आइडिया की खोज करता रहता था.

    घर में मिला मां-भाई का शव
    घटना के बारे में मंगलवार को पता चला, जब परिवार के घर पर एक ट्यूटर करीब साढ़े 6 बजे तय मुलाकात के लिए पहुंचा, लेकिन घर का दरवाजा नहीं खुला. इसके बाद ट्यूटर ने अर्जुन के पिता से संपर्क किया. पिता भी पत्नी और बच्चों से बात नहीं कर सके, तब जाकर पुलिस को संपर्क किया गया.पुलिस जब घर पहुंची तो उसे घर के अंदर सुधा और सिद्धार्थ मृत मिले. पुलिस के मुताबिक सिद्धार्थ का शव पहली मंजिल पर था, जबकि उसकी मां का शव बेसमेंट में मिला. दोनों के शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान थे, लेकिन मौत की सही वजह अब तक तलाशी जा रही है. घटना में किसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं, इस पर भी जांच जारी है.

    पुलिस के पहुंचने के समय अर्जुन घर पर नहीं था और बाद में पता चला कि वो अपनी मां की होंडा एकॉर्ड कार लेकर वहां से निकल गया था, जो बुधवार सुबह वेयलैंड में पुलिस को एक पार्किंग स्थल पर मिली. कार के अंदर अर्जुन मौजूद था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जांच के दौरान पता चला कि उसने इंटरनेट और ChatGPT पर परिवार की हत्या से जुड़े काल्पनिक विचारों और परिस्थितियों के बारे में खोज की थी. अधिकारियों ने बताया कि अर्जुन Gothic उपन्यास जैसी कहानियां तैयार करने के लिए भी ChatGPT का इस्तेमाल करता था, ऐसे में इससे हत्या का मकसद साबित नहीं होता है.

  • लाल रंग की बिल्ली देख कांप गए लोग, अमेरिका के इस शहर..

    लाल रंग की बिल्ली देख कांप गए लोग, अमेरिका के इस शहर..

    लाल रंग की बिल्ली देख कांप गए लोग, अमेरिका के इस शहर..

    अमेरिका के टेक्सस राज्य के लीग सिटी से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां सड़कों पर चमकीले गहरे लाल रंग की एक बिल्ली घूमती हुई देखी गई है. पहली नजर में खून से सनी या लाल रंग में रंगी दिखाई देने वाली इस बिल्ली को देखकर स्थानीय निवासी दहशत में आ गए हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस अजीबोगरीब जीव को ‘नरक की बिल्ली’ और ‘लूसिफर (यमराज)’ तक का नाम दे दिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पशु संरक्षण विभाग ने आपातकालीन अलर्ट जारी कर आम जनता को इस बिल्ली से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है. लीग सिटी एनिमल केयर की टीम इस लाल रंग की बिल्ली को सुरक्षित पकड़ने के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है.

    अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिल्ली को खुद पकड़ने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे बिल्ली डरकर भाग सकती है और रेस्क्यू टीम के प्रयासों में बाधा आ सकती है. संस्था ने बयान जारी कर बताया कि वे आसपास के कैट-केयरगिवर्स की मदद से पिंजरा लगाकर बिल्ली को सुरक्षित हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उसके शरीर पर लगे खतरनाक केमिकल या डाई का इलाज किया जा सके. सोशल मीडिया पर इस लाल बिल्ली की तस्वीरें वायरल होते ही लोगों ने जानवर के प्रति क्रूरता और अवैध गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर दावे किए हैं.

    कुछ स्थानीय लोगों का आशंका जताई है कि इस बिल्ली को किसी अवैध डॉग-फाइटिंग रिंग (कुत्तों की खूनी लड़ाई) का शिकार बनाने या टारगेट प्रैक्टिस के लिए लाल रंग से रंगा गया हो सकता है. लोगों का मानना है कि बिल्ली किसी तरह वहां से भाग निकली है. ऐसे में पुलिस को इस इलाके में जानवरों की क्रूरता से जुड़े गिरोहों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. वहीं, कुछ कैट लवर्स ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी औपचारिक आपराधिक जांच या एनिमल क्रुएल्टी केस दर्ज करने की घोषणा नहीं की है. फिलहाल रेस्क्यू टीम का पूरा ध्यान बिल्ली को सुरक्षित पकड़कर उसका मेडिकल चेकअप करने और उसे एक सुरक्षित घर दिलाने पर टिका हुआ है.

  • पत्नी से दूरी और कम उम्र की लड़कियों संग रिश्तों के दावों ने मचाई सनसनी, चर्चा में आया..

    पत्नी से दूरी और कम उम्र की लड़कियों संग रिश्तों के दावों ने मचाई सनसनी, चर्चा में आया..

    पत्नी से दूरी और कम उम्र की लड़कियों संग रिश्तों के दावों ने मचाई सनसनी, चर्चा में आया..

    फिल्मों और फिल्मी सितारों की दुनिया दूर से जितनी चकाचौंध भरी और परफेक्ट नजर आती है, पास से उतनी ही अंधकार भरी और खोखली है। यहां आपसी रिश्ते ऐसे हैं, जिनके बारे में जानकर कोई भी हैरान रह जाए। डिटेक्टिव तान्या पुरी ने हाल ही एक पॉडकास्ट में कुछ ऐसे ही फिल्म स्टार्स के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए, जो चर्चा में हैं। तान्या इस वक्त करण जौहर के शो ‘द ट्रेटर्स 2’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें वह बतौर कंटेस्टेंट नजर आएंगी। लेकिन शो में जाने से पहले उन्होंने कुछ एक्टर्स के निजी जिंदगी का खुलासा किया। तान्या ने बताया कि एक एक्टर, जिसे पूरा ‘ग्रीन फॉरेस्ट’ माना जाता है, वह कई साल से पत्नी के साथ नहीं सोया और उसके छोटी उम्र की लड़कियों के साथ संबंध हैं।

    तान्या पुरी ने यह बात जाहरा जानी के पॉडकास्ट में बताई। इसी में उन्होंने एक ऐसी बॉलीवुड एक्ट्रेस के बारे में भी बताया, जिसकी क्यूट और मासूम इमेज है, पर वह पैसे लेकर गैर मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाती है। उसके बॉयफ्रेंड को भी इस बारे में पता है। तान्या से जब पूछा गया कि क्या वह बॉलीवुड का ऐसा कोई हाई-प्रोफाइल केस शेयर कर सकती हैं, जिसके बारे में उन्होंने किसी और पॉडकास्ट में न बताया हो। वह नाम न बताएं सिर्फ कहानी बता दें।

    ‘लोगों की नजरों में आदर्श, पत्नी सच्चाई का पता लगाने आई’
    तो तान्या पुरी ने बताया, ‘एक केस में शेयर करूंगी, वो जिस एक्टर के बारे में है, उसे लोग ग्रीन फॉरेस्ट या ग्रीन फ्लैग कहते हैं। वह लोगों की नजरों में एकदम आइडल है…पिक्चर परफेक्ट आइडेंटिटी, परफेक्ट रिलेशनशिप, बच्चे भी हैं और वह कमाल का पिता भी है। उनकी पत्नी हमारी कंपनी के पास आई थी, उनके बारे में बात करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए क्योंकि वो बहुत समय से सोच रही थीं कुछ एक्शन लेने का। कुछ सुनाई दे रहा था उनको।’

    ‘वो एक्टर छोटी उम्र की लड़कियों के साथ इन्वॉल्व था’
    तान्या पुरी ने आगे बताया, ‘आखिरकार, हमें पता चला कि वह एक ऐसी फ्रैंचाइज फिल्मों में काम करते हैं, जहां उनका कई कम उम्र की लड़कियों से संपर्क होता था। यह एक खास तरह की फिल्मों का जॉनर है, जहां वह फिल्म के सीन में तो किसी के साथ काम करते ही हैं, लेकिन फिर हमें पता चला कि वो असल में अपनी उम्र से आधी उम्र की लड़कियों के साथ इन्वॉल्व थे।

    ‘पत्नी और पति के बीच शारीरिक संबंध नहीं’
    तान्या ने फिर कहा, ‘क्योंकि असल जिंदगी में पति-पत्नी के बीच कोई तालमेल नहीं है। उनके बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं है। पत्नी ने हमें बताया कि कई सालों से उनके बीच कुछ भी नहीं हुआ है। वो अब एक ही कमरे में भी नहीं सोते हैं। दोनों एक-एक बच्चे की देखभाल करते हैं।’

    आखिर किस एक्टर की ओर तान्या ने किया इशारा?
    तान्या पुरी ने बताया कि वह एक्टर और उसकी पत्नी आज भी साथ हैं, जबकि पत्नी को पति की सारी करतूतों और हरकतों के बारे में पता है। हालांकि, कहा कि सेलिब्रिटीज के लिए अपनी शादी को तोड़ना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि वो पब्लिक फिगर होते हैं और हमेशा पब्लिक स्क्रूटनी और इमेज इशूज से जूझते हैं। अब भले ही तान्या ने इस एक्टर का नाम नहीं बताया, पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए।

  • दुनिया का सबसे खतरनाक रेलवे ट्रैक, जहां बैक गियर में पहाड़ चढ़ती है ट्रेन!

    दुनिया का सबसे खतरनाक रेलवे ट्रैक, जहां बैक गियर में पहाड़ चढ़ती है ट्रेन!

    दुनिया का सबसे खतरनाक रेलवे ट्रैक, जहां बैक गियर में पहाड़ चढ़ती है ट्रेन!

    दुनिया में इंसानों ने अपनी जिद और काबिलियत के दम पर कई ऐसे कमाल किए हैं, जो नामुमकिन लगते हैं. ऐसा ही एक कारनामा आज से करीब 125 साल पहले इक्वाडोर के खतरनाक एंडीज पहाड़ों पर किया गया था. यहां एक ऐसा रेलवे ट्रैक बनाया गया, जिसे आज भी दुनिया का सबसे मुश्किल और खतरनाक रेलवे ट्रैक माना जाता है. इस ट्रैक का नाम डेविल्स नोज यानी शैतान की नाक है. इस ट्रैक की कहानी जितनी रोमांचक है, उतनी ही डरावनी भी है, क्योंकि इसे बनाने के लिए इंसानों को प्रकृति के साथ-साथ एक ऐसे खौफ से लड़ना पड़ा, जिसे लोग शैतान का श्राप मानते थे.

    बात साल 1895 की है, जब इक्वाडोर के राष्ट्रपति जनरल एलोय अल्फारो ने सत्ता संभालते ही एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने देश के तटीय शहर गुआयाकिल को पहाड़ों पर बसी राजधानी क्विटो से रेलवे लाइन के जरिए जोड़ने की बात कही. इस ऐलान के बाद देश में उनका भारी विरोध हुआ. नेताओं से लेकर आम जनता तक, सबका मानना था कि विशाल और ऊंचे एंडीज पहाड़ों को चीरकर ट्रेन ले जाना बिल्कुल नामुमकिन है. लेकिन राष्ट्रपति अल्फारो अपनी जिद के पक्के थे. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों की परवाह न करते हुए अमेरिका के कुछ बड़े ठेकेदारों को काम पर रख लिया और उन्हें दुनिया का सबसे कठिन रेलवे ट्रैक बनाने का काम सौंप दिया. इसके बाद साल 1899 में इस ऐतिहासिक रेल लाइन का काम शुरू हुआ.

    जहरीले सांप, जगुआर और भयंकर बीमारियां
    पहाड़ों पर इस रेलवे लाइन को बिछाना कोई बच्चों का खेल नहीं था. काम शुरू होते ही मजदूरों और इंजीनियरों का सामना लगातार आने वाले भूकंप के झटकों, भारी बारिश, घने जंगलों में घूमने वाले खूंखार जगुआर और जहरीले सांपों से हुआ. इतना ही नहीं, मलेरिया और पीला बुखार (येलो फीवर) जैसी घातक बीमारियों ने काम को बहुत धीमा कर दिया. लेकिन इस पूरे रास्ते का सबसे खतरनाक हिस्सा अलाउसी और सिबाम्बे के बीच खड़ी एक 800 मीटर ऊंची सीधी चट्टान था, जिसे डेविल्स नोज कहा जाता था.

    इस सीधी खड़ी चट्टान पर ट्रेन चढ़ाने के लिए इंजीनियरों ने एक अनोखा ‘जिग-जैग’ (Switchback) तरीका निकाला. ट्रेन को 3.5% की सीधी ढलान पर चढ़ाने के लिए ट्रैक को ऐसे काटा गया कि ट्रेन पहले आगे जाती, फिर एक जगह रुकती. इसके बाद ट्रेन का गार्ड नीचे उतरकर ट्रैक का लीवर बदलता और ट्रेन उल्टी दिशा में (रिवर्स होकर) ऊपर की तरफ चढ़ती. फिर यही प्रक्रिया दोबारा दोहराई जाती. इस तरह आगे-पीछे करते हुए ट्रेन इस जानलेवा चट्टान को पार करती थी.

    शैतान का श्राप और 2000 मजदूरों की मौत!
    उस दौर में स्थानीय लोगों के बीच यह बात फैल गई थी कि इस पहाड़ी पर खुद शैतान का वास है. लोग कहते थे कि शैतान नहीं चाहता कि उसके इलाके में कोई ट्रेन चले, इसलिए जो भी यहां काम करेगा उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा. लोगों का यह डर सच साबित होता दिखा. इस खतरनाक ट्रैक को पूरा करते-करते बीमारी, हादसों और खराब मौसम की वजह से 2,000 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई. इन मरने वालों में जमैका से लाए गए मजदूर, आजादी के लालच में काम पर लगाए गए सैकड़ों कैदी और खुद इस प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर मेजर जॉन हरमन शामिल थे.

    तमाम मौतों और दिक्कतों के बाद भी साल 1902 में पहली बार ट्रेन ने डेविल्स नोज की चढ़ाई पूरी की, जो उस समय इंजीनियरिंग का एक बहुत बड़ा अजूबा था. यह ट्रेन रूट सालों तक चलता रहा, लेकिन साल 1997 में आए एल नीनो तूफान और भारी लैंडस्लाइड्स ने इस ट्रैक को बुरी तरह तबाह कर दिया, जिससे पूरी लाइन बंद हो गई. हालांकि, आज भी पर्यटकों के रोमांच के लिए अलाउसी से सिबाम्बे के बीच का 12 किलोमीटर का हिस्सा खुला रखा गया है, जहां दुनिया भर से लोग इस ‘शैतान की नाक’ वाले ट्रैक पर ट्रेन के सफर का लुत्फ उठाने और खूबसूरत वादियों को देखने आते हैं.

  • लोला’ का बड़ा खेल बेनकाब! सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तारी, खूबसूरती के लिए 7 बार कराया..

    लोला’ का बड़ा खेल बेनकाब! सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तारी, खूबसूरती के लिए 7 बार कराया..

    लोला’ का बड़ा खेल बेनकाब! सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तारी, खूबसूरती के लिए 7 बार कराया..

    लखनऊ। लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा (50) आखिरकार पकड़ी गई। वह एक साल से लखनऊ पुलिस को चकमा दे रही थी। पुलिस ने उसे मंगलवार रात (11 अगस्त) ओमेक्स आर-2 बिल्डिंग में छापेमारी कर पकड़ा और खुफिया एजेंसी को सौंप दिया।

    लखनऊ पुलिस ने पिछले साल उसके रैकेट से जुड़ी 2 युवतियों को गिरफ्तार किया था। दोनों उज्बेकिस्तान की रहने वाली थीं। पूछताछ में लोला का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही वह अंडरग्राउंड हो गई थी।

    जांच में सामने आया था कि लोला ने जवान दिखने के लिए चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट की 7 बार प्लास्टिक सर्जरी कराई थी। ये सभी सर्जरी लखनऊ के डॉ. विवेक गुप्ता ने की थीं।

    अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझिए-

    लखनऊ के ओमेक्स हजरतगंज अपार्टमेंट में 21 जून 2025 को पुलिस को सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिली थी। छापेमारी में उज्बेकिस्तान की होलिडा और नीलोफर को गिरफ्तार किया गया। दोनों यहां अवैध रूप से रह रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया था कि फ्लैट डॉक्टर विवेक गुप्ता का है।

    लोला इन दोनों युवतियों को भारत लेकर आई थी। होलिडा और नीलोफर ने पूछताछ में बताया था कि लोला कायूमोवा के जरिए उनकी मुलाकात पत्रकारपुरम और अहिमामऊ में मिनर्वा क्लीनिक चलाने वाले डॉ. विवेक गुप्ता से हुई थी। डॉ. विवेक गुप्ता ने दोनों की प्लास्टिक सर्जरी की थी।

    यह उज्बेकिस्तानी लोला का पासपोर्ट है। लखनऊ में कथित पत्रकार त्रिजिन के साथ लिव-इन में रहकर उज्बेकिस्तानी लड़कियों से स्पा चलवाती थी।

    लखनऊ में ठिकाना, दिल्ली तक सर्विस

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लोला ने भारत आने के लिए सितंबर 2013 में पासपोर्ट बनवाया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि लोला और डॉ. विवेक की मुलाकात थाईलैंड में हुई थी। इसके बाद विवेक ही लोला को भारत लेकर आया था। शुरुआत में उसने दिल्ली-NCR में ठिकाना बनाया। वहां एजेंटों के जरिए सेक्स रैकेट से जुड़ गई।

    इसके बाद लखनऊ में केरल के वरेनम निवासी कथित पत्रकार त्रिजिन से उसकी जान-पहचान हुई। 2014 में वह लखनऊ आ गई। त्रिजिन की मदद से स्पा सेंटर में काम करना शुरू किया। इसके बाद त्रिजिन के साथ लिव-इन में ओमेक्स आर-1 के फ्लैट नंबर 104 में रहने लगी। धीरे-धीरे उसने खुद का सेक्स रैकेट बना लिया।

    इस दौरान लोला को समझ आया कि भारत में विदेशी युवतियों की मांग है। उसने इसे अपने रैकेट का तरीका बना लिया। वह युवतियों को भारत बुलाकर अपने सेक्स रैकेट में शामिल करने लगी। उसने उज्बेकिस्तान की युवतियों से संपर्क किया और उन्हें भारत में अच्छा पैसा कमाने का लालच दिया।

    उसका रैकेट लखनऊ से दिल्ली तक चलता था। वह लड़कियों को लखनऊ और दिल्ली-NCR के स्पा सेंटर, होटल और फ्लैट में भेजती थी। रैकेट से जुड़ी लड़कियों से लोला कमीशन लेती थी। इससे उसने मोटी कमाई की। इसी पैसे से उसने ओमेक्स आर-1 में फ्लैट नंबर 1103 खरीद लिया था।

  • दुनिया का सबसे छोटा ‘ज्वालामुखी’, जिसके अंदर सीढ़ियों से उतरते हैं..

    दुनिया का सबसे छोटा ‘ज्वालामुखी’, जिसके अंदर सीढ़ियों से उतरते हैं..

    दुनिया का सबसे छोटा ‘ज्वालामुखी’, जिसके अंदर सीढ़ियों से उतरते हैं..

    दुनिया में ऐसे कई प्राकृतिक अजूबे हैं, जो वैज्ञानिकों को हैरान करते हैं और पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं. ऐसा ही एक अनोखा और रूह कंपा देने वाला ढांचा मेक्सिको के प्यूब्ला शहर के ला लिबर्टाड इलाके में स्थित है, जिसे स्थानीय लोग सदियों से दुनिया का सबसे छोटा ज्वालामुखी कहते आ रहे हैं. इस ऐतिहासिक और रहस्यमयी प्राकृतिक बनावट का नाम है ‘कुएक्सकोमेट’ (Cuexcomate). यह दुनिया की इकलौती ऐसी जगह है, जहां लोग इस सोए हुए ज्वालामुखी के ऊपर चढ़कर लोहे की घुमावदार सीढ़ियों के सहारे इसके पाताल जैसे गहरे और खोखली खाई के अंदर उतर सकते हैं. वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों के अनुसार, कुएक्सकोमेट असल में कोई सक्रिय या मृत ज्वालामुखी नहीं है, बल्कि यह एक बुझा हुआ गीजर (जमीन के अंदर से निकलने वाला गर्म पानी का झरना) या एक ‘मिट्टी का ज्वालामुखी’ है.

    स्थानीय नहुआतल भाषा में ‘कुएक्सकोमेट’ शब्द का अर्थ ही मिट्टी का मटका होता है. माना जाता है कि इसका निर्माण साल 1064 में मेक्सिको के दूसरे सबसे ऊंचे और सक्रिय ज्वालामुखी ‘पोपोकाटेपेटल’ के एक भयंकर विस्फोट के दौरान हुआ था. उस भीषण ज्वालामुखी विस्फोट के कारण जमीन के अंदर मौजूद भू-तापीय झरने सक्रिय हो गए और वे चूना पत्थर की परतों को चीरते हुए भारी दबाव के साथ बाहर आए. इस प्रक्रिया में जमे कैल्साइट और सिलिकेट के मलबे ने धीरे-धीरे एक विशाल ढेर का रूप ले लिया. आज यह ढांचा 43 फीट ऊंचा और 75 फीट चौड़ा है, जो दिखने में बिल्कुल किसी छोटे ज्वालामुखी के शंकु जैसा प्रतीत होता है. यह भीतर से पूरी तरह खोखला है और इसके शीर्ष पर 23 फीट चौड़ा एक बड़ा मुहाना है. टूरिस्ट्स की सुविधा के लिए अब इसमें एक घुमावदार धातु की सीढ़ी लगाई गई है, जिसके जरिए लोग इसके अंदर आसानी से उतरकर अद्भुत नजारा देख सकते हैं.

    नरबलि का खौफनाक इतिहास
    कुएक्सकोमेट का इतिहास जितना वैज्ञानिक रूप से दिलचस्प है, उतना ही सामाजिक और ऐतिहासिक रूप से डरावना भी रहा है. इसके बाहर साल 1970 में लगाए गए एक शिलालेख पर साल 1585 के एक इतिहासकार का कथन लिखा है. उन्होंने इसे एक विशाल अकेले खड़े पत्थर के रूप में वर्णित किया था, जिसके शिखर पर एक बहुत बड़ा मुंह है, मानो कोई गहरा कुआं हो और जिसके तल में बेहद दुर्गंधयुक्त पानी भरा हुआ था. इस शिलालेख से यह भी पता चलता है कि प्राचीन काल में स्थानीय स्वदेशी जनजातियों द्वारा अपने देवताओं को खुश करने के लिए इस खोखले ढांचे के अंदर इंसानों की बलि दी जाती थी. इतना ही नहीं, बाद के दौर में समाज द्वारा तिरस्कृत और आत्महत्या करने वाले लोगों के शवों को भी इसी गहरे गड्ढे में फेंक दिया जाता था, क्योंकि उस समय के समाज का मानना था कि आत्महत्या करने वाले लोग शोक या पारंपरिक दफ़न के हकदार नहीं हैं.

    इन खौफनाक और रूह कंपा देने वाले हादसों के कारण ही इस गीजर के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को कभी-कभी बेहद खौफनाक नाम “शैतान की नाभि की संतानें” (Children of the Devil’s Navel) कहकर पुकारा जाता था. एक समय था जब यह सुनसान इलाके में दूर से दिखने वाली इकलौती ऐतिहासिक पहचान थी, लेकिन आज इसके चारों तरफ आधुनिक शहरी विकास हो चुका है. इसके बावजूद, अपने इसी डरावने इतिहास, अनोखी बनावट और रोमांचक अनुभव के कारण कुएक्सकोमेट आज भी मेक्सिको के प्यूब्ला शहर का सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय पर्यटन स्थल बना हुआ है, जहां हर साल हजारों सैलानी ज्वालामुखी की गहराई में उतरने का अनूठा रोमांच महसूस करने आते हैं.

  • कमरे से आ रही थीं आवाजें, लोगों ने बाहर से लगा दी कुंडी… फिर प्रेमी-प्रेमिका को लेना पड़ा बड़ा फैसला..

    कमरे से आ रही थीं आवाजें, लोगों ने बाहर से लगा दी कुंडी… फिर प्रेमी-प्रेमिका को लेना पड़ा बड़ा फैसला..

    कमरे से आ रही थीं आवाजें, लोगों ने बाहर से लगा दी कुंडी… फिर प्रेमी-प्रेमिका को लेना पड़ा बड़ा फैसला..

    यूपी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पहले पूरे गांव को हैरान कर दिया और फिर मुस्कुराने की वजह भी दे दी. रात के सन्नाटे में एक युवक महिला ग्राम प्रधान के घर में घुसा. कमरे में हलचल हुई तो महिला प्रधान को लगा कि कोई चोर घर में घुस आया है. उन्होंने बिना देर किए बाहर से कमरे की कुंडी लगा दी और शोर मचा दिया. कुछ ही देर में गांव के लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई. लेकिन जब कमरे का दरवाजा खुला और पुलिस ने युवक से पूछताछ की, तो सामने आई कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी. मामला चोरी का नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग का निकला. इतना ही नहीं, थाने में चली पंचायत के बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में प्रेमी-प्रेमिका ने शादी के लिए भी सहमति जता दी.

    रात 11 बजे घर में घुसा युवक, मच गया हड़कंप

    घटना श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के एक गांव की है. रविवार रात करीब 11 बजे महिला ग्राम प्रधान के घर में अचानक हलचल हुई. आवाज सुनकर महिला प्रधान की नींद खुली. वह कमरे की ओर पहुंचीं तो उन्हें अंदर किसी युवक की मौजूदगी का आभास हुआ. उन्हें लगा कि घर में चोर घुस आया है. बिना कोई जोखिम उठाए उन्होंने तुरंत कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी और जोर-जोर से ‘चोर-चोर’ चिल्लाने लगीं. शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. इसी बीच किसी ने पुलिस को भी सूचना दे दी. सूचना मिलते ही पीआरवी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर एक युवक मिला. शुरुआती पूछताछ में युवक घबराया हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे पूरी कहानी सामने आने लगी. पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पड़ोसी जनपद कुशीनगर का रहने वाला है. उसकी बहन की शादी महिला ग्राम प्रधान के गांव में हुई है. इसी वजह से उसका गांव में आना-जाना लगा रहता था. इसी दौरान उसकी पहचान ग्राम प्रधान की भतीजी से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए.

    प्रेमिका को दवा देने पहुंचा था युवक

    युवक ने पुलिस को बताया कि उसकी प्रेमिका की तबीयत ठीक नहीं थी और उसे बुखार था. वह उसी के लिए दवा लेकर रात में उससे मिलने पहुंचा था. रात का समय होने और घर में चुपचाप प्रवेश करने की वजह से किसी को उसकी मंशा समझ नहीं आई. जैसे ही कमरे में हलचल हुई, महिला ग्राम प्रधान ने उसे चोर समझ लिया. यहीं से पूरी घटना ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

    थाने में चली पंचायत

    पुलिस युवक को थाने ले आई. सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया. परिवार के लोगों, ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में काफी देर तक बातचीत हुई. पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि दोनों बालिग हैं और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं. दोनों ने यह भी स्वीकार किया कि वे एक-दूसरे से प्रेम करते हैं. इसके बाद थाने में पंचायत जैसी स्थिति बनी, जहां दोनों परिवारों के बीच बातचीत कराई गई.

    शादी के लिए दोनों ने जताई सहमति

    लंबी बातचीत के बाद प्रेमी और प्रेमिका दोनों ने एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई. परिवारों के बीच भी सहमति बनने लगी. पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने की बात कही. किसी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी और न ही कानूनी कार्रवाई की मांग की.

    पुलिस ने क्या कहा

    श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि रविवार रात महिला ग्राम प्रधान के घर में चोर घुसने की सूचना मिली थी. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक युवक को थाने लाई. पूछताछ के दौरान पता चला कि मामला चोरी का नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का है. बाद में दोनों पक्षों ने बताया कि वे किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते. इसलिए आवश्यक पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई नहीं की गई.

    गांव में दिनभर रही चर्चा

    रात में जिस घटना को लोग चोरी समझ रहे थे, सुबह तक वही पूरे गांव में प्रेम कहानी बनकर चर्चा का विषय बन गई. गांव के लोग भी इस बात से हैरान थे कि जिस युवक को चोर समझकर कमरे में बंद कर दिया गया था, वह दरअसल प्रेमिका से मिलने आया था. थाने में पंचायत के बाद शादी की सहमति बनने की खबर फैलते ही लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया.