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  • क्या कलाई के एक बिंदु को दबाने से जल्दी नींद आ सकती है? जानें एक्यूप्रेशर, सही दिनचर्या और जरूरी सावधानियां

    क्या कलाई के एक बिंदु को दबाने से जल्दी नींद आ सकती है? जानें एक्यूप्रेशर, सही दिनचर्या और जरूरी सावधानियां

    क्या कलाई के एक बिंदु को दबाने से जल्दी नींद आ सकती है? जानें एक्यूप्रेशर, सही दिनचर्या और जरूरी सावधानियां

    आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा (Insomnia) एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग रातभर करवटें बदलते रहते हैं, जिससे अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और काम में ध्यान न लगने जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

    कुछ लोग बेहतर नींद के लिए एक्यूप्रेशर का सहारा लेते हैं। माना जाता है कि कलाई के अंदरूनी हिस्से पर मौजूद एक विशेष बिंदु पर हल्का दबाव देने से शरीर को आराम महसूस हो सकता है और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस तरीके की प्रभावशीलता को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, इसलिए इसे इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

    अनिद्रा क्या है?

    जब व्यक्ति को रात में सोने में कठिनाई हो, बार-बार नींद टूट जाए या पर्याप्त समय तक सोने के बावजूद शरीर तरोताजा महसूस न करे, तो इसे अनिद्रा कहा जाता है।

    अनिद्रा के सामान्य कारण

    • अधिक तनाव और चिंता
    • अवसाद या अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
    • देर रात तक मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल
    • चाय, कॉफी और अन्य कैफीनयुक्त पेयों का अधिक सेवन
    • धूम्रपान और शराब
    • अनियमित दिनचर्या
    • भारी या मसालेदार भोजन
    • कुछ दवाइयों के दुष्प्रभाव

    अनिद्रा के लक्षण

    • देर तक नींद न आना
    • रात में बार-बार जागना
    • सुबह जल्दी नींद खुल जाना
    • दिनभर थकान और सुस्ती
    • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
    • चिड़चिड़ापन और तनाव

    क्या कलाई के एक्यूप्रेशर पॉइंट से मदद मिल सकती है?

    एक्यूप्रेशर विशेषज्ञों के अनुसार, कलाई के अंदरूनी हिस्से पर छोटी उंगली की दिशा में मौजूद एक बिंदु पर 2–3 मिनट तक हल्का दबाव देने से कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है। इसी तरह दोनों भौंहों के बीच वाले बिंदु पर हल्की मालिश भी तनाव कम करने में सहायक मानी जाती है।

    ध्यान रखें कि यह तरीका सभी लोगों पर समान रूप से प्रभावी हो, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यदि आपकी नींद की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

    अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें

    • रोजाना एक ही समय पर सोएं और जागें।
    • सोने से 1–2 घंटे पहले मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम करें।
    • शाम के बाद चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक से बचें।
    • हल्का और संतुलित भोजन करें।
    • नियमित व्यायाम करें, लेकिन सोने से ठीक पहले नहीं।
    • गहरी सांस लेने, ध्यान (Meditation) या रिलैक्सेशन तकनीकों का अभ्यास करें।
    • बेडरूम को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।

    कब डॉक्टर से संपर्क करें?

    यदि 3 सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार नींद की समस्या बनी रहे, खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसी परेशानी हो, या अनिद्रा के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा हो, तो किसी योग्य चिकित्सक या नींद विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

    निष्कर्ष

    एक्यूप्रेशर तनाव कम करने और रिलैक्स महसूस कराने में कुछ लोगों के लिए सहायक हो सकता है, लेकिन इसे अनिद्रा का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता। अच्छी नींद के लिए नियमित दिनचर्या, स्वस्थ जीवनशैली और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह सबसे प्रभावी उपाय हैं।

  • बारिश के पानी से जुड़े ये वास्तु उपाय बदल सकते हैं हालात, धन-सेहत से जुड़ी परेशानियों के लिए करें ये काम

    बारिश के पानी से जुड़े ये वास्तु उपाय बदल सकते हैं हालात, धन-सेहत से जुड़ी परेशानियों के लिए करें ये काम

    बारिश के पानी से जुड़े ये वास्तु उपाय बदल सकते हैं हालात, धन-सेहत से जुड़ी परेशानियों के लिए करें ये काम

    सावन के महीने में बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश मौसम को खुशनुमा बनाती है और सूखे धरती को राहत देकर उसे हरा-भरा करती है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बारिश के पानी को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि बरसात के साफ पानी को जमा करके किए गए कुछ उपायों से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। तो चलिए जानते हैं बारिश के पानी से जुड़े कुछ आसान उपाय।

    आर्थिक स्थिति से राहत का उपाय

    अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो बारिश के पानी से जुड़ा यह उपाय कर सकते हैं। इसके लिए बारिश का पानी मिट्टी के घड़े या तांबे के बर्तन में इकट्ठा करें। बर्तन में रखें इस पानी में एक चुटकी हल्दी मिला दें। अब इसे घर की उत्तर दिशा में रख दें। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, 11 दिनों तक सुबह और शाम इसके पास दीपक जलाने से आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं।

    अच्छी सेहत के लिए उपाय

    हालांकि, बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह और सही इलाज लेना जरूरी है। लेकिन अगर परिवार में कोई व्यक्ति लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहा है तो बारिश पानी का यह उपाय राहत दे सकता है। इसे स्टील या तांबे के बर्तन में रखकर भगवान शिव की पूजा करें। इसके बाद शिवलिंग पर यह जल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मन को शांति और सकारात्मकता मिलने की मान्यता है।

    इस उपाय से चंद्रमा को करें मजबूत

    ज्योतिष में कमजोर चंद्रमा को मानसिक अशांति, अनिद्रा और आत्मविश्वास में कमी से जोड़ा जाता है। इसके लिए बारिश का पानी हरे रंग की कांच की बोतल में भरकर घर के किसी शांत स्थान पर रख सकते हैं। इसे पूरे साल स्टोर करके रखने की मान्यता है। इसके बाद आने वाले साल में पुराने पानी की जगह फिर से बारिश का नया पानी भरने की मान्यता है।

    साफ पानी का करें इस्तेमाल

    बारिश के पानी से जुड़े ये आसान उपाय ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन उपायों के लिए हमेशा साफ और स्वच्छ बारिश के पानी का ही इस्तेमाल करें।

  • बार-बार होती है एसिडिटी? जानें इसके प्रमुख कारण, लक्षण और राहत पाने के आसान उपाय

    बार-बार होती है एसिडिटी? जानें इसके प्रमुख कारण, लक्षण और राहत पाने के आसान उपाय

    बार-बार होती है एसिडिटी? जानें इसके प्रमुख कारण, लक्षण और राहत पाने के आसान उपाय

    अगर आपको अक्सर सीने में जलन, खट्टी डकारें, गले में जलन या पेट में भारीपन महसूस होता है, तो इसे सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार होने वाली एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स कई बार किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकती है। समय रहते इसके कारणों को समझकर जीवनशैली में बदलाव करने से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

    एसिडिटी बार-बार क्यों होती है?

    विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एसिडिटी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण हैं:

    • H. pylori बैक्टीरिया का संक्रमण: यह बैक्टीरिया पेट की परत को प्रभावित कर सकता है और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
    • लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर (LES) का कमजोर होना: यह वाल्व भोजन और पेट के बीच होता है। इसके कमजोर होने पर पेट का एसिड ऊपर भोजन नली में पहुंच सकता है।
    • बढ़ा हुआ वजन: पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी होने से पेट के अंदर दबाव बढ़ता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की संभावना बढ़ सकती है।
    • धूम्रपान और शराब का सेवन: ये आदतें पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं और एसिडिटी की समस्या बढ़ा सकती हैं।
    • अस्वस्थ खानपान: तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार भोजन, ज्यादा चाय-कॉफी और अनियमित समय पर खाना भी एसिडिटी का कारण बन सकता है।
    • तनाव और खराब दिनचर्या: लगातार तनाव और पर्याप्त नींद की कमी भी पाचन तंत्र पर असर डाल सकती है।

    किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

    यदि आपको बार-बार ये समस्याएं हो रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है:

    • सीने में जलन (हार्टबर्न)
    • खट्टी डकारें या मुंह में खट्टा स्वाद आना
    • गले में जलन या खराश
    • सांस की बदबू
    • बार-बार खांसी या गला साफ करने की जरूरत महसूस होना
    • लंबे समय तक रहने पर दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) को नुकसान

    एसिडिटी से बचने के लिए क्या करें?

    जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव अपनाकर एसिडिटी की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है:

    • संतुलित और हल्का भोजन करें।
    • एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लें।
    • तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार और बहुत अधिक चाय-कॉफी का सेवन सीमित करें।
    • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
    • स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित व्यायाम करें।
    • भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचें।
    • तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन या नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाएं।
    • बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक एसिडिटी की दवाएं लेने से बचें।

    कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

    यदि एसिडिटी सप्ताह में कई बार हो रही है, दवाओं से भी राहत नहीं मिल रही, निगलने में परेशानी हो रही है, वजन तेजी से घट रहा है या उल्टी में खून जैसा दिखाई दे, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या योग्य चिकित्सक से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर H. pylori संक्रमण या अन्य कारणों की जांच की सलाह दे सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। यदि आपकी समस्या लगातार बनी हुई है या गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

  • 11 या 12 अगस्त कब लगेगा सूर्य ग्रहण? नोट कर लें सही डेट, टाइमिंग और सूतक काल समय..

    11 या 12 अगस्त कब लगेगा सूर्य ग्रहण? नोट कर लें सही डेट, टाइमिंग और सूतक काल समय..

    11 या 12 अगस्त कब लगेगा सूर्य ग्रहण? नोट कर लें सही डेट, टाइमिंग और सूतक काल समय..

    साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सावन शिवरात्रि के अगले दिन यानी श्रावण अमावस्या पर लगने जा रहा है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह एक कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा। जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण के नाम से भी जाना जाता है। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को इस तरह से ढकता है जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा प्रकाशित रहता है और अंदर का हिस्सा पूरी तरह से ढक जाता है। जिससे सूर्य के चारों ओर एक चमकती हुई अंगूठी या छल्ले जैसी आकृति बन जाती है। चलिए जानते हैं ये सूर्य ग्रहण कब और कहां-कहां लगने जा रहा है।

    सूर्य ग्रहण 2026 तारीख और समय (Surya Grahan 2026 Date And Timing)

    साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को लगने जा रहा है। ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त 2026 की रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और समापन सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। ये ग्रहण लगभग साढ़े 7 घंटे लगा रहेगा। पंचांग अनुसार यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने जा रहा है।

    12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा

    12 अगस्त का सूर्य ग्रहण वलयाकार रूप में अधिकांश यूरोपीय देशों कनाडा, रूस का उत्तर पूर्वी क्षेत्र और में दिखाई देगा। तो वहीं खग्रास रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक उत्तरी स्पेन, पुर्तगाल के सुधार उत्तर पूर्वी क्षेत्र में दिखेगा। जबकि खंड ग्रास के रूप में फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोप के अधिकतर देशों में दिखाई देगा। लेकिन भारत में ये ग्रहण नहीं दिखेगा।

    सूर्य ग्रहण का सूतक काल समय

    सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। लेकिन 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये ग्रहण भारत से दिखाई नहीं दे रहा है। यह केवल वहां मान्य होता है जहां ग्रहण प्रत्यक्ष दिखाई देता है।

    सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

    सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। सिलाई-कढ़ाई, चाकू-कैंची यानी काटने-छीलने वाले काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए। ग्रहण के दौरान भोजन भी नहीं करना चाहिए। भारी काम करने से बचना चाहिए।

  • चाणक्य नीति: इन 6 मुश्किल घड़ियों में जो आपका साथ न छोड़े, वही है सच्चा मित्र; बाकी रिश्तों की हो जाएगी पहचान..

    चाणक्य नीति: इन 6 मुश्किल घड़ियों में जो आपका साथ न छोड़े, वही है सच्चा मित्र; बाकी रिश्तों की हो जाएगी पहचान..

    चाणक्य नीति: इन 6 मुश्किल घड़ियों में जो आपका साथ न छोड़े, वही है सच्चा मित्र; बाकी रिश्तों की हो जाएगी पहचान..

    Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में जीवन, रिश्तों और व्यवहार से जुड़ी कई ऐसी शिक्षाएं दी हैं, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक मानी जाती हैं। चाणक्य के अनुसार किसी व्यक्ति की असली पहचान उसके अच्छे समय में नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में होती है। उन्होंने बताया है कि सच्चा मित्र वही है जो हर हाल में आपका साथ निभाए, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।

    मित्रता पर चाणक्य का प्रसिद्ध श्लोक

    आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रु-संकटे।
    राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः॥

    श्लोक का भावार्थ

    इस श्लोक में आचार्य चाणक्य बताते हैं कि जो व्यक्ति बीमारी, संकट, आर्थिक तंगी, शत्रु के भय, कानूनी परेशानियों और जीवन के अंतिम दुखद क्षणों में भी आपका साथ नहीं छोड़ता, वही वास्तव में आपका सच्चा मित्र और अपना कहलाने योग्य है।

    इन 6 परिस्थितियों में होती है सच्चे मित्र की पहचान

    1. बीमारी के समय

    जब व्यक्ति शारीरिक या मानसिक रूप से कमजोर होता है, उस समय जो बिना स्वार्थ के उसकी देखभाल करे और उसका हौसला बढ़ाए, वही सच्चा मित्र होता है।

    2. बड़े संकट के दौरान

    जीवन में अचानक आने वाली मुश्किलें इंसान की असली परीक्षा लेती हैं। ऐसे समय जो व्यक्ति आपका साथ निभाए और समाधान खोजने में मदद करे, वही भरोसेमंद साथी है।

    3. आर्थिक तंगी में

    जब धन की कमी हो और लोग दूरी बनाने लगें, तब जो व्यक्ति आपका हाथ थामे और जरूरत के समय मदद करे, वही सच्ची मित्रता का उदाहरण है।

    4. शत्रु या विरोध की स्थिति में

    यदि कोई आपके खिलाफ खड़ा हो या आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, तो जो व्यक्ति बिना डर के आपके साथ खड़ा रहे, वही आपका वास्तविक शुभचिंतक है।

    5. कानूनी या प्रशासनिक परेशानी में

    जब किसी अदालत, सरकारी दफ्तर या कानूनी विवाद का सामना करना पड़े, उस समय जो आपका साथ न छोड़े और हर संभव सहयोग करे, वही सच्चा साथी कहलाता है।

    6. दुख और अंतिम विदाई के समय

    परिवार में किसी की मृत्यु या जीवन के सबसे कठिन दुखद क्षणों में जो व्यक्ति अंत तक साथ निभाए और श्मशान तक पहुंचे, वही रिश्ते की सच्ची गहराई को साबित करता है।

    चाणक्य की सीख

    आचार्य चाणक्य का संदेश स्पष्ट है कि सच्ची मित्रता केवल खुशियों में साथ देने का नाम नहीं है। जो व्यक्ति कठिन समय में बिना किसी स्वार्थ के आपके साथ खड़ा रहता है, वही वास्तविक मित्र और भरोसेमंद रिश्तेदार होता है। अच्छे समय के साथी बहुत मिल जाते हैं, लेकिन मुश्किल घड़ी में साथ निभाने वाले लोग ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।

  • ब्रिज पर नन्हें बच्चे को अकेला छोड़ मां बेशर्मी से बनाती दिखी रील, हरकत देख औरत से उठ जाएगा भरोसा!

    ब्रिज पर नन्हें बच्चे को अकेला छोड़ मां बेशर्मी से बनाती दिखी रील, हरकत देख औरत से उठ जाएगा भरोसा!

    ब्रिज पर नन्हें बच्चे को अकेला छोड़ मां बेशर्मी से बनाती दिखी रील, हरकत देख औरत से उठ जाएगा भरोसा!

    Viral Video: सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वो अपने बच्चे को छोड़कर रील बनाने में लग जाती है। बच्चा सड़क की तरफ बढ़ने लगता है। ले किन तभी वहां पर कर आदमी बच्चे को बचाता है। हैरानी की बात ये है कि, महिला को फिर भी कोई होश नहीं रहता है।

    Viral Video: इंस्टाग्राम रील का भूत लोगों के सिर पर कुछ तरह से सवार हो चुका है कि, वो ना तो अपनी जान की परवाह करते हैं और ना ही किसी और की। सोशल मीडिया एक ऐसी ही लापरवाह मां का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें महिला बच्चे को ब्रिज के ऊपर छोड़कर रील बनाने में इतनी बिजी हो जाती है कि,  बच्चे को ही भूल जाती है।  मां का अब यही बर्ताव लोगों को परेशान भी कर रहा है और गुस्सा भी दिला रहा है।

    रील के चक्कर में बच्चे को भूली मां

    बच्चे को छोड़कर रील बनाती महिला के वायरल वीडियो को Nitin Prajapati नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में लिखा है, ‘इस महिला को REEL की फिक्र है लेकिन बच्चे की नहीं है। बताइए कितनी असंवेदनशीलता आ चुकी है! ‘ वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला एक ऊंचे पुल पर खड़ी होकर रील बना रही है।

    खुद को कैमरे में कैद करने और अच्छा वीडियो बनाने की धुन में वह इतनी खोई हुई है कि उसे अपने आस-पास की कोई सुध नहीं है।हद तो तब हो गई जब महिला ने अपने नन्हें बच्चे को ब्रिज पर बिल्कुल अकेला छोड़ दिया। पुल जैसी खतरनाक जगह पर, जहां से तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती हैं और नीचे गिरने का भारी खतरा होता है, वहां एक छोटे बच्चे को इस तरह अकेला छोड़ना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा था। जब महिला बेशर्मी से अपने वीडियो में व्यस्त थी, तभी वहां पर खड़े आदमी ने बच्चे को गोद में उठा लिया और प्यार करने लगा। अब इसी घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।अगर वह शख्स सही समय पर वहां नहीं पहुंचता, तो बच्चे के साथ कोई भी अनहोनी घट सकती थी।

    Viral Video लोगों को दिला रहा गुस्सा

    ये घटना कब और कहां की है?  इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स  पर 7 अगस्त 2026 को अपलोड किया गया था। इस पर 86000 से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। वहीं, तमाम सारे लोगों के कमेंट भी आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि चंद लाइक्स और व्यूज के लिए अपने सगे बच्चे की जान जोखिम में डालना बेहद शर्मनाक है। कई यूजर्स ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि ऐसी लापरवाह मां के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि दूसरों को सबक मिल सके। मां की इस हरकत ने लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

    डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

  • शर्मनाक! घर की चारदिवारी के भीतर काम करने वाली के साथ बर्बरता, हैवानियत देख पुलिस हुई सख्त..

    शर्मनाक! घर की चारदिवारी के भीतर काम करने वाली के साथ बर्बरता, हैवानियत देख पुलिस हुई सख्त..

    शर्मनाक! घर की चारदिवारी के भीतर काम करने वाली के साथ बर्बरता, हैवानियत देख पुलिस हुई सख्त..

    Gurugram Viral Video: घर में काम कर रही एक महिला के साथ जिस तरह की हैवानियत दिखाई गई उसने हर किसी को फिलहाल स्तब्ध कर दिया है और इस पर फिलहाल बहस जारी है। जानिए पुलिस ने किस तरह से प्रतिक्रिया दी है।

    Gurugram Viral Video: घर की चारदिवारी के पीछे छिपी क्रूरता का एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया जिसने हर किसी को नि:शब्द कर दिया। गुरुग्राम में घर में काम करने वाली के साथ हो रहे अत्याचार का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जहां बेचारी की चींख भी अंदर ही गूंज कर रह रही है। गरीबी की वजह से वह कुछ नहीं कर पा रही है। सोशल मीडिया पर गुरुग्राम वायरल वीडियो को शेयर करते हुए पूरी जानकारी दी गई है जहां इसके साथ ही न्याय की गुहार लगाई गई है। वहीं इसे देखने के बाद पुलिस भी एक्शन में है।

    Gurugram Viral Video में काम करने वाली के साथ हो रहे अत्याचार को देख हिल जाएंगे आप

    गुरुग्राम वायरल वीडियो की बात करें तो इसे शेयर करते हुए कैप्शन में कहा गया कि “घरेलू कामगार महिला के साथ उस घर में मारपीट और उत्पीड़न किए जाने का आरोप है। जहां वह काम करती है। गुरुग्राम पुलिस से अनुरोध है कि वह इस मामले की जांच करें। महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करें उचित कार्रवाई करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट साझा करें।” जहां इस वीडियो में देखा जा सकता है कि घर में काम करने वाली महिला के साथ मारपीट की जा रही है। वही वीडियो के साथ बताया गया है कि यह महिला 24 घंटे इस घर में काम करती है।

    गुरुग्राम वायरल वीडियो देख हरकत में आई पुलिस ने किया रिएक्ट

    इस तरह से घर में काम करने वाली के साथ हैवानियत की हदें पार करते देख सोशल मीडिया पर लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस प्रशासन से न्याय मांग रहे हैं। जहां गुरुग्राम पुलिस ने इस पर रिएक्ट करते हुए कहा, “कृपया जरूरी कार्रवाई के लिए फिर इसका कांटेक्ट नंबर पता करें और अन्य जानकारी डायरेक्ट मैसेज के जरिए शेयर करें।” वहीं इस वीडियो को देखकर एक यूजर ने लिखा उसे सजा होनी चाहिए। एक यूजर ने लिखा यह वाकई काफी शर्मनाक है तो एक ने लिखा हर जगह यही हो रहा है। एक यूजर ने कहा ऐसे लोगों को मार पड़नी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

  • इश्क में बनी मासूम बेटी रोड़ा! 6 साल की बच्ची की हत्या कर शव कुएं में फेंका, सनसनीखेज खुलासा..

    इश्क में बनी मासूम बेटी रोड़ा! 6 साल की बच्ची की हत्या कर शव कुएं में फेंका, सनसनीखेज खुलासा..

    इश्क में बनी मासूम बेटी रोड़ा! 6 साल की बच्ची की हत्या कर शव कुएं में फेंका, सनसनीखेज खुलासा..

    भिंड जिले में छह साल की एक मासूम बच्ची की मौत के मामले ने अब बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. करीब 45 दिन पहले कुएं में मिले सृष्टि दौहरे के शव को शुरुआत में हादसा माना जा रहा था, लेकिन भोपाल मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ने कहानी बदल दी. रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बच्ची की मां और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच में सामने आया है कि दोनों शादी करना चाहते थे और बच्ची उनके रिश्ते में बाधा बन रही थी. इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.

    कुएं में मिला था मासूम सृष्टि का शव

    लहार थाना क्षेत्र के मेहरी गांव में 15 जून 2026 को छह वर्षीय सृष्टि दौहरे का शव एक कुएं में मिला था. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया. बच्ची की पहचान उसके पिता धर्म सिंह दौहरे ने की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पैनल से पोस्टमार्टम कराया और विस्तृत जांच के लिए रिपोर्ट भोपाल मेडिकल बोर्ड को भेज दी.

    मेडिकल रिपोर्ट ने खोली हत्या की परत

    करीब 45 दिन बाद आई मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई. पुलिस के अनुसार रिपोर्ट से संकेत मिला कि बच्ची की पहले हत्या की गई और बाद में साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसका शव कुएं में फेंका. इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले को हादसे से हत्या के मामले में बदल दिया.

    मां और उसके कथित प्रेमी पर हत्या का आरोप

    जांच के दौरान पुलिस का शक बच्ची की मां ज्योति दौहरे और उसके कथित प्रेमी रमाशंकर शर्मा पर गया. तकनीकी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन बच्ची अपनी मां के साथ नानी के घर पर मौजूद थी, जिससे जांच की दिशा बदल गई.

    प्रेम संबंधों की जांच में सामने आया नया एंगल

    पुलिस के मुताबिक, ज्योति दौहरे की शादी करीब आठ वर्ष पहले धर्म सिंह दौहरे से हुई. धर्म सिंह अहमदाबाद में पुताई का काम करते हैं. जांच में सामने आया कि इसी दौरान ज्योति की पहचान मेहरा गांव निवासी रमाशंकर शर्मा से हुई और दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए. पुलिस का दावा है कि दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे और इसी वजह से बच्ची उनके रास्ते की बाधा बन रही थी.

    घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार

    मामला दर्ज होने के बाद से ज्योति दौहरे और रमाशंकर शर्मा दोनों फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से उनकी तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.

    पूरे जिले में चर्चा का विषय बना मामला

    इस घटना ने भिंड जिले को झकझोर कर रख दिया है. एक मासूम बच्ची की मौत और उसमें उसकी मां पर लगे आरोपों ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है. ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और तथ्य सामने आ सकते हैं.

  • पार्सल डिलीवरी के बहाने बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपटकर भागा, साइकिल ने पहुंचाया सलाखों के पीछे..

    पार्सल डिलीवरी के बहाने बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपटकर भागा, साइकिल ने पहुंचाया सलाखों के पीछे..

    पार्सल डिलीवरी के बहाने बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपटकर भागा, साइकिल ने पहुंचाया सलाखों के पीछे..

    चोर चोरी करने के लिए अलग-लग तरह के हथकंडे अपनाते हैं. ऐसी ही एक घटना महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आी है. यहां पर एक चेन स्नेचर ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक शातिर तरीका अपनाया, ताकि किसी को उस पर शक न हो. मौका मिलते ही उसने वारदात को अंजाम दे दिया. आरोपी पार्सल डिलीवरी के बहाने वहां पहुंचा और बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपट ली.

    पार्सल देने के बहाने झपटी सोने की चेन

    पार्सल डिलीवरी के बहाने चेन स्नेचिंग की सनसनीखेज वारदात हैरान करने वाली है. अजनी थाना क्षेत्र में डिलीवरी बॉय बनकर पहुंचे युवक ने बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपट ली, लेकिन भागते वक्त एक बड़ी गलती उस पर भारी पड़ गई. मौके पर छूटी साइकिल और CCTV फुटेज के आधार पर क्राइम ब्रांच  ने आरोपी को धर दबोचा.

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    18 साल के डिलीवरी बॉय की शर्मनाक हरकत

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान 18 साल के युवराज गुप्ता के तौर पर हुई है. वह  ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करता था और कुछ दिन पहले भी शिकायतकर्ता के घर पार्सल देने गया था. उसी दौरान उसने बुजुर्ग के गले में सोने की चेन देखकर लूट की साजिश रच डाली.

    साइकिल छोड़कर भागा आरोपी

    घटना नागपुर के भगवान नगर स्थित शीला रेजीडेंसी की है. बुधवार दोपहर आरोपी पार्सल लेकर सदानंद कांबले के घर पहुंचा. हालांकि उन्होंने कोई भी पार्सल नहीं मंगवाया थ.  जब बुजुर्ग पार्सल का पता पढ़ने लगे, तभी आरोपी ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और फरार होने लगा. लेकिन लोगों के शोर मचाने पर वह अपनी साइकिल वहीं छोड़कर पैदल भाग निकला.

    आर्थिक तंगी के चलते वारदात को दिया अंजाम

    मामले की जांच में पुलिस को घटनास्थल से आरोपी की साइकिल और CCTV फुटेज मिले. इन्हीं सुरागों के आधार पर क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने आरोपी को उसके घर से दबोच लिया. पुलिस ने उसके पास से लूटी गई सोने की चेन, मोबाइल फोन समेत करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान बरामद किया है. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 12वीं में फेल होने के बाद आगे पढ़ना चाहता था. पिता सिक्योरिटी गार्ड हैं और आर्थिक तंगी के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल आरोपी को अजनी पुलिस के हवाले कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • बार-बार सांस फूलती है? अस्थमा और ब्रोंकाइटिस (COPD) के इन संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

    बार-बार सांस फूलती है? अस्थमा और ब्रोंकाइटिस (COPD) के इन संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

    बार-बार सांस फूलती है? अस्थमा और ब्रोंकाइटिस (COPD) के इन संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

    अस्थमा (Asthma) और ब्रोंकाइटिस (Bronchitis/COPD) श्वसन तंत्र से जुड़ी सामान्य लेकिन गंभीर बीमारियां हैं। इनकी वजह से सांस लेने में कठिनाई, खांसी, सीने में जकड़न और बार-बार संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज और सही जीवनशैली अपनाकर इन बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है।

    अस्थमा और ब्रोंकाइटिस क्या हैं?

    अस्थमा में श्वास नलियां संवेदनशील हो जाती हैं और उनमें सूजन व संकुचन होने से सांस लेने में परेशानी होती है।

    ब्रोंकाइटिस में श्वास नलियों में सूजन आ जाती है, जिससे लगातार खांसी, बलगम और सांस फूलने की समस्या हो सकती है। यदि यह लंबे समय तक बनी रहे, तो यह COPD का रूप ले सकती है।

    इन बीमारियों के प्रमुख कारण

    • धूम्रपान और परोक्ष धूम्रपान
    • धूल, धुआं और वायु प्रदूषण
    • एलर्जी
    • वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण
    • बार-बार सर्दी-जुकाम
    • रासायनिक धुएं या औद्योगिक प्रदूषण के संपर्क में रहना
    • पारिवारिक इतिहास और कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण

    सामान्य लक्षण

    • सांस फूलना
    • सीने में जकड़न
    • बार-बार खांसी
    • बलगम आना
    • सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना
    • थोड़ी मेहनत में भी सांस चढ़ना
    • रात या सुबह के समय लक्षण बढ़ जाना

    राहत के लिए क्या करें?

    • डॉक्टर द्वारा दी गई इनहेलर या दवाओं का नियमित उपयोग करें।
    • धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें।
    • धूल, धुएं और प्रदूषण से बचें।
    • घर को साफ और हवादार रखें।
    • नियमित रूप से हल्का व्यायाम और डॉक्टर की सलाह अनुसार श्वास संबंधी एक्सरसाइज करें।
    • पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें।
    • संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की सफाई और आवश्यक टीकाकरण करवाएं।

    क्या घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं?

    गुनगुना पानी पीना, भाप लेना और अदरक, तुलसी या शहद जैसी चीजें कुछ लोगों में गले की जलन या खांसी से अस्थायी राहत दे सकती हैं। लेकिन ये अस्थमा या COPD का इलाज नहीं हैं। यदि सांस लेने में तकलीफ बढ़ रही हो, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें।

    कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

    • सांस लेने में बहुत अधिक परेशानी हो।
    • होंठ या उंगलियां नीली पड़ने लगें।
    • इनहेलर लेने के बाद भी आराम न मिले।
    • तेज बुखार के साथ खांसी और सांस फूलने लगे।
    • बार-बार अस्थमा का दौरा पड़ रहा हो।

    निष्कर्ष

    अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां पूरी तरह नजरअंदाज करने की नहीं हैं। सही इलाज, नियमित दवाएं, धूम्रपान से दूरी, स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अधिकांश मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। किसी भी घरेलू उपाय को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें और लक्षण बढ़ने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।