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  • गर्भधारण में हो रही है परेशानी? जानें इसके सामान्य कारण, जांच और सही उपचार..

    गर्भधारण में हो रही है परेशानी? जानें इसके सामान्य कारण, जांच और सही उपचार..

    गर्भधारण में हो रही है परेशानी? जानें इसके सामान्य कारण, जांच और सही उपचार..

    शादी के बाद कई दंपति जल्द ही संतान की योजना बनाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में लंबे समय तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। यह स्थिति तनाव और चिंता का कारण बन सकती है। अच्छी बात यह है कि आज अधिकांश मामलों में सही जांच और समय पर इलाज से समस्या का समाधान संभव है।

    कब इसे समस्या माना जाता है?

    यदि 35 वर्ष से कम उम्र की महिला को 12 महीने तक नियमित और असुरक्षित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं होता, या 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला को 6 महीने तक प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती, तो स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से सलाह लेनी चाहिए।

    गर्भधारण न होने के सामान्य कारण

    1. पुरुषों से जुड़े कारण

    • शुक्राणुओं की संख्या कम होना।
    • शुक्राणुओं की गति (Motility) या गुणवत्ता में कमी।
    • हार्मोन संबंधी समस्याएं।
    • धूम्रपान, शराब या नशीले पदार्थों का सेवन।
    • कुछ संक्रमण या पुरानी बीमारियां।

    2. महिलाओं से जुड़े कारण

    • अंडोत्सर्जन (Ovulation) का नियमित न होना।
    • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)।
    • फैलोपियन ट्यूब का बंद होना।
    • एंडोमेट्रियोसिस।
    • गर्भाशय की कुछ संरचनात्मक समस्याएं।
    • बढ़ती उम्र के साथ प्रजनन क्षमता में कमी।

    3. जीवनशैली से जुड़े कारण

    • अत्यधिक तनाव।
    • मोटापा या बहुत कम वजन।
    • असंतुलित खानपान।
    • पर्याप्त नींद न लेना।
    • धूम्रपान और शराब का सेवन।

    क्या करें?

    • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
    • नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
    • धूम्रपान, तंबाकू और शराब से दूरी रखें।
    • तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और पर्याप्त नींद लें।
    • मासिक चक्र के उपजाऊ दिनों (Fertile Window) में संबंध बनाएं।
    • किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह से करें।

    कौन-सी जांच करानी पड़ सकती है?

    डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार निम्न जांच की सलाह दे सकते हैं—

    • पुरुष का वीर्य परीक्षण (Semen Analysis)
    • हार्मोन जांच
    • महिलाओं का अल्ट्रासाउंड
    • अंडोत्सर्जन से संबंधित जांच
    • फैलोपियन ट्यूब की जांच (HSG) या अन्य आवश्यक परीक्षण

    किन बातों से बचें?

    गर्भधारण के लिए इंटरनेट या सोशल मीडिया पर बताए गए अप्रमाणित घरेलू नुस्खों पर भरोसा न करें। भांग, शंख भस्म, जानवरों के अंगों या किसी भी आयुर्वेदिक या हर्बल दवा का सेवन बिना योग्य चिकित्सक की सलाह के नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।

    निष्कर्ष

    गर्भधारण में कठिनाई केवल महिला या पुरुष की समस्या नहीं होती, बल्कि इसके कई कारण हो सकते हैं। सही समय पर जांच, विशेषज्ञ की सलाह और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अधिकांश दंपति अपनी संतान की योजना सफल बना सकते हैं। यदि लंबे समय से प्रयास के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो स्वयं उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित और प्रभावी कदम है।

  • समुद्री रास्ते से तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम! 290 किलो गांजा, बकरियां और कबूतर बरामद..

    समुद्री रास्ते से तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम! 290 किलो गांजा, बकरियां और कबूतर बरामद..

    समुद्री रास्ते से तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम! 290 किलो गांजा, बकरियां और कबूतर बरामद..

    Highlights

    • तमिलनाडु पुलिस ने श्रीलंका भेजे जा रहे 290 किलो गांजा के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया।
    • तूतीकोरिन तट पर छापे में आठ बकरियां, तीन बक्सों में कबूतर और नाव जब्त हुई।
    • पुलिस को सीमा पार सक्रिय बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का शक, जांच जारी।

    चेन्नई: तमिलनाडु पुलिस ने श्रीलंका के लिए की जा रही कथित तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 290 किलो गांजा जब्त किया है। इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, एक अलग कार्रवाई में पुलिस ने श्रीलंका भेजे जाने की तैयारी में रखी गई 8 बकरियां, 3 बक्सों में बंद कबूतर और एक बिना रजिस्ट्रेशन वाली डबल इंजन फाइबर नाव भी जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, रामनाथपुरम जिले के उचिपुली क्षेत्र में रामेश्वरम सब-डिविजनल क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रभान वलासई बीच के रास्ते गांजा श्रीलंका भेजने की तैयारी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सुबह करीब 4 बजे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया।

    वैन के अंदर छिपाकर रखा गया था गांजा

    तलाशी के दौरान वहां से गुजर रही एक वैन को रोककर उसकी जांच की गई। जांच में वैन के अंदर छिपाकर रखा गया करीब 290 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि इस गांजे को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की तैयारी थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय पी. दिनेश, जो रामनाथपुरम के अट्टांगरा नॉर्थ स्ट्रीट का रहने वाला है, और 22 वर्षीय एस. कलंजीश्वरन, जो मंडपम के पिल्लई मठ इलाके का निवासी है, के रूप में हुई है।

    पुलिस ने अन्ना कॉलोनी बीच पर मारा छापा

    क्राइम की एक अन्य बड़ी खबर में तमिलनाडु पुलिस की विशेष खुफिया शाखा ‘क्यू’ ब्रांच ने तूतीकोरिन जिले के थेरेसपुरम अन्ना कॉलोनी बीच पर भी छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां से बकरियों और कबूतरों को अवैध रूप से श्रीलंका भेजने की तैयारी की जा रही है। यह कार्रवाई क्यू ब्रांच की इंस्पेक्टर विजया अनीथा की निगरानी में की गई। टीम में सब-इंस्पेक्टर रामचंद्रन, स्पेशल सब-इंस्पेक्टर रामर, हेड कांस्टेबल इरुधया राजकुमार और इसाक्किमुथु, तथा कांस्टेबल पलानी, बालामुरुगन और पेची राजा शामिल थे।

    फरार हुए बकरियों और कबूतरों के तस्कर

    पुलिस के मुताबिक 6 अगस्त की रात करीब 9:45 बजे टीम ने देखा कि 8 बकरियों और 3 बक्सों में बंद कबूतरों को एक बिना पंजीकरण वाली डबल इंजन फाइबर नाव पर लादा जा रहा था। पुलिस को देखते ही संदिग्ध तस्कर मौके से फरार हो गए और जानवरों के साथ नाव वहीं छोड़ गए। इसके बाद पुलिस ने 8 बकरियां, 3 बक्सों में बंद कबूतर और फाइबर नाव को जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।

    फाइबर नाव के मालिक का पता लगा रही पुलिस

    पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि यह तस्करी का प्रयास किसी बड़े सीमा पार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त की गई फाइबर नाव के मालिक का पता लगाया जा रहा है। साथ ही इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।

  • दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं ये 3 चीजें, लेकिन इन्हें इलाज का विकल्प न समझें..

    दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं ये 3 चीजें, लेकिन इन्हें इलाज का विकल्प न समझें..

    दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं ये 3 चीजें, लेकिन इन्हें इलाज का विकल्प न समझें..

    हृदय रोग और उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याएं हैं। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली अपनाकर इनका जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माने जाते हैं, लेकिन वे दवा या चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं हैं।

    1. आंवला

    आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। इसे नियमित और संतुलित मात्रा में खाने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को समर्थन मिल सकता है तथा हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। हालांकि, यह दावा कि आंवला खाने से हार्ट अटैक या हार्ट फेल पूरी तरह रोका जा सकता है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है।

    2. मौसंबी और नींबू

    मौसंबी और नींबू जैसे खट्टे फल विटामिन C, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से हृदय स्वास्थ्य को समर्थन मिल सकता है। लेकिन ये रक्तवाहिनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल को सीधे खत्म नहीं करते और न ही हृदय रोग से पूर्ण सुरक्षा की गारंटी देते हैं।

    3. लहसुन

    कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित मात्रा में लहसुन का सेवन कुछ लोगों में रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर हल्का सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। फिर भी इसे डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का विकल्प नहीं माना जा सकता।

    महत्वपूर्ण: यदि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक के लक्षण (जैसे सीने में तेज दर्द, सांस लेने में कठिनाई, दर्द का हाथ, कंधे या जबड़े तक फैलना) महसूस हों, तो लहसुन खिलाने या घरेलू नुस्खे अपनाने में समय न गंवाएं। तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल पहुंचें।

    हृदय को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

    • प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
    • नमक, चीनी और तले हुए भोजन का सेवन सीमित रखें।
    • फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को आहार में शामिल करें।
    • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
    • तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
    • नियमित रूप से रक्तचाप, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।

    निष्कर्ष

    आंवला, मौसंबी, नींबू और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थ स्वस्थ आहार का हिस्सा बन सकते हैं और हृदय स्वास्थ्य को समर्थन दे सकते हैं। लेकिन केवल इनके भरोसे हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से बचाव संभव नहीं है। स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह ही हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • इम्यूनिटी से लेकर पाचन तक… लहसुन, हल्दी और लौंग के इस घरेलू मिश्रण के 7 शानदार फायदे

    इम्यूनिटी से लेकर पाचन तक… लहसुन, हल्दी और लौंग के इस घरेलू मिश्रण के 7 शानदार फायदे

    इम्यूनिटी से लेकर पाचन तक… लहसुन, हल्दी और लौंग के इस घरेलू मिश्रण के 7 शानदार फायदे

    7 बीमारियों की एक दवा= लहसुन+हल्दी +लौंग :

    आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से आप डॉक्टर की फीस हमेशा के लिए बचा सकते हैं।

    • क्या आपको पता है कि अगर आप काफी समय से एंटीबॉयटिक ले रहे हैं तो यह आपके रोग प्रतिरोधी क्षमता को कमज़ोर करता है? हाँ, कई शोधों के द्वारा यह पता चला है। इसलिए अगर आपको कोई मामूली समस्या हो तो इसका प्राकृतिक इलाज करें।
    • लहसुन, हल्दी और लौंग में अद्भुत मेडिसिनल प्रोपर्टीज होती हैं. अगर आप तीन टुकड़े लहसुन के, 2 चमच हल्दी और 3 लौंग को ब्लेंडर में मिक्स कर लेंगे और इस मिक्सचर को गुनगुने दूध में या गर्म पानी के साथ रोजाना रात को सोने से पहले लेंगे तो आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं.।
    1. साइनस ठीक करे – लौंग, लहसुन और हल्दी के मिश्रण से साइनस का इंफेक्शन कम हो जाता है क्योंकिं यह बलगम के जमाव को हटाकर आपके नाक के रास्ते को खोल देता है।
    2. गैसट्रायटिस को कम करता है – यह मिश्रण से पेट में बनने वाले एसिड को बेअसर करता है और गैसट्रायटिस, पेट का फूलना और पेट दर्द से निजात दिलाता है।
    3. शरीर के अंदर के इंफेक्शन को ठीक करता है – इस मिश्रण में एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं इसलिए यह इंफेक्शन और शरीर के अंदर के सूजन और जलन को कम करता है।
    4. डायबिटीज़ का इलाज – इस मिश्रण से आपके शरीर का शुगर या ग्लूकोज़ स्तर भी कम होता है और टाइप 1 डायबिटीज़ में आपको असर दिखेगा।
    5. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है – इस मिश्रण से आपकी आर्टरी में जमा फैट घुल जाती है जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है।
    6. वज़न कम करने में मदद करता है – इस मिश्रण को निरंतर पीने से और एक्सरसाइज़ और खान पान में नियंत्रण की मदद से आप वज़न कम कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।  
    7. एलर्जी कम करता है – यह मिश्रण प्राकृतिक एंटीबॉयटिक का काम करता है और इससे कई तरह की एलर्जी जैसे त्वचा की एलर्जी और स्वास सम्बन्धी एलर्जी से बचाव संभव है |
  • इटावा में 70 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला, बेटी ने तीन बहुओं पर हत्या का लगाया आरोप..

    इटावा में 70 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला, बेटी ने तीन बहुओं पर हत्या का लगाया आरोप..

    इटावा में 70 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला, बेटी ने तीन बहुओं पर हत्या का लगाया आरोप..

    इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के महलई गांव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव घर की छत पर बने कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घर की छत पर मिला शव

    मृतका की पहचान लज्जावती, पत्नी स्वर्गीय भगवानदास, के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने बड़े बेटे अजय कुमार के साथ रहती थीं, जबकि उनके अन्य दो बेटे अलग-अलग मकानों में परिवार सहित रहते हैं। शुक्रवार को उनका शव छत पर बने कमरे में लोहे के पाइप से साड़ी के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और गांव में शोक का माहौल बन गया।

    बेटी ने लगाया हत्या का आरोप

    मृतका की बेटी अनीता देवी ने अपनी तीनों भाभियों पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी कारण उनकी मां के साथ अक्सर मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। अनीता का आरोप है कि हत्या के बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया।

    बेटे ने आरोपों को बताया निराधार

    वहीं, मृतका के बड़े बेटे अजय कुमार ने बहन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि घटना के समय घर में केवल उनकी पत्नी मौजूद थीं, जबकि अन्य दोनों भाइयों की पत्नियां अपने-अपने घरों में थीं। उन्होंने दावा किया कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।

    जमीन विवाद की भी जांच

    परिजनों के अनुसार, मृतका के पति का करीब 11 वर्ष पहले निधन हो चुका था। तीनों बेटों के बीच जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन मृतका के नाम दर्ज जमीन को लेकर परिवार में विवाद बना हुआ था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

    थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने और जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या से दहला नरसिंहपुर, स्निफर डॉग ने पहुंचाया आरोपित तक; ग्रामीणों ने की फांसी व बुलडोजर कार्रवाई की मांग

    दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या से दहला नरसिंहपुर, स्निफर डॉग ने पहुंचाया आरोपित तक; ग्रामीणों ने की फांसी व बुलडोजर कार्रवाई की मांग

    दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या से दहला नरसिंहपुर, स्निफर डॉग ने पहुंचाया आरोपित तक; ग्रामीणों ने की फांसी व बुलडोजर कार्रवाई की मांग

    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद 22 वर्षीय आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। ग्रामीणों ने आरोपित को फांसी देने, …और पढ़ें

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने आरोपित को फांसी देने, उसका मकान बुलडोजर से ध्वस्त करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की बात कही है।

    स्कूल से बहाने से ले गया, फिर जंगल में मिला शव

    पुलिस के अनुसार आरोपित बुधवार को लंच ब्रेक के दौरान बच्ची के स्कूल पहुंचा और यह कहकर उसे अपने साथ ले गया कि उसके पिता ने घर बुलाया है। स्कूल की छुट्टी के बाद जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की सूचना दी।

    करीब आठ घंटे तक चले संयुक्त सर्च अभियान के बाद बच्ची का शव गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में एक गड्ढे से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है।

    तलाशी अभियान में शामिल होकर करता रहा गुमराह

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि बच्ची की तलाश में लगभग 40-50 पुलिसकर्मी और 60 ग्रामीण जुटे थे। इस दौरान आरोपित युवक भी लोगों के साथ बच्ची को खोजने का नाटक करता रहा ताकि किसी को उस पर संदेह न हो।

    हालांकि कुछ स्कूली छात्राओं से मिली अहम जानकारी के आधार पर पुलिस ने स्निफर डॉग की मदद ली। डॉग स्क्वॉड सीधे आरोपित के घर तक पहुंचा, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

    ग्रामीणों का प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई और फांसी की मांग

    घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपित को फांसी की सजा देने, उसका मकान बुलडोजर से गिराने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की।

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बच्ची के शव को वैकल्पिक मार्ग से गांव पहुंचाया। वहीं पूरे गांव में बाजार बंद रहा और ग्रामीणों ने घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकालकर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    स्थानीय लोगों में व्याप्त आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और अभियोजन पक्ष फास्ट ट्रैक कोर्ट में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करेगा।

  • देवास में पत्नी की हत्या का आरोप: मारपीट के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या दिखाने की कोशिश, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा..

    देवास में पत्नी की हत्या का आरोप: मारपीट के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या दिखाने की कोशिश, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा..

    देवास में पत्नी की हत्या का आरोप: मारपीट के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या दिखाने की कोशिश, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा..

    देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के कांटाफोड़ क्षेत्र में घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति पर शराब के नशे में अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाने का आरोप है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    आत्महत्या की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

    पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त को सूचना मिली थी कि वार्ड नंबर-14 निवासी 32 वर्षीय सुनीता भील ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदला जांच का रुख

    जांच के दौरान महिला के शरीर पर चोटों के कई निशान मिलने से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मौत का कारण फांसी नहीं, बल्कि मारपीट से आई गंभीर चोटें थीं। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ाई।

    बेटी के बयान और सबूतों से खुली साजिश

    पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिजनों और घटना के समय घर में मौजूद बच्ची के बयान भी दर्ज किए। जांच में आरोप है कि पति जितेंद्र भील ने शराब के नशे में पत्नी के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने साड़ी का फंदा बनाकर शव को लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे।

    आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

    पुलिस का कहना है कि भौतिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

  • मऊ में दोस्त की प्रेमिका और दूसरे दोस्त की पत्नी पर डाल रहा था डोरे, दोस्‍तों ने म‍िलकर मार डाला

    मऊ में दोस्त की प्रेमिका और दूसरे दोस्त की पत्नी पर डाल रहा था डोरे, दोस्‍तों ने म‍िलकर मार डाला

    मऊ में दोस्त की प्रेमिका और दूसरे दोस्त की पत्नी पर डाल रहा था डोरे, दोस्‍तों ने म‍िलकर मार डाला

    हलधरपुर थाना क्षेत्र के गहनी गांव निवासी 30 वर्षीय युवक बलवंत सिंह की हत्या आशनाई के चक्कर में हुई थी।कातिल कोई और नहीं बल्कि दोस्त ही निकले हैं। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने इस घटना का राजफाश कर दिया।

    बलवंत एक दोस्त की प्रेमिका को प्रेमजाल में फंसाया था तोर दूसरे दोस्त की पत्नी पर डोरे डाल रहा था। पुलिस ने गांव निवासी दोस्त इलेक्ट्रीशियन विवेक व सेल्समैन देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को प्रेस वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि तीनों आपस दोस्त थे।

    हलधरपुर थाना क्षेत्र के गहनी गांव निवासी बलवंत सिंह गांव के ही देवेंद्र यादव की पत्नी पर डोरे डाल रहा था। साथ ही विवेक सिंह उर्फ सिट्टू सिंह की प्रेमिका को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। बताया कि विवेक और उसकी प्रेमिका के बीच विवाद होने पर मृतक समझौता कराता था। इसका फायदा उठाकर मृतक उसकी प्रेमिका के संपर्क में आ गया।

    इसके कारण वह उससे बात भी करना बंद कर दी। आरोपित गांव के ही एक टेंट हाउस पर इलेक्ट्रीशिन है। एएसपी ने बताया कि देवेंद्र खलीलाबाद में सेल्समैन की नौकरी करता है। गांव में उसकी पत्नी रहती है। जान पहचान होने के कारण मृतक उसकी पत्नी पर भी डोरे डाल रहा था। इसकी जानकारी होने पर दोस्तों ने मिलकर युवक के हत्या की साजिश रची।

    घर से कुछ दूर पर मृतक रात में ट्यूबवेल पर मौजूद रहकर खेत में पानी चला रहा था। आरोपित शराब लेकर ट्यूबवेल पर पहुंच गए। इसके बाद तीनों ने बैठकर आपस में शराब पी। इसके बाद सिर पर डंडे से हमलाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद मृतक का मोबाइल फोन बगल के एक ट्यूबवेल के पास छिपा दिया गया। जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने बरामद कर लिया।

    पुलिस ने आरोपित देवेंद्र यादव को सेमराजपुर चट्टी और विवेक को रमेश सिंह के ट्यूबवेल के पास से गिरफ्तार किया है। हलधरपुर पुलिस ने पिता प्रदीप कुमार सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया था।

  • पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां

    पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां

    पीलीभीत में पत्नी के बार-बार मायके जाने से नाराज दामाद महेंद्रपाल ने अपनी सास मोहनदेई की हत्या कर दी। उसने शव को उपलों के ढेर में जला दिया, जिसकी राख से चूड़ियां और हड्डियां मिली हैं।

    पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां
    1. बेटी को मायके बुलाकर सुख-दुख साझा करती थीं, नाराज था दामाद

     पत्नी बीना के बार-बार मायके जाने से बौखलाए महेंद्रपाल ने बुजुर्ग सास मोहनदेई की हत्या कर दी। निर्दयी दामाद उनकी लालसा को समझ नहीं सका, जो बिटिया से अपना सुख-दुख साझा कर लेती थीं। घर का सूनापन छांटने के लिए उन्हें कुछ समय अपने पास बुला लेती थीं। बुढ़ापे में उनका सहारा बनने के बजाय दामाद लड़ाई करने लगा था।

    इस बीच मौका मिलते ही उनकी हत्या कर शव उपलों के बीच जला दिया। शुक्रवार को राख के ढेर से उनकी चूड़ियां व हड्डियां मिलने के बाद आरोपित महेंद्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपित से पूछताछ शुरू कर दी है।

    जिठनिया गांव निवासी 65 वर्षीय मोहनदेई कब्रिस्तान के पास मकान में अकेली रहती थीं। उनके बेटे सुरेश कुमार गांव के अंदर दूसरे मकान में रहते हैं। मां मोहनदेई अक्सर विवाहित बेटी बीना को अपने पास बुला लेती थीं। उनके बार-बार मायके जाने पर पति महेंद्रपाल आपत्ति जताता था।

    यह कहासुनी धीरे-धीरे पारिवारिक कलह में बदल गई थी। महेंद्र ने सास मोहनदेई के पास जाकर भी नाराजगी जताई थी, मगर उन्होंने बीना का पक्ष लेते हुए कहा कि बेवजह कलह न करें। सुरेश कुमार के अनुसार, इसी बात पर बहनोई महेंद्रपाल कई बार मोहनदेई से लड़ाई-झगड़ा करके गया था।

    वह नहीं चाहता था कि बीना मायके आएं। 31 जुलाई की रात को महेंद्रपाल अपने गांव हरहरपुर से मोहनदेई के पास पहुंचा। रात में वहां रुका, सुबह बिना सूचना चला गया। दोपहर तक मां मोहनदेई पर ध्यान नहीं गया। शाम तक वह घर में नहीं दिखीं तो तलाश शुरू की।

    उस समय महेंद्रपाल पर शक नहीं था। सोचा कि कहीं रिश्तेदारी में चली गई होंगी। सुरेश बोले, शुक्रवार सुबह मां के मकान में जले उपलों का ढेर देखकर शक हुआ। वहां से राख हटाई तो उसमें हड्डियां व मां की चूड़ियां मिलीं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि 31 जुलाई की रात को महेंद्रपाल ने उनकी हत्या कर शव उपलों के ढेर के बीच रखकर आग लगा दी। उस दिन के बाद उसने किसी तरह संपर्क भी नहीं किया।

    सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि सुरेश की शिकायत पर गांव पहुंची टीम ने राख से मिले अवशेष बरामद किए हैं। उनका डीएनए परीक्षण कराया जाएगा, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष मोहनदेई के हैं या नहीं। आरंभिक रूप से सुरेश की तहरीर के आधार पर महेंद्रपाल के विरुद्ध हत्या, साक्ष्य मिटाने की धारा में प्राथमिकी पंजीकृत करा दी गई है। वह फरार है। घटनाक्रम से आहत बीना भी मायके पहुंचीं।

  • भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश का दावा, जेल अधीक्षक समेत 4 लोगों पर FIR; गुमनाम पत्र से मचा हड़कंप

    भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश का दावा, जेल अधीक्षक समेत 4 लोगों पर FIR; गुमनाम पत्र से मचा हड़कंप

    भाजपा विधायक की हत्या की कथित साजिश का दावा, जेल अधीक्षक समेत 4 लोगों पर FIR; गुमनाम पत्र से मचा हड़कंप

    भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन में हलचल मच गई है। विधायक को डाक के माध्यम से मिले एक गुमनाम पत्र के आधार पर भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक समेत चार लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    गुमनाम पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप

    विधायक राकेश रंजन ओझा के अनुसार, 8 जुलाई को उनके पैतृक घर पर डाक से एक गुमनाम पत्र मिला था। पत्र में दावा किया गया था कि भागलपुर जेल में बंद कुछ आरोपी उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। साथ ही जेल अधीक्षक पर भी बंदियों की कथित मदद करने और साजिश में सहयोग देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

    चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी

    विधायक के बयान के आधार पर करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, आरा कोर्ट बम ब्लास्ट मामले के आरोपी लंबू शर्मा, बक्सर निवासी कुबेर मिश्रा और सोनबरसा निवासी हरीश मिश्रा को नामजद किया गया है। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है।

    पत्र में हैंड ग्रेनेड और शूटर का भी जिक्र

    गुमनाम पत्र में यह भी दावा किया गया कि विधायक की हत्या के लिए हैंड ग्रेनेड की व्यवस्था की गई है और कथित शूटर के जरिए वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई है। पत्र मिलने के बाद विधायक ने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी और पूरा पत्र जांच के लिए सौंप दिया।

    जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुमनाम पत्र में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पत्र की प्रामाणिकता, उसमें दर्ज आरोपों और नामजद लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

    पहले भी निशाने पर रह चुका है विधायक का परिवार

    विधायक राकेश रंजन ओझा के परिवार का पहले भी आपराधिक घटनाओं से सामना हो चुका है। वर्ष 2016 में उनके पिता और भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा अप्रैल 2025 में स्वयं विधायक पर भी फायरिंग की घटना हुई थी। ऐसे में इस नए मामले की जांच को पुलिस गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।