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  • भूतों से नहीं डरती थी, खौफनाक जगहों पर बनाती थी VIDEO; देवी की मूर्ति तोड़ी, फिर हुआ दर्दनाक हादसा..

    भूतों से नहीं डरती थी, खौफनाक जगहों पर बनाती थी VIDEO; देवी की मूर्ति तोड़ी, फिर हुआ दर्दनाक हादसा..

    भूत-प्रेत को कुछ नहीं समझती थी लड़की, डरावनी जगहों पर बनाती थी वीडियो, वीडियो बनाने के लिए तोड़ी थी देवी की मूर्ति, हुई मौत

    किसी को भूतों से डर लगता है तो कोई इनपर भरोसा ही नहीं करता. चीन की 24 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जियांग शियाओरू भी दूसरी तरह की थीं. वह डरावनी जगहों पर रात बिताती थीं, अंधविश्वास को चुनौती देती थीं और अपने वीडियो में पैरानॉर्मल एक्टिविटी पर सवाल उठाती थीं. लेकिन जुलाई में हुए एक भीषण सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई. अब लोग इसे भूत-प्रेत से जोड़कर देख रहे हैं.

    24 साल की इन्फ्लुएंसर, लाखों लोग देखते थे वीडियो जियांग शियाओरू को चीन के Douyin प्लेटफॉर्म पर 姜小柔吖 नाम से जाना जाता था. उनके अकाउंट पर 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे. उनका कंटेंट मुख्य रूप से डरावनी जगहों की खोज, पैरानॉर्मल एक्टिविटी और अंधविश्वास के खिलाफ बनाए गए वीडियो पर बेस्ड था. वह खाली इमारतों में रात बिताती थीं और उन जगहों पर जाती थीं, जिन्हें लोग भूत-प्रेत या डरावनी कहानियों से जोड़ते थे. उनका मकसद इन मान्यताओं को गलत साबित करना था.

    मूर्ति तोड़ने वाले वीडियो से हुआ था विवाद अगस्त 2025 में उनका एक वीडियो काफी विवादों में रहा था. इसमें उन्होंने हथौड़े से मिट्टी की गुआनयिन प्रतिमा तोड़ दी थी. यह बौद्ध धर्म से जुड़ी धार्मिक प्रतिमा है. वीडियो में उन्होंने अपनी जान को लेकर भी एक चुनौतीपूर्ण बात कही थी. यह सब उन्होंने अंधविश्वास के खिलाफ स्टंट के तौर पर किया था. उनके कुछ पुराने वीडियो में कर्म और श्राप जैसी मान्यताओं पर भी सवाल उठाए गए थे. मौत के बाद इन्हीं पुराने वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स फिर से शेयर करने लगे.

    हादसे से पहले बोली थीं- कार एक्सीडेंट होगा सबसे ज्यादा चर्चा उनके एक पुराने वीडियो को लेकर है. रिपोर्टों के मुताबिक एक वीडियो में उन्होंने धूप जलाते हुए अपनी कार के एक्सीडेंट की बात कही थी. इसके बाद 9 जुलाई को उन्होंने अपना आखिरी वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में वह फैंस की ओर से सुझाए गए कुछ फोन नंबरों पर कॉल करती नजर आई थीं. इनमें एक नंबर कथित तौर पर सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति से जुड़ा बताया गया. कॉल कनेक्ट होने पर उन्हें सिर्फ अपनी ही आवाज की गूंज सुनाई दी. इसके कुछ ही दिन बाद उनके साथ गंभीर सड़क हादसा हो गया.

    15 जुलाई को हुआ भीषण सड़क हादसा 15 जुलाई 2026 की सुबह जियांग शियाओरू लियूझोउ से गुआंगझोउ जा रही थीं. रास्ते में गुआंगडोंग के झाओकिंग इलाके में उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया. उन्हें गंभीर सिर की चोट लगी और इसके बाद कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया. उन्हें झोंगशान यूनिवर्सिटी सन यात-सेन मेमोरियल हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया. करीब चार हफ्ते तक इलाज चलने के बाद 10 अगस्त को उनकी मौत हो गई. परिवार ने 11 अगस्त को उनके Douyin अकाउंट के जरिए इसकी पुष्टि की.लोग बोले-भविष्यवाणी सच हो गई मौत की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर ‘भविष्यवाणी सच हो गई’ और ‘कर्म का फल’ जैसी बातें वायरल होने लगीं. लोगों ने उनके पुराने वीडियो निकालकर हादसे से जोड़ना शुरू कर दिया. कुछ यूजर्स ने इसे अंधविश्वास को चुनौती देने का नतीजा बताया.

  • 4 घंटे झींगुर की आवाज सुनने से इस लड़के के कान हुए खराब…जंगल में नेचर म्यूजिक एन्जॉय करने गया था

    4 घंटे झींगुर की आवाज सुनने से इस लड़के के कान हुए खराब…जंगल में नेचर म्यूजिक एन्जॉय करने गया था

    4 घंटे झींगुर की आवाज सुनने से इस लड़के के कान हुए खराब...जंगल में नेचर म्यूजिक एन्जॉय करने गया था

    चीन में 18 साल के एक लड़के को सिर्फ चार घंटे तक झींगुर की लगातार आवाज सुनना इतना भारी पड़ गया कि उसकी सुनने की क्षमता ही चली गई. शुक्र इस बात का था कि इलाज के बाद उसकी सुनने की क्षमता वापस लौट आई. लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता. कई मामलों में यह नुकसान हमेशा के लिए भी हो सकता है.

    4 घंटे जंगल में रहा, सुनता रहा झींगुर की आवाज पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के निंगबो शहर में रहने वाला 18 वर्षीय यांग जुलाई की शुरुआत में जंगल में कैंपिंग के लिए गया था. दोपहर के समय जंगल में झींगुर एक साथ आवाज कर रहे थे. यांग बिना किसी ईयर प्रोटेक्शन के करीब चार घंटे तक उसी माहौल में रहा. शाम होते-होते उसे कान बंद होने जैसा महसूस हुआ. कानों में सूजन आ गई और हालत यह हो गई कि उसे पक्षियों की चहचहाहट और मोबाइल की नोटिफिकेशन टोन जैसी तेज पिच वाली आवाजें भी सुनाई नहीं दे रही थीं.

    झींगुर करीब 70 डेसिबल तक आवाज करता है जांच में पता चला कि यांग को तेज आवाज के कारण अस्थायी हियरिंग लॉस हुआ है. डॉक्टरों ने उसे शोर से दूर रहने और इलाज की सलाह दी. करीब 14 दिन बाद उसकी सुनने की क्षमता सामान्य हो गई. डॉक्टर बताते हैं कि लोगों को लगता है कि प्रकृति की आवाजें नुकसान नहीं पहुंचातीं, जबकि सच्चाई इससे अलग है.

    उनके मुताबिक, एक झींगुर करीब 70 डेसिबल तक आवाज करता है, जो सामान्य तौर पर सुरक्षित मानी जाती है. लेकिन जब हजारों सिकाडे एक साथ आवाज करते हैं, तो शोर 85 डेसिबल से ज्यादा पहुंच सकता है. यही वह स्तर है, जहां से कानों को नुकसान शुरू हो सकता है.

    कानों के अंदर की कोशिकाएं मर गईं तो फिर वापस नहीं आतीं तेज आवाज से कान के अंदर मौजूद कोक्लिया की बेहद नाजुक हेयर सेल्स में सूजन आ जाती है. अगर समय रहते आराम मिल जाए तो ये कोशिकाएं ठीक हो सकती हैं. लेकिन अगर ये नष्ट हो जाएं, तो दोबारा नहीं बनतीं. ऐसी स्थिति में सुनने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है और मरीज को हियरिंग एड का सहारा लेना पड़ सकता है.

    अब हमेशा के लिए कम सुनाई देता है 60 वर्षीय माली लियू पिछले 12 साल से जून से अगस्त तक रोज पेड़ों की छंटाई करते रहे. इस दौरान वे घंटों झींगुर की तेज आवाज के बीच काम करते थे. धीरे-धीरे उन्हें कानों में लगातार सीटी बजने की शिकायत होने लगी. महिलाओं की आवाज और धीमी बातचीत सुनना भी मुश्किल हो गया. जांच में पता चला कि उन्हें स्थायी हियरिंग लॉस हो चुका है.

  • दांपत्य जीवन में चाहते हैं प्यार और शांति? बेडरूम में बेड की दिशा और पति-पत्नी की सोने की जगह जरूर जानें..

    दांपत्य जीवन में चाहते हैं प्यार और शांति? बेडरूम में बेड की दिशा और पति-पत्नी की सोने की जगह जरूर जानें..

    Husband-Wife Sleep Rule: पत्‍नी को पति के किस ओर सोना चाहिए, बेडरूम में बेड की जगह क्या होनी चाहिए? दांपत्य जीवन अच्छा रखना है और खटपट से बचना है तो जरूर जान लें

    पति और पत्नी का सात जन्मों का रिश्ता माना जाता है. हर पत्नी चाहती है कि उसका दांपत्य जीवन सुखद रहे. पति-पत्नी में प्रेम बना रहे. हालांकि कई बार यह समझ में नहीं आता है कि अखिर क्या वजह है कि पति-पत्नी में खटपट बनी रहती है. आपको मालूम हो कि ऐसा बेडरूम में बेड की गलत जगह के कारण हो सकता है. ऐसा पत्नी के पति के गलत साइड में सोने से हो सकता है. आइए जानते हैं पत्नी को पति के किस साइड में सोना चाहिए और बेडरूम में बेड की सही जगह क्या होनी चाहिए?

    पत्‍नी को कहा जाता है वामंगी हिंदू धर्म में विवाह के दौरान पत्‍नी को पति के वाम अंग यानी बायी तरफ आने के लिए कहा जाता है. इतना ही नहीं शादी के बाद जब भी कोई पूजा या धार्मिक अनुष्‍ठान होता है तो पत्‍नी हमेशा पति के वाम अंग में ही बैठती है. पत्‍नी को वामंगी भी कहा जाता है, जि‍सका मतलब होता है बाएं अंग की अधिकारी. ज्‍योत‍िष शास्‍त्र के मुताबिक सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान में ही नहीं बल्कि सोने के दौरान भी पत्नी को हमेशा पति के बाएं ओर ही सोना चाहिए. आपको मालूम हो कि यह सिर्फ एक वैदिक नियम नहीं है, बल्‍कि इसका संबंध हमारे मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य से भी जुड़ा है. ज्‍योत‍िष शास्‍त्र के मुताबिक पत्‍नी के पति के बाएं तरफ सोने के पीछे हमारे शरीर की सूर्य नाड़ी और चंद्र नाड़ी हैं. सूर्य नाड़ी शरीर के दाहिनी ओर स्थित होती है. यह ऊर्जा, उत्साह और निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाती है. उधर, चंद् रनाड़ी शरीर के बाईं ओर स्थित होती है.

    यह सौम्यता, शांति और भावनात्मक संतुलन को दर्शाती है. चंद्र नाड़ी को ईड़ा नाड़ी भी कहते हैं. इसका संबंध चंद्र यानी चंद्रमा के शीतलता और शांतिप्रद प्रकृति से है. यह नाड़ी जब प्रधान होती है तो व्यक्ति अधिक शांत और प्रशन्न अनुभव करता है. चंद्र नाड़ी की सक्रियता से शरीर और मन को ठंडा और आरामदायक अहसास होता है. वहीं, इसके उलट सूर्य नाड़ी हमारे सूक्ष्म शरीर में एक प्रमुख नाड़ी है, जिसे आमतौर पर पिंगला नाड़ी भी कहा जाता है. सूर्य नाड़ी सूर्य की तरह गर्म, प्रकाशमान और सक्रिय ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है. जब पति-पत्नी साथ होते हैं तो पत्नी का बाएं ओर रहना भावनात्मक सामंजस्य, रिश्तों में मधुरता को प्रबल बनाता है. उधर, पति के दाहिनी ओर होना उसके निर्णय लेने की क्षमता और ऊर्जा और उत्साह को प्रभावित करता है. इस तरह पति और पत्नी के रिश्तों में सौम्यता और सामंजस्य के लिए सही दिशा में सोना जरूरी है.

    क्या है बेडरूम में बेड की सही स्थिति 1. बेड यानी बिस्तर को खिड़की से सटाकर नहीं लगाना चाहिए. इससे पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव उत्पन्न होता है. आपसी असहयोग की प्रवृत्ति बढ़ती है.2. बेडरूम में ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो अलगाव दर्शाती हो.3. छत पर बीम का होना और दो अलग मैट्रेस का प्रयोग भी प्रेम संबंधो में दूरी बनाता है. जहां तक संभव हो पति-पत्नी एक ही मैट्रेस पर सोएं.4. बिस्तर पर ऐसी चादर प्रयोग में न लाएं, जिसमें छेद हों. इससे दांपत्य जीवन में खटास बढ़ती है.5. पलंग के नीचे कुछ भी सामान न रखें. पलंग के नीचे जगह को खाली रहने दें, इससे आपके बेड के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा बिना किसी बाधा के प्रवाहित हो सकेगी.6. बेडरूम के प्रवेश द्वार वाली दीवार के साथ बेड लगाने से बचना चाहिए. इससे रिश्तों में कटुता आती है.7. उस दीवार से सटाकर भी बेड न लगाएं, जिसकी दूसरी ओर बाथरूम या टॉयलेट हो.8. बेड के सामने या कहीं भी ऐसी जगह शीशा नहीं लगाना चाहिए, जहां से बेड का प्रतिबिंब दिखता हो. इससे संबंधों में दरार आती है और अनिद्रा और बदन दर्द के भी शिकार हो सकती है.9. पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाने के लिए घर की दीवारों पर हल्का गुलाबी, नीला, हल्का ग्रे या हल्के येलो रंग का ही प्रयोग करें. ये रंग शांति और प्यार को बढ़ाने वाले माने जाते हैं.

  • 2 साल बाद पति का ऐसा राज खुला कि पत्नी के पैरों तले खिसक गई जमीन, सवाल किया तो कर दी पिटाई..

    2 साल बाद पति का ऐसा राज खुला कि पत्नी के पैरों तले खिसक गई जमीन, सवाल किया तो कर दी पिटाई..

    शादी के 2 साल बाद पति के लैपटॉप में मिले I Love You के मैसेज, पत्नी ने पूछा तो करने लगा पिटाई...ननद भी लुक का उड़ाती थी मजाक, थक हारकर महिला ने दर्ज कराई शिकायत

    अहमदाबाद की रहने वाली 30 वर्षीय महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई है. महिला का आरोप है कि शादी के दो साल बाद उसे पति के लैपटॉप में दूसरी युवती के साथ हुई चैट मिली, जिसमें I Love You और I Miss You जैसे मैसेज थे. जब उसने इस बारे में सवाल किया तो पति ने उसके साथ मारपीट की. शिकायत के आधार पर महिला पश्चिम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    शादी के बाद शुरू हुई पैसों की मांग पुलिस शिकायत के मुताबिक महिला की शादी वर्ष 2023 में मेहसाणा के एक युवक से हुई थी. महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति ने शेयर बाजार में निवेश करने के लिए पैसों की मांग शुरू कर दी. इस पर उसने अपने पिता से 1.50 लाख रुपये नकद और सोने के गहने लेकर पति को दिए. महिला का कहना है कि इसके बाद भी पति और ससुराल वाले लगातार दहेज में और पैसे मांगते रहे. मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा.

    तबीयत खराब होने पर भी कराया काम शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी तबीयत खराब होने के बावजूद उसे इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाया गया. इसके बजाय उससे जबरन खाना बनवाया जाता था. महिला का यह भी आरोप है कि पति ने कई बार उसके पेट पर बैठकर उसका मुंह और गला दबाया तथा उसके साथ मारपीट की. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी ननद उसे नेपाली कहकर अपमानित करती थी और खाना बनाने जैसी बातों को लेकर अक्सर झगड़ा करती थी.

    लैपटॉप में मिली दूसरी युवती से चैट महिला के अनुसार, एक दिन उसने पति के लैपटॉप में किसी दूसरी युवती के साथ चैट देखी. चैट में I Love You और I Miss You जैसे मैसेज लिखे थे. जब उसने पति से इस बारे में पूछताछ की तो पति ने उसकी पिटाई कर दी. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पति ने महिला की बुआ की एक महिला मित्र से अश्लील इशारों के जरिए संपर्क करने की कोशिश की थी. इसके बाद उस महिला के बॉयफ्रेंड ने पति को धमकियां भी दी थीं.

    5 लाख रुपये की मांग, घर से निकाला महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने उससे 5 लाख रुपये लाने का दबाव बनाया. मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर से निकाल दिया गया. इसके बाद वह अपने मायके में रहने लगी. बाद में महिला ने पूरे मामले की शिकायत महिला पश्चिम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है.

  • हरी मिर्च और धनिया 30 दिनों तक नहीं होंगे खराब, बस अपनाएं यह आसान ट्रिक

    हरी मिर्च और धनिया 30 दिनों तक नहीं होंगे खराब, बस अपनाएं यह आसान ट्रिक

    हरी मिर्च और हरा धनिया किसी भी खाने का स्वाद बढ़ा देते हैं. ऐसे में रसोई लगभग हर दिन हरा धनिया और हरी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है. कई लोगों की शिकायत हरा धनिया और हरी मिर्च को जल्दी मुरझाने, सूखने, सड़ने-गलने या खराब होने की होती है.हरा धनिया को लोग फ्रिज में रखते हैं फिर भी यह पीला पड़ जाता है. फ्रिज में हरी मिर्ची भी सड़ने लगती है. यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो आपको अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको कुछ आसान ट्रिक्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप धनिया और हरी मिर्च को एक महीने तक ताजा रख सकते हैं.

    ऐसे धनिया को करें स्टोर 1. यदि आप बाजार से हरा धनिया खरीदकर घर लाए हैं तो उसे उसी प्लास्टिक बैग में फ्रिज में न रखें. ऐसा करने से प्लास्टिक बैग के अंदर नमी जमा होने लगती है और कुछ ही दिनों में धनिया की हरी पत्तियां गलने लगती हैं. ऐसे में धनिया को हल्का सुखाकर एयरटाइट कंटेनर में रखें. आप धनिया को पंखे के नीचे किसी सूती कपड़े या पेपर टॉवल पर फैला कर सारा अतिरिक्त पानी सूखा सकते हैं.

    2. कंटेनर के नीचे एक सूखा पेपर टॉवल बिछा दें. यह अतिरिक्त नमी को सोख लेगा. अब हरा धनिया को एक परत में रखें और कंटेनर बंद करके फ्रिज में रख दें. ऐसा करने से हरा धनिया बहुत दिनों तक हरा और ताजा बना रह सकता है.

    3. हरा धनिया की डंठल का निचला हिस्सा थोड़ा सा काटकर उसे पानी भरे कांच के गिलास में रखें और ऊपर से प्लास्टिक बैग ढक दें. ऐसा करने से डंठल को नमी मिलती रहती है और धनिया की पत्तियां लंबे समय तक ताजी बनी रहती हैं. ध्यान रखें हर दो-तीन दिन में पानी बदलना जरूरी होता है.

    4. हरा धनिया को आप कपड़े या अखबार में लपेटकर रख सकते हैं. इससे भी यह लंबे समय तक सूखता नहीं है.

    हरी मिर्च को ऐसे करें स्टोर1. हरी मिर्च को बाजार से खरीदकर घर लाने के बाद उसे तुरंत धोकर स्टोर नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से यह जल्दी गलने लगती हैं. यदि मिर्च गंदी है और आप उसे धोना चाहते हैं तो जब वह पूरी तरह सूख जाए उसके बाद ही फ्रिज में रखें.

    2. हरी मिर्च को अधिक दिनों तक ताजा रखने के लिए उसकी डंठल निकाल दें. इसके बाद हल्दी मिले पानी से मिर्च को धोकर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. अब सूती कपड़े से मिर्च को पूरी तरह सुखा लें. ध्यान रखें कि उस पर बिल्कुल भी नमी न रहे.

    3. अब इस हरी मिर्च को जिप-लॉक बैग में रखें और उसमें छिली हुई लहसुन की दो या तीन कलियां डाल दें. फिर बैग को बंद करके फ्रिज में रख दें. ऐसा करने से हरी मिर्च जल्दी नहीं सूखती है.

    4. एयरटाइट कंटेनर की जगह हल्का खुला डिब्बा या पेपर बैग हरी मिर्च को स्टोर करने के लिए बेहतर माना जाता है. हरी मिर्च को टिश्यू पेपर या न्यूजपेपर में लपेटकर रखने से एक्स्ट्रा नमी सोखने में मदद मिलती है.

    5. हरी मिर्च को हमेशा फ्रिज के वेजिटेबल सेक्शन में स्टोर करें. आपको मालूम हो कि ज्यादा ठंडी जगह पर रखने से मिर्च खराब हो सकती है. मिर्च को प्याज या ज्यादा नमी छोड़ने वाली सब्जियों के साथ स्टोर न करें. इससे यह जल्दी खराब हो सकती है.

    6. यदि हरी मिर्च हल्की नरम होने लगे तो ठंडे पानी में कुछ मिनट रखने से थोड़ी फ्रेशनेस वापस आ सकती है. धूप या गर्म जगह पर रखने से हरी मिर्च जल्दी सूख सकती है, इसलिए इस हमेशा ठंडी जगह पर रखें.

  • ‘हां बोलो, वरना कूद जाऊंगा’… प्रेमिका को मनाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, फिर हुआ ये ?

    ‘हां बोलो, वरना कूद जाऊंगा’… प्रेमिका को मनाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, फिर हुआ ये ?

    Maharashtra News: प्रेमिका से 'हां' कहलाओ, नहीं तो कूद जाऊंगा...  मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक इस जिद पर अड़ा, जानें फिर क्या हुआ?

    महाराष्ट्र के सांगली में फिल्म शोले जैसी कहानी सामने आई. यहां कुपवाड़ इलाके में एक युवक अपनी प्रेमिका यानी गर्लफ्रेंड से ‘हां’ कहलवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गया. उसने ऐलान कर दिया कि जब तक उसकी प्रेमिका मौके पर नहीं आएगी और उसका प्रपोजल एक्सेप्ट नहीं करेगी, वह नीचे नहीं उतरेगा. युवक की इस हरकत की खबर जैसे ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को मिली, हड़कंप मच गया.

    …तो लोगों को समझ में आया पूरा माजरा अजय जाधव रविवार दोपहर अचानक एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया. शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर मामला क्या है. जब युवक ने नीचे आने से इनकार किया और अपनी प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग की, तो लोगों को पूरा माजरा समझ आया. अजय की मांग थी कि उसकी प्रेमिका उसके प्रपोजल को स्वीकार करे. उसने कह दिया कि जब तक वह सामने नहीं आएगी, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा.

    …और जमा हो गई भीड़ सूचना मिलते ही कुपवाड़ इंडस्ट्रियल पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया. ऊपर मोबाइल टावर पर युवक बैठा था और नीचे पुलिस उसे समझाने में जुटी थी. इस बीच खबर आसपास के इलाके में तेजी से फैल गई. देखते ही देखते टावर के नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने अजय से बातचीत शुरू की. उसे समझाया गया कि इस तरह टावर पर चढ़ना बेहद खतरनाक है. लेकिन अजय जिद पर अड़ा रहा.

    फिर क्या हुआ अजय शर्त थी कि गर्लफ्रेंड सामने आए और उसके प्रपोजल का जवाब दे. कुपवाड़ पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर आनंदराव घाडगे और उनकी टीम ने युवक को समझाने के लिए लगातार कोशिशें कीं. पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए भी उससे बातचीत की. उसे भरोसा दिलाया गया कि पहले वह सुरक्षित नीचे आए और अपनी बात रखे. काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद अजय नीचे आने के लिए तैयार हो गया. वह जैसे ही सुरक्षित नीचे उतरा, पुलिस, फायर ब्रिगेड और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली. फिलहाल युवक सुरक्षित है और सांगली के कुपवाड़ इलाके में हुई यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. मोबाइल टावर से युवक तो नीचे आ गया, लेकिन प्रेमिका ने ‘हां’ कहा या नहीं, ये कहानी अभी भी अधूरी है.

  • महंगे पेट्रोल से परेशान शख्स ने निकाला गजब का देसी जुगाड़! फ्यूल खर्च हुआ आधा

    महंगे पेट्रोल से परेशान शख्स ने निकाला गजब का देसी जुगाड़! फ्यूल खर्च हुआ आधा

    महंगे पेट्रोल से परेशान शख्स ने निकाला गजब का देसी जुगाड़! फ्यूल खर्च हुआ आधा

    जबलपुर . कहते हैं न कि ‘आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है’. इस कहावत को सच कर दिखाया है बीकॉम पास एक होनहार शख्स ने. महंगे पेट्रोल से तंग आकर इस शख्स ने एक ऐसा नायाब जुगाड़ और आविष्कार किया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है.

    दरअसल, हम बात कर रहे हैं गोरखपुर निवासी रूपेंद्र आनंद की. जिनकी आईडी स्विगी, जोमैटो, रैपिडो और ओला जैसी तमाम डिलीवरी सेवाओं पर एक्टिव है. दिनभर की भागदौड़ और डिलीवरी के दौरान रोजाना उनकी गाड़ी में 400 से 500 रुपये का पेट्रोल खर्च हो जाता था. पेट्रोल के इस भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट से वह काफी परेशान हो चुके थे. तभी उनके दिमाग में आया कि क्यों न कुछ ऐसा बदलाव किया जाए, जिससे सफर भी आसान हो जाए और रोजाना का भारी खर्च भी बच सके. जिसके लिए पिछले 5-6 सालों से इसी सोच के साथ इस पर काम कर रहे थे.

    नॉन-आरटीओ मोटर और बैटरी का बेहतरीन तालमेल
    उन्होंने अपनी पुरानी बाइक में एक खास नॉन-आरटीओ मोटर फिट की है. इस मोटर की रफ्तार 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाती है, जो शहर के भीतर की डिलीवरी के लिए बिल्कुल मुफीद है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस बाइक को इलेक्ट्रिकली और पेट्रोल दोनों तरीकों से चलाया जा सकता है. नॉन-आरटीओ मोटर होने की वजह से उन्हें आरटीओ के झंझटों या कागजी कार्रवाई की टेंशन भी नहीं है. बाइक में लेड-एसिड बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जिसे बारिश या पानी से बचाने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और पेटी के भीतर ताला लगाकर करके रखा गया है.

    महीने के हजारों रुपये की हो रही बचत
    इस देसी और शानदार जुगाड़ ने शख्स की जिंदगी आसान कर दी है. पहले जहां उन्हें महीने में केवल पेट्रोल के नाम पर 12 हजार से 15 हजार रुपये चुकाने पड़ते थे, वह खर्च अब सिमटकर महज 25 सौ से 3 हजार रुपये पर आ गया है. हालांकि, इस पूरी मैन्युफैक्चरिंग को तैयार करने में एक बार का खर्च 35 हजार से 40 हजार रुपये के आसपास आया था, लेकिन लंबे समय में यह उनके लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है. बढ़ती महंगाई के दौर में इस शख्स का यह आविष्कार आज आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई उनके इस हुनर की तारीफ कर रहा है.

  • कार के गुजरते ही मलबे में बदला मकान! कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर..

    कार के गुजरते ही मलबे में बदला मकान! कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर..

    कार के गुजरते ही मलबे में बदला मकान! कैमरे में कैद हुई दिल दहला देने वाली तस्वीर..

    हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में बुधवार को एक मकान ढहने का मामला सामने आया है. हादसे में मां और मायके आई गर्भवती बेटी की मलबे में दबकर मौत हो गई. इस हादसे में दो बच्चियां भी घायल हुई है. जमीन धंसने की वजह से पलभर में ही मकान जमींदोज हो गया. मकान गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया.

    हादसे का वीडियो सामने आया है. उसमें देखा जा सकता है कि सड़क से एक कार उस घर के आगे से निकलती है और अचानक घर नीचे गिर जाता है. घर के नीचे गिरने की जोर से आवाज आती है और कुछ लोगों की चीख भी सुनाई देती है. इसके बाद आस पास से लोग उस और भागते दिखाई देते हैं. फिर युवाओं ने मलबे में दबे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया.

    सिविल अस्पताल राजगढ़ में 60 वर्षीय निर्मला पत्नी भीम सिंह और 32 वर्षीय पूजा पत्नी अमित राणा को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि हादसे में जख्मी डेढ़ वर्षीय ईरा की हालत नाजुक है उसे सोलन रेफर किया गया है. इसके अलावा डेढ़ साल की अबियाना का राजगढ़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है.

    इसके अलावा उत्तरकाशी के सौली गांव में जमीन धंसने से कई मकानों में दरारें आई हैं. प्रशासन ने असुरक्षित मकानों के परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. बारिश होने पर अन्य मकानों में भी दरारें बढ़ने की आशंका आई है. भूवैज्ञानिक टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है. बारिश के पानी के जमीन में रिसाव से भू-धंसाव बढ़ने की आशंका जताई गई है.

    चीड़ के पेड़ों में भी ढाल की दिशा में झुकाव देखने मिला है. भू-धंसाव के चलते क्षेत्र में लगातार मूवमेंट की आशंका है. ग्रामीणों का दावा – एनएच कटान के बाद भू-धंसाव शुरू हुआ है. भूवैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर अति संवेदनशील परिवारों के विस्थापन पर फैसला होगा और विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी उत्तरकाशी को भेजी जाएगी.

  • अंतरिक्ष से आया बुलावा तो मचेगी तबाही, 97 देशों के 1000 वैज्ञानिकों की चेतावनी..

    अंतरिक्ष से आया बुलावा तो मचेगी तबाही, 97 देशों के 1000 वैज्ञानिकों की चेतावनी..

    अंतरिक्ष से आया बुलावा तो मचेगी तबाही, 97 देशों के 1000 वैज्ञानिकों की चेतावनी..

    अब तक एलियंस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठते रहे हैं. कुछ लोगों का दावा है कि उनकी मुलाकात दूसरे ग्रहों के परग्रहियों से हुई तो कुछ लोग कहते हैं कि एलियंस ने उन्हें किडनैप कर लिया था. हालांकि, इन तमाम बातों का कोई सबूत नहीं है. लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों के एक समूह ने एलियंस को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने इंसानों को सख्त हिदायत दी है कि ब्रह्मांड के किसी सुदूर कोने से अगर एलियंस पृथ्वी के इंसानों से संपर्क साधने की कोशिश करते हैं, तो हमें तुरंत पलटकर उन्हें कोई जवाब नहीं देना चाहिए. एलियंस के संदेश को शुरुआत में पूरी तरह नजरअंदाज करें और उनसे रुखा बर्ताव करें. यह चौंकाने वाली सलाह वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए एक विशेष ‘8 सूत्रीय प्लान’ का हिस्सा है, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि अगर कभी किसी वास्तविक एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल सभ्यता का पता चलता है, तो मानव जाति को कदम-दर-कदम क्या कदम उठाने चाहिए.

    डेली स्टार के रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिशा-निर्देशों को ‘इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एयरोनॉटिक्स’ ने प्रकाशित किया है, जो 97 देशों के 1,000 से अधिक शीर्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का एक प्रतिष्ठित वैश्विक समूह है. यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से जुड़ी तथाकथित ‘यूएफओ फाइल्स’ के सार्वजनिक होने के बाद से एलियंस और यूएफओ को लेकर दुनिया भर में बहस और जांच-पड़ताल काफी तेज हो गई है. इस पूरी रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य उन वैज्ञानिकों के लिए “सबसे बेहतर तौर-तरीके” स्थापित करना है, जो एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल सिग्नलों या जीवों की खोज में जुटे हैं. साथ ही इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि आम जनता को इस ऐतिहासिक खोज के बारे में कब और कैसे सूचित किया जाएगा. बता दें कि धरती को लेकर एलियंस की सोच क्या है, कोई नहीं जानता. ऐसे में वो महाविनाश भी कर सकते हैं.

    इंसानों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी
    इस वैज्ञानिक रिपोर्ट की सबसे दिलचस्प और महत्वपूर्ण सिफारिश यह है कि यदि एलियंस किसी रेडियो सिग्नल या माध्यम से वैज्ञानिकों से संपर्क करते हैं, तो पृथ्वी से तब तक कोई जवाबी संदेश नहीं भेजा जाना चाहिए, जब तक कि इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श न हो जाए. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों को आपस में और वैश्विक स्तर पर इस बात को लेकर पूरा सहयोग और चर्चा करनी चाहिए कि क्या एलियंस को कोई जवाब दिया जाना चाहिए या नहीं, और यदि जवाब देना भी है, तो उस संदेश में क्या होना चाहिए. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पूरी परामर्श प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए ही संचालित की जानी चाहिए. रिपोर्ट में साफ लिखा है, “जब तक इस तरह की अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल जाता, तब तक अंतरिक्ष में हमारी तरफ से कोई भी जवाबी संदेश नहीं भेजा जाना चाहिए.”

    वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि भविष्य में एलियंस को दिए जाने वाले संभावित जवाबों के सटीक तौर-तरीकों को तय करने के लिए एक अलग से वैश्विक समझौता, घोषणापत्र या व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि पूरी मानव जाति का दृष्टिकोण इस संवेदनशील मुद्दे पर एकजुट और जिम्मेदार बना रहे. एलियंस और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि इस गाइडलाइन में किसी भी एलियन एनकाउंटर या खोज को दुनिया से छिपाने या दबाने की बात नहीं कही गई है. रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि वैज्ञानिकों पर एलियंस से संपर्क करने के शुरुआती प्रयासों को सार्वजनिक करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है, लेकिन एक बार जब खोज पक्की हो जाएगी, तो संबंधित वैज्ञानिक संस्थानों को पूरी दुनिया के सामने पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी होना पड़ेगा. दिशानिर्देशों के अनुसार, वैज्ञानिक संस्थानों और संगठनों को समाचार एजेंसियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य सार्वजनिक संचार माध्यमों के सभी जायज सवालों का जवाब देना होगा.

    वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए एलियन प्रोटोकॉल के 8 पॉइंट्स
    1. खोज की सत्यता की जांच (Authenticate and substantiate): अंतरिक्ष से मिलने वाले किसी भी सिग्नल की बारीकी से जांच की जाए कि वह वाकई एलियंस का है या नहीं.
    2. सावधानी से सूचना का प्रबंधन (Handle information with care): खोजी गई संवेदनशील जानकारियों और डेटा को बेहद सतर्कता के साथ संभाला जाए.
    3. सटीकता और ईमानदारी (Be prompt, accurate and honest): जनता और दुनिया को दी जाने वाली कोई भी जानकारी पूरी तरह सच्ची और बिना किसी देरी के होनी चाहिए.
    4. पूर्ण प्रकटीकरण (Report conclusions fully): एलियंस से जुड़ी खोज के निष्कर्षों को पूरी तरह, खुले तौर पर और बिना कुछ छिपाए रिपोर्ट किया जाए.
    5. डेटा का संरक्षण (Preserve and disseminate all data): खोज से जुड़े सभी वैज्ञानिक डेटा और सिग्नलों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए और शोध के लिए साझा किया जाए.
    6. साक्ष्यों की सुरक्षा (Protect evidence): एलियंस की मौजूदगी साबित करने वाले भौतिक या डिजिटल सबूतों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए.
    7. जवाबी संदेश पर रोक (No reply should be sent): बिना वैश्विक सहमति और संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के अंतरिक्ष में कोई भी जवाबी संदेश न भेजा जाए.
    8. उच्चतम नैतिक मानक (Adhere to highest ethical standards): इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विज्ञान और मानवता के उच्चतम नैतिक मूल्यों का पालन किया जाए.

  • बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

    बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

    बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

    पटना: बिहार में दो लड़कियों ने समलैंगिक विवाह रचा ली। दोनों के बीच प्यार इस कदर था उन्होंने धार्मिक बंधनों को भी तो़ड़ दिया। दोनों ही लड़कियां दो अलग-अलग धर्मों की थीं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मंदिर में शादी रचा ली। पटना में अदालतगंज की दो छात्राओं ने तीन साल की दोस्ती के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और घर से भागकर खगड़िया पहुंच गईं। दोनों ने वहां मंदिर में शादी करने का दावा भी किया है। दोनों ही लड़कियों के घर से गायब होने पर परिजनों ने पटना के कोतवाली थाने में सात अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी।

    इसके बाद पुलिस दोनों को बरामद कर पटना ले आई। यहां पहुंचने के बाद भी दोनों ने एक-दूसरे से अलग होने से मना कर दिया। दोनों ही लड़कियां परिजनों के साथ जाने को तैयार नहीं हुईं। एक लड़की 10वीं में तो दूसरी 12वीं में पढ़ती है। 10वीं की छात्रा के पिता सीआईडी में बताए जा रहे हैं। दोनों अलग-अलग धर्मों से हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों एक-दूसरे की पड़ोसी भी हैं। छात्राओं ने पुलिस को बताया है कि वे अपने रिश्ते को शादी का रूप देना चाहती थीं। इसीलिए 7 अगस्त को घर से निकल गईं। उनके पास 3500 रुपये थे। दोनों इसके बाद खगड़िया पहंच गईं। दोनों ने खगड़िया के ही एक मंदिर में शादी करने का दावा किया। इसके बाद दोनों होटल में ठहरीं थीं।

    कोतवाली थाने की महिला पुलिस पदाधिकारी पूनम कुमारी के नेतृत्व में टीम दोनों को खगड़िया स्टेशन के पास से बरामद किया। थानेदार अजय कुमार ने कहा कि एक के बालिग और दूसरी के नाबालिग होने की बात सामने आई है। दोनों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। नाबालिग को रिमांड होम भेजने का आदेश मिला है। दूसरी बालिग है उसे अपने मर्जी से कहीं भी जाने को कहा गया है।

    बाल गृह के बच्चे चारपहिया से कोर्ट, अस्पताल जाएंगे
    इधर बिहार में समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को समय-समय पर अस्पताल या न्यायालय में पेशी के लिए ले जाने के लिए चार पहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। अबतक ऑटो या रिक्शा या अन्य वाहनों से ले जाया जाता था। विभाग के संयुक्त सचिव सुशील कुमार ने बताया कि 40 विभिन्न गृहों को एक-एक चारपहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। सभी 40 गृहों के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से सातों दिन 24 घंटे चार पहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। हरेक वाहन के लिए प्रति माह 75 हजार रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने एक वर्ष के लिए इसकी मंजूरी दी है। विभाग इस पर 3 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च करेगा।