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  • जॉइनिंग के सिर्फ 6 घंटे बाद कर्मचारी ने दे दिया इस्तीफा, वजह जानकर मैनेजर भी रह गया हैरान..

    जॉइनिंग के सिर्फ 6 घंटे बाद कर्मचारी ने दे दिया इस्तीफा, वजह जानकर मैनेजर भी रह गया हैरान..

    नौकरी ज्वाइन करने के बाद अगर कोई कर्मचारी उसी दिन इस्तीफा दे दे तो यह बात निश्चित तौर पर हैरान करने वाली होती है। दिल्ली की एक कंपनी से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हुई। एक नए कर्मचारी ने कंपनी में जॉइन करने के महज छह घंटे बाद ही नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया था।

    मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आया था। बताया गया कि कंपनी में काम करने वाला एक कर्मचारी नौकरी छोड़ना चाहता था। लेकिन मैनेजर ने उसके सामने एक शर्त रख दी थी कि अगर उसे जल्दी रिलीज किया जाना है तो उसे खुद अपना रिप्लेसमेंट ढूंढना होगा और नए कर्मचारी को काम की ट्रेनिंग भी देनी होगी।

    पुराने कर्मचारी ने कंपनी के लिए नया व्यक्ति खोज लिया और उसे जॉइन भी करा दिया। इसके बाद शुरू हुई नए कर्मचारी की ट्रेनिंग।

    छह घंटे में सामने आ गया कंपनी का असली चेहरा

    ट्रेनिंग के दौरान पुराने कर्मचारी ने नए व्यक्ति को सिर्फ काम करने का तरीका ही नहीं बताया, बल्कि कंपनी में काम के वास्तविक माहौल के बारे में भी खुलकर जानकारी दी।

    उसने उसे बताया कि काम का दबाव कितना रहता है, काम के घंटे कैसे हैं और रोजमर्रा में कर्मचारी को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

    नए कर्मचारी के लिए यह जानकारी बिल्कुल अलग थी। बताया गया कि इंटरव्यू के दौरान कंपनी को लेकर जो तस्वीर उसके सामने पेश की गई थी, वास्तविक कामकाजी माहौल उससे काफी अलग था।

    शाम होते-होते बोल दिया- मुझसे नहीं होगा

    करीब छह घंटे की ट्रेनिंग के बाद नए कर्मचारी ने नौकरी जारी रखने से इनकार कर दिया। उसने मैनेजर को साफ बता दिया कि वह इस माहौल में काम नहीं कर पाएगा और इस्तीफा दे दिया।

    इतनी जल्दी इस्तीफा मिलने से मैनेजर नाराज हो गया। उसने पुराने कर्मचारी को फोन कर सवाल किया कि उसने नए कर्मचारी को आखिर क्या-क्या बता दिया था, जिसकी वजह से उसने पहले ही दिन नौकरी छोड़ दी।

    पुराने कर्मचारी ने कथित तौर पर जवाब दिया कि उसने वही बातें बताई हैं, जो उसे नए कर्मचारी को ट्रेनिंग देने के लिए कही गई थीं।

    सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नौकरी और हायरिंग प्रक्रिया को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि कंपनियों को इंटरव्यू के दौरान नौकरी की वास्तविक परिस्थितियों के बारे में उम्मीदवारों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

    लोगों का तर्क था कि अगर काम के घंटे, जिम्मेदारियां और वर्क कल्चर पहले ही साफ बता दिए जाएं तो कर्मचारी भी सोच-समझकर फैसला ले सकता है और कंपनी का समय भी बर्बाद नहीं होता।

    हालांकि, इस पूरे मामले की जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आई थी, इसलिए घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। फिर भी यह कहानी नौकरी तलाशने वालों के लिए एक सवाल जरूर छोड़ती है—क्या जॉइन करने से पहले कंपनी के असली वर्क कल्चर के बारे में पूरी जानकारी लेना जरूरी नहीं है?

  • पांचवीं शादी के बाद पति को घर से निकाला, महिला पर देवर के साथ रहने का आरोप; पति ने लगाए गंभीर आरोप..

    पांचवीं शादी के बाद पति को घर से निकाला, महिला पर देवर के साथ रहने का आरोप; पति ने लगाए गंभीर आरोप..

    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से शादी और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया था कि वह पहले भी कई शादियां कर चुकी है और शादी के बाद अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। पीड़ित पति ने पुलिस और अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

    मामला फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित के मुताबिक, उसकी शादी पिछले साल बांदा जिले की रहने वाली एक महिला से हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा था।

    पति ने लगाया पांचवीं शादी का आरोप

    पति का दावा था कि उसकी पत्नी इससे पहले चार शादियां कर चुकी थी। इनमें से कुछ शादियां फतेहपुर में ही हुई थीं। उसने आरोप लगाया था कि वह खुद महिला का पांचवां पति था।

    शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा था। पति का आरोप था कि पत्नी ने घर में रखी नकदी, जेवर और अन्य सामान अपने मायके भिजवा दिया था।

    पति और सास-ससुर को घर से निकालने का आरोप

    पीड़ित का आरोप था कि बाद में पत्नी ने उसे और उसके माता-पिता को घर में प्रवेश करने से रोक दिया था। उसने यह भी दावा किया था कि कई बार बाहरी लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट कराई गई।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। इस वजह से परिवार में विवाद और बढ़ गया था।

    पति ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

    पीड़ित का कहना था कि वह अब भी अपनी पत्नी को अपनाने के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि पत्नी उसके भाई से किसी भी तरह का संबंध न रखे। उसने पत्नी पर शादी के जरिए लोगों को धोखा देने और सामान हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।

    पति ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। उसका दावा था कि पहले भी उसके साथ मारपीट कराई जा चुकी है और उसे अपनी जान का डर है।

    मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि, महिला पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकती थी।

  • तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला काफी चर्चा में रहा था। एक युवती अचानक अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और शादी की मांग को लेकर वहीं बैठ गई। युवती का कहना था कि युवक लंबे समय से उससे शादी करने का वादा कर रहा था, लेकिन अब शादी की बात आते ही उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।

    बताया गया था कि मामला चौरीचौरा क्षेत्र का था। युवती के मुताबिक, उसकी युवक से करीब तीन साल से जान-पहचान थी। इस दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। युवती का आरोप था कि युवक कई बार उससे शादी करने की बात कह चुका था और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रिश्ते में रही।

    कुछ समय बाद जब युवती ने युवक से शादी करने की बात कही तो कथित तौर पर वह टालमटोल करने लगा। धीरे-धीरे बातचीत कम हो गई और फिर युवक ने उससे संपर्क करना भी बंद कर दिया। इससे नाराज युवती सीधे उसके घर पहुंच गई।

    घर पहुंचकर युवती ने साफ कहा कि वह शादी के बिना वापस नहीं जाएगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। कुछ ही देर में यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

    युवती ने युवक पर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि उसने युवक की बातों पर विश्वास किया था, लेकिन बाद में वह शादी से पीछे हटने लगा।

    मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस युवक को थाने लेकर गई, जबकि युवती ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी बात रखी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही थी। दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही थी और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होनी थी।

    युवती के अचानक प्रेमी के घर पहुंचकर शादी की मांग करने की वजह से यह मामला आसपास के इलाके में काफी चर्चा में रहा था। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर थी।

  • जहरीले कीड़े के काटने से युवक की मौत, फिर 5 दिन तक चलता रहा झाड़-फूंक का खेल; अंधविश्वास ने किया हैरान..

    जहरीले कीड़े के काटने से युवक की मौत, फिर 5 दिन तक चलता रहा झाड़-फूंक का खेल; अंधविश्वास ने किया हैरान..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जहरीले कीड़े के काटने से एक युवक की मौत हो गई थी, लेकिन परिवार और कुछ ग्रामीणों ने उसकी मौत को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उसे दोबारा जिंदा करने के नाम पर कई दिनों तक झाड़-फूंक और कर्मकांड चलता रहा।

    मामला अमांपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया गया था। घटना की शुरुआत तब हुई जब 26 वर्षीय युवक को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

    अस्पताल से लौटने के बाद भी परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे कि युवक की मौत हो चुकी है। उन्हें उम्मीद थी कि किसी तरह उसे दोबारा जिंदा किया जा सकता है। इसी विश्वास के चलते झाड़-फूंक करने वालों की मदद ली गई।

    बताया गया कि इसके बाद दूसरे स्थान से एक महिला को बुलाया गया, जिसने मृत युवक को जीवित करने के नाम पर कथित तौर पर कई तरह के कर्मकांड शुरू किए। शव को पानी से भरे गड्ढे में रखे जाने और आसपास ढोल-थाली बजाने जैसी गतिविधियां भी की गईं।

    यह पूरा सिलसिला करीब पांच दिनों तक चलता रहा। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां जमा होते रहे और युवक के जीवित होने की उम्मीद में कथित कर्मकांड को देखते रहे।

    मामला सामने आने के बाद इलाके में अंधविश्वास को लेकर बहस शुरू हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब अस्पताल में डॉक्टर युवक को मृत घोषित कर चुके थे, तब भी परिवार ने चिकित्सकीय सलाह के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा क्यों किया।

    घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कितना जरूरी है। अंधविश्वास के चलते किसी मृत व्यक्ति को वापस जीवित करने की कोशिश न सिर्फ निरर्थक होती है, बल्कि ऐसी परिस्थितियों में परिवार को मानसिक और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

  • बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक महिला ब्लड टेस्ट कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी, लेकिन आरोप था कि उसका खून का सैंपल लिए बिना ही उसे जांच रिपोर्ट दे दी गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था।

    बताया गया था कि महिला मुंगराबादशाहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी। वहां जांच के लिए प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसे रिपोर्ट सौंप दी गई। जब महिला ने सवाल किया कि बिना खून का नमूना लिए रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई, तो वहां मौजूद कर्मचारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।

    पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें महिला स्वास्थ्यकर्मियों से इसी मामले को लेकर सवाल करती दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

    मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बाद विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया गया था।

    मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। अधिकारियों ने कहा था कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, महिला का कहना था कि वह सामान्य प्रक्रिया के तहत ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी, लेकिन सैंपल लिए बिना ही उसे रिपोर्ट दे दी गई। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच आगे बढ़ाई गई थी।

  • भालू ने शरीर पर किए 60 गहरे घाव, फिर भी नहीं मानी हार; 45 मिनट तक एक पैर से साइकिल चलाकर बचाई जान..

    भालू ने शरीर पर किए 60 गहरे घाव, फिर भी नहीं मानी हार; 45 मिनट तक एक पैर से साइकिल चलाकर बचाई जान..

    कनाडा में एक शख्स के साथ जंगल में ऐसा खौफनाक हादसा हुआ था, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। साइकिल से जंगल के रास्ते से गुजर रहे इस व्यक्ति का सामना अचानक एक विशाल ग्रिजली भालू से हो गया था। देखते ही देखते भालू ने उस पर हमला कर दिया और शरीर को बुरी तरह जख्मी कर दिया था।

    यह घटना ब्रिटिश कोलंबिया की बताई गई थी। 47 वर्षीय व्यक्ति जंगल के रास्ते पर साइकिल चला रहा था। वह पहले कई बार काले भालू देख चुका था और उसे लगा था कि शांत रहने पर भालू खुद वहां से चला जाएगा। इसलिए वह बिना घबराए खड़ा रहा था।

    लेकिन इस बार सामने ग्रिजली भालू था। भालू धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा और कुछ ही दूरी पर आकर रुक गया। खतरा भांपते हुए उसने साइकिल को अपने और भालू के बीच कर लिया। उसके हाथ में एक डंडा भी था, जिसे उसने बचाव के लिए आगे कर रखा था।

    भालू ने डंडे को मुंह से पकड़कर दूर फेंक दिया। इसके बाद शख्स ने अपने पास मौजूद खाने का बैग भी भालू की तरफ फेंक दिया, ताकि उसका ध्यान दूसरी तरफ चला जाए। लेकिन भालू खाने की तरफ नहीं गया और अचानक उस पर झपट पड़ा।

    भालू ने घसीटकर झाड़ियों में पहुंचा दिया

    हमले के दौरान भालू ने उसे बुरी तरह दबोच लिया और घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले गया। उसके शरीर पर लगातार पंजों और दांतों से वार होते रहे। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उसे लगा अब शायद वह जिंदा नहीं बच पाएगा।

    उसी दौरान उसे अपनी जेब में रखे छोटे पॉकेट नाइफ का ध्यान आया। किसी तरह उसने चाकू निकाला और भालू की गर्दन पर वार कर दिया। चोट लगने के बाद भालू ने उसे छोड़ दिया और जंगल की तरफ चला गया।

    लेकिन तब तक वह बुरी तरह घायल हो चुका था और शरीर से लगातार खून बह रहा था।

    अपनी शर्ट फाड़कर रोका खून

    मदद के लिए उसके पास कोई प्राथमिक उपचार का सामान नहीं था। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन फाड़ी और घायल हिस्से पर बांधकर खून रोकने की कोशिश की।

    इसके बाद उसने अपनी क्षतिग्रस्त साइकिल उठाई और एक पैर के सहारे किसी तरह वहां से निकलने लगा। घायल होने के बावजूद उसने करीब 45 मिनट तक साइकिल चलाकर मदद की तलाश जारी रखी।

    आखिरकार उसे लकड़हारों का एक केबिन दिखाई दिया। वहां मौजूद लोगों ने उसकी हालत देखी तो तुरंत उसकी मदद शुरू की और एयर एंबुलेंस को सूचना दी।

    शरीर पर मिले 60 से ज्यादा घाव

    अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जब उसकी हालत देखी तो वे भी हैरान रह गए। उसके शरीर पर 60 से ज्यादा गहरे घाव थे। कुछ चोटें इतनी गंभीर थीं कि शरीर के अंदरूनी हिस्से तक दिखाई दे रहे थे।

    डॉक्टरों ने कई घंटे तक ऑपरेशन किया और उसकी जान बचाई। इसके बाद उसे करीब 40 दिनों तक अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।

    इतनी गंभीर चोटों के बावजूद उसने जिंदगी की जंग जीत ली। इस हादसे के बाद भी उसने जंगल और साइकिलिंग से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई। हालांकि अब वह जंगल में पहले से कहीं ज्यादा सावधानी बरतता है।

    यह घटना दिखाती है कि बेहद खतरनाक परिस्थिति में भी इंसान हिम्मत और सूझबूझ से काम ले तो बच निकलने की संभावना बनी रहती है। एक तरफ भालू का हमला, दूसरी तरफ शरीर पर दर्जनों गहरे घाव और फिर एक पैर से साइकिल चलाकर मदद तक पहुंचना—यह पूरा वाकया किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था।

  • सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। दोनों परिवारों की सहमति से हुई शादी के बाद दूल्हे ने सोचा था कि नई जिंदगी की शुरुआत खुशियों के साथ होगी, लेकिन शादी की पहली ही रात हालात पूरी तरह बदल गए थे।

    बताया गया था कि शादी धूमधाम से हुई थी। बारात, मेहमान और रस्मों के बाद दुल्हन को विदा कराकर घर लाया गया था। परिवार में नई बहू के आने की खुशी थी, लेकिन सुहागरात पर पति के सामने ऐसी स्थिति आ गई, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।

    चाकू दिखाकर पति को दी धमकी

    पति का आरोप था कि सुहागरात के दौरान दुल्हन ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया था। उसने कथित तौर पर पति को अपने करीब आने से मना किया और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

    दूल्हे के मुताबिक, यह स्थिति सिर्फ पहली रात तक सीमित नहीं रही थी। लगातार तीन रातों तक उसे इसी तरह डर और तनाव का सामना करना पड़ा था। इस वजह से वह इतना परेशान हो गया था कि शादी के बाद तय हनीमून की योजना भी रद्द करनी पड़ी थी।

    दुल्हन ने बताया किसी और से प्रेम संबंध

    कुछ दिनों बाद दुल्हन ने कथित तौर पर अपने परिवार और ससुराल वालों के सामने बताया था कि उसका पहले से किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था। उसने पति के परिवार से उसे उसके प्रेमी के पास भेजने की मांग की थी।

    इस बात को लेकर दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया था। मामला पंचायत तक पहुंचा और परिवार के लोगों ने आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश की थी।

    रात में घर से निकल गई दुल्हन

    विवाद के बीच मामला थाने तक भी पहुंच गया था। परिवार के मुताबिक, इसी दौरान दुल्हन रात में घर से निकल गई थी। आरोप था कि वह घर की दीवार से बाहर निकली और अपने कथित प्रेमी के साथ चली गई।

    इसके बाद पति और उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क किया था। परिवार का कहना था कि शादी के बाद जो रिश्ता नई जिंदगी की शुरुआत माना जा रहा था, वह कुछ ही दिनों में विवाद और तनाव में बदल गया था।

    फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती थी। शादी से पहले दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और रिश्तों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होना कितना जरूरी है, यह घटना इसी ओर इशारा करती है।

  • शादी से एक दिन पहले हल्दी में जमकर नाची दुल्हन, अचानक बिगड़ी तबीयत… डोली से पहले उठी अर्थी, मातम में बदली खुशियां..

    शादी से एक दिन पहले हल्दी में जमकर नाची दुल्हन, अचानक बिगड़ी तबीयत… डोली से पहले उठी अर्थी, मातम में बदली खुशियां..

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं, हल्दी की रस्म में डांस करते-करते दुल्हन की मौत

    शादी वाले घर में चारों तरफ खुशियों का माहौल था। रिश्तेदार और मेहमान जुट चुके थे। घर में शादी की रस्में चल रही थीं और कुछ ही समय बाद बारात आने वाली थी। लेकिन अचानक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।

    हल्दी की रस्म के दौरान होने वाली दुल्हन अपनी बहनों और रिश्तेदारों के साथ खुशी-खुशी डांस कर रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे घबराहट महसूस हुई और वह वॉशरूम चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई।

    परिवार के लोगों ने दरवाजा खोलकर देखा तो वह जमीन पर बेसुध पड़ी थी। आनन-फानन में स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टर ने शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक बताई।

    बताया गया कि युवती पहले से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज भी चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी शादी होगी और बेटी को दुल्हन के रूप में विदा किया जाएगा, लेकिन एक पल में सारी खुशियां मातम में बदल गईं।

    शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और हल्दी-मेहंदी की रस्में भी खुशी के साथ संपन्न हो रही थीं। दुल्हन ने शादी से पहले खूब फोटो खिंचवाए थे। तस्वीरों में उसके चेहरे पर शादी की खुशी साफ नजर आ रही थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यही तस्वीरें परिवार के लिए उसकी आखिरी याद बन जाएंगी।

    हादसे के बाद शादी वाले घर में चीख-पुकार मच गई। जिन घरातियों और रिश्तेदारों के बीच कुछ देर पहले हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब हर तरफ सन्नाटा पसरा था। जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी, वहां उसकी अर्थी उठ गई।

    परिवार ने इस दुखद घटना के बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। अचानक हुई इस मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध है।

    हार्ट अटैक क्यों आता है?

    हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। आमतौर पर हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में प्लाक जमा होने से रास्ता संकरा हो जाता है। कई मामलों में प्लाक टूटने के बाद रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे धमनी में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है और हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो सकती है।

    हालांकि किसी भी अचानक हुई मौत की सही वजह डॉक्टर की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होती है।

  • एक ही नाम और पहचान से 6 जिलों में नौकरी का दावा, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड ने खोला चौंकाने वाला राज..

    एक ही नाम और पहचान से 6 जिलों में नौकरी का दावा, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड ने खोला चौंकाने वाला राज..

    उत्तर प्रदेश के कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। विभागीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान एक ही नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि वाले छह कर्मचारियों का अलग-अलग जिलों में तैनात होने का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

    बताया गया था कि मामला एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर हुई नियुक्तियों से जुड़ा था। वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। इसी सूची में एक व्यक्ति का नाम भी शामिल था, जिसे एक जिले में तैनाती मिली थी।

    बाद में जब कर्मचारियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज किया गया तो रिकॉर्ड में एक जैसी जानकारियां देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। अलग-अलग जिलों में तैनात छह कर्मचारियों के नाम एक जैसे बताए गए थे। उनके पिता के नाम और जन्मतिथि भी समान थी। इनमें से कुछ कर्मचारियों का स्थायी पता भी एक जैसा दर्ज होने की बात सामने आई थी।

    रिकॉर्ड में इन कर्मचारियों की तैनाती फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बदायूं, रामपुर और शामली समेत अलग-अलग जिलों में बताई गई थी। ऐसे में सवाल उठने लगा कि क्या ये वास्तव में अलग-अलग व्यक्ति हैं या एक ही पहचान का इस्तेमाल करके कई जगह नौकरी हासिल की गई।

    मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब वेतन से जुड़े आंकड़ों की पड़ताल की गई। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित पद पर तैनात कर्मचारी को हर महीने करीब 69 हजार रुपये वेतन मिलता था। इसी आधार पर अलग-अलग जिलों में सरकारी खजाने से बड़ी रकम के भुगतान का अनुमान सामने आया।

    हालांकि, यह रकम वास्तव में फर्जीवाड़े के जरिए निकाली गई या रिकॉर्ड में किसी तकनीकी अथवा दस्तावेजी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होना था। केवल एक जैसे नाम और विवरण सामने आने से किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना भी उचित नहीं था।

    मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की थी। अधिकारियों ने रिकॉर्ड की जांच कर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी।

    अब जांच में यह स्पष्ट होना था कि छह जिलों में एक जैसी पहचान वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड कैसे तैयार हुआ और वर्षों तक विभागीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी। मामला सामने आने के बाद सरकारी नियुक्तियों और रिकॉर्ड सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।

  • यूपी के इस शहर में रहते हैं सबसे ज्यादा अमीर भिखारी, आपकी सैलरी से ज्यादा है इनकी कमाई!

    यूपी के इस शहर में रहते हैं सबसे ज्यादा अमीर भिखारी, आपकी सैलरी से ज्यादा है इनकी कमाई!

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ समय पहले भिखारियों को लेकर किए गए एक सर्वे के दौरान ऐसे आंकड़े सामने आए थे, जिन्होंने लोगों को हैरान कर दिया था। सर्वे में शहर के हजारों भिखारियों की स्थिति और उनकी आय से जुड़ी जानकारी जुटाई गई थी।

    बताया गया था कि सर्वे का उद्देश्य भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों की पहचान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाना था। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों से जानकारी जुटाई गई थी।

    सर्वे में सामने आया था कि भीख मांगने वाले सभी लोग आर्थिक रूप से बेहद कमजोर नहीं थे। कुछ लोग नियमित तौर पर भीख मांगते थे और उनकी रोजाना की कमाई भी अच्छी खासी बताई गई थी। कुछ मामलों में यह रकम नौकरीपेशा लोगों की मासिक आय के बराबर या उससे अधिक होने का दावा किया गया था।

    महिलाओं की कमाई को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी। खास तौर पर छोटे बच्चों के साथ या गर्भवती महिलाओं द्वारा भीख मांगने पर लोगों की ओर से अधिक मदद मिलने की बात कही गई थी। कुछ मामलों में महिलाओं की रोजाना कमाई हजारों रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया था।

    सर्वे के दौरान यह भी सामने आया था कि कुछ लोगों के पास मोबाइल फोन और पहचान से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे। इससे यह सवाल भी उठा था कि शहर में भीख मांगने का काम कितने लोगों के लिए मजबूरी था और कितने लोग इसे नियमित कमाई के साधन के रूप में कर रहे थे।

    लखनऊ के व्यस्त इलाकों में भीख मांगने वालों की संख्या अधिक होने की बात सामने आई थी। खासकर रेलवे स्टेशन और प्रमुख बाजारों के आसपास रोजाना बड़ी संख्या में लोग भीख मांगते दिखाई देते थे। ऐसे स्थानों पर लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण कमाई भी अपेक्षाकृत ज्यादा होने का दावा किया गया था।

    हालांकि, इन आंकड़ों को किसी व्यक्ति की वास्तविक और स्थायी आय मानना उचित नहीं होगा। भीख मांगने वालों की आमदनी स्थान, दिन और परिस्थितियों के हिसाब से काफी बदल सकती है। सर्वे में सामने आए आंकड़ों के आधार पर ही उनकी आर्थिक स्थिति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।