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  • पेट की जलन और गैस से राहत दिलाने में कारगर है इलायची, जानें सेवन का सही तरीका

    पेट की जलन और गैस से राहत दिलाने में कारगर है इलायची, जानें सेवन का सही तरीका

    पेट की जलन और गैस से राहत दिलाने में कारगर है इलायची, जानें सेवन का सही तरीका

    सुबह सुबह पेट की जलन और गैस आज के समय में एक बेहद आम समस्या बन चके हैं। खराब खानपान, देर तक बैठना और तनाव इसके मुख्य कारण हैं। इस तकलीफ से राहत पाने के लिए लोग अक्सर दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन शायद आपको मालूम नहीं है कि हमारी रसोई में कुछ ऐसे मसाले हैं जो गैस औप पेट की जलन से आसानी से छुटकारा दिला सकते हैं। हम जिस मसाले की बात कर रहे हैं उसका नाम इलायची है। हरी इलायची सिर्फ स्वाद और खुशबू बढ़ाने के काम नहीं आती, बल्कि आयुर्वेद में इसे पेट की कई समस्याओं की अचूक दवा माना गया है। ऐसे में यहां हम जानने की कोशिश करेंगे कि पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में इलायची किस तरह कारगर है।

    इलायची क्यों है पेट के लिए फायदेमंद?

    इलायची की तासीर ठंडी होती है, जो पेट में बन रहे एसिड को शांत करने में मदद करती है। इसमें मौजूद एसेंशियल ऑयल्स पाचन तंत्र की को आराम पहुंचाते हैं, जिससे पेट की ऐंठन कम होती है। इसके अलावा, इलायची पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है, जिससे खाना जल्दी पचता है और गैस व ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती।

    इलायची इस्तेमाल करने के 4 सबसे सही तरीके

    1. खाना खाने के बाद चबाएं
    यह सबसे आसान और तुरंत असर दिखाने वाला तरीका है। भारी या मसालेदार खाना खाने के बाद 1 से 2 हरी इलायची को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चबाएं। इसका रस जब आपके पेट में जाएगा, तो एसिडिटी की वजह से होने वाली सीने और पेट की जलन में तुरंत आराम मिलेगा। यह माउथ फ्रेशनर का काम भी करती है।

    2. इलायची का गुनगुना पानी
    गैस और भारीपन से छुटकारा पाने के लिए इलायची का पानी बेहद फायदेमंद है। इसके लिए एक गिलास पानी में 2 से 3 कुचली हुई इलायची डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छान लें। इस पानी को गुनगुना होने पर चाय की तरह घूंट-घूंट करके पिएं। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पूरे दिन पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।

    3. इलायची और सौंफ का मिश्रण
    सौंफ और इलायची दोनों की ही तासीर ठंडी होती है, इसलिए इनका कॉम्बिनेशन गैस और एसिडिटी पर अच्छा असर करता है। आप भुनी हुई सौंफ और इलायची के दानों को मिलाकर एक डिब्बे में रख सकते हैं। खाना खाने के बाद आधा चम्मच इस मिश्रण का सेवन करने से अपच की समस्या दूर हो जाती है।

    4. इलायची की हर्बल चाय
    अगर आपको दूध वाली चाय पीने से गैस बनती है, तो उसकी जगह इलायची की हर्बल चाय पिएं। इसके लिए पानी में इलायची, थोड़ा सा अदरक और पुदीने की पत्तियां उबालकर काली चाय की तरह पिएं। यह पेट को ठंडक देगी और गैस को तुरंत बाहर निकालने में मदद करेगी। इलायची का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। एक दिन में 2 से 3 इलायची से ज्यादा का सेवन करने से बचें, क्योंकि किसी भी चीज की अति नुकसानदेह हो सकती है। अगर आपको लंबे समय से क्रॉनिक एसिडिटी या पेट में अल्सर की शिकायत है, तो घरेलू नुस्खों के साथ-साथ डॉक्टर से संपर्क जरूर लें।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • स्विफ्टलेट: लार से तैयार होता है बेशकीमती घोंसला, दुनिया भर में है जबरदस्त मांग..

    स्विफ्टलेट: लार से तैयार होता है बेशकीमती घोंसला, दुनिया भर में है जबरदस्त मांग..

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    प्रकृति में कई ऐसे जीव-जंतु हैं, जो अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। कोई अपनी ताकत के लिए जाना जाता है तो कोई अपनी सुंदरता के लिए। इसी तरह एक छोटी-सी पक्षी स्विफ्टलेट अपने बेहद अनोखे घोंसले के कारण चर्चा में रहती है। इस पक्षी का घोंसला इतना कीमती होता है कि इसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है।

    लार से तैयार होता है घोंसला

    अधिकांश पक्षी अपने घोंसले तिनकों, पत्तियों और छोटी टहनियों की मदद से बनाते हैं, लेकिन स्विफ्टलेट का तरीका बिल्कुल अलग है। यह अपने मुंह से निकलने वाली विशेष लार का उपयोग करके घोंसला तैयार करती है। हवा के संपर्क में आने पर यह लार धीरे-धीरे सख्त होकर मजबूत संरचना का रूप ले लेती है। कई दिनों की लगातार मेहनत के बाद कप के आकार जैसा मजबूत घोंसला बनकर तैयार होता है। यह पक्षी आमतौर पर समुद्र के किनारे मौजूद गुफाओं, ऊंची चट्टानों और अंधेरी जगहों को घोंसला बनाने के लिए चुनती है, जिससे उसके घोंसले सुरक्षित रह सकें।

    आखिर इतनी ज्यादा क्यों है कीमत ?

    स्विफ्टलेट के घोंसले की मांग खासकर एशियाई देशों में बहुत अधिक है। चीन, हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों में इसका उपयोग प्रसिद्ध बर्ड नेस्ट सूप बनाने में किया जाता है। इसे एक प्रीमियम और लग्जरी लग्जरी फूड बनता है, इसलिए कई आलीशान रेस्तरां अपने मेन्यू में इसे विशेष व्यंजन के रूप में शामिल करते हैं। शुद्ध घोंसले का एक किलो वजन लाखों रुपये में बिक सकता है।

    स्वास्थ्य लाभ को लेकर क्या है दावा ?

    कई लोगों का मानना है कि स्विफ्टलेट के घोंसले में प्रोटीन, अमीनो एसिड और कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। दावा किया जाता है कि इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। हालांकि, इन दावों को लेकर वैज्ञानिकों की राय एक जैसी नहीं है और अभी भी इस विषय पर शोध जारी है।

    संरक्षण भी है जरूरी

    बर्ड नेस्ट सूप कई सदियों से चीनी संस्कृति का हिस्सा रहा है। बढ़ती मांग के कारण कई क्षेत्रों में स्विफ्टलेट और उसके घोंसलों की सुरक्षा के लिए विशेष संरक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि इस अनोखी पक्षी की संख्या और प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सकें।

  • भगवान विष्णु की महिमा – क्यों कहलाते हैं जगत के पालनकर्ता?गरुड़ पुराण – भाग 2

    भगवान विष्णु की महिमा – क्यों कहलाते हैं जगत के पालनकर्ता?गरुड़ पुराण – भाग 2

    भगवान विष्णु की महिमा – क्यों कहलाते हैं जगत के पालनकर्ता?गरुड़ पुराण – भाग 2

    गरुड़ पुराण के पूर्व खंड में भगवान श्रीहरि विष्णु और उनके परम भक्त गरुड़ जी के मध्य हुए दिव्य संवाद का अत्यंत सुंदर वर्णन मिलता है। भगवान विष्णु केवल वैकुण्ठ के स्वामी ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता, धर्म के रक्षक और अपने भक्तों के उद्धारकर्ता हैं। जब-जब संसार में अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं या अपने अवतारों के माध्यम से धर्म की पुनः स्थापना करते हैं।

    1. भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप

    गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु को सच्चिदानन्द स्वरूप, अनादि, अनंत और सर्वव्यापी बताया गया है। वे समय, जन्म और मृत्यु से परे हैं। सम्पूर्ण ब्रह्मांड उन्हीं की इच्छा से संचालित होता है।

    भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप अत्यंत मनोहारी है। उनका वर्ण वर्षा ऋतु के मेघ के समान श्याम है। वे पीताम्बर धारण करते हैं और उनके वक्षस्थल पर श्रीवत्स का चिन्ह तथा कौस्तुभ मणि सुशोभित रहती है। उनके चार हाथों में चार दिव्य आयुध हैं—

    • शंख (पाञ्चजन्य) – धर्म और पवित्रता का प्रतीक।
    • चक्र (सुदर्शन) – अधर्म के विनाश और धर्म की रक्षा का प्रतीक।
    • गदा (कौमोदकी) – शक्ति और न्याय का प्रतीक।
    • कमल – पवित्रता, करुणा और दिव्यता का प्रतीक।

    भगवान शेषनाग पर क्षीरसागर में विराजमान रहते हैं और माता लक्ष्मी सदैव उनके चरणों की सेवा करती हैं।

    शास्त्रीय प्रमाण

    “शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं।
    विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥”

    भावार्थ: भगवान विष्णु शांति के स्वरूप हैं, शेषनाग पर शयन करते हैं, उनकी नाभि से कमल उत्पन्न हुआ, वे सम्पूर्ण विश्व के आधार हैं और उनका स्वरूप मेघ के समान श्याम एवं अत्यंत मंगलमय है।


    2. भगवान विष्णु के विभिन्न अवतार

    जब भी पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म संकट में पड़ता है, तब भगवान विष्णु विभिन्न अवतार धारण करते हैं।

    गरुड़ पुराण सहित अन्य वैष्णव ग्रंथों में प्रमुख अवतारों का वर्णन मिलता है—

    • मत्स्य अवतार – वेदों और जीवों की रक्षा।
    • कूर्म अवतार – समुद्र मंथन में मंदराचल पर्वत को सहारा देना।
    • वराह अवतार – पृथ्वी का उद्धार।
    • नरसिंह अवतार – भक्त प्रह्लाद की रक्षा और हिरण्यकशिपु का वध।
    • वामन अवतार – राजा बलि के अहंकार का अंत और धर्म की स्थापना।
    • परशुराम अवतार – अत्याचारी क्षत्रियों का दमन।
    • श्रीराम अवतार – मर्यादा, सत्य और आदर्श जीवन की स्थापना।
    • श्रीकृष्ण अवतार – धर्म, प्रेम, भक्ति और गीता का उपदेश।
    • बुद्ध अवतार – करुणा और अहिंसा का संदेश।
    • कल्कि अवतार – कलियुग के अंत में अधर्म का विनाश।

    इन सभी अवतारों का उद्देश्य केवल एक ही है—सज्जनों की रक्षा और धर्म की स्थापना।


    3. भक्ति का महत्व

    गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु स्पष्ट कहते हैं कि जो व्यक्ति सच्चे मन से उनका स्मरण करता है, उसका कल्याण निश्चित है। भक्ति केवल पूजा-पाठ का नाम नहीं, बल्कि भगवान पर पूर्ण विश्वास, प्रेम और समर्पण का नाम है।

    धन, पद, ज्ञान और शक्ति भी उस व्यक्ति के लिए अधूरे हैं, जिसके हृदय में भगवान के प्रति प्रेम नहीं है। वहीं एक साधारण व्यक्ति भी यदि निष्कपट भक्ति करता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।

    कलियुग में नाम-स्मरण को सबसे सरल और श्रेष्ठ साधना बताया गया है।

    शास्त्रीय प्रमाण

    “पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति।
    तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः॥”

    भावार्थ: जो भक्त प्रेमपूर्वक एक पत्ता, एक पुष्प, एक फल या थोड़ा जल भी अर्पित करता है, मैं उसे प्रेम से स्वीकार करता हूँ।


    4. भगवान विष्णु की पूजा की विधि

    गरुड़ पुराण के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि श्रद्धा और पवित्र मन से करनी चाहिए।

    पूजा की सरल विधि—

    1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
    2. भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने दीपक जलाएँ।
    3. तुलसी दल, पुष्प, फल और शुद्ध जल अर्पित करें।
    4. “ॐ नमो नारायणाय” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें।
    5. विष्णु सहस्रनाम, गीता या हरिनाम संकीर्तन का पाठ करें।
    6. अंत में भगवान से अपने और समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना करें।

    शास्त्रों में तुलसी को भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय बताया गया है। तुलसी के बिना विष्णु पूजा अपूर्ण मानी गई है।


    इस प्रसंग से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

    • भगवान विष्णु सम्पूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता और भक्तों के रक्षक हैं।
    • जब भी अधर्म बढ़ता है, भगवान किसी न किसी रूप में धर्म की रक्षा करते हैं।
    • सच्ची भक्ति में दिखावा नहीं, बल्कि प्रेम, श्रद्धा और समर्पण आवश्यक है।
    • भगवान को महंगे उपहार नहीं, बल्कि निर्मल हृदय प्रिय है।
    • जो व्यक्ति प्रतिदिन भगवान का स्मरण करता है, उसका जीवन धीरे-धीरे शांति, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ता है।

    अगले भाग में पढ़िए:
    धर्म क्या है? गरुड़ पुराण के अनुसार मनुष्य का वास्तविक कर्तव्य और धर्म का रहस्य।

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे

  • दिहाड़ी मजदूर से कंपनी का मालिक बनने तक… ₹5.30 करोड़ की कथित हेराफेरी का खुलासा…

    दिहाड़ी मजदूर से कंपनी का मालिक बनने तक… ₹5.30 करोड़ की कथित हेराफेरी का खुलासा…

    दिहाड़ी मजदूर से कंपनी का मालिक बनने तक… ₹5.30 करोड़ की कथित हेराफेरी का खुलासा…

    राजस्थान में पुलिस ने एक ऐसे मामले का पर्दाफाश किया है जिसमें साइबर ठगों ने एक माइनिंग कंपनी से 5 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी कर ली. यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग कितने शातिर होते हैं और वह कितनी तैयारियां कर अपराध करते हैं. इस मामले में महाराष्ट्र में बैठे साइबर ठगों ने एक दिहाड़ी मजदूर का इस्तेमाल कर राजस्थान की एक नामी माइनिंग कंपनी को चूना लगा दिया. कंपनी ने ठगी के बाद पुलिस में शिकायत की जिसके बाद पूरी जांच की गई और तब जाकर ठगी का पूरा घटनाक्रम सामने आ सका.

    कंपनी के मालिक का फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी

    राजस्थान पुलिस के अरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि ठगी की इस घटना के बारे में 27 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज की गई थी. यह बताया गया कि गैलेक्सी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर ठगी की गई.

    साइबर ठगों ने एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजा. उन्होंने उन्हें दो अलग-अलग बैंक खातों की डिटेल भेजी और बेहद जरूरी बताते हुए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए.

    अकाउंटेंट ने जब व्हाट्सएप पर अपने बॉस का नाम और डीपी देखी, तो उसने बिना किसी संदेह के दिए गए बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए.

    जांच से पकड़ में आया दिहाड़ी मजदूर

    शिकायत के बाद राजस्थान के उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा की निगरानी में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का गहनता से तकनीकी विश्लेषण किया.

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी राहुल अशोक (32 वर्षीय) की पहचान की जो महाराष्ट्र के पुणे जिले का निवासी है.  इसके बाद राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से आरोपी को पुणे से दबोच लिया.

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इस ठगी में शामिल था. वह मोटे कमीशन की लालच में साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते का इस्तेमाल करने और अवैध धनराशि के लेनदेन में सहयोग करता था. शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी असल में एक दिहाड़ी मजदूर है. उसने पुणे में ही अमित सिंह नाम के एक व्यक्ति के कहने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी फर्म रजिस्टर्ड करवाई थी.

    50 करोड़ की बैंक लिमिट वाला खाता

    आरोपी से पता चला कि इस फर्जी फर्म से जुड़े करंट बैंक खाते की क्रेडिट लिमिट को मिलीभगत करके 50 करोड़ रुपये तक करवा दिया गया था. इसी खाते का इस्तेमाल कर मार्च 2026 में इसमें 5.30 करोड़ रुपये की ठगी की रकम मंगवाई गई. आरोपी ने इस गिरोह के लिए तीन अन्य बैंक खाते भी खुलवा रखे थे. ठगी की रकम खातों में आते ही बिना किसी देरी के अन्य कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी.

    पुलिस आरोपी राहुल को हिरासत में लेकर जयपुर आ गई है. अब इस मामले में फर्जी खाते खोलने वाले संबंधित बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की भी गहनता से जांच कर रही है. साथ ही मामले में इस्तेमाल हुए अन्य बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि अमित सिंह सहित इस संगठित साइबर गिरोह के अन्य मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके.

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, 11 महीने के मासूम की हत्या के आरोप में माता-पिता पर शक..

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, 11 महीने के मासूम की हत्या के आरोप में माता-पिता पर शक..

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, 11 महीने के मासूम की हत्या के आरोप में माता-पिता पर शक..

    बेंगलुरु के अवलाहल्ली थानाक्षेत्र में 11 महीने के मासूम की मौत के मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने बच्चे के माता-पिता पर हत्या का केस दर्ज किया है. पोस्टमार्टम और उसके बाद हुई जांच में पुल‍िस को ऐसे सबूत मिले हैं, जो घटना के बारे में बच्‍चे के माता-प‍िता के बताए गए शुरुआती बयानों से मेल नहीं खाते. पुल‍िस ने इस मामले में बच्चे के पिता और मां के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर पि‍ता को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया है, जबक‍ि आरोपी मां फरार है.

    किटागनूर गांव में 9 जून को 11 महीने की रेणुका की मौत की संद‍िग्‍ध पर‍िस्‍थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, बच्चे के पिता शेकप्पा ने शुरू में पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी बच्चे को दूध पिलाते समय सो गई थीं, जिससे बच्चा बिस्तर से नीचे गिर गया. बच्चे को तुरंत ईस्ट पॉइंट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट (UDR) दर्ज की और मामले की जांच शुरू की.

    चेहरे, छाती और प्राइवेट पार्ट्स पर लगी थीं चोटें

    हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम और जांच में पता चला क‍ि बच्चे के शरीर पर कई चोटों लगी थीं. मासूम के चेहरे, छाती, पैरों और प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें लगी थीं. जांच में ये भी सामने आया क‍ि बिस्तर की ऊंचाई सिर्फ दो फीट के आसपास थी, ज‍िसके बाद पुल‍िस इस नतीजे पर पहुंची कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर बच्चे को ऐसी चोटें नहीं आ सकती थीं.

    मां ने मारी लात, प‍िता ने उठाकर जमीन पर पटका

    पुलिस ने आगे बताया कि गवाहों के बयानों से पता चला है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे. गवाहों ने यह भी दावा किया कि विजयलक्ष्मी का एक पड़ोसी के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर था और वह अपने छोटे बच्चे से प्‍यार नहीं करती थी. जांच के मुताबिक, 9 जून की दोपहर को जब शेकप्पा लंच के लिए घर लौटा, तो उसका पत्नी से झगड़ा हो गया. पुलिस का दावा है कि झगड़े के दौरान विजयलक्ष्मी ने रोते हुए बच्चे को लात मारी और शेकप्पा ने गुस्से में आकर बच्चे को उठाया और जोर से जमीन पर पटक दिया.

    पोस्‍टमार्टम र‍िपोर्ट में हुआ बच्‍चे की मौत के कारण का खुलासा

    मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, 22 जून को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला कि बच्चे की मौत कई अंदरूनी चोटों के कारण अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव और सांस लेने में आई दिक्कतों की वजह से हुई. इसके बाद पुल‍िस ने बच्चे के पिता शेकप्पा और मां विजयलक्ष्मी के खिलाफ हत्या के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की आगे जांच चल रही है.

  • बारिश के मौसम में स्वस्थ रहना है तो अपनाएं आयुर्वेदिक डाइट, जानें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं..

    बारिश के मौसम में स्वस्थ रहना है तो अपनाएं आयुर्वेदिक डाइट, जानें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं..

    बारिश के मौसम में स्वस्थ रहना है तो अपनाएं आयुर्वेदिक डाइट, जानें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं..

    मानसून में बारिश की वजह से आस-पास गंदगी जमा हो जाती है। जिससे मच्छर, मक्खियां और दूसरे कीड़े-मकोड़े बहुत बढ़ जाते हैं और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में होने वाली उमस से शरीर में वात दोष का असंतुलन होता है और पाचन शक्ति भी कमजोर हो जाती है। इसके अलावा वात के बिगड़ने और बारिश की वजह से पाचन क्रिया पर बुरा असर पड़ता है। बीच-बीच में होने वाली ड्राईनेस की वजह से शरीर में पित्त दोष भी बढ़ने लगता है।

    मानसून में होने वाले संक्रमणों के कारण मलेरिया, फाइलेरिया बुखार, सर्दी-जुकाम, दस्त, पेचिश, हैजा, कोलाइटिस, गठिया, जोड़ों का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर, फोड़े-फुंसी, दाद और खुजली जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। मानसून का मौसम वातावरण में नमी और ठंडक लाता है, आयुर्वेद के अनुसार यही मौसम आपके शरीर में वात और पित्त का असंतुलन का कारण बनता है। जिसमें शामिल है।

    मानसून में आयुर्वेद में क्या खाना चाहिए?

    आशा आयुर्वेद की डॉक्टर शर्मा के मुताबिक मानसून में हल्का, आसानी से पचने वाला, ताज़ा और गर्म खाना खाना चाहिए। इस तरह के खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। ऐसे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए जो वात को संतुलित रखें। पुराने अनाज जैसे गेहूं, जौ, शाली और साठी चावल और मक्का खाएं। इसके अलावा सरसों, खीरा, खिचड़ी, दही, लस्सी और हरी मूंग दाल खाएं। इस मौसम में मूंग और अरहर दाल का सेवन करें।

    मानसून में कौन से फल सब्जियां खाएं

    वहीं सब्जियों में आपको लौकी, भिंडी, तोरई, टमाटर और पुदीने की चटनी के साथ सब्जियों का सूप पीना चाहिए। फलों में सेब, केला, अनार, नाशपाती, पके हुए जामुन और पके हुए देसी आम खाने चाहिए। इस समय आम और दूध का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। जब इसे सही मात्रा में भोजन के विकल्प के तौर पर लिया जाता है, तो यह शारीरिक शक्ति और शरीर-यष्टि को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    मानसून में पानी पीते वक्त बरतें सावधानी

    इस मौसम में पानी दूषित हो जाता है। इसलिए पानी का ध्यान रखें। पानी को किसी भी तरह की गंदगी या प्रदूषण से सुरक्षित रखने का ध्यान रखें। दूषित पानी से हैजा और फ़ूड पॉइज़निंग जैसी कई बीमारियों का कारण हो सकता है। बेहतर होगा कि इस मौसम में घर का उबला हुआ पानी पीएं या वॉटर फिल्टर का इस्तेमाल करें।

    आयुर्वेद के अनुसार 2 महीने तक जब तक बारिश की का पीक सीजन होता है आपको इन बातों का ख्याल रखना चाहिए। इसके साथ ही आपको ऐसी चीजें खानी चाहिए जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होती है और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इस तरह आप खुद को और अपने परिवार को बीमार होने से बचा सकते हैं।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ₹55 हजार वसूलने का आरोप, इन्फ्लुएंसर समेत 3 पर केस; युवती ने आरोपों से किया इनकार..

    अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ₹55 हजार वसूलने का आरोप, इन्फ्लुएंसर समेत 3 पर केस; युवती ने आरोपों से किया इनकार..

    अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर ₹55 हजार वसूलने का आरोप, इन्फ्लुएंसर समेत 3 पर केस; युवती ने आरोपों से किया इनकार..

    संभल: जिले की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवती और उसके दो साथियों पर हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप लगा है। फास्ट फूड कारोबारी युवक की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का दावा है कि पहले उसे प्रेम संबंध के जाल में फंसाया गया, फिर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए लगातार धमकाकर रुपये ऐंठे गए। शहर के चौधरी सराय निवासी 22 वर्षीय युवक ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवती और उसके दो सहयोगियों पर हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर संभल कोतवाली पुलिस ने युवती समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नैनीताल में हुई थी मुलाकात

    पीड़ित, शहर में फास्ट फूड सेंटर संचालित करता है। उसने बताया कि करीब तीन साल पहले नैनीताल यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात अरिशा से हुई थी। दोनों के एक ही शहर के होने के कारण बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया। युवक का आरोप है कि इसी दौरान विश्वास में लेकर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए गए। शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद युवती ने उन्हीं फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी भी दी गई। डर के कारण उसने अलग-अलग समय पर करीब 55 हजार रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी कथित ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी।

    साथियों के साथ मिलकर फंसाने का आरोप

    युवक का आरोप है कि बाद में जानकारी जुटाने पर पता चला कि युवती अपने दो साथियों अनस और शुऐब के साथ मिलकर लोगों को प्रेम संबंधों के बहाने फंसाने और फिर आपत्तिजनक सामग्री के जरिए वसूली करने का काम करती है। जब उसने युवती से दूरी बनानी शुरू की तो तीनों की ओर से दबाव और धमकियां और बढ़ गईं। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि एक जुलाई 2023 को दोनों पक्षों के बीच स्टाम्प पेपर पर समझौता हुआ था, जिसे नोटरी भी कराया गया था। उसके मुताबिक उस समझौते में युवती ने पहले लगाए गए आरोपों को गलत बताया था। इसके बावजूद अब फिर से फोटो-वीडियो वायरल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रकम मांगने का सिलसिला शुरू हो गया।

    तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    पुलिस ने शनिवार देर रात युवती और उसके दोनों साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर इनफ्लुएंसर अरिशा का भी एफआईआर के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो खुद को निर्दोष बताते हुए संभल पुलिस से पूरे मामले की निस्पक्ष जांच की मांग करती सुनी जा सकती है।

  • तंत्र-मंत्र के नाम पर 40 लाख की ठगी! भाई की मौत का राज बताने का दिया झांसा, तांत्रिक पर केस..

    तंत्र-मंत्र के नाम पर 40 लाख की ठगी! भाई की मौत का राज बताने का दिया झांसा, तांत्रिक पर केस..

    तंत्र-मंत्र के नाम पर 40 लाख की ठगी! भाई की मौत का राज बताने का दिया झांसा, तांत्रिक पर केस..

    शिवम मिश्रा, रायपुर। भाई की संदिग्ध मौत का राज बताने का दावा कर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। रायपुर के तांत्रिक नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ खम्हारडीह थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, गाजियाबाद निवासी डॉक्टर त्रृषभ चौबे के भाई की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। भाई की मौत के पीछे की सच्चाई जानने की चाह में डॉक्टर ने तांत्रिक नरेंद्र नयन शास्त्री से संपर्क किया। आरोप है कि तांत्रिक ने विशेष पूजा और तांत्रिक क्रियाओं के जरिए मौत का रहस्य बताने का झांसा देकर डॉक्टर से करीब 40 लाख रुपये की ठगी कर ली। जिस आरोपी को पुलिस एफआईआर में फरार बताया जा रहा है, वो आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री अभी जेल में बंद हैं।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने नकदी के साथ एक XUV वाहन भी अपने कब्जे में ले लिया। जब लंबे समय तक कोई परिणाम नहीं मिला और पीड़ित को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ तो उसने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं आरोपी ने तंत्र-मंत्र, चमत्कार और विशेष साधना का झांसा देकर अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार तो नहीं बनाया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • गर्लफ्रेंड की चैट बनी कत्ल की वजह! गला रेतकर की हत्या, फिर शव के किए कई टुकड़े; जौनपुर की वारदात से दहशत..

    गर्लफ्रेंड की चैट बनी कत्ल की वजह! गला रेतकर की हत्या, फिर शव के किए कई टुकड़े; जौनपुर की वारदात से दहशत..

    गर्लफ्रेंड की चैट बनी कत्ल की वजह! गला रेतकर की हत्या, फिर शव के किए कई टुकड़े; जौनपुर की वारदात से दहशत..

     जौनपुर जिले में मड़ियाहूं क्षेत्र में रानीपुर तिराहे के पास रविवार की सुबह पुलिस ने सड़क के किनारे झाड़ी में एक महिला का कई टुकड़ों में कटा शव बरामद किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में एक अभियुक्त को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से अभियुक्त घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई को मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के रानीपुर बाईपास (भदोही मुख्य मार्ग) के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का कई टुकड़ों में कटा शव बरामद किया गया था।

    पुलिस मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
    उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने रामनगर विकास खंड कार्यालय के गेट की तरफ आ रहे एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलायीं। सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलायी जो बदमाश के दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार करके अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गये अभियुक्त हेमल खखरिया के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया गया।

    मोबाइल चैट को लेकर विवाद, सो रही महिला की कर दी हत्या
    सिंह के मुताबिक खखरिया ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह चार जुलाई को मृतक रेशमा खां उर्फ सना को बाबतपुर (वाराणसी) से मड़ियाहूं की टीचर्स कॉलोनी स्थित अपने किराये के कमरे में लाया था मगर इसी दौरान वहां मोबाइल चैट देखने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था जिससे नाराज होकर उसने सो रही सना का गला चाकू से काटकर उसकी हत्या कर दी।

    गड़ासे से शव के किए टुकड़े, अलग-अलग जगह फेंके अंग
    उन्होंने बताया कि बाद में अभियुक्त ने बाजार से काली पॉलिथीन खरीदी और गड़ासे से सना के दोनों हाथ व पैर काटकर शव को तीन हिस्सों में बांटने के बाद धड़ को रानीपुर बाईपास पर और पैर व अन्य अंगों को रामनगर ब्लॉक मोड़ के पास पुलिया के आगे फेंक दिया था। सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा धड़ बरामद कर शिनाख्त किये जाने की भनक लगते ही वह बचे हुए अंगों को छुपाने की फिराक में था तभी पुलिस से मुठभेड़ में वह पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि खखरिया के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और महिला का एक कटा हुआ अंग भी बरामद हुआ है।गर्लफ्रेंड की चैट बनी कत्ल की वजह! गला रेतकर की हत्या, फिर शव के किए कई टुकड़े; जौनपुर की वारदात से दहशत

  • क्या रोटी-चावल का कॉम्बिनेशन डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है? एक्सपर्ट की राय जानें..

    क्या रोटी-चावल का कॉम्बिनेशन डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है? एक्सपर्ट की राय जानें..

    क्या रोटी-चावल का कॉम्बिनेशन डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है? एक्सपर्ट की राय जानें..

    Diabetes Management Tips: भारत में डायबिटीज मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसके साथ ही सोशल मीडिया पर खान-पान को लेकर कई तरह के भ्रम भी फैल रहे हैं। डायबिटीज फ्रेंडली डाइट को लेकर अक्सर मरीजों के मन में यह सवाल उठता है कि वो दोपहर या रात के भोजन में क्या खाएं? रोटी खाएं या चावल, किसे खाने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है। डाइटिशियन श्वेता जे पंचाल के अनुसार, डेली  और खानपान में किए गए साधारण बदलाव करके लंबे समय तक सकारात्मक असर डाल सकते हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि यदि परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो लाइफस्टाइल और डाइट में किए गए कुछ आसान बदलाव सेहत पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। घर में किसी सदस्य को डायबिटीज है तो रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने या बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।

    खाने के समय में बदलाव से लेकर खाद्य पदार्थों के कॉम्बिनेशन पर ध्यान देने तक एक्सपर्ट ने शुगर कंट्रोल करने के लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़े बदलाव बताए है,जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया फलों पर दालचीनी छिड़कें,  यह शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। रात का खाना 7 बजे तक खत्म कर लें, देर से खाना खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। खाने के बाद 10 मिनट टहलें, भले ही घर पर ही क्यों न हो। चावल और रोटी को एक साथ न खाएं, इससे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। हर भोजन की शुरुआत फाइबर से करें, यह शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। आइए एक्सपर्ट की इस सलाह की तसदीक डॉक्टर से करते हैं। क्या सचमुच चावल और रोटी का सेवन सेहत के लिए खतरा है?

    चावल और रोटी साथ खाने से ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है?

    कंसल्टेंट डाइटिशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने बताया कि यदि ब्लड शुगर को एक बाल्टी माना जाए, तो एक ही भोजन में चावल और रोटी दोनों खाना ऐसा है जैसे एक साथ दो नलों से पानी बाल्टी में डाला जा रहा हो। दोनों ही कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं और साथ खाने पर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि एक समय में केवल एक कार्ब स्रोत चुनें और प्लेट में अधिक मात्रा में सब्जियां या दाल शामिल करें। इससे ब्लड ग्लूकोज को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

    क्या छोटे बदलाव बड़े डाइट प्लान जितने प्रभावी हो सकते हैं?

    कनिका मल्होत्रा के अनुसार, भोजन के बाद टहलना और दालचीनी का सीमित उपयोग जैसी छोटी आदतों को असरदार बताया गया है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि इन आदतों की मदद से भोजन के बाद ब्लड शुगर में आने वाली तेजी को 15 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। हालांकि, यदि व्यक्ति की मूल खानपान की आदतें असंतुलित बनी रहती हैं तो इन छोटे बदलावों का असर एक सीमा तक ही रहता है। फिर भी नियमित रूप से अपनाए गए छोटे सुधार लंबे समय में ब्लड शुगर कंट्रोल में उतने ही प्रभावी साबित हो सकते हैं जितने बड़े डाइटरी बदलाव।

    डायबिटीज में भोजन का समय कितना महत्वपूर्ण है?

    कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि जल्दी डिनर करने का फायदा इसलिए होता है क्योंकि इंसुलिन की कार्यक्षमता और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म हमारे शरीर की जैविक घड़ी (सर्कैडियन रिद्म) से जुड़े होते हैं। देर रात भोजन करने पर रात के समय ब्लड शुगर अधिक बढ़ सकता है और अगली सुबह फास्टिंग शुगर भी ज्यादा रह सकता है। उनके अनुसार, कई लोगों में रात 9 बजे की बजाय शाम 7 बजे डिनर करने से फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज 10 से 15 mg/dL तक कम हो सकता है।

    हर व्यक्ति के लिए भोजन का समय अलग हो सकता है

    विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म और दिनचर्या अलग होती है। उदाहरण के लिए, नाइट शिफ्ट में काम करने वाले या देर से उठने वाले लोगों को अपने सोने-जागने के समय के अनुसार भोजन का समय निर्धारित करना पड़ सकता है। केवल घड़ी का समय ही नहीं, बल्कि भोजन का शरीर की डेली रूटीन के साथ तालमेल भी महत्वपूर्ण होता है। कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM) से भी यह देखा गया है कि भोजन का समय बदलने से ब्लड शुगर पर असर पड़ता है, भले ही भोजन एक जैसा ही क्यों न हो।