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  • पड़ोसियों के घरों को लॉक किया, फिर 70 साल की महिला के घर में लूटपाट, हत्‍या..

    पड़ोसियों के घरों को लॉक किया, फिर 70 साल की महिला के घर में लूटपाट, हत्‍या..

    दिल्‍ली के जंगपुरा इलाके में एक बुजुर्ग महिला की उनके घर में घुसकर हत्‍या कर दी गई. दिल्‍ली पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. (फाइल फोटो)

    Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके जंगपुरा के पंतनगर में सीनियर सिटीजन महिला की लूटपाट के बाद हुई हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक महिला की पहचान प्रीति कुमार के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 70 साल बताई जा रही है. वे अकेले अपने घर पर रह रही थीं. सुबह जब उनकी बेटी घर पर पहुंचीं तो देखा कि घर का दरवाजा खुला हुआ है और वह अंदर लहू लुहान हालत में पड़ी हुई हैं. घर से सामान भी गायब थे फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है, ताकि अपराधियों का पता लगाया जा सके.

    वहीं, इस घटना के बाद सुबह मौके पर पहुंचीं मृतका कि बेटी विजेता अरोड़ा बताती हैं कि सुबह जब वह अपनी मां से मिलने के लिए पंतनगर स्थित घर पहुंचीं तो जो उन्होंने देखा उससे उनके होश उड़ गए. उन्होंने देखा कि मां का पीछे से हाथ बंधा हुआ है और वे बिस्तर पर लहू लुहान पड़ी हुई हैं. घर में सारा सामान बिखरा हुआ था. घर में रखा ज्वेलरी भी गायब था. विजेता बताती हैं कि मेरी मां यहां अकेले रहती थीं. हम लोग मां से मिलने के लिए कभी-कभी यहां आते रहते थे. मेरी मां ने आरोपियों से लड़ने का पूरा प्रयास किया होगा. विजेता ने आगे कहा कि उन्‍हें पूरा विश्वास है कि आरोपी ने उनकी मां का हाथ बांधकर उनका गला दबाकर उन्हें मार दिया है. उसके बाद लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर यहां से फरार हो गए. विजेता ने बताया कि उनकी मां की उम्र 70 साल थी.

    1985 से इसी घर में रह रही थीं बुजुर्ग महिला

    मृतक बुजुर्ग की बेटी विजेता ने बताया कि 1985 से उनकी मां यहां पर अकेले ही रह रही थीं. वे बताती हैं कि जब वे लोग छोटे-छोटे थे तब उनके पिताजी का देहांत हो गया था. उसके बाद उनकी मां ने ही यहां अकेले रहकर उनका पालन-पोषण किया. पढ़ा-लिखा कर शादी कर दी. इसके बाद भी वह यहां अकेले ही रहा करती थीं. वहीं, आसपास के लोगों ने बताया कि अपराधियों ने इस अपराध को अंजाम देने से पहले आसपास के कई मकान का गेट बाहर से बंद कर दिया था. उसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया. इस घटना के बाद से पास-पड़ोस के लोग बेहद डरे हुए हैं.

    CCTV कैमरों को खंगाल रही पुलिस

    बेटियों की शादी के बाद बुजुर्ग महिला अकेले रह रही थीं. घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है. पुलिस लूटपाट और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. फिलहाल घटना को लेकर इलाके में सनसनी फैली हुई है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वारदात से जुड़े सुराग तलाशे जा रहे हैं. जंगपुरा जैसे पॉश इलाके में एक बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद सीनियर सिटीजन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. मृतका के दामाद दीपक ने बताया कि सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के लिए सरकार को कुछ करना चाहिए. प्रीति कुमार ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इसी घर में बिताया था. पति की मौत के बाद उन्होंने अकेले अपनी दोनों बेटियों को पाला और उनकी शादी की.

  • ‘बुरी नजर’ उतारने के बहाने ट्रांसजेंडर बनकर घर में घुसा, फिर बेडरूम में ले जाकर किया एयर होस्टेस का यौन उत्पीड़न, 4 घंटे में गिरफ्तारी..

    ‘बुरी नजर’ उतारने के बहाने ट्रांसजेंडर बनकर घर में घुसा, फिर बेडरूम में ले जाकर किया एयर होस्टेस का यौन उत्पीड़न, 4 घंटे में गिरफ्तारी..

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    मुंबई के पवई इलाके में एक 25 वर्षीय एयर होस्टेस के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक शख्स ट्रांसजेंडर बनकर महिला के फ्लैट में दाखिल हुआ था. उसने महिला और उसके अस्पताल में भर्ती पति पर कथित ‘बुरी नजर’ का असर होने की बात कही और उसे दूर करने का दावा किया. इसी बहाने आरोपी महिला के घर के अंदर पहुंचा और फिर बेडरूम में ले जाकर उसके साथ यौन हिंसा की.

    घटना 18 अगस्त को दोपहर करीब 12.20 बजे से 12.50 बजे के बीच की बताई जा रही है. आरोपी की पहचान 28 वर्षीय अनिल शेषराव शिंदे के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, वह ट्रांसजेंडर व्यक्ति होने का दिखावा करके भीख मांगता था और कलवा के खारेगांव इलाके में रहता है. उसने पहले बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड का भरोसा हासिल किया और फिर कई फ्लैट्स के दरवाजे खटखटाए. इसके बाद तीसरी मंजिल पर रहने वाली महिला ने उसका दरवाजा खोला.

    महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने घर में आने के बाद ‘बुरी नजर’ उतारने की बात कही. आरोप है कि उसने महिला पर पानी छिड़का और उसके सिर पर हाथ रखा. इसके बाद वह उसे बेडरूम में ले गया और आंखें बंद करके बिस्तर पर लेटने को कहा. महिला के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने उसकी इच्छा के खिलाफ उसका यौन उत्पीड़न किया. महिला के चीखने पर आरोपी वहां से भाग निकला और जाते समय उससे 200 रुपये भी ले गया.

    घटना के बाद महिला काफी सदमे में थी. वह रात करीब 11 बजे पवई पुलिस स्टेशन पहुंची और रोते हुए वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी को पूरी बात बताई. शुरुआत में वह इतनी परेशान थी कि घटना के बारे में ठीक से बोल नहीं पा रही थी. एक महिला पुलिस अधिकारी ने उसे भरोसे में लिया और सुरक्षित माहौल में उसकी बात सुनी.

    इसके बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी की तलाश शुरू कर दी और जांच टीम को उसकी पहचान तथा लोकेशन पता लगाने के लिए लगाया गया. पुलिस ने हाउसिंग सोसायटी और आसपास के इलाकों में लगे 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में आरोपी को बिल्डिंग से बाहर निकलते और ऑटोरिक्शा से जाते हुए देखा गया. पुलिस ने CCTV के साथ तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से उसके मूवमेंट को ट्रैक किया.

    जांच में पता चला कि वह ऑटोरिक्शा से सीधे कलवा के एक झुग्गी इलाके की तरफ गया था. इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर आरोपी को हिरासत में ले लिया. पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद पूरी नाइट ड्यूटी टीम को आरोपी की तलाश में लगाया गया था. करीब चार घंटे के भीतर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और उसे पकड़ लिया. आरोपी को 19 अगस्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया.

    पवई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है. धारा 64(1) रेप से संबंधित है, जबकि धारा 351(2) आपराधिक धमकी से जुड़ी है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने महिला को यह भी धमकी दी थी कि वह उसे नुकसान पहुंचा सकता है. जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी वास्तव में ट्रांसजेंडर व्यक्ति नहीं था, बल्कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति का रूप धारण करके भीख मांगता था.

    पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले इस तरह की कोई वारदात तो नहीं की. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका परिवार भी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों का रूप धारण कर भीख मांगने का काम करता है. पुलिस उससे जुड़े पुराने मामलों और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में जरूरत पड़ने पर कथित अंधविश्वास या काला जादू से संबंधित प्रावधान भी जोड़े जा सकते हैं.

    मुंबई पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना पहचान और उसके घर आने की वजह की पुष्टि किए फ्लैट के अंदर प्रवेश न दें. खास तौर पर भीख मांगने या किसी धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर आने वाले लोगों के बारे में पहले सुरक्षा गार्ड या आसपास के लोगों से जानकारी लेनी चाहिए. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें.

  • पत्नी को वापस पाने के लिए नरबलि…खाना खाने के बहाने शख्स को बुलाया, फिर सिर धड़ से कर दिया अलग..

    पत्नी को वापस पाने के लिए नरबलि…खाना खाने के बहाने शख्स को बुलाया, फिर सिर धड़ से कर दिया अलग..

    पत्नी को वापस पाने के लिए नरबलि...खाना खाने के बहाने शख्स को बुलाया, फिर सिर धड़ से कर दिया अलग

    ओडिशा के बोलांगीर ज़िले में देवगांव पुलिस थाना क्षेत्र के बगदा गांव में एक 40 साल के व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर दी गई और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया. पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ़्तार किया है. मृतक की पहचान बोलांगीर ज़िले के तुसुरा पुलिस थाना क्षेत्र के तेबदमुंडा गांव के रहने वाले संतोष खारसेल के तौर पर हुई है. पुलिस का दावा है कि हत्याकांड को अंजाम पत्नी को वापस पाने के लिए दिया गया.

    खाना खाने के लिए बुलाया और सिर धड़ से कर दिया अलग बोलांगीर के एसपी जी. अभिलाष के मुताबिक मुख्य आरोपी शत्रुघ्न साहू ने कथित तौर पर 18 अगस्त को संतोष को खाना खाने के बहाने अपने घर बुलाया था. पुलिस को शक है कि संतोष के सो जाने के बाद, साहू और उसके कुछ साथियों ने उस पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी. जिसके बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. जांचकर्ताओं को शक है कि यह अपराध नरबलि और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हो सकता है.

    हत्या के बाद आरोपी संतोष के शव को गांव के बाहर ले गए और एक तालाब में फेंक दिया. जबकि उसका कटा हुआ सिरे साहू के घर के पूजा कक्ष में छिपाकर रखा गया था. गुरुवार को स्थानीय लोगों ने तालाब के पास बिना सिर वाला शव देखा और पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद देवगांव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

    पुलिस पहुंची तो कर रहा था मेडिटेशन जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संतोष को आखिरी बार शत्रुघ्न साहू के साथ देखा गया था. इस जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम साहू के घर पहुंची. उस समय साहू कथित तौर पर घर के अंदर ध्यान (मेडिटेशन) कर रहा था. शुरुआती पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद संतोष की हत्या की गई थी. हालांकि, आगे की पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि संतोष का कटा हुआ सिर पूजा कक्ष में छिपाया गया था.

    इसके बाद आरोपी पुलिस को उस जगह ले गया जहां सिर दबाया गया था. पुलिस ने उस जगह की खुदाई की और संतोष का कटा हुआ सिर बरामद किया. अपराध में इस्तेमाल किया गया खून से सना धारदार हथियार भी ज़ब्त किया गया है. पुलिस ने हत्या के मामले में मुख्य आरोपी शत्रुघ्न साहू समेत 5 लोगों को गिरफ़्तार किया है. साहू की मां, भाई और भाभी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, क्योंकि जांचकर्ता घटनाक्रम का पूरा ब्योरा पता लगाने और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसमें और लोग भी शामिल थे.

    पत्नी को वापस पाने के लिए दी बलि पुलिस को शक है कि यह हत्या अंधविश्वास और कथित तंत्र-मंत्र की वजह से की गई हो सकती है. पूछताछ के दौरान, साहू ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसने अपनी अलग हो चुकी पत्नी को वापस पाने की उम्मीद में यह बलि दी थी. जांच के अनुसार साहू की पत्नी पिछले करीब 10 सालों से अपने बेटे और बेटी के साथ उससे अलग रह रही थी. पुलिस को शक है कि उसके तंत्र-मंत्र या जादू-टोने में शामिल होने की वजह से ही परिवार उससे दूर रहा होगा.

    पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कथित मानव बलि की योजना साहू ने अकेले बनाई थी या इसमें किसी और की भी मदद ली थी. SP अभिलाष ने बताया कि मुख्य आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के घर से पीड़ित का कटा हुआ सिर भी बरामद किया है और जांच के तहत घटनाक्रम को फिर से दोहराकर (री-कंस्ट्रक्शन) जांच की है.

  • पटना में अश्लील वीडियो के काले कारोबार का भंडाफोड़, 1200 से ज्यादा वीडियो के नेटवर्क का ऐसे हुआ खुलासा..

    पटना में अश्लील वीडियो के काले कारोबार का भंडाफोड़, 1200 से ज्यादा वीडियो के नेटवर्क का ऐसे हुआ खुलासा..

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    Bihar Crime: पटना में साइबर अपराधियों के एक ऐसे काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। टेलीग्राम ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो की खरीद-बिक्री करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए साइबर थाना पुलिस ने एक कपड़ा दुकानदार को धर दबोचा है। आरोपित की पहचान पालीगंज थाना क्षेत्र के धरहरा निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो महज 20 से 30 रुपये के लालच में इस घिनौने दलदल में उतर गया था।

      साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष संगीता कुमारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दिल्ली स्थित नेशनल साइबर क्राइम यूनिट (CCUS) से पटना सीसीयूएस को एक संदिग्ध युवक के बारे में गुप्त सूचना और उसका लिंक प्राप्त हुआ था। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल जांच के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और पालीगंज के धरहरा इलाके में छापेमारी कर अशोक कुमार को रंगेहाथों दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वीडियो डाउनलोड, अपलोड और शेयर करने के लिए किया जाता था।

      पुलिसिया पूछताछ में आरोपी अशोक ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह शुरुआत में खुद पैसे देकर एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था, जिसके बाद उसे दूसरे सिंडिकेट ग्रुप्स में जोड़ दिया गया। इसी नेटवर्क के माध्यम से वह आपत्तिजनक वीडियो खरीदने और बेचने के काले कारोबार में लिप्त हो गया।

      आरोपी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड या शेयर करने के एवज में 20 से 30 रुपये वसूलता था।पूछताछ में आरोपी ने अब तक 1200 से अधिक ऐसे आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री करने की बात कबूल की है।वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए हमेशा नए ग्राहकों और खरीदारों की तलाश में रहता था और सैकड़ों वीडियो बेचकर काफी मुनाफा कमा चुका है।

      साइबर पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और डिजिटल वॉलेट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस अवैध धंधे से अब तक कुल कितनी दौलत कमाई है और वह कब से इस रैकेट से जुड़ा था। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट के पीछे कौन-से बड़े चेहरे और मास्टरमाइंड छिपे हैं, जिन्हें जल्द ही शिकंजे में लिया जाएगा।

    • सोशल मीडिया से एडमिशन के नाम पर ठगी, पुणे में दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 10 इंजीनियर गिरफ्तार..

      सोशल मीडिया से एडमिशन के नाम पर ठगी, पुणे में दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 10 इंजीनियर गिरफ्तार..

      सोशल मीडिया से एडमिशन के नाम पर ठगी, पुणे में दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 10 इंजीनियर गिरफ्तार

      मुंबई की पवई पुलिस ने देश के नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने पुणे के वडगांव शेरी-लोहगांव और खराड़ी इलाके में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

      हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार सभी आरोपी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं और इनमें पांच B.Tech इंजीनियर हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है. यह गिरोह इंस्टाग्राम, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एडमिशन से जुड़े विज्ञापन देकर छात्रों और अभिभावकों को अपने जाल में फंसाता था.

      पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन की तलाश कर रहे छात्रों और उनके माता-पिता के मोबाइल नंबर और दूसरी जानकारी जुटाते थे. इसके बाद फर्जी नाम और पहचान के जरिए संपर्क कर उन्हें प्रतिष्ठित कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का भरोसा दिया जाता था.

      आरोपी खास तौर पर मैनेजमेंट कोटा और एनआरआई कोटा में सीट दिलाने का दावा करते थे और PICT, NSUT, DTU, IIIT Hyderabad समेत कई नामी संस्थानों का नाम इस्तेमाल करते थे. ठगी का तरीका भी बेहद शातिर था। पहले प्रोसेसिंग फीस ली जाती और फिर एडमिशन के अलग-अलग चरण बताकर लगातार रकम वसूली जाती. कुछ मामलों में पीड़ितों को कॉलेज कैंपस तक ले जाकर भरोसा दिलाया जाता था और आरोपी खुद अधिकारियों से मीटिंग के बहाने अंदर चले जाते थे.

      पवई इलाके की एक महिला से उसके बेटे को IIIT Hyderabad में एडमिशन दिलाने के नाम पर करीब 16.50 लाख रुपये ठगे गए. पुलिस के अनुसार यह रकम एक बार में नहीं, बल्कि एडमिशन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में ली गई और आखिरी भुगतान जुलाई के अंत में कराया गया. शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि मार्च के पहले सप्ताह से जुलाई के अंत तक करीब 30 से 35 छात्र और अभिभावक इस गिरोह के शिकार हुए.

      पुलिस को संभावित पीड़ितों के मोबाइल नंबरों की एक सूची भी मिली है और अब इन नंबरों तथा आरोपियों के बैंक खातों का विश्लेषण किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि गिरोह कम से कम 2024 से सक्रिय था और मुंबई, नागपुर, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में दर्ज छह मामलों से इसका कनेक्शन सामने आया है.

      पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह हर एडमिशन सीजन में अलग जगह फर्जी कॉल सेंटर खोलता था और नए मोबाइल नंबर व SIM कार्ड इस्तेमाल करता था. एडमिशन प्रक्रिया खत्म होने या कॉलेजों की अंतिम सूची जारी होने से पहले आरोपी मोबाइल और सिम बंद कर फरार हो जाते थे और अगले सीजन में नया सेटअप शुरू कर देते थे.

      करीब एक महीने की तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचनाओं के बाद पुलिस ने नकली कस्टमर बनकर आरोपियों से संपर्क किया और फिर 14 अगस्त को पुणे में कार्रवाई की. Neon Homes और City Vista स्थित दोनों कॉल सेंटर से 22 मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, JioBook, डेबिट कार्ड, 23 SIM कार्ड और कॉलेजों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए. BMW, Jaguar और Ciaz समेत वाहन भी जब्त किए गए हैं.

      पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम नकद, ATM और POS मशीनों के जरिए निकाली जाती थी और Cryptocurrency में निवेश किए जाने की बात भी सामने आई है. गिरफ्तार 10 आरोपियों को 15 अगस्त को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

      अब पुलिस फर्जी SIM और बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों, सोशल मीडिया विज्ञापन चलाने वालों और संभावित कॉलेज कनेक्शन की जांच कर रही है. कुछ और ठिकानों की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जहां आने वाले दिनों में छापेमारी हो सकती है.

    • इन 8 लोगों से कभी नहीं करनी चाहिए दुश्मनी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

      इन 8 लोगों से कभी नहीं करनी चाहिए दुश्मनी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

      आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में मानव जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं का वर्णन किया है। चाणक्य की नीतियां आज भी लोगों के बीच प्रासंगिक है और इन्हें अपनाकर सफलता का रास्ता आसान बनाते हैं। चाणक्य नीति के लिए कहा जाता है कि इसे अपनाना मुश्किल होता है, लेकिन जिसने भी अपना लिया उसे सफलता जरूर प्राप्त होती है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में बताया है कि व्यक्ति को किन लोगों से दुश्मनी मोल लेना चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो सकता है। चाणक्य कहते हैं कि जीवन में सही रणनीति वही है जहां व्यक्ति को पता होता है कि कौन उसका हितैषी है और कौन दुश्मन। जानें चाणक्य नीति के अनुसार किनसे दुश्मनी नहीं करनी चाहिए।

      1. अग्नि, सर्प, राजा और मूर्ख व्यक्ति:

      श्लोक: राजा अग्निर्महासर्पो मूर्खश्च बहुनायकः।

      अहर्निशं न सेव्यन्तः शीघ्रं कुर्वन्ति सङ्क्षयम्॥

      श्लोक का अर्थ:

      चाणक्य के अनुसार, राजा (प्रशासनिक शक्ति), अग्नि, विषैला सर्प और मूर्ख लोगों से कभी बैर या असावधानी नहीं रखनी चाहिए। यह किसी भी पल विनाश का कारण बन सकते हैं।

      2. भेद को जानने वाला मित्र या रिश्तेदार

      श्लोक: परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।

      वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्॥

      श्लोक का अर्थ:

      चाणक्य कहते हैं कि ऐसा व्यक्ति जो सामने मीठी-मीठी बातें करता हो, लेकिन पीठ पीछे काम बिगाड़ता हो, ऐसे लोगों से शत्रुता या लड़ाई नहीं करना परेशानी भरा हो सकता है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे लोग दूध से ढके विष के घड़े के समान हैं। चाणक्य कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति आपका भेद जानता हो, तो उससे सीधे तौर पर बैर करने की बजाए उचित दूरी बना लेना समझदारी भरा होता है।

      3. ज्ञानी, वैद्य और शस्त्रधारी:

      चाणक्य कहते हैं कि कभी भी ज्ञानी व्यक्ति, वैद्य और जिस व्यक्ति के पास शस्त्र हो उससे शत्रुता नहीं करनी चाहिए। चाणक्य के अनुसार, वैद्य या डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य की हर कमजोरी जानता है और आपके मर्ज के हिसाब से दवा देता है। लेकिन जब आप शत्रुता मान लेते हैं, तो वैद्य के पास जाना छोड़ सकते हैं, जिससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। चाणक्य कहते हैं कि ज्ञानी व्यक्ति से दुश्मनी मोल लेना अच्छा नहीं होता है, क्योंकि हो सकता है वह आपको ज्ञान की बातें बताना बंद कर दे। इसी तरह जिस व्यक्ति के पास तुरंत नुकसान या हानि पहुंचाने का साधन या बल हो, उससे टकराव करना आत्मघाती हो सकता है।

    • ओडिशा के गांव में बिगड़ी अमेरिकी टूरिस्ट की तबीयत, इलाज के बाद बिल देखकर रह गए दंग,

      ओडिशा के गांव में बिगड़ी अमेरिकी टूरिस्ट की तबीयत, इलाज के बाद बिल देखकर रह गए दंग,

      अमेरिकी फिल्म निर्देशक माइक नून की ओडिशा यात्रा के दौरान अचानक से तबीयत खराब हो गई। उन्हें तत्काल एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनको उचित देखभाल समय पर मिली। माइक ने बताया कि यदि यह स्थिति अमेरिका में होती, तो इलाज की लागत हजारों डॉलर तक पहुंच सकती थी। यह अनुभव भारत की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

      माइक नून की ओडिशा यात्रा के दौरान तबीयत बिगड़ गई

      भारत घूमने आए अमेरिकी फिल्ममेकर माइक नून की ओडिशा यात्रा का एक अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा में है। घूमने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहाँ एक तरफ वह अस्पताल की सुविधाओं और भाषा से बिल्कुल अनजान थे, वहीं दूसरी तरफ उन्हें समय पर इलाज मिला। ठीक होने के बाद उन्होंने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया और भारत में इलाज की लागत की तुलना अमेरिका से की।

      माइक के मुताबिक़, भारत आने के महज़ पाँचवें दिन उनकी तबीयत बिगड़ी। करीब 12 घंटे तक उन्हें लगातार उल्टियाँ होती रहीं और एक समय ऐसा आया जब लगभग हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी। इसके बाद उन्हें ओडिशा के एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उन्हें आईवी फ्लूइड, उल्टी रोकने की दवा और इंजेक्शन दिए गए। इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से वीडियो बनाकर अपनी स्थिति के बारे में बताया।

      गाँव के अस्पताल तक कैसे पहुँचा अमेरिकी पर्यटक?

      माइक ने बताया कि वह जिस अस्पताल में पहुँचे, वह ग्रामीण इलाक़े में था और वहाँ लिखी भाषा तक उनके लिए समझना मुश्किल थी। इसके बावजूद उन्हें इलाज मिला और उनकी हालत में सुधार हुआ। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि उनकी तबीयत खराब होने की वजह फूड पॉइज़निंग नहीं थी। उनके मुताबिक़, उन्हें स्थानीय खाना इतना पसंद आया कि उन्होंने जरूरत से ज़्यादा खा लिया। इसके बाद उन्हें उल्टी और दूसरी परेशानियां शुरू हो गईं।

      यह अनुभव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि आम तौर पर ग्रामीण सरकारी अस्पतालों को लेकर चर्चा स्थानीय आबादी की स्वास्थ्य सुविधाओं और पहुँच के संदर्भ में होती है। इस मामले में एक विदेशी पर्यटक ने भी ऐसे ही अस्पताल में इलाज मिलने का अपना अनुभव सामने रखा।

      इलाज के बाद अमेरिका के खर्च से की तुलना

      माइक ने वीडियो में बताया कि भारत में इलाज मिलने के बाद उन्हें सबसे ज़्यादा हैरानी इसके खर्च को लेकर हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिका में आईवी फ्लूइड, उल्टी रोकने वाली दवा और इंजेक्शन जैसी चिकित्सा सुविधाओं पर उन्हें हज़ारों डॉलर तक खर्च करना पड़ सकता था। इसके उलट, उनके मुताबिक़ जिस ग्रामीण सरकारी अस्पताल में उनका इलाज हुआ, वहां उनसे इलाज के लिए कोई पैसा नहीं लिया गया। उन्होंने इस बात को अपने अंदाज़ में बताया और भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना अमेरिका की महंगी चिकित्सा व्यवस्था से की।

      सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अनुभव

      माइक के इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। कई यूज़र्स ने भारत में कम लागत वाली सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की तारीफ़ की। कुछ लोगों ने उन्हें ओडिशा में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बताया, तो कुछ ने बीमारी के बाद खान-पान को लेकर सलाह दी। हालांकि, इस एक अनुभव के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि हर विदेशी नागरिक को भारत के हर सरकारी अस्पताल में हर तरह का इलाज मुफ़्त मिलता है। अस्पताल और इलाज के प्रकार के हिसाब से नियम और शुल्क अलग हो सकते हैं।

      ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की भी दिखी एक तस्वीर

      माइक का अनुभव केवल एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं है। यह ग्रामीण भारत के सरकारी अस्पतालों की उस भूमिका की ओर भी ध्यान खींचता है, जहाँ स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी ज़रूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता मिल सकती है।

      ओडिशा में घूमने आए एक विदेशी पर्यटक का ग्रामीण अस्पताल तक पहुँचना और वहाँ इलाज पाना इस बात को सामने लाता है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ ग्रामीण इलाक़ों में कितनी अहम भूमिका निभाती हैं। माइक के लिए यह यात्रा का एक अप्रत्याशित पड़ाव था, लेकिन उनके अनुभव ने सोशल मीडिया पर भारत की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज की लागत को लेकर एक नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

    • कई महीनों तक बार-बार आबरू लूटता रहा टीचर, गर्भवती हुई छात्रा; अबॉर्शन के समय मौत..

      कई महीनों तक बार-बार आबरू लूटता रहा टीचर, गर्भवती हुई छात्रा; अबॉर्शन के समय मौत..

      5 महीने की गर्भवती थी 14 साल की छात्रा, गर्भपात की कोशिश के बाद मौत; शिक्षक गिरफ्तार

      जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 15 वर्षीय छात्रा से स्कूल के एक टीचर द्वारा कथित तौर पर कई महीनों तक बार-बार रेप किया गया। जिसके बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई। आरोप है कि जबरन गर्भपात कराने की कोशिश के दौरान छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन हुए। पुलिस ने मामले में छात्रा के शिक्षक खालिद हुसैन और उसके भाई तारिक को गिरफ्तार किया है। खालिद पर पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित भी कर दिया गया है।

      अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने बताया कि शेख इंडरवाल के बुमालपोरा मिडिल स्कूल में शिक्षक ग्रेड-द्वितीय और प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात था। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार देर शाम गर्भपात के लिए जम्मू ले जाते समय लड़की की मौत हो गई। बाद में उसके और मृत जन्मे बच्चे के शव को उसके गांव ले जाया गया। घटना को लेकर शुक्रवार को चतरू और किश्तवाड़ के अन्य इलाकों में विरोध-प्रदर्शन हुए।

      पोस्टमार्टम में करीब पांच महीने की गर्भावस्था का खुलासा

      पुलिस अधिकारी के मुताबिक, खालिद हुसैन किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में बमलपोरा के एक सरकारी मिडिल स्कूल में तैनात था। आरोप है कि उसके छात्रा के साथ शारीरिक संबंध थे। पोस्टमार्टम में छात्रा के करीब पांच महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

      दवाइयों से गर्भपात की कोशिश का आरोप

      पुलिस के मुताबिक, खालिद ने अपने भाई तारिक की मदद से छत्रू में कुछ दवाइयों के जरिए कथित तौर पर अवैध गर्भपात कराने की कोशिश की। इसके बाद छात्रा की हालत बिगड़ गई। उसे पहले जिला अस्पताल किश्तवाड़ ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे विशेष इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC), जम्मू रेफर किया गया।

      पुलिस अधिकारी के अनुसार, जम्मू ले जाते समय एंबुलेंस में उसकी हालत और बिगड़ गई। किश्तवाड़ से 200 किलोमीटर से अधिक दूर डोडा के बाटोटे के पास गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई।

      जांच के दायरे में कई लोग

      छात्रा का शव वापस किश्तवाड़ अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में गर्भावस्था और कथित जबरन गर्भपात की कोशिश की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित अवैध कृत्य में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दायरे में छात्रा के रिश्तेदार, संभावित मेडिकल प्रोफेशनल, गर्भपात की दवाइयां उपलब्ध कराने वाला फार्मेसी संचालक शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि फार्मेसी संचालक ने कथित तौर पर उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना गर्भपात की दवाइयां उपलब्ध कराईं।

      छात्रा की मौत के बाद किश्तवाड़ में विरोध

      14 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। छत्रू में बंद रखा गया, जबकि किश्तवाड़ के अन्य हिस्सों में भी विरोध-प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

      भाजपा महिला मोर्चा की किश्तवाड़ इकाई के सदस्यों ने अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की। इसके कुछ घंटे बाद शिक्षक खालिद हुसैन को निलंबित कर दिया गया।

    • फेसबुक पर दोस्ती, इश्क का जाल फिर …युवक बना शिकार..?

      फेसबुक पर दोस्ती, इश्क का जाल फिर …युवक बना शिकार..?

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      Patna Crime: पटना में रहकर नौकरी करने वाले गया निवासी एक युवक के साथ साइबर ठगी का सनसनीखेज और हैरतअंगेज मामला सामने आया है। साइबर शातिरों ने कथित तौर पर पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर प्यार का झांसा देकर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद उसे ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे का ख्वाब दिखाकर करीब 70 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर करा लिए। जब युवक ने अपने पैसे और कथित मुनाफे को वापस निकालना चाहा, तो उसके अकाउंट से निकासी पर रोक लगा दी गई। यहीं से उसे पूरे फर्जीवाड़े की बू आने लगी।

        बताया जा रहा है कि युवक की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। धीरे-धीरे बातचीत मैसेंजर से निकलकर व्हाट्सऐप तक पहुंच गई। युवती लगातार चैट और वीडियो कॉल के जरिए युवक के संपर्क में रही।समय के साथ बातचीत में कथित तौर पर नजदीकियां बढ़ीं। युवती ने युवक के सामने प्रेम का इजहार किया और इस तरह उसके दिल और भरोसे दोनों में जगह बना ली। युवक को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस रिश्ते को वह मोहब्बत समझ रहा है, उसके पीछे कथित तौर पर साइबर ठगों का पूरा खेल चल रहा है।

        भरोसा कायम होने के बाद युवती ने युवक को एक ऑनलाइन बिजनेस मॉडल के बारे में बताया। उसे कथित तौर पर समझाया गया कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाकर कम समय में अच्छा-खासा मुनाफा कमाया जा सकता है।युवक को यकीन दिलाने के लिए उसे एक ऑनलाइन डैशबोर्ड भी दिखाया गया। इस डैशबोर्ड पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही थी। रकम बढ़ती देखकर युवक को भरोसा होने लगा कि उसका पैसा किसी फायदे वाले कारोबार में लगा है और जल्द ही उसे मोटा मुनाफा मिलने वाला है।यही भरोसा कथित साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बना।

        डैशबोर्ड पर बढ़ती रकम देखकर युवक ने कथित तौर पर अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। शुरुआत में छोटी रकम से शुरू हुआ निवेश धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदलता गया।युवक को उम्मीद थी कि पर्याप्त पैसा जमा होने और मुनाफा बढ़ने के बाद वह एक साथ अपनी रकम निकाल लेगा। लेकिन देखते ही देखते उसके द्वारा ट्रांसफर की गई रकम करीब 70 लाख रुपये तक पहुंच गई।इस दौरान फर्जी प्लेटफॉर्म पर रकम बढ़ती हुई दिखाई देती रही, जिससे युवक को अपने निवेश के सही होने का भरोसा बना रहा।

        कथित ठगी का पर्दाफाश तब हुआ, जब युवक ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की। लेकिन अचानक विड्रॉल की सुविधा रोक दी गई। वह अपने ही पैसे निकालने में असमर्थ हो गया।इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि जिस ऑनलाइन बिजनेस और मुनाफे का सपना उसे दिखाया जा रहा था, वह कथित तौर पर एक साइबर ठगी का जाल हो सकता है।फेसबुक पर दोस्ती, व्हाट्सऐप पर लगातार बातचीत, वीडियो कॉल के जरिए भरोसा कायम करना और फिर निवेश के नाम पर करोड़ों की जगह लाखों रुपये ट्रांसफर करवाना—पूरा घटनाक्रम साइबर ठगी के एक सुनियोजित पैटर्न की तरफ इशारा करता है।

        ऐसे कथित निवेश फर्जीवाड़े में पीड़ित को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा डैशबोर्ड दिखाया जाता है, जिसमें उसकी रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ नजर आता है। इससे उसे लगता है कि पैसा वास्तव में निवेश किया जा रहा है।लेकिन जब पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता है तो विड्रॉल रोक दिया जाता है या अतिरिक्त शुल्क और दूसरी शर्तों का हवाला देकर उससे और पैसा मांगा जा सकता है।इस मामले में भी युवक के साथ कथित तौर पर इसी तरह का खेल होने की बात सामने आई है।

      • ‘हमने शादी कर ली है…’ सहेली संग घर से निकली लड़की, पुलिस ने स्टेशन पर पकड़ा तो खुला राज..?

        ‘हमने शादी कर ली है…’ सहेली संग घर से निकली लड़की, पुलिस ने स्टेशन पर पकड़ा तो खुला राज..?

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        बिहार की राजधानी पटना के कमला नेहरू नगर की रहने वाली दो छात्राओं के अचानक घर से चले जाने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. दोनों पड़ोसी हैं और एक ही स्कूल में पढ़ती हैं. 7 अगस्त को उनके गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी. जांच में दोनों की मौजूदगी खगड़िया में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया. पटना लाने के बाद पूछताछ में दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई.

        एक साथ घर से निकलीं दोनों छात्राएं

        दोनों लड़कियों की उम्र अलग है और इनमें एक 10वीं तथा दूसरी 12वीं कक्षा में पढ़ती है. परिवारों को उनके साथ निकलने की जानकारी मिलने पर चिंता बढ़ी. कोतवाली थाना पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की. जांच के दौरान दोनों के खगड़िया पहुंचने की जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर रेलवे स्टेशन से दोनों को सुरक्षित बरामद किया.

        खगड़िया में शादी की बात आई सामने

        पुलिस की पूछताछ में मामले का अलग पहलू सामने आया. दोनों ने एक दूसरे के साथ शादी करने की इच्छा बताई. पुलिस के अनुसार, खगड़िया के एक मंदिर में दोनों के शादी करने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इस दावे की आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है. दोनों अलग अलग समुदायों से हैं, जबकि उनमें से एक बालिग और दूसरी नाबालिग बताई गई है.

        कोर्ट में पेश किए जा रहे बयान

        पटना पुलिस के एएसपी कानून व्यवस्था के अनुसार, दोनों को बरामद कर लिया गया है और अदालत के सामने पेश करने की प्रक्रिया चल रही है. अब उनके बयान मामले में अहम होंगे. पुलिस यह भी पता कर रही है कि दोनों ने घर छोड़ने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया और पटना से खगड़िया तक कैसे पहुंचीं.

        परिवार के साथ जाने से इनकार

        पुलिस के मुताबिक, फिलहाल दोनों छात्राओं ने अपने परिवार के साथ जाने की इच्छा नहीं जताई है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है. दोनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. पुलिस सभी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है.

        जांच से खुलेंगे कई सवालों के जवाब

        मामले में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. दोनों ने घर छोड़ने का फैसला क्यों किया, उनके बीच संबंधों की प्रकृति क्या थी और मंदिर में शादी की बात कितनी सही है, यह जांच का हिस्सा है. दोनों की इच्छा और परिस्थितियों को समझने के लिए उनके बयान महत्वपूर्ण होंगे. अदालत के समक्ष होने वाली कार्रवाई से आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.