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  • शादी की शॉपिंग के बाद फोन बंद… फेरों के दिन फरार हुई दुल्हन, प्यार का नाटक कर ठगे 6 लाख रुपये..

    शादी की शॉपिंग के बाद फोन बंद… फेरों के दिन फरार हुई दुल्हन, प्यार का नाटक कर ठगे 6 लाख रुपये..

    शादी की शॉपिंग के बाद फोन बंद... फेरों के दिन फरार हुई दुल्हन, प्यार का नाटक कर ठगे 6 लाख रुपये

    आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से शादी और प्यार के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि एक महिला ने युवक को प्यार के जाल में फंसाया और शादी का भरोसा देकर उससे करीब 6 लाख रुपये ले लिए. शादी वाले दिन महिला ने अपना फोन बंद कर दिया और गायब हो गई. ठगी का पता चलने के बाद युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

    जानकारी के मुताबिक, वेमपल्ली मंडल के कथुलुरु गांव में रहने वाले एक युवक की मुलाकात कडप्पा की एक महिला से हुई थी. महिला ने युवक को भरोसा दिलाया कि वह उससे प्यार करती है और उसी से शादी करना चाहती है. युवक ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया.

    इसके बाद महिला ने अलग-अलग जरूरतों और बहानों से युवक से धीरे-धीरे करीब 6 लाख रुपये ले लिए. युवक को उस पर पूरा भरोसा था, इसलिए उसने शादी की तैयारियां शुरू कर दीं. दोनों ने साथ में शादी की खरीदारी भी की. इससे युवक और उसके परिवार को लगा कि शादी पूरी तरह तय है.

    शादी की सुबह फोन हुआ बंद

    शादी के दिन जब दुल्हन के आने और शादी की रस्मों की तैयारी चल रही थी, तभी महिला का फोन बंद आने लगा. युवक और उसके परिवार ने उससे संपर्क करने की काफी कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. काफी देर तक महिला की कोई जानकारी नहीं मिलने पर युवक को शक हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है.

    उसे समझ आया कि शादी का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए और अब महिला गायब हो गई है. इसके बाद युवक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी.

    पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया

    पीड़ित युवक कडप्पा पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई. उसने महिला के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया.

    पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी के 6 लाख रुपये कहां हैं और क्या इस मामले में महिला के साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल है.

  • 40 साल तक बदलता रहा ठिकाने, 68 की उम्र में चढ़ा हत्थे… 1985 के मर्डर केस में फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा..

    40 साल तक बदलता रहा ठिकाने, 68 की उम्र में चढ़ा हत्थे… 1985 के मर्डर केस में फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा..

    मुंबई के साकीनाका पुलिस स्टेशन की टीम ने 1985 के हत्या मामले में करीब चार दशकों से फरार चल रहे 68 वर्षीय आरोपी सुरेश चंदन अडागले को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के खिलाफ सत्र न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी किया था और पुलिस उसकी तलाश में लंबे समय से जुटी थी.

    पुलिस ने आरोपी की तलाश में उसके पुराने ठिकानों और उपलब्ध रिकॉर्ड को खंगाला. सबसे पहले मुंबई के बोरीवली इलाके में उसकी तलाश की गई, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ से जानकारी मिली कि वह अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा तालुका के सुरेगांव में मिल सकता है.

    पुलिस टीम सुरेगांव पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी अपना ठिकाना बदल चुका था. जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को उसके पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित रांजणगांव इलाके में होने का पता चला.

    इसके बाद साकीनाका पुलिस की टीम रांजणगांव पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. संकल्प सिटी स्थित एक इमारत से आरोपी को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने 20 अगस्त 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी 1985 में दर्ज हत्या के मामले के बाद से लगातार कानून की पकड़ से बाहर था. करीब 40 वर्षों तक अलग-अलग ठिकानों पर रहने के बाद आखिरकार पुराने रिकॉर्ड, स्थानीय पूछताछ और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस उस तक पहुंचने में सफल रही. अब 1985 के इस पुराने हत्या मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • 60 लाख का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी… दिल्ली में इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!

    60 लाख का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी… दिल्ली में इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!

    60 लाख का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी... दिल्ली में इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!

    दिल्ली के निहाल विहार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की कहानी सामने आई है. एक बच्चे को दवाई लगाने की बात से विवाद हुआ. फिर पति-पत्नी में झगड़ा हुआ. पत्नी घर से बाहर गई. करीब 10 मिनट बाद वापस लौटी, लेकिन इस बार अकेली नहीं थी. उसके साथ मायके के लोग थे. कुछ देर बाद पड़ोसी एक शख्स को कंधे पर उठाकर घर से बाहर निकलता दिखा. वो शख्स था 31 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय. अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई.

    अब इस मामले में विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और एक भाभी को गिरफ्तार किया गया है. विनय के परिवार ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है.

    विनय की उम्र 31 साल थी. IT सेक्टर में नौकरी. परिवार के मुताबिक, करीब 60 लाख रुपये का पैकेज. करीब साढ़े 3 साल पहले बुध विहार की रहने वाली रेखा से शादी हुई थी. दोनों के जुड़वा बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी. जिंदगी की तस्वीर बाहर से ठीक-ठाक दिखती थी. नौकरी अच्छी, शादी को कुछ ही साल हुए और घर में दो बच्चे.

    लेकिन विनय के परिवार का दावा है कि शादी के बाद से ही घर में रिश्ते सहज नहीं थे. छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता था. रेखा की अपनी सास से भी कहासुनी होती थी. परिवार का आरोप है कि रेखा के भाई की तरफ से विनय को धमकी तक दी जाती थी.

    विनय की मां के मुताबिक, घर में बच्चे को दवाई लगाने की बात को लेकर विनय और रेखा के बीच विवाद हुआ. बात बढ़ी तो विनय ने कथित तौर पर ऊंची आवाज में बात कर दी. रेखा नाराज हुई और घर से बाहर चली गई. परिवार के मुताबिक, लगभग 10 मिनट बाद रेखा वापस आई. लेकिन उसके साथ सिर्फ उसका कोई एक रिश्तेदार नहीं था. उसके दो भाई, भाभी, पिता और एक अन्य शख्स समेत कई लोग उसके साथ थे. यानी पति-पत्नी के झगड़े में अब मायके के लोग भी घर पहुंच चुके थे.

    इस मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें रेखा लाल सूट में दिखाई दे रही है. उसके साथ उसकी भाभी नीले सूट में नजर आती है. कार के पास रेखा के दो भाई, पिता और एक अन्य व्यक्ति भी दिखाई देता है. इसके बाद क्या हुआ, इसकी पूरी तस्वीर पुलिस की जांच से सामने आएगी. लेकिन विनय के परिवार का आरोप है कि घर के अंदर ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी.

    परिवार का कहना है कि विनय अपने ससुराल वालों के लिए पानी तक लेकर आया था. लेकिन इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई. आरोप है कि विनय का गला दबाया गया. उसकी छाती पर हाथ और पैर से वार किए गए. विनय के माता-पिता वहीं मौजूद थे. परिवार का दावा है कि उन्होंने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई.

    बाहर आया तो पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था विनय

    कुछ देर बाद एक पड़ोसी विनय को कंधे पर उठाकर घर से बाहर आता दिखाई देता है. विनय अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था. पड़ोसी ने उसे कुर्सी पर बैठाया. इसके बाद विनय को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों की कोशिश काम नहीं आई और विनय की मौत हो गई.

    विनय का परिवार आरोप लगा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से तनाव था. परिवार का कहना है कि रेखा अक्सर उसकी मां से झगड़ा करती थी. छोटे-छोटे विवादों पर भी उसके भाई की तरफ से विनय को धमकी देने का आरोप है. परिवार का ये भी दावा है कि विनय को घर की तीसरी मंजिल पर अलग जगह दी गई थी और रेखा अलग खाना बनाती थी. विनय के परिवार का यह भी आरोप है कि रेखा ने घर के CCTV कैमरे बंद कर दिए थे.

    पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाई और एक भाभी शामिल हैं. अब जांच में CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूत और आरोपियों के बयान अहम होंगे. सवाल है कि क्या ये सिर्फ एक घरेलू झगड़ा था, जो अचानक बेकाबू हो गया? या फिर इसके पीछे लंबे समय से चल रहा कोई विवाद था? फिलहाल चार लोग गिरफ्तार हैं. इस पूरे मामले की जांच जारी है.

  • 28 अगस्त की रात आसमान में होगा बड़ा खेल, चांद का 93% हिस्सा हो जाएगा लाल; भारत में दिखेगा या नहीं..?

    28 अगस्त की रात आसमान में होगा बड़ा खेल, चांद का 93% हिस्सा हो जाएगा लाल; भारत में दिखेगा या नहीं..?

    अगस्त का आखिरी सप्ताह खगोलीय घटनाओं के लिहाज से खास रहने वाला है। 28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगेगा। यह सामान्य आंशिक चंद्रग्रहण नहीं होगा, बल्कि बेहद गहरा आंशिक चंद्रग्रहण होगा। नासा के मुताबिक ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का करीब 93 फीसदी व्यास पृथ्वी की गहरी छाया यानी umbra में पहुंच जाएगा। यही वजह है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा का बड़ा हिस्सा गहरे लाल या तांबे जैसा नजर आ सकता है।

    भारत में नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण

    इस ग्रहण को लेकर भारत में सबसे ज्यादा सवाल इसकी दृश्यता को लेकर है। 28 अगस्त का चंद्रग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा भारत के आसमान में क्षितिज के ऊपर नहीं होगा। इसकी दृश्यता मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका के अलावा यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में रहेगी। भारत में दिखाई नहीं देने की वजह से यहां इस ग्रहण को लेकर सामान्य तौर पर सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। हालांकि धार्मिक परंपराओं में स्थानीय मान्यताएं अलग हो सकती हैं।

    कब शुरू होगा ग्रहण?

    वैश्विक समय के अनुसार चंद्रग्रहण 28 अगस्त को तड़के शुरू होगा और करीब साढ़े पांच घंटे तक इसकी अलग-अलग अवस्थाएं रहेंगी। भारत के समय के हिसाब से इसकी शुरुआत सुबह के समय पड़ेगी। ग्रहण का अधिकतम चरण भी भारत में दिन के समय होगा, इसलिए यहां से इसे देख पाना संभव नहीं होगा।

    ज्योतिष में क्यों महत्वपूर्ण है?

    ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक स्थिति और संवेदनशीलता का कारक माना जाता है। इसलिए चंद्रग्रहण को केवल खगोलीय घटना के तौर पर नहीं देखा जाता। वैदिक ज्योतिष में ग्रहण के दौरान चंद्रमा की स्थिति को कुंडली के संदर्भ में देखकर अलग-अलग परिणामों की व्याख्या की जाती है।

    इस ग्रहण का असर किन राशियों पर अधिक माना जाएगा, यह केवल राशि देखकर तय नहीं किया जा सकता। जन्मकुंडली में चंद्रमा की स्थिति, लग्न और ग्रहों के संबंध भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए किसी भी राशि के लिए ग्रहण को निश्चित रूप से शुभ या अशुभ बताना सही नहीं होगा।

    वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण का किसी व्यक्ति की किस्मत या स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव साबित नहीं हुआ है। ज्योतिषीय प्रभावों को पारंपरिक मान्यताओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

    आसमान में दिखेगा बेहद खास नजारा

    वैज्ञानिक नजरिए से इस ग्रहण की सबसे खास बात इसका गहरा आंशिक चरण है। चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की umbra में जाने के कारण ग्रहण लगा हुआ भाग लाल, नारंगी या तांबे जैसा दिखाई दे सकता है। चंद्रग्रहण को देखने के लिए सोलर ग्रहण की तरह किसी विशेष चश्मे की जरूरत नहीं होती।

    साल 2026 का यह दूसरा चंद्रग्रहण होगा। इससे पहले 3 मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण हुआ था। अगस्त के बाद अगला चंद्रग्रहण फरवरी 2027 में होगा।

  • ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर युवती से मांगी नग्न तस्वीरें, हैरान कर देगी आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर की करतूत..?

    ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर युवती से मांगी नग्न तस्वीरें, हैरान कर देगी आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर की करतूत..?

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    पुणे में एक आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर पर युवती को ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर उसकी अश्लील तस्वीरें मांगने का आरोप लगा है. कोंढवा पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय आरोपी दिव्य जितेंद्र परमार को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने युवती से कहा कि उसके शरीर पर नकारात्मक ऊर्जा का असर है और इसे दूर करने के लिए एक खास तरह की ‘फिजिकल एक्टिविटी’ करनी होगी. इसी बहाने उसने युवती से अपने मोबाइल फोन पर नग्न तस्वीरें भेजने के लिए कहा था.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिव्य जितेंद्र परमार पुणे के कोंढवा बुद्रुक इलाके की पार्श्वनगर सोसाइटी का रहने वाला है. वह खुद को एक आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता था और लोगों के लिए ऐसे सत्र आयोजित करता था. जिनका दावा मानसिक शांति और जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया विकसित करने में मदद करना था. शिकायतकर्ता युवती भी उसके ऐसे सेशन में शामिल होती थी. इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर युवती से व्यक्तिगत बातचीत शुरू की.

    युवती की शिकायत के अनुसार, परमार ने उसे बताया कि उसके शरीर पर ‘नेगेटिव एनर्जी’ का असर है. उसने कथित तौर पर दावा किया कि इस नकारात्मक ऊर्जा को एक विशेष शारीरिक गतिविधि के जरिए दूर किया जा सकता है. इसके बाद आरोपी ने युवती से ऐसी तस्वीरें भेजने के लिए कहा, जिनमें वह बिना कपड़ों के हो. पुलिस के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को कथित तौर पर एक तरह की आध्यात्मिक गतिविधि के रूप में पेश किया गया था.

    शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे इस तरह डराया कि वह दबाव में आ गई और उसने अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें भेज दीं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर कोंढवा थाने में मामला दर्ज किया है. आरोपी के खिलाफ महिला की गरिमा भंग करने से संबंधित कानूनी धाराओं के साथ-साथ महाराष्ट्र काला जादू और उससे जुड़ी प्रथाओं से संबंधित कानून के तहत भी कार्रवाई की गई है. पुलिस ने आरोपी दिव्य जितेंद्र परमार को गिरफ्तार कर लिया.

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिया है. इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने युवती से किस तरह संपर्क किया और क्या इस मामले से जुड़े अन्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं. 

    आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की जांच के लिए दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है.

  • vastu tips in hindi: घर के बीचोबीच क्या होने से धन नहीं रुकता है, पढ़ें इस जगह क्या ना रखें

    vastu tips in hindi: घर के बीचोबीच क्या होने से धन नहीं रुकता है, पढ़ें इस जगह क्या ना रखें

    घर का बीच का स्थान ब्राह्मा का माना जाता है, इसलिए इसे ब्राह्मस्थान कहा जाता है। इसे घर की सबसे अधिक पवित्र जगह मानी जाती है, इस जगह को घर का एनर्जी प्वाइंट कहा जाता है, इसलिए घर में इसे खाली छोड़ें और कोई भी भारी सामान इस जगह ना रखें। दरअसल सभी कमरों की एनर्जी यहीं आकर एकत्र होती हैं। पुराने समय में घर के बीच में तुलसी का पौधा रखा जाता था। लेकिन अब जगह कम होने के कारण लोग इस जगह पर अपने घरों में फर्नीचर रख देते हैं, जो बिल्कुल गलत है। इस जगह को खाली छोड़ेंगे तो आपको लाभ होगा। आइए जानें इस जगह में क्या नहीं रखना चाहिए, जिससे आपकी लाइफ में धन की कमी तो होती ही है, साथ ही परेशानियां भी आती हैं। इसलिए इस जगह जनरेटर, फर्नीचर को तो बिल्कुल ना रखें। इस जगह को फूलों और तुलसी से सजाकर रखें? अगर आपका घर छोटा है तो इस जगह में डाइनिंग एरिया बनार रख सकते हैं। इसमें हैवी फर्नीचर ना रखें। मीटिंग रूम के तौर पर भी इस जगह का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सेंटर को खाली रखें। इस जगह में कोई कबाड़ या अग्नि से जुड़ा सामान ना रखें।

    इस जगह ना रखें तिजोरी

    ब्रह्मस्थान पर तिजोरी भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए। पहले घर को माप लें और देख लें, अगर घर का बीच का स्थान है तो इस जगह तिजोरी ना रखें। कहा जाता है कि इसके होने से उसमें धन नहीं रुकता है और धन आगमन में भी बाधा आती है। ब्रह्मस्थान पर कबाड़ होने से जिंदगी में अड़चन आती रहती है। इसलिए इस स्थान को जितना साफ और खाली रखेंगे, उससे आपको लाभ होगा।

    इस जगह ना रखें पानी की टंकी

    पहले अपने घर के बीच की जगह का अच्छे से माप ले लें। फिर देखें कि क्या यहां शौचालय है, अगर ऐसा है तो कहा जाता है कि इससे घर में बीमारियों का प्रकोप बना रहता है। इस स्थान पर पानी की टंकी होने से व्यवसाय में हानि, रसोई होने से घर में क्लेश हाेना एवं गड्ढा होना आर्थिक व शारीरिक रूप से अत्यधिक हानिकारक होता है। यदि ब्रह्मस्थान में जनरेटर आदि हो तो फैक्ट्री में आए दिन मशीन खराब रहती है तथा उत्पादन प्रभावित होता है।

  • 3 करोड़ साल से यहां लिपटे पड़े हैं 4 सांप, आज भी जिंदा है नर्क के दानव का श्राप..

    3 करोड़ साल से यहां लिपटे पड़े हैं 4 सांप, आज भी जिंदा है नर्क के दानव का श्राप..

    S सोचिए, करीब 3.8 करोड़ साल पहले के चार सांप एक ही जगह दबे रह गए और इतने लंबे वक्त बाद उनके कंकाल वैज्ञानिकों के हाथ लगे. अमेरिका के व्योमिंग में मिले इन दुर्लभ अवशेषों ने सांपों की पुरानी दुनिया को समझने का एक नया रास्ता खोल दिया है. वैज्ञानिकों ने इन अवशेषों की जांच के बाद एक नई प्रजाति Hibernophis breithaupti की पहचान की है. इसके करीब चार लगभग पूरे कंकाल मिले हैं. इनमें से तीन सांप एक साथ, बिल जैसी संरचना में दबे हुए थे, जबकि चौथा सांप उसी चट्टानी परत में थोड़ी अलग जगह से मिला. अब सवाल उठता है कि ये सांप एक साथ वहां पहुंचे कैसे? यही इस खोज को खास बनाता है.

    जमीन से निकला करोड़ों साल पुराना राज

    ये फॉसिल अमेरिका के Wyoming स्थित White River Formation की चट्टानों से मिले हैं. इनकी उम्र शुरुआती Oligocene काल की बताई गई है, यानी ये 3 करोड़ साल से भी ज्यादा पुराने. भूगर्भीय साक्ष्यों के आधार पर इस क्षेत्र की चट्टानों की न्यूनतम उम्र करीब 32 मिलियन साल आंकी गई है. जीवाश्म जिस बारीक रेतीली मिट्टी वाली चट्टान में मिले, उसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी छोटी बाढ़ के दौरान जमा हुई होगी. मिट्टी, पानी और ज्वालामुखीय राख से जुड़े इस वातावरण ने सांपों के अवशेषों को असाधारण तरीके से सुरक्षित रखने में मदद की.

    एक नहीं, तीन सांप एक साथ मिले

    इस खोज की सबसे खास बात यह है कि तीन सांप एक ही जगह पर साथ-साथ मिले. वैज्ञानिकों को ये तीनों सांप चट्टान के दो ऐसे हिस्सों में मिले, जो आपस में जुड़े हुए थे. यानी ऐसा लग रहा था जैसे ये किसी एक जगह पर साथ मौजूद थे और फिर उसी दौरान मिट्टी और चट्टान के नीचे दब गए. पहली नजर में चट्टान के ऊपर सिर्फ दो सांपों के कंकाल दिखाई दे रहे थे. लेकिन जब वैज्ञानिकों ने इसका CT स्कैन किया, तो चट्टान के अंदर छिपा तीसरा सांप भी सामने आ गया. वहीं, चौथा सांप इसी इलाके की दूसरी जगह से मिला.

    मजेदार बात यह है कि इन सांपों का यह अजीब तरीके से एक साथ मिलना नया नहीं था. वैज्ञानिकों की नजर इन पर करीब 40 साल पहले, 1986 में ही पड़ गई थी. उस समय Brent H. Breithaupt और David Duvall ने अनुमान लगाया था कि शायद ये सांप ठंड से बचने के लिए किसी साझा बिल या आश्रय में एक साथ जमा हुए थे. इसे वैज्ञानिक भाषा में हाइबरनेकुलम कहा जाता है.

    अब नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इन कंकालों की हड्डियों और शरीर की बनावट को बारीकी से जांचा. इसके बाद पता चला कि ये पहले से पहचानी गई किसी प्रजाति के सांप नहीं, बल्कि एक नई प्रजाति के सदस्य थे. Hibernophis breithaupti के UW-11990 नमूने की तस्वीर। इमेज क्रेडिट: Zoological Journal of the Linnean Society

    वैज्ञानिकों ने दिया नया नाम

    रिसर्चर्स ने इस प्राचीन सांप को Hibernophis breithaupti नाम दिया है. इसके नाम में ‘hibernare’ यानी सर्दियों में रहना और ग्रीक शब्द ‘ophis’ यानी सांप शामिल है. रिसर्च के मुताबिक इसकी खोपड़ी और रीढ़ की हड्डियों की बनावट पहले से पहचाने गए कुछ जीवाश्म सांपों से अलग है. इसी आधार पर इसे एक अलग प्रजाति माना गया है.

    क्या ये सांप सच में साथ रहते थे?

    तीन सांपों का एक साथ और बिल जैसी जगह में मिलना देखकर वैज्ञानिकों को लगता है कि शायद ये ठंड से बचने के लिए किसी साझा ठिकाने में रहते थे. आज भी सांपों की कुछ प्रजातियां ठंड के मौसम में एक साथ बिलों या सुरक्षित जगहों पर जमा होती हैं. लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. करोड़ों साल पुराने कंकालों को देखकर यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि ये सांप साथ में हाइबरनेट ही कर रहे थे. हो सकता है कि किसी दूसरी वजह से तीनों एक ही जगह पर पहुंचे हों और बाद में वहीं दब गए हों. इसलिए वैज्ञानिक इसे संभावित communal sheltering behaviour का संकेत मानते हैं, पक्के सबूत के तौर पर नहीं.

  •  वियाग्रा की गोली से भी ज्यादा इफेक्टिव हैं ये 8 फूड्स, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचा सकते हैं..

     वियाग्रा की गोली से भी ज्यादा इफेक्टिव हैं ये 8 फूड्स, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचा सकते हैं..

    Erectile Dysfunction: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी इरेक्शन हासिल करने या उसे बनाए रखने में परेशानी पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी एक आम समस्या है। खराब खान-पान, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और तनाव जैसी कई वजहें यौन स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में अपनी डाइट पर ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है।

    कुछ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर में बेहतर ब्लड फ्लो और सामान्य हार्मोनल हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, इन्हें किसी दवा या वियाग्रा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अगर इरेक्शन की समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    ये 8 फूड्स डाइट में कर सकते हैं मदद

    1. पालक

    पालक फोलेट और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। ये पोषक तत्व शरीर में सामान्य रक्त संचार और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करने में भूमिका निभाते हैं। संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर पालक को पुरुषों की हेल्दी डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    2. एवोकाडो

    एवोकाडो में हेल्दी फैट के साथ कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद जिंक पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ और सामान्य हार्मोन फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए एवोकाडो को संतुलित डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

    3. सेब

    सेब सिर्फ सामान्य सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि प्रोस्टेट हेल्थ के लिहाज से भी चर्चा में रहता है। इसके छिलके में उर्सोलिक एसिड जैसे कंपाउंड पाए जाते हैं। फल और सब्जियों से भरपूर डाइट पुरुषों की ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहतर मानी जाती है।

    4. कद्दू के बीज

    कद्दू के बीजों में जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जिंक पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ और सामान्य हार्मोन फंक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हें सलाद, ओट्स या स्नैक के तौर पर डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    5. तरबूज

    तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होने के साथ-साथ सिट्रुलिन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है। शरीर में सिट्रुलिन से आर्जिनिन बनने की प्रक्रिया होती है, जो नाइट्रिक ऑक्साइड से जुड़ी होती है और रक्त वाहिकाओं के सामान्य फंक्शन में भूमिका निभाती है।

    6. केला

    केले में पोटैशियम और विटामिन B6 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। पोटैशियम शरीर में सामान्य ब्लड प्रेशर और मांसपेशियों के कामकाज के लिए जरूरी है। हेल्दी डाइट में केला एक आसान और पौष्टिक विकल्प हो सकता है।

    7. अनार

    अनार एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। मूल स्रोत में अनार को ब्लड फ्लो और सेक्सुअल हेल्थ से जोड़कर बताया गया है, हालांकि इसे वियाग्रा का प्राकृतिक विकल्प मानना सही नहीं होगा।

    8. डार्क चॉकलेट

    कम मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन एक संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। इसमें मौजूद कोकोआ फ्लेवोनॉइड्स और अन्य कंपाउंड्स पर हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर अध्ययन हुए हैं। तनाव भी सेक्सुअल परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है, इसलिए तनाव कम रखने वाली स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण है।

    क्या ये फूड्स वियाग्रा की जगह ले सकते हैं?

    नहीं। इन खाद्य पदार्थों को वियाग्रा या ED की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। इनका फायदा मुख्य रूप से संतुलित और पौष्टिक डाइट के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बार-बार हो रहा है तो इसके पीछे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्या, तनाव या अन्य कारण हो सकते हैं।

    ऐसी स्थिति में खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी चिकित्सकीय जांच, निदान या उपचार का विकल्प न मानें। इरेक्शन से जुड़ी समस्या लगातार बनी रहती है या अचानक शुरू हुई है, तो योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

  • खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण..

    खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण..

    खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण

    नेपाल के प्रतिबंध से हजारों लोग प्रभावित

    काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुगु जिले में मुगाम कर्माराम ग्रामीण नगर पालिका और छायानाथ रारा नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोग नेपाली सरकार के इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। ये लोग खतरनाक हिमालयी इलाकों में जाकर यार्सागुम्बा को इकठ्ठा कर व्यापारियों को बेचते हैं।

    क्या है हिमालयन वयाग्रा

    यार्सागुम्बा एक कीड़ा है जो हिमालय की ऊंची जगहों में उगने वाले खास किस्म के पेड़ों पर ही पाया जाता है। यह कीड़ा भूरे रंग का होता है जिसकी लंबाई 2 इंच के आसपास होती है। इन कीड़ों को नेपाल में यार्सागुम्बा नाम से जाना जाता है।

    मर्दाना कमजोरी की अचकू दवा

    हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाने वाली यार्सागुम्बा को हिमालयन वयाग्रा के नाम से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल मर्दाना कमजोरी को दूर करने के लिए औषधि के रूप में किया जाता है। हर साल गर्मियों में नेपाली लोग हिमालय में 10000 फुट की ऊंचाई पर जाकर इस दवा की खोज करते हैं।

    महंगी बिकती है हिमालयन वयाग्रा

    हिमालयन वयाग्रा बहुत ही महंगे दाम में बिकती है। इसकी कीमत प्रति ग्राम 100 यूएस डॉलर से भी ज्यादा होती है। इसकी मांग विदेशों में खासकर अमेरिका और यूरोप में ज्यादा है। यार्सागुम्बा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। हालांकि, हर्ट के मरीजों के लिए यह जानलेवा हो सकती है।

  • यूट्यूबर ने अपने जिगरी दोस्त को पहनाया भिखारी का लिबास, जानिए 8 घंटे में कितनी हुई कमाई..

    यूट्यूबर ने अपने जिगरी दोस्त को पहनाया भिखारी का लिबास, जानिए 8 घंटे में कितनी हुई कमाई..

    हरिद्वार के कांवड़ मेले में एक यूट्यूबर के अनोखे एक्सपेरिमेंट ने इंटरनेट पर हचचल मचा दी है. इस एक्सपेरिमेंट में उसके दोस्त ने भिखारी का भेष बनाकर एक ही दिन में श्रद्धालुओं से हजारों रुपये हासिल कर लिए. यूट्यूबर पुरुषोत्तम वशिष्ठ और उनके दोस्त सचिन ने ये प्रैंक इसलिए किया ताकि ये देखा जा सके कि भारत के इस अहम धार्मिक आयोजन के दौरान भीख मांगकर कितना पैसा कमाया सकता है. सचिन ने फटे-पुराने कपड़े पहने, चेहरे पर धूल लगाई और भिखारी जैसा दिखने के लिए हाथ में एक छोटा कटोरा लिया. उसने अपने गले में एक यूपीआई क्यूआर कोड भी लटकाया.

    मुश्किलों भरा एक्सपेरिमेंट

    भीख मांगने के दौरान शुरुआती घंटों में सचिन ने तकरीबन 130 रुपये जमा किए. जहां कई श्रद्धालुओं ने पैसे देने से मना कर दिया, वहीं कुछ लोगों ने थोड़ी-बहुत रकम दी. मेले में घूमते हुए उसने दुकानदारों और वेंडर्स से भी बातचीत की. सनग्लास बेचने वाले एक शख्स ने उसे चश्मा दिया, जबकि क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल पेमेंट से करीब 40 रुपये मिले. 4 घंटे बीतने के बाद, उसकी कुल जमा रकम तकरीबन 800 रुपये हो गई थी. भारी बारिश, लंबी दूरी तक पैदल चलने और सुरक्षा गार्ड्स की तरफ से परेशान किए जाने के बावजूद एक्सपेरिमेंट जारी रहा.

    आखिर में टोटल कमाई ने चौंकाया

    दिन के आखिर में यूट्यूबरवशिष्ठ और सचिन ने बताया कि उन्होंने लगभग 4000 रुपये जमा कर लिए थे. उन्होंने अंदाजा लगाया कि अगर रोजाना ऐसी ही कमाई हो, तो महीने में लगभग 1.2 लाख रुपये जमा हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भीख मांगना फिजीकली और मेंटली थका देने वाला काम है. उन्होंने कहा कि पैसे के लिए लगातार अजनबियों के पास जाने में बहुत मेहनत लगती है.

    यूजर्स के रिएक्शंस

    एक्स पर वीडियो शेयर किए जाने के बाद, यूजर्स ने कमाई को लेकर हैरानी जताई. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक और टूरिस्ट प्लेस पर भीख मांगना एक संगठित रोजगार बन गया है, जबकि दूसरों का कहना था कि एक दिन का एक्सपेरिमेंट उन लोगों की मुश्किलों को नहीं दिखा सकता जो असल में भीख मांगकर गुजारा करते हैं. आखिर में दोनों ने अपने फॉलोअर्स को सलाह दी कि वो कमाई के जरिया के तौर पर भीख मांगने के बजाय कोई अच्छी जगह नौकरी या काम की तलाश करें.