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  • प्यास बुझाने के लिए पी रहे हैं ठंडी बीयर? एक्सपर्ट ने बताया क्यों बढ़ सकती है डिहाइड्रेशन की समस्या…

    प्यास बुझाने के लिए पी रहे हैं ठंडी बीयर? एक्सपर्ट ने बताया क्यों बढ़ सकती है डिहाइड्रेशन की समस्या…

    प्यास बुझाने के लिए पी रहे हैं ठंडी बीयर? एक्सपर्ट ने बताया क्यों बढ़ सकती है डिहाइड्रेशन की समस्या…

    पेरिस में अब पब्लिक प्लेस पर शराब पीने पर बैन लग गया है. इसके पीछे वजह है कि शराब का सेवन करने पर किडनी पर पड़ने वाला असर. शराब का सेवन करने के बाद किडनी पर दबाव पड़ता है. इस वजह से इसे एक मूत्रवर्धक कहा गया है. जिसका अर्थ है कि ये किडनी को ज्यादा यूरिन बनाने के लिए प्रेरित करती है. यह वासोप्रेसिन हार्मोन को दबाकर ऐसा करती है, जो सामान्य रूप से शरीर को पानी को रोककर रखने का निर्देश देता है. भीषण गर्मी में, जब आप पहले से ही शरीर को ठंडा रखने के लिए कई लीटर तरल पदार्थ पसीने के रूप में बहा रहे होते हैं, तो शराब उन भंडारों को और भी तेजी से खत्म कर देती है और बॉडी को डिहाइड्रेड कर देती है.

    बता दें कि पेरिस में तो ये नियम कुछ दिनों से लागू हुआ है, लेकिन भारत में ये नियम काफी समय पहले से है.

    गर्मियों में लोग ठंडी-ठंडी चीजों का सेवन करते हैं और ड्रिंक लेने पर ज्यादा जोर देते हैं. जब तक ठंडा पानी या ड्रिंक्स ना पियो तो प्यास नहीं बुझती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ठंडी ड्रिंक प्यास बुझाने की जगह आपके शरीर से एक्सट्रा पानी को बाहर निकाल सकती हैं. खासकर जब आप ठंडी बीयर का सेवन करते हैं तो ये सेहत को और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.

    अगर आप भी गर्मियों में ठंडी-ठंडी बीयर पीने के शौकीन है तो आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि ये शरीर पर किस तरह असर डालता है. एनडीटीवी ने इस बारे में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर समीर भाटी से बातचीत की. उन्होंने इस बारे में क्या बताया आइए जानते हैं.

    ठंडी बीयर पीने से क्या होता है? (What happens when you drink cold beer?)

    डॉक्टर समीर भाटी ने बताया कि कई लोगों को ऐसा लगता है कि गर्मी है और अगर वो एल्कोहल या व्हिस्की का सेवन नहीं करते हैं और ठंडी बीयर पीते हैं तो उनके शरीर को आराम मिल सकता है. क्योंकि बीयर ठंडी है तो ये शरीर में गर्मी नहीं होने देगी तो ये धारणा बिल्कुल गलत है. बल्कि ठंडी बीयर पीने पर शरीर पर इसका बिल्कुल उल्टा असर पड़ता है. ठंडी बीयर पीने से शरीर डिहाइट्रेड होता है. इसका मतलब ये है कि शरीर से पानी ज्यादा मात्रा में बाहर निकलता है और बॉडी में पानी की कमी हो जाती है.

    डॉक्टर के मुताबिक सिर्फ ठंडी बीयर ही नहीं बल्कि कॉफी का सेवन करने पर भी शरीर पर ऐसा ही असर होता है.

    डिहाइड्रेशन होने पर क्या संकेत मिलते हैं (What are the signs of dehydration?)

    शरीर में पानी की कमी होने पर यानी डिहाइड्रेशन होने पर शरीर कुछ संकेत देता है. डिहाइड्रेशन होने पर बार-बार प्यास लगना, मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब आना, पेशाब कम आना, थकान, चक्कर आना और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखते हैं.

    कैसे करें बचाव (How to Prevent Dehydration)

    डॉक्टर समीर भाटी बताते हैं कि-

    • गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए शराब का सेवन न करें.
    • पार्टी वगैरह में जा रहे हैं तो भी अल्कोहल से दूर रहें.
    • कॉफी का भी अधिक सेवन कम करें, ये भी शरीर से पानी बाहर निकालती है.
    • पानी में नमक डाल कर पिएं.
    • नारियल पानी पिएं.
  • कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    मूल रूप से आगरा का रहने वाला इरशाद ऑनलाइन जूते का कारोबार करने का दावा करता है. उसने हरदोई की युवती अनुक्रति पांडे को विशाल नाम बताकर अपने जाल में फंसाया और शादी कर ली. 

    सच्चाई पता चलने पर उसने पीड़िता को पहले लखनऊ और फिर कानपुर के पनकी स्थित फ्लैट में बंधक बना लिया. पीड़िता का आरोप है कि इरशाद उसके बच्चे का मुस्लिम नाम रखकर उसे पूजा-पाठ से रोकता था और जबरन मीट खिलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था. विरोध करने पर वह जान से मारने की धमकी देता था.

    एक ही फ्लैट में दो पत्नियां

    प्रताड़ना के बीच इरशाद एक और हिंदू लड़की से शादी करके फ्लैट पर ले आया. वह पड़ोसियों को उसे अपनी बहन बताता था, लेकिन रात में पहली पत्नी को बंद कर दूसरी के साथ रहता था. परेशान होकर पहली पीड़िता ने पड़ोसियों की मदद से बजरंग दल का नंबर लिया और आपबीती सुनाई. बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेंद्र तोमर ने पनकी पुलिस से संपर्क किया. जब पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा, तो दोनों हिंदू लड़कियां अलग-अलग कमरों में कैद मिलीं.

    आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    पनकी के एसीपी अमित चौरसिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने फ्लैट में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है. पहली पीड़ित महिला ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वह अब अपने घर जाना चाहती है क्योंकि आरोपी ने उसे धोखे में रखकर बहुत प्रताड़ित किया है. पुलिस आरोपी इरशाद से पूछताछ कर रही है और दूसरी महिला से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है.

  • सिर्फ रोटी गिनने से नहीं घटता वजन! जानिए पेट निकलने की असली वजह और आम गलतियां..

    सिर्फ रोटी गिनने से नहीं घटता वजन! जानिए पेट निकलने की असली वजह और आम गलतियां..

    सिर्फ रोटी गिनने से नहीं घटता वजन! जानिए पेट निकलने की असली वजह और आम गलतियां..

    जब गर्मियों में चिलचिलाती धूप पूरे दिन आपकी एनर्जी सोख लेती है, तो मानसून का आना गर्मी से राहत जैसा लगता है. चाय के साथ स्नैक्स खाने की जबरदस्त इच्छा के साथ-साथ, मॉनसून आपकी सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लाता है. बारिश के महीनों में मौसमी इन्फेक्शन, पेट खराब होना, फ्लू और एनर्जी की कमी आम बात है. इस मौसम में इम्यूनिटी में बदलाव, धीमे डाइजेशन सिस्टम और बैक्टीरिया और वायरस के ज्यादा संपर्क में आने जैसी स्थितियों से भी जूझ रहा होता है. ऐसे में आपकी डाइट बहुत जरूरी हो जाती है. खान-पान में कुछ समझदारी भरे बदलाव करके, आप अपने डाइजेशन को ठीक रख सकते हैं और एनर्जी लेवल को पूरी तरह स्थिर बनाए रख सकते हैं. आइए, कुछ ऐसे मौसमी फूड्स के बारे में जानते हैं जिन्हें डॉक्टर बारिश के मौसम की परेशानियों से बचने के लिए आपकी रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं.

    करेला

    बारिश के मौसम में सेहतमंद रहने के लिए डॉक्टर करेला खाने की सलाह देते हैं. इसका कड़वापन असल में इसके मजबूत एंटीवायरल और एंटी बैक्टीरियल गुणों की निशानी है. करेले में जरूरी विटामिन और ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपके लिवर को अच्छी तरह साफ करते हैं और पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं. करेला खाने से आपका शरीर उन पैरासाइट्स और पेट के नुकसानदायक बैक्टीरिया को प्राकृतिक रूप से खत्म कर पाता है जो दूषित पानी या स्ट्रीट फूड के जरिए आसानी से आपके शरीर में पहुंच जाते हैं.

    खट्टे फल

    हालांकि संतरा, मौसंबी और ऐसे ही दूसरे फल साल भर मिलते हैं, लेकिन मॉनसून के दौरान इनमें मौजूद विटामिन C की वजह से ये बहुत फायदेमंद होते हैं. विटामिन C इम्यून सिस्टम को ठीक से काम करने में अहम भूमिका निभाता है और शरीर को पौधों से मिलने वाले खाने से आयरन सोखने में भी मदद करता है. पैकेट वाले जूस के बजाय, जब भी हो सके साबुत फल चुनें ताकि आपको उनके प्राकृतिक फाइबर का भी फायदा मिल सके.

    मूंग दाल

    जब पेट खराब या असहज महसूस हो, तो डॉक्टर औरडायटीशियन अक्सर सबसे पहले मूंग दाल खाने की सलाह देते हैं. यह आसानी से पच जाती है, अच्छी क्वालिटी का प्लांट प्रोटीन देती है और इसमें फोलेट, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं.

    चाहे इसे सादी दाल के तौर पर खाया जाए या खिचड़ी बनाकर, यह बिना भारीपन महसूस कराए पोषण देती है, इसलिए पाचन संबंधी परेशानी के समय यह खास तौर पर फायदेमंद होती है.

    जामुन

    जामुन उन फलों में से एक है जो ठीक उसी समय मिलते हैं जब आपके शरीर को इनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है. विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर जामुन इम्यूनिटी को मजबूत करने और ब्लड शुगर लेवल को सही रखने में मदद करता है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है.

    जामुन में पाया जाने वाला ‘जाम्बोलिन’ कंपाउंड ब्लड ग्लूकोज के अचानक बढ़ने को कंट्रोल करने में असरदार साबित हुआ है. यह हल्का कसैला भी होता है, जो पाचन स्वास्थ्य में मदद करता है.

    पपीता

    जब मौसम आपके शरीर के अंदरूनी सिस्टम को धीमा कर देता है, तो पपीता पाचन में बहुत मदद कर सकता है. इस ट्रॉपिकल फल में ‘पपेन’ नाम का एक खास डाइजेस्टिव एंजाइम होता है. यह एंजाइम आपके पेट में भारी प्रोटीन को आसानी से तोड़ने में मदद करता है.

    इसमें विटामिन C भी बहुत ज्यादा होता है, जो व्हाइट ब्लड सेल्स के बनने को बढ़ावा देता है. एक कटोरा ताजा पपीता खाने से पेट फूलने और कब्ज जैसी गंभीर समस्याओं से बचने में मदद मिलती है, जो मॉनसून के दौरान मेटाबॉलिज्म कम होने पर अक्सर लोगों को परेशान करती हैं.

  • मासूम ने देखी ऐसी घटना, जिसने बदल दी उसकी दुनिया… आगे की कहानी कर देगी भावुक…

    मासूम ने देखी ऐसी घटना, जिसने बदल दी उसकी दुनिया… आगे की कहानी कर देगी भावुक…

    मासूम ने देखी ऐसी घटना, जिसने बदल दी उसकी दुनिया… आगे की कहानी कर देगी भावुक…

    बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए. प्रेम संबंध का राज जाने लेने के शक में एक बेरहम युवक ने 5 वर्षीय मासूम की हत्या कर दी. जानिए पूरी घटना.

    बिहार के औरंगाबाद जिले में एक ऐसी घटना हुई, जिसे जिसने भी सुना वो दंग रह गया. जानकारी के मुताबिक एक युवक को 5 साल के बच्चे पर शक था, कि उसने उसके इश्क का राज जान लिया. इस वजह से आरोपी युवक ने बच्चे की हत्या की और उसे गांव के बाहर झाड़ियों में फेंक दिया. पुलिस ने ऐसा क्या बताया, जिससे आसपास के इलाकों में फैली सनसनी. 

    पुलिस ने क्या बताया?

    यह पूरा मामला औरंगाबाद के टंडवा जिले का है. इस घटना की जानकारी देते हुए औरंगाबाद के एसडीपीओ-1 सुशील कुमार ने बताया कि 30 जून की सुबह करीब 9 बजे टंडवा थाने में प्रमोद सिंह नाम के युवक ने अपने पांच साल के बेटे सिद्धार्थ कुमार के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया कि बच्चा सोमवार रात से घर नहीं लौटा था. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी.

    मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने एसडीपीओ सदर-1 के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. इसके बाद एसआईटी ने तेजी से जांच शुरू की. वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों की मदद से टीम को कई अहम सुराग भी मिले. 

    पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा

    पुलिस को जांच के दौरान मोहरी ईटवां गांव से धनसेवक कुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से त पूछताछ में आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की. फिर उसने बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. पुलिस ने बच्चे का शव गांव के बाहर झाड़ियों से बरामद किया.

    क्यों की हत्या?

    इस केस में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर आरोपी ने मासूम की हत्या क्यों की. एसडीपीओ ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की आशंका सामने आई है. जांच के दौरान पता चला कि मासूम को आरोपी के प्रेम संबंधों की जानकारी हो गई थी. पुलिस का मानना है कि इसी राज़ के सामने आने के डर से आरोपी ने बच्चे की हत्या की. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी संभावित पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है.

  • सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    पुलिस की पूछताछ से पता चला कि सौतन आए दिन पति को मारपीट के लिए उकसाती थी. दोनों महिलाओं में तनाव रहता था जिसके खिलाफ पहली पत्नी ने 6 महीने पहले ही हत्या की साजिश रच डाली थी. सौतन की हत्या करके महिला खून से लथपथ साड़ी बदलने खेतों की तरफ भी गई थी और हत्या के सबूत घर पर ही छिपा दिए थे.

    खाट के पाए से दी ‘तालिबानी’ सजा, फिर गन्ना काटने वाली आरी से रेत डाली सौतन की गर्दन; हत्या के बाद सबूत मिटाने खेत में… पुलिस के सामने खुली पोल!

    छत्तीसगढ़ के बालोद में एक महिला की अपनी सौतन से बदला लेने की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है. मामला नेवारीकला गांव का बताया जा रहा है जहां पहली पत्नी ने दूसरे कमरे में सोई अपनी सौतन को पहले खाट के पाए से दर्दनाक प्रताड़नाए दीं, फिर गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला रेत दिया. महिला पिछले 6 महीने से अपने सौतन से बदला लेने का प्लान बना रही थी. जब साजिश कामयाब रही तो हत्या के सबूत मिटाने के लिए भागकर खेत में गई और खून से लथपथ कपड़े बदलकर वापस घर आ गई. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर सारे सबूतों को जब्त कर लिया है.

    पांच साल पहले पति ने की थी दूसरी शादी

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवारीकला निवासी 40 वर्षीय चिम्मनलाल साहू ने प्रेम संबंधों के चलते 47 साल की दयाबाई सोनकर से 2019 में शादी कर ली.  पांच साल पहले पति अपनी प्रेमिका को घर ले आया जिससे दूसरी पत्नी नाराज रहने लगी. मन ही मन उसके दिल में बदले की भावना पनपने लगी. पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि सौतन दया बाई आए दिन पति को पहली पत्नी के खिलाफ उकसाती थी. आए दिन की प्रताड़ना से तंग आकर पहली पत्नी अमृत बाई ने दिसंबर 2025 में दयाबाई को खत्म करने का प्लान बना लिया था.

    शराब के नशे में सोया पति, सौतन को उतारा मौत के घाट

    पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि 29 जून को पति चिम्मनलाल शराब के नशे में धुत घर आया था. देर रात, जब सौतन को दूसरे कमरे में अकेले पाया तो अमृत बाई चापराई का टूटा हुआ पाया लेकर चुपचाप कमरे में घुंसी और बेरहमी से कई बार जानलेवा बार करके अधमरा कर दिया. सौतन को बदहवास हालत मे छोड़कर अमृत बाई दोबारा कमरे के बाहर गई और गन्ना काटने वाली आरी लाकर सौतन के गले को 4 बार रेता डाला, जिससे सौतन दया बाई की मौत हो गई. 

    खेत में छिपाए हत्या के सबूत

    सौतन की हत्या के बाद अमृत बाई ने सबसे पहले बिस्तर के नीचे सबूत छिपाए और खून से लथपथ साड़ी को बदलने के लिए खेत की ओर भागी. रात को जब पति की नींद खुली को पत्नी अमृत बाई को पास न पाकर दूसरे कमरे में पहुंचा जहां पहले ही दया बाई अपनी चारपाई पर लहूलुहान पड़ी थी. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में शोर-शराबा हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी. इधर अमृत बाई खेत में मोबाइल बंद करके वापस लौट आई.

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. मामले की जांच-पड़ताल की. परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की. साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम ने भी चारपाई के नीचे से अमृत बाई द्वारा छिपाए गए सबूत बरामद किए. दूसरी तरफ अमृतबाई बालोद थाने पहुंती और अपना जुर्म कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया. पूछताछ से सामने आया कि दया बाई के पहले से दो विवाहित बेटे हैं और उनके भी बच्चे हैं. इसके बावजूद 5 साल पहले पति से दूसरी शादी कर ली और घर ले आए. दोनों महिलाओं के बीच आए दिन झगड़ा और तनाव बना रहता था. पति चिम्मनलाल ने पुलिस में पहली पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज करके अमृत बाई को रिमांड पर भेज दिया है.

  • पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार हैं ये सुपरफूड्स, डॉक्टर ने बताए दही से बेहतर विकल्प…

    पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार हैं ये सुपरफूड्स, डॉक्टर ने बताए दही से बेहतर विकल्प…

    पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार हैं ये सुपरफूड्स, डॉक्टर ने बताए दही से बेहतर विकल्प…

    आज के समय में पेट से जुड़ी समस्याएं काफी देखने को मिलती हैं. इसका एक सबसे बड़ा कारण हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खान-पान है. लेकिन जब भी पेट को साफ और दुरुस्त रखने की बात आती है सबसे पहला नाम दही का आता है. दही पेट के लिए काफी अच्छी भी मानी जाती है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि दही के अलावा भी हमारी किचन में कई ऐसी चीजें हैं, जो हमारे गट हेल्थ के लिए वरदान से कम नहीं हैं.

    हाल ही में डॉक्टर ने अपने सोशल मीडिया पर एक बेहद काम की जानकारी शेयर की है. उन्होंने बताया है कि हमारे घरों में बनने वाली कुछ खास चीजें हमारी गट हेल्थ के लिए किसी औषधी से कम नहीं हैं.

    ​क्या होती है गट हेल्थ और यह क्यों जरूरी है?

    ​सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ‘गट हेल्थ’ (Gut Health) का मतलब क्या है. आसान भाषा में कहें तो हमारे पेट और आंतों के अंदर लाखों-करोड़ों छोटे-छोटे अच्छे बैक्टीरिया होते हैं. ये बैक्टीरिया हमारे खाने को पचाने, शरीर को बीमारियों से बचाने और हमारे मूड को अच्छा रखने में मदद करते हैं. जब पेट में इन अच्छे बैक्टीरिया की कमी हो जाती है, तो हमें गैस, कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी परेशानियां होने लगती हैं.

    गट हेल्थ को हेल्दी रखने में मददगार हैं ये 4 चीजें-

    ​1. कांजी- (Kanji)

    ​डॉक्टर अभिनव गर्ग के मुताबिक, कांजी हमारी गट हेल्थ के लिए सबसे बेस्ट ड्रिंक्स में से एक है. इसे बनाने के लिए पानी में गाजर, राई और नमक डालकर कुछ दिनों के लिए धूप में रख दिया जाता है. इस प्रोसेस (फर्मेंटेशन) से इसमें भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया पैदा होते हैं. यह पेट को ठंडा रखती है और पाचन क्रिया को एकदम ट्रैक पर ले आती है.

    ​2. इडली और ढोकला- (Idli and Dhokla)

    ​साउथ इंडियन इडली हो या गुजरात का मशहूर ढोकला, ये दोनों ही चीजें पेट के लिए बहुत हल्की और फायदेमंद होती हैं. इन्हें बनाने के लिए चावल, दाल या बेसन के घोल को रातभर खमीर (Ferment) उठने के लिए रखा जाता है. डॉक्टर का कहना है कि खमीर उठने की वजह से इसमें ऐसे विटामिंस और गुड बैक्टीरिया बन जाते हैं, जो हमारे डाइजेशन को बहुत मजबूत बनाते हैं. यह आसानी से पच जाते हैं और पेट पर कोई भारीपन नहीं होने देते.

    ​3. घर का बना अचार- (Homemade Pickle)

    ​डॉक्टर अभिनव गर्ग ने बताया है कि अगर अचार घर का बना हो, तो यह पेट के लिए बहुत फायदेमंद है. बाजार के अचार में खराब केमिकल और बहुत ज्यादा प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, लेकिन घर में पारंपरिक तरीके से तेल, नमक और मसालों के साथ धूप में पकाकर बनाया गया अचार प्रोबायोटिक्स का खजाना होता है. रोज के खाने के साथ सिर्फ एक छोटा चम्मच घर का अचार खाने से आपके पेट के अच्छे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं.

    ​क्यों खास हैं ये फर्मेंटेड फूड्स?

    ​डॉक्टर अभिनव गर्ग के अनुसार, इन सभी चीजों को ‘फर्मेंटेड फूड्स’ (Fermented Foods) कहा जाता है. जब किसी खाने की चीज को प्राकृतिक तरीके से कुछ समय के लिए रखा जाता है, तो उसमें अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. यह बैक्टीरिया सीधे हमारे पेट में जाकर पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है, न्यूट्रिएंट्स शरीर को अच्छे से लगते हैं और पेट साफ रहता है.

  • गोरखपुर: डांट से आहत छात्र घर से भागा, काशी विश्वनाथ के दर्शन कर लौटा; बचने के लिए बोला- मेरा अपहरण हुआ था..

    गोरखपुर: डांट से आहत छात्र घर से भागा, काशी विश्वनाथ के दर्शन कर लौटा; बचने के लिए बोला- मेरा अपहरण हुआ था..

    गोरखपुर: डांट से आहत छात्र घर से भागा, काशी विश्वनाथ के दर्शन कर लौटा; बचने के लिए बोला- मेरा अपहरण हुआ था..

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    गोरखपुर में पिता की डांट से नाराज 9वीं का छात्र स्कूल ड्रेस में साइकिल से वाराणसी भाग गया. सोशल मीडिया पर फोटो शेयर होने और पुलिस में शिकायत के बाद, वह अगले दिन खुद घर लौट आया. शुरुआत में उसने किडनैपिंग की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस पूछताछ में सच उगल दिया.

    यूपी के गोरखपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पिता की डांट से नाराज एक 9वीं कक्षा का छात्र घर से भाग गया. उसकी ‘गुमशुदगी’ ने पुलिस और परिवार दोनों को खूब छकाया. बाद में जब वो वापस लौटा तो किडनैप होने की फर्जी कहानी भी सुनाई. 

    दरअसल, पिता की डांट से नाराज होकर नाबालिग बेटा ऐसा कदम उठाएगा कोई सोच भी नहीं सकता. बता दें कि रमेश यादव गोरक्षनाथ थाने में तहरीर लेकर पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि उनका बेटा सुबह घर से स्कूल के लिए निकला और लापता हो गया. तहरीर दर्ज हुई लेकिन दूसरे दिन बुधवार को छात्र सुबह-सुबह खुद ही घर आ गया. परिजन खुशी से लिपटकर रोने लगे. उसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि बच्चा घर लौट आया है. 

    परिजन के पूछने पर छात्र ने एक झूठी कहानी बनाई और बताया कि अपहरण कर कुछ लोग उसे वाराणसी लेकर चले गए थे. लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह खुद ट्रेन से वाराणसी चला गया था. बाद में काशी विश्वनाथ के दर्शन कर लौट आया. इस दौरान उसकी साइकिल गायब हो गई. 

    जानकारी के मुताबिक, रमेश यादव जिला महाराजगंज के नौतनवा थाना क्षेत्र के मुंडेहरा के रहने वाले हैं. वो अपने बेटे को पढ़ाने के लिए परिवार के साथ गोरखपुर में एक कमरा किराए पर लेकर रहते हैं. उन्होंने अपने बेटे का नौवीं कक्षा में गोरक्षनाथ थाना क्षेत्र के एक स्कूल में दाखिला कराया था. वह रोजाना साइकिल से स्कूल आता जाता है. 

    बीते दिनों रमेश ने किसी बात को लेकर बेटे को फटकार लगाई थी. इस फटकार से नाराज होकर बेटा ड्रेस पहनकर साइकिल से स्कूल तो निकला लेकिन वापस नहीं लौटा. जब देर शाम हो गई और बेटा घर नहीं पहुंचा तो काफी इंतजार और खोजबीन के बाद रिश्तेदारों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और बच्चों को ढूंढने के लिए फोटो शेयर की. पुलिस को सूचना दी. 

    मामले में गोरक्षनाथ थाने के प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि नौवीं का छात्र लापता हो गया था. पुलिस भी छानबीन में जुटी थी. लेकिन दूसरे दिन वह खुद ही घर लौट आया. उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि पिता से नाराज होकर वह वाराणसी गया था.

  • बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    अगरतला । अधिकारियों ने बताया कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने गुरुवार को अगरतला रेलवे स्टेशन पर बिहार से आई एक मालगाड़ी से 6.54 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप का बड़ा जखीरा जब्त किया। त्रिपुरा में पिछले साल अक्टूबर में हुई बड़ी बरामदगी के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। डीआरआई ने मालगाड़ी से एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप की 100-100 मिलीलीटर की 55,626 बोतलें जब्त की हैं। इन दोनों कफ सिरप का अक्सर नशे के लिए गलत इस्तेमाल किया जाता है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की मदद से खेप को रोका और सुब्रत देब (34) नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
    त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक प्राइवेट बिजनेस फर्म के मैनेजर बताए जा रहे देब कथित तौर पर राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित अगरतला रेलवे स्टेशन पर गैर-कानूनी खेप लेने आए थे।
    अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बिहार के कटिहार से बुक की गई थी और इसे मालगाड़ी से जुड़ी हाई-कैपेसिटी पार्सल वैन में भेजा गया था।
    एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड होते हैं। इन दवाओं का भारत, पड़ोसी देश बांग्लादेश और कुछ अन्य देशों में अक्सर नशे के रूप में गलत इस्तेमाल किया जाता है।
    डीआरआई ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया है, और तस्करी के इस रैकेट में शामिल सोर्स, इसे पाने वालों और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
    पिछले साल 17 अक्टूबर को त्रिपुरा पुलिस क्राइम ब्रांच (टीपीसीबी) ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से एक मालगाड़ी से लगभग 5.4 करोड़ रुपए की कीमत का प्रतिबंधित ‘एस्कफ’ कफ सिरप का बड़ा खेप जब्त किया। यह मालगाड़ी मुर्गियों का दाना, चावल और अन्य सामान लेकर 16 अक्टूबर को दिल्ली से पश्चिम त्रिपुरा के जिरानिया रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें राजीव दासगुप्ता (42) भी शामिल थे, जिन्हें इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं में से एक माना जाता है।
    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि दासगुप्ता कई पूर्वोत्तर राज्यों में चल रहे ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क में अहम भूमिका निभाते थे।
    आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों के बीच चलने वाली ट्रेनों से गांजा (मारिजुआना) समेत नशीले और प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं। इससे पता चलता है कि तस्कर अवैध सामान की तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • विजय थलापति की पार्टी को तोड़ने की साजिश? हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों पर TVK-DMK में घमासान, बीजेपी का पलटवार..

    विजय थलापति की पार्टी को तोड़ने की साजिश? हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों पर TVK-DMK में घमासान, बीजेपी का पलटवार..

    विजय थलापति की पार्टी को तोड़ने की साजिश? हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों पर TVK-DMK में घमासान, बीजेपी का पलटवार..

    तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय थलापति को सरकार बनाए दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन सियासी उठा-पटक जारी है. राज्य में सियासी भूचाल तब आ गया, जब हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर टीवीके और डीएमके के बीच आर-पार की स्थिति बन गई. बुधवार (1 जुलाई) को दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है. हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर बीजेपी ने भी विजय थलापति की पार्टी पर तीखा हमला बोला है.

    चेन्नई पुलिस ने बुधवार (1 जुलाई) को सरकार के विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए उकसाने की कथित साजिश के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक यूट्यूबर और करूर के दो डीएमके पदाधिकारी शामिल हैं. गिरफ्तारी के बाद यह मामला और बढ़ गया है. एन. एलैयाराजा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है, जो कृष्णगिरि जिले के उथंगराई विधानसभा सीट से टीवीके से विधायक हैं.

    उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें सत्ताधारी पार्टी छोड़ने के लिए मनाने की बार-बार कोशिशें की गईं. उन्होंने यह भी दावा किया कि यूट्यूबर आई.पी.डी.एस. थिरुनावुक्करसु ने उनसे बार-बार संपर्क किया, बातचीत की और उनका समर्थन हासिल करने के लिए उन्हें धमकाया. शिकायत के आधार पर चेन्नई की ट्रिपलिकेन पुलिस ने मामला दर्ज किया और थिरुनावुक्करसु को गिरफ्तार कर लिया.

    सरकार को अस्थिर करने की साजिश – मंत्री निर्मल कुमार

    यह गिरफ्तारी मंत्री निर्मल कुमार के उस आरोप के एक दिन बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि टीवीके विधायकों को लालच देकर सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही थीं. जांचकर्ता उन दावों की जांच कर रहे हैं कि तीन टीवीके विधायकों को निशाना बनाया गया था और उनमें से सभी को पाला बदलने के लिए कथित तौर पर 15 करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी.

    पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के करीबी माने जाने वाले दो डीएमके पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है, पुलिस ने कहा कि इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है.

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    DMK ने किया पलटवार

    उधर, डीएमके ने राज्यपाल आरवी अर्लेकर को पत्र देकर मुख्यमंत्री थलापति विजय के खिलाफ जांच की मांग की है. डीएमके ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि एमडीएमके प्रमुख वाइको ने स्वीकार किया है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दो विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी. एमडीएमके के दोनों विधायक, कडायनालूर से टीएम राजेंद्रन और सिरकाझी से एस. सेंथिल सेल्वन डीएमके के सिंबर पर चुनाव जीते हैं.

    बीजेपी ने टीवीके पर साधा निशाना

    हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर तमिलनाडु बीजेपी के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा, ‘टीवीके अलायंस अवसरवादी गठबंधन है. चाहे सीपीआईएम हो, कांग्रेस हो, आईयूएमएल हो, डीएमके गठबंधन का हिस्सा होने के चलते जनता ने सभी को नकार दिया. टीवीके ने विधायकों की खरीद-फरोख्त में जमकर हाथ बटाया. यह एक अवसरवादी और भ्रष्ट गठबंधन है.’

  • भारत को लेकर बांग्लादेश ने दिया बड़ा संकेत, तीस्ता प्रोजेक्ट पर कहा- ‘कोई नाराज़ हुआ तो भी…’

    भारत को लेकर बांग्लादेश ने दिया बड़ा संकेत, तीस्ता प्रोजेक्ट पर कहा- ‘कोई नाराज़ हुआ तो भी…’

    बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने भारत के साथ रिश्तों और तीस्ता नदी परियोजना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ भरोसे, बराबरी और आपसी सम्मान के आधार पर संबंध चाहता है. साथ ही साफ किया कि तीस्ता मास्टर प्लान जैसे घरेलू प्रोजेक्ट्स पर फैसला लेने का पूरा अधिकार बांग्लादेश का है और वह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा.

    तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश का रुख
    तीस्ता मास्टर प्लान को लेकर रहमान ने कहा कि यह पूरी तरह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है. उनका कहना था कि देश अपने राष्ट्रीय हितों के हिसाब से इस परियोजना को आगे बढ़ाएगा और इसमें किसी दूसरे देश को परेशान होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस परियोजना के पक्ष में मजबूती से खड़ी है और इसका मकसद सिर्फ बांग्लादेश के लोगों का विकास और भलाई है.

    ‘अगर कोई नाराज होगा तो आम भेज देंगे’
    शफीकुर रहमान ने बातचीत के दौरान हल्के अंदाज में कहा कि तीस्ता परियोजना से किसी को नाराज होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम अपने देश के हित में यह योजना लागू करेंगे. हमारे दोस्त इससे खुश होंगे, दुखी होने की कोई वजह नहीं है. अगर कोई नाराज होता है तो हम उन्हें राजशाही के मशहूर आम भेजकर खुश करने की कोशिश करेंगे.’

    भारत क्यों जता रहा है चिंता?
    तीस्ता नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल से गुजरते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है. इस नदी के पानी के बंटवारे और प्रबंधन को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से बातचीत चलती रही है. भारत की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि प्रस्तावित परियोजना सिलीगुड़ी कॉरिडोर के करीब स्थित है. यह रणनीतिक इलाका भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है और इसे ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है.

    शेख हसीना से लेकर अब तक क्या बदला?
    पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार तीस्ता परियोजना पर भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छुक थी. हालांकि, अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिर गई. इसके बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और अब तारिक रहमान के नेतृत्व वाली पूर्ण बहुमत की सरकार ने इस परियोजना में चीन के साथ सहयोग की दिशा में ज्यादा रुचि दिखाई है. इसी वजह से यह मुद्दा भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है.