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  • कभी घर-घर पिज्जा : पहुंचाता था ये भारतीय, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; 11 साल में ऐसे बदली पूरी जिंदगी.

    कभी घर-घर पिज्जा : पहुंचाता था ये भारतीय, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; 11 साल में ऐसे बदली पूरी जिंदगी.

    कभी घर-घर पिज्जा : पहुंचाता था ये भारतीय, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; 11 साल में ऐसे बदली पूरी जिंदगी.

    किस्मत कब और कैसे बदल जाए, इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक भारतीय शख्स की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। करीब 11 साल पहले पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे इस शख्स को अपनी पढ़ाई के क्षेत्र में नौकरी नहीं मिली तो उसने पिज्जा शॉप में काम करना शुरू कर दिया।

    शुरुआत में उसका काम लोगों के घरों तक पिज्जा पहुंचाना था। लेकिन उसने इस काम को छोटा समझने के बजाय पूरी मेहनत और लगन के साथ काम किया। सोशल मीडिया पर शेयर की गई कहानी के मुताबिक, कुछ साल बाद उसने उसी पिज्जा बिजनेस में निवेश किया और धीरे-धीरे खुद रेस्टोरेंट का मालिक बन गया।

    आज उसके पास तीन रेस्टोरेंट होने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में घर, BMW कार और हैदराबाद में भी संपत्ति होने की बात सामने आई है। हाल ही में उसे और उसके परिवार को ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता मिलने का भी दावा किया गया है।

    पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था

    वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, यह शख्स करीब 11 साल पहले पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे अपने क्षेत्र में मनचाही नौकरी नहीं मिली।

    ऐसे में उसने खाली बैठने के बजाय पिज्जा शॉप में फुल-टाइम नौकरी शुरू कर दी। इस दौरान वह ग्राहकों के घर पिज्जा पहुंचाने का काम करता था।

    शुरुआत भले ही साधारण थी, लेकिन उसने नौकरी के दौरान बिजनेस को करीब से समझना शुरू किया। ग्राहक कैसे जुड़ते हैं, रेस्टोरेंट का काम कैसे चलता है और फ्रेंचाइजी मॉडल किस तरह काम करता है—इन चीजों का अनुभव उसे इसी दौरान मिला।

    तीन साल बाद लिया बड़ा फैसला

    सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल तक पिज्जा शॉप में काम करने के बाद उसने अपने करियर को एक नया मोड़ देने का फैसला किया।

    कुछ बचत और पार्टनरशिप की मदद से उसने उसी पिज्जा फ्रेंचाइजी में निवेश किया, जहां वह पहले नौकरी करता था। यानी जिस बिजनेस में वह कभी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था, उसी में बाद में उसकी हिस्सेदारी हो गई।

    इसके बाद उसने बिजनेस को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया।

    कोविड के बाद बढ़ाया कारोबार

    वायरल पोस्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद उसके बिजनेस में तेजी आई। इसके बाद उसने दो और फ्रेंचाइजी हासिल कर लीं।

    इस तरह पिज्जा डिलीवरी करने से शुरू हुआ उसका सफर धीरे-धीरे तीन रेस्टोरेंट तक पहुंच गया। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट में इन रेस्टोरेंट की कुल कमाई या कारोबार का विस्तृत वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    अब ऑस्ट्रेलिया में घर और BMW का दावा

    कहानी के मुताबिक, कारोबार में सफलता मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति भी काफी बेहतर

  • मजबूरी क्या न कराए: महंगे घरों से परेशान लोग खरीद रहे ‘भूतिया घर’, आधी कीमत में मिल रही प्रॉपर्टी.

    मजबूरी क्या न कराए: महंगे घरों से परेशान लोग खरीद रहे ‘भूतिया घर’, आधी कीमत में मिल रही प्रॉपर्टी.

    मजबूरी क्या न कराए: महंगे घरों से परेशान लोग खरीद रहे ‘भूतिया घर’, आधी कीमत में मिल रही प्रॉपर्टी.

    ताइवान में घरों की बढ़ती कीमतों ने लोगों के सामने एक ऐसा विकल्प खड़ा कर दिया है, जिसके बारे में सुनकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां कुछ लोग महंगी प्रॉपर्टी से बचने के लिए ऐसे घर खरीदने का जोखिम उठा रहे हैं, जिनका अतीत मौत या किसी हिंसक घटना से जुड़ा हुआ है।

    इन संपत्तियों को आमतौर पर ‘हॉन्टेड हाउस’ या ‘मर्डर होम’ कहा जाता है। मंदारिन भाषा में इन्हें ‘Xiong Zhai’ के नाम से जाना जाता है। इन घरों को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की धार्मिक और सामाजिक मान्यताएं हैं, जिसके कारण इनकी कीमत सामान्य घरों की तुलना में काफी कम हो सकती है।

    सामान्य कीमत से आधे तक सस्ते मिलते हैं ऐसे घर

    ‘Xiong Zhai’ उन संपत्तियों को कहा जाता है, जहां पहले किसी व्यक्ति की मौत हिंसक या परेशान करने वाली परिस्थितियों में हुई हो। ऐसी घटना की जानकारी सामने आने के बाद कई खरीदार उस घर से दूरी बनाने लगते हैं।

    यही वजह है कि इन संपत्तियों की कीमत बाजार की सामान्य दर से काफी नीचे चली जाती है। कुछ मामलों में ऐसे घर सामान्य प्रॉपर्टी की तुलना में करीब आधी कीमत में भी उपलब्ध हो सकते हैं।

    घटना जितनी गंभीर या चर्चित होती है, उस संपत्ति को लेकर खरीदारों की हिचकिचाहट भी उतनी ही बढ़ सकती है। हालांकि इसी वजह से कम बजट वाले कुछ लोगों के लिए ये घर आकर्षक विकल्प बन जाते हैं।

    आर्थिक तरक्की के बावजूद महंगे हैं घर

    ताइवान की अर्थव्यवस्था में हाल के वर्षों में तेज वृद्धि देखने को मिली है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर उद्योग को आर्थिक विकास के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।

    लेकिन आर्थिक विकास का असर हर व्यक्ति की घर खरीदने की क्षमता पर एक जैसा नहीं पड़ा है। प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतों के कारण कुछ खरीदार अब ऐसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, जिन्हें पहले लोग आसानी से नजरअंदाज कर देते थे।

    बैंक भी लोन देने से बचते हैं

    ऐसी संपत्तियों को खरीदने में एक परेशानी यह भी है कि कई बार बैंक इनके लिए लोन देने से हिचकिचाते हैं।

    इसकी एक वजह यह मानी जाती है कि अगर खरीदार भविष्य में लोन नहीं चुका पाता, तो बैंक के लिए ऐसी संपत्ति को दोबारा बेचना मुश्किल हो सकता है। बहुत से लोग ऐसे घरों को अशुभ मानते हैं और उन्हें खरीदने से बचते हैं।

    रियल एस्टेट एजेंट Wu Kaiwen के मुताबिक, कुछ लोगों को यह डर भी रहता है कि ऐसी संपत्ति खरीदने का उनके जीवन या भाग्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि यह धार्मिक और सामाजिक विश्वास हैं, इनका वैज्ञानिक आधार स्थापित नहीं है।

    ‘घोस्ट मंथ’ में और बढ़ जाती है चर्चा

    ताइवान में ऐसी संपत्तियों से जुड़ी मान्यताओं का संबंध वहां की पारंपरिक आध्यात्मिक धारणाओं से भी है। ‘घोस्ट मंथ’ के दौरान मान्यता है कि मृत लोगों की आत्माएं धरती पर लौट सकती हैं।

    इस अवधि में कुछ मंदिरों में आत्माओं के लिए भोजन और अन्य चीजें रखने की परंपरा भी देखने को मिलती है। इसी वजह से इस समय ऐसी मान्यताओं और उनसे जुड़ी संपत्तियों की चर्चा भी बढ़ जाती है।

    घर में शिफ्ट होने से पहले कराते हैं विशेष रस्में

    जो लोग ‘Xiong Zhai’ खरीदने का फैसला करते हैं, उनमें से कुछ नए घर में प्रवेश करने से पहले विशेष धार्मिक या आध्यात्मिक रस्में करवाते हैं।

    आध्यात्मिक मान्यताओं से जुड़े लोगों के अनुसार, इन रस्मों का उद्देश्य घर से जुड़ी पुरानी नकारात्मकता को दूर करना और नए रहने वालों के लिए घर को शुभ बनाना होता है। कुछ लोग इन अनुष्ठानों के जरिए पिछली घटना से जुड़ी कथित नकारात्मक ऊर्जा से बचने की कोशिश करते हैं।

    हालांकि, इन मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाता। किसी घर की कीमत पर उसका इतिहास, स्थानीय बाजार, लोकेशन और खरीदारों की धारणा जैसे कई वास्तविक कारक भी असर डाल सकते हैं।

    सस्ता घर या डर से जुड़ी कीमत?

    ताइवान में बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच ‘Xiong Zhai’ का मामला यह दिखाता है कि कम कीमत में घर खरीदने के लिए कुछ लोग सामाजिक धारणाओं और पुराने इतिहास से जुड़ी परेशानियों को भी स्वीकार करने को तैयार हैं।

    इन घरों में कीमत कम हो सकती है, लेकिन उनके साथ जुड़ी पुरानी घटनाएं और लोगों की मान्यताएं खरीदार के लिए अलग तरह की चुनौती बन सकती हैं।

  • पितरों की तस्वीर घर : में किस दिशा में लगानी चाहिए? जानें वास्तु के नियम, इन जगहों पर लगाने से बचें..

    पितरों की तस्वीर घर : में किस दिशा में लगानी चाहिए? जानें वास्तु के नियम, इन जगहों पर लगाने से बचें..

    पितरों की तस्वीर घर : में किस दिशा में लगानी चाहिए? जानें वास्तु के नियम, इन जगहों पर लगाने से बचें..

    सनातन धर्म में पितरों यानी अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धा और सम्मान देने की परंपरा रही है। कई परिवार अपने घर में पूर्वजों की तस्वीर लगाते हैं और उनकी स्मृति को संजोकर रखते हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, इन तस्वीरों को लगाते समय दिशा और स्थान का ध्यान रखना चाहिए।

    आइए जानते हैं पितरों की तस्वीर लगाने से जुड़े प्रमुख वास्तु नियम।

    1. किस दिशा में लगानी चाहिए पितरों की तस्वीर?

    वास्तु की कुछ मान्यताओं के अनुसार, पितरों की तस्वीर उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है, ताकि तस्वीर में पूर्वजों का मुख दक्षिण दिशा की ओर रहे। वहीं, कुछ वास्तु परंपराओं में दक्षिण दिशा को भी पितरों से संबंधित माना गया है। इसलिए इस विषय पर अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं।

    2. पूजा घर में तस्वीर लगाने से बचें

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पितरों की तस्वीर को देवी-देवताओं की तस्वीरों के साथ पूजा स्थल में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। पूर्वजों के सम्मान के लिए घर में अलग और साफ-सुथरा स्थान चुना जा सकता है।

    3. बेडरूम और रसोई में न लगाएं तस्वीर

    कुछ वास्तु मान्यताओं में पितरों की तस्वीर बेडरूम, रसोई और बाथरूम के पास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बजाय घर में ऐसी जगह चुनें, जहां तस्वीर सुरक्षित रहे और उसका सम्मानपूर्वक रखरखाव किया जा सके।

    4. जीवित सदस्यों के साथ न लगाएं तस्वीर

    वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, दिवंगत पूर्वजों की तस्वीर को जीवित परिवार के सदस्यों की तस्वीरों के साथ लगाने से बचना चाहिए। कई लोग पूर्वजों के लिए अलग स्थान रखना उचित मानते हैं।

    5. एक ही स्थान पर रखें तस्वीरें

    घर में पूर्वजों की बहुत अधिक तस्वीरें अलग-अलग जगहों पर लगाने के बजाय उन्हें एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रखना बेहतर माना जाता है। तस्वीरों की संख्या को लेकर वास्तु संबंधी मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं।

    6. तस्वीर की साफ-सफाई का रखें ध्यान

    पूर्वजों की तस्वीर को साफ-सुथरा रखें। अगर तस्वीर का फ्रेम टूट गया है या खराब हो गया है, तो उसकी मरम्मत करवाएं। तस्वीर पर धूल जमा न होने दें और उसके आसपास का स्थान भी व्यवस्थित रखें।

    ध्यान दें: पितरों की तस्वीरों की दिशा और उनसे जुड़े नियम वास्तु एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग परंपराओं में इनके बारे में अलग सुझाव मिल सकते हैं। इन नियमों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परिणाम या किसी अनहोनी की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।

  • टाइल्स लगाने के लिए : खोदी जमीन, नीचे मिला 1000 साल पुराना चांदी का खजाना, देख हैरान रह गई दुनिया

    टाइल्स लगाने के लिए : खोदी जमीन, नीचे मिला 1000 साल पुराना चांदी का खजाना, देख हैरान रह गई दुनिया

    टाइल्स लगाने के लिए : खोदी जमीन, नीचे मिला 1000 साल पुराना चांदी का खजाना, देख हैरान रह गई दुनिया

    Viral Post :  कभी-कभी जमीन के नीचे छिपी चीजें किसी खजाने से कम नहीं होतीं. डेनमार्क में भी एक शख्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. घर के बाहर टाइल्स लगाने के लिए जमीन की खुदाई की जा रही थी, तभी उसे मिट्टी के अंदर एक ऐसी चीज मिली, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया. खुदाई के दौरान सामने आया यह खजाना करीब 18 किलो चांदी का बताया जा रहा है.

    शुरुआत में शख्स को जमीन के नीचे किसी चीज के दबे होने का अंदाजा हुआ. जब मिट्टी हटाई गई तो वहां चांदी के सिक्के, गहने और दूसरी चांदी की कई चीजें दिखाई देने लगीं. इतनी बड़ी मात्रा में चांदी देखकर उसके भी होश उड़ गए.

    मिट्टी के नीचे दबा था चांदी का खजाना

    जानकारी के मुताबिक, जमीन के नीचे एक बर्तन में करीब 700 चांदी की चीजें और उनके टुकड़े दबे हुए थे. इनमें सिक्कों के अलावा चांदी की छड़ें, कंगन, आभूषण और चांदी से बनी कई अन्य वस्तुएं शामिल बताई गई हैं.

    बताया जा रहा है कि यह खजाना करीब 1,000 साल पुराना है. यानी जिस जमीन पर आज लोग सामान्य तरीके से घर और रास्ते बना रहे हैं, उसी के नीचे सदियों पहले किसी ने अपनी कीमती चीजों को छिपाकर रखा होगा.

    वाइकिंग युग से जुड़ा बताया जा रहा है खजाना

    इस खजाने को डेनमार्क के वाइकिंग युग से जोड़कर देखा जा रहा है. तस्वीर में दी गई जानकारी के अनुसार, इसका वजन 18 किलो से ज्यादा है और इसे डेनमार्क का अब तक का सबसे बड़ा वाइकिंग युग का चांदी का खजाना बताया गया है.

    इतनी बड़ी संख्या में मिली पुरानी वस्तुएं इतिहास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. इन चीजों से उस दौर के लोगों की जीवनशैली, व्यापार और चांदी के इस्तेमाल के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है.

    सरकार रखेगी ये खजाना ?

    खुदाई से मिली कुछ चांदी की वस्तुओं पर ऐतिहासिक चिन्ह भी दिखाई देने की बात सामने आई है. डेनमार्क के कानून के मुताबिक, इस तरह के ऐतिहासिक खजाने पर राज्य का अधिकार होता है. खजाना खोजने वाले व्यक्ति को इसके बदले इनाम मिल सकता है. दिलचस्प बात यह है कि इसी इलाके में पहले भी वाइकिंग युग से जुड़ी सोने की वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है.

  • खौलती चाय में डाल दिया : iPhone 18 Pro Max, टेस्ट के बाद कैमरे का हुआ ऐसा हाल; वायरल वीडियो ने मचाई हलचल.

    खौलती चाय में डाल दिया : iPhone 18 Pro Max, टेस्ट के बाद कैमरे का हुआ ऐसा हाल; वायरल वीडियो ने मचाई हलचल.

    खौलती चाय में डाल दिया : iPhone 18 Pro Max, टेस्ट के बाद कैमरे का हुआ ऐसा हाल; वायरल वीडियो ने मचाई हलचल.

    iPhone 18 Pro Max को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। नए मॉडल की कीमत और डिजाइन को लेकर जहां सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है, वहीं अब फोन की मजबूती जांचने का एक अजीबोगरीब टेस्ट भी वायरल हो गया है। इस टेस्ट में एक शख्स ने करीब 2 लाख रुपये कीमत वाले iPhone 18 Pro Max को सीधे खौलती हुई मसाला चाय में डाल दिया।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखने के बाद लोग हैरान हैं। वीडियो में फोन को चाय के अंदर डुबोकर उसकी बिल्ड क्वालिटी और गर्मी सहने की क्षमता जांचने की कोशिश की गई।

    खौलती चाय में डाल दिया महंगा iPhone

    वायरल वीडियो को एक्स पर @Bhuvan_RJ46 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में टीम पहले iPhone 18 Pro Max को पानी में डालती है। इसके बाद पानी को गर्म किया जाता है और उसमें दूध, चायपत्ती और अदरक डालकर मसाला चाय तैयार की जाती है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चाय उबलने के दौरान भी फोन को करीब 60 से 90 सेकंड तक उसके अंदर रखा गया। टेस्ट के दौरान फोन की रिकॉर्डिंग भी चालू रखी गई, ताकि यह देखा जा सके कि इतनी गर्म चाय में डूबे रहने के बाद फोन पर क्या असर पड़ता है।

    चाय से निकालने के बाद भी चल रहा था फोन

    टेस्ट खत्म होने के बाद जब iPhone 18 Pro Max को चाय से बाहर निकाला गया तो शुरुआत में उसका डिस्प्ले काम करता दिखाई दिया। इसके बाद टीम ने फोन को कुछ देर गर्म रखा और फिर उसे साफ करने की कोशिश की।

    हालांकि, इसके बाद फोन के कैमरे में समस्या दिखाई देने लगी। वीडियो में दावा किया गया कि कैमरे से तस्वीर लेने पर फोटो धुंधली नजर आ रही थी और लेंस के अंदर फॉग जैसा दिखाई दे रहा था।

    कैमरे के हिस्से में दिखे क्रैक

    वीडियो में फोन के पिछले हिस्से को दिखाने पर कैमरा मॉड्यूल के आसपास दरारें भी नजर आईं। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इतनी गर्म चाय में फोन रखने के बाद उसके कैमरा सिस्टम पर किस तरह का असर पड़ा।

    हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर किया गया एक अनौपचारिक टेस्ट है। इससे फोन की आधिकारिक मजबूती या कंपनी की ओर से बताए गए सुरक्षा मानकों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    वायरल वीडियो पर यूजर्स ने लिए मजे

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने इसे जरूरत से ज्यादा किया गया टेस्ट बताया तो किसी ने मजाक में कहा कि महंगे फोन को चाय में डालने से बेहतर था कि उससे चाय ही पी ली जाती।

    कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर फोन की मजबूती जांचनी थी तो उसे उबलते पानी में डालने के बजाय चाय में डालने की जरूरत क्यों पड़ी।

    बताया जा रहा है कि वीडियो को हजारों बार देखा जा चुका है और इसके कमेंट सेक्शन में लोग फोन से ज्यादा इस अनोखे टेस्ट पर चर्चा कर रहे हैं।

    पहले भी सामने आ चुके हैं iPhone के अजीबोगरीब टेस्ट

    यह पहली बार नहीं है जब किसी नए iPhone को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसा एक्सपेरिमेंट वायरल हुआ हो। इससे पहले पुराने iPhone को नए iPhone 18 Pro Max जैसा दिखाने वाले वीडियो भी इंटरनेट पर चर्चा में रहे हैं।

    फिलहाल खौलती चाय वाला यह टेस्ट सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। हालांकि, इतने महंगे स्मार्टफोन के साथ इस तरह का प्रयोग करना फोन को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए इसे सामान्य उपयोग के लिए टेस्ट या सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

  • शादी के लिए नहीं : मिल रहा मनपसंद रिश्ता? बेडरूम में करें ये 6 वास्तु बदलाव, सकारात्मक माहौल बनाने में मिलेगी मदद

    शादी के लिए नहीं : मिल रहा मनपसंद रिश्ता? बेडरूम में करें ये 6 वास्तु बदलाव, सकारात्मक माहौल बनाने में मिलेगी मदद

    शादी के लिए नहीं : मिल रहा मनपसंद रिश्ता? बेडरूम में करें ये 6 वास्तु बदलाव, सकारात्मक माहौल बनाने में मिलेगी मदद

    शादी के लिए अच्छे रिश्ते की तलाश लंबे समय से चल रही है, लेकिन बार-बार कोशिश करने के बावजूद बात नहीं बन पा रही है? ऐसे में वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, अपने बेडरूम की सजावट और वहां रखी चीजों पर ध्यान देना भी एक विकल्प हो सकता है। माना जाता है कि बेडरूम का वातावरण व्यक्ति के रिश्तों और भावनाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में कुछ छोटे बदलाव कमरे को अधिक सुकूनभरा और सकारात्मक बनाने में मदद कर सकते हैं।

    आइए जानते हैं बेडरूम से जुड़े 6 ऐसे वास्तु उपाय, जिन्हें अच्छे जीवनसाथी की तलाश के दौरान अपनाने की सलाह दी जाती है।

    1. बेडरूम में जोड़े में रखें चीजें

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, बेडरूम में जोड़े में रखी चीजें पार्टनरशिप और साथ का प्रतीक मानी जाती हैं। अगर आपके कमरे में केवल एक तकिया, एक कुर्सी या एक साइड टेबल है, तो जगह के अनुसार जोड़े में चीजें रख सकते हैं। बेड पर दो तकिए रखें और संभव हो तो दोनों तरफ एक जैसी साइड टेबल लगाएं। हालांकि, यह एक पारंपरिक मान्यता है, शादी होने की गारंटी नहीं।

    2. बेड की दिशा पर दें ध्यान

    वास्तु शास्त्र में बेडरूम में बेड की स्थिति को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार, अच्छे वैवाहिक संबंधों के लिए बेड को कमरे के नॉर्थ-वेस्ट यानी उत्तर-पश्चिम हिस्से में रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, बेड को इस तरह रखने की सलाह दी जाती है कि उसके दोनों तरफ आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह हो।

    3. दीवारों पर लगाएं जोड़े वाली तस्वीरें

    अगर आपके बेडरूम की दीवारों पर अकेले व्यक्ति की तस्वीरें या अकेलेपन का एहसास कराने वाली पेंटिंग लगी हैं, तो उनकी जगह कपल या जोड़े को दर्शाने वाली कलाकृतियां लगा सकते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, साउथ-वेस्ट यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में जोड़े वाली तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। लव बर्ड्स की जोड़ी वाली वॉल आर्ट भी सजावट का विकल्प हो सकती है।

    4. बेडरूम में चुनें हल्के और सॉफ्ट रंग

    कमरे की दीवारों का रंग उसके पूरे माहौल को प्रभावित करता है। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में बहुत गहरे या ठंडे रंगों के बजाय हल्के और सॉफ्ट शेड्स इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए पेस्टल पिंक, पीच, रोज गोल्ड और वॉर्म बेज जैसे रंग चुन सकते हैं। इन रंगों को वास्तु मान्यताओं में प्रेम और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है।

    5. गैरजरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान हटाएं

    बेडरूम में टीवी, लैपटॉप, टैबलेट, कई मोबाइल फोन, चार्जर और ऑफिस का सामान अधिक होने से कमरा अव्यवस्थित दिखाई दे सकता है। वास्तु मान्यताओं में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अधिकता को रिश्तों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए गैरजरूरी गैजेट्स को कमरे से हटाएं और सोने की जगह को साफ-सुथरा तथा व्यवस्थित रखें।

    6. सजावट में शामिल कर सकते हैं पिंक क्रिस्टल ट्री

    वास्तु और सजावट से जुड़ी मान्यताओं में हल्के गुलाबी रंग को प्रेम और रिश्तों का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से बेडरूम में हल्के पिंक रंग का क्रिस्टल ट्री रखने का सुझाव दिया जाता है। इसे कमरे की सजावट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि क्रिस्टल ट्री के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

    ध्यान देने वाली बात: ये सभी उपाय वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनसे शादी का रिश्ता मिलने या विवाह होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। जीवनसाथी की तलाश में आपसी समझ, सही संवाद, व्यक्तिगत पसंद और परिवारों के बीच तालमेल जैसे पहलुओं पर ध्यान देना भी जरूरी है।

  • 21.21 लाख रुपये के नोटों :से सजे गणपति बप्पा, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़; कड़ी सुरक्षा का इंतजाम..

    21.21 लाख रुपये के नोटों :से सजे गणपति बप्पा, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़; कड़ी सुरक्षा का इंतजाम..

    21.21 लाख रुपये के नोटों :से सजे गणपति बप्पा, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़; कड़ी सुरक्षा का इंतजाम..

    मध्य प्रदेश के उज्जैन के पास बड़नगर में गणपति बप्पा का अनोखा श्रृंगार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मेवाड़ा माली सेरी के गणेश पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा को 21 लाख 21 हजार रुपये के नोटों से सजाया गया है।

    नोटों से तैयार की गई मालाओं और आकर्षक सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंच रहे हैं। गणपति की यह अनोखी सजावट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    तीन दिन की मेहनत से तैयार हुई नोटों की मालाएं

    जानकारी के मुताबिक, इस खास सजावट को तैयार करने में आठ सदस्यों ने लगातार तीन दिनों तक मेहनत की। नोटों को व्यवस्थित तरीके से मालाओं के रूप में तैयार किया गया और फिर इन्हें गणपति बप्पा के श्रृंगार में लगाया गया।

    पूरे पंडाल को इस तरह सजाया गया है कि भगवान गणेश की प्रतिमा के आसपास नोटों की मालाएं साफ नजर आती हैं। अनोखे श्रृंगार की वजह से श्रद्धालुओं में इसे देखने को लेकर खास उत्सुकता बनी हुई है।

    21 लाख 21 हजार रुपये के नोटों की सजावट

    इस गणपति पंडाल की सबसे खास बात यहां इस्तेमाल की गई रकम है। आयोजकों के मुताबिक, करीब 21.21 लाख रुपये के नोटों का इस्तेमाल सजावट के लिए किया गया है।

    इतनी बड़ी रकम को खुले तौर पर सजावट में लगाए जाने के कारण सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

    छह CCTV कैमरों से निगरानी

    नोटों की सुरक्षा के लिए पंडाल में छह CCTV कैमरे लगाए गए हैं। आयोजन स्थल पर आने-जाने वाले लोगों और सजावट वाले हिस्से पर नजर रखी जा रही है।

    श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

    दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु

    गणपति बप्पा के इस अनोखे श्रृंगार की जानकारी फैलने के बाद आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पंडाल पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करने के साथ-साथ नोटों से की गई सजावट को भी देख रहे हैं।

    पंडाल में पहुंचने वाले लोगों के लिए यह गणपति उत्सव का एक अलग और आकर्षक अनुभव बना हुआ है।

    अनोखे श्रृंगार ने खींचा लोगों का ध्यान

    गणपति उत्सव के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा को अलग-अलग तरह से सजाने की परंपरा रही है। लेकिन बड़नगर में 21.21 लाख रुपये के नोटों से किया गया यह श्रृंगार अपनी अलग वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    नोटों से बनी मालाओं और गणपति की भव्य सजावट की वजह से यह पंडाल स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

  • जापान में 5वीं बार:  गुम हुआ iPhone 16 Pro, फिर उसी जगह मिला जहां छोड़ा था; भारतीय महिला बोली- ऐसा सिर्फ जापान में!

    जापान में 5वीं बार: गुम हुआ iPhone 16 Pro, फिर उसी जगह मिला जहां छोड़ा था; भारतीय महिला बोली- ऐसा सिर्फ जापान में!

    जापान में 5वीं बार:  गुम हुआ iPhone 16 Pro, फिर उसी जगह मिला जहां छोड़ा था; भारतीय महिला बोली- ऐसा सिर्फ जापान में!

    जापान में रहने वाली भारतीय कंटेंट क्रिएटर प्रगति का एक अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उनका दावा है कि जापान में उनका iPhone 16 Pro पांचवीं बार गुम हुआ और हर बार उन्हें वापस मिल गया। इस बार भी फोन कई घंटों तक एक जगह पड़ा रहा, लेकिन किसी ने उसे उठाया नहीं।

    प्रगति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @lucknowiinjapan पर इस अनुभव का वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि फोन खोने के बाद जब उन्होंने दूसरे डिवाइस से Apple के Find My फीचर पर उसे ट्रैक किया, तो फोन की लोकेशन करीब 600 मीटर दूर दिखाई दी।

    रात 12 बजे पहुंचीं फोन की लोकेशन पर

    प्रगति के मुताबिक, उन्हें कई घंटे बाद एहसास हुआ कि उनका फोन उनके पास नहीं है। इसके बाद उन्होंने दूसरे डिवाइस से फोन की लोकेशन देखी।

    लोकेशन करीब 600 मीटर दूर दिखाई देने पर वह रात लगभग 12 बजे वहां पहुंचीं। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने देखा कि उनका iPhone उसी जगह पड़ा था, जहां वह उसे भूलकर चली गई थीं।

    कई घंटे तक फोन वहां पड़ा रहा, लेकिन उनके मुताबिक किसी ने उसे उठाया या अपने पास रखने की कोशिश नहीं की।

    पहले भी कई जगह गुम हो चुका है फोन

    प्रगति ने बताया कि यह उनके साथ पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी वह जापान में अपना फोन अलग-अलग जगहों पर भूल चुकी हैं।

    उनके मुताबिक, एक बार फोन पुलिस स्टेशन में मिला था। इसके अलावा सब्जी बाजार और शॉपिंग के दौरान ट्रायल रूम में भी वह फोन भूल चुकी थीं। इन मौकों पर भी उन्हें अपना फोन वापस मिल गया।

    प्रगति ने मजाकिया अंदाज में कहा कि लोग अक्सर फोन की लत को खराब आदत मानते हैं, लेकिन उनके मामले में समस्या यह है कि वह फोन को लगातार चेक ही नहीं करतीं। कई बार उन्हें दो-तीन घंटे बाद याद आता है कि फोन उनके पास नहीं है।

    जापान की ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ संस्कृति का किया जिक्र

    प्रगति ने अपने अनुभव को जापान में खोई हुई चीजों को लौटाने की संस्कृति से जोड़ा। उनका कहना है कि जापान में लोग सड़क या सार्वजनिक जगह पर मिली वस्तुओं को अपने पास रखने के बजाय पुलिस या संबंधित जगह पर जमा करा देते हैं।

    इसी वजह से उन्हें बार-बार अपना फोन सुरक्षित वापस मिलने का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी दूसरे देश में लगातार पांच बार ऐसा अनुभव होना संभव होता।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स ने दिए अलग-अलग रिएक्शन

    प्रगति का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने जापान में ईमानदारी और खोई हुई चीजें लौटाने की संस्कृति की तारीफ की।

    कुछ यूजर्स ने इसे बेहद हैरान करने वाला अनुभव बताया, जबकि कई लोगों ने कमेंट में लिखा कि जापान में ऐसी घटनाएं वहां की नागरिक जिम्मेदारी और व्यवस्था की ओर इशारा करती हैं।

    हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कहानी मुख्य रूप से प्रगति द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है।

    जापान में भारतीयों के अनुभव अक्सर होते हैं वायरल

    जापान से जुड़े भारतीयों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर समय-समय पर वायरल होते रहते हैं। इनमें जापान की सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाएं, ट्रांसपोर्ट और वहां के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े अनुभव शामिल होते हैं। प्रगति का फोन गुम होने और वापस मिलने का अनुभव भी इसी तरह सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

     

     

     

     

  • पितृपक्ष में क्या खरीदना शुभ : और किन चीजों से करें परहेज? जानें श्राद्धपक्ष में खरीदारी के ये खास नियम

    पितृपक्ष में क्या खरीदना शुभ : और किन चीजों से करें परहेज? जानें श्राद्धपक्ष में खरीदारी के ये खास नियम

    पितृपक्ष में क्या खरीदना शुभ : और किन चीजों से करें परहेज? जानें श्राद्धपक्ष में खरीदारी के ये खास नियम

    पितृपक्ष में खरीदारी को लेकर भी कुछ धार्मिक मान्यताएं और नियम हैं। इस दौरान कुछ चीजों को घर लाना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। जानें पितृपक्ष में क्या खरीदना शुभ और किन चीजों को खरीदना वर्जित माना गया है।

    तृपक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय माना जाता है। मान्यता है कि पितृपक्ष में सात्विक जीवनशैली अपनाने के साथ कुछ खास चीजों को खरीदना और घर लाना भी शुभ हो सकता है। वहीं, कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिन्हें इस अवधि में खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। इस साल में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से होगी। आइए जानते हैं इस दौरान किन चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

    श्राद्ध सामग्री खरीदना शुभ

    पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण से जुड़ी सामग्री खरीदना शुभ माना जाता है। जौ, काले तिल, कुशा, चावल और चमेली का तेल जैसी चीजें इस दौरान खरीदी जा सकती हैं। इसके अलावा धूप और दीपक के साथ धार्मिक पुस्तकें खरीदना भी अच्छा माना जाता है। इन वस्तुओं का इस्तेमाल पूजा-पाठ में करने के साथ जरूरतमंद लोगों को दान भी किया जा सकता है।

    काले तिल का महत्व: पितृपक्ष में काले तिल का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, काले तिल से तर्पण करने से पितरों को संतुष्टि मिलती है। इस अवधि में काले तिल खरीदकर जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है।

    धातु के बर्तन खरीदें: तांबे, कांसे और पीतल के बर्तनों को भी पितृपक्ष में खरीदना शुभ माना जाता है। इनका इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। अपनी जरूरत और सामर्थ्य अनुसार इनमें से कोई बर्तन खरीदा जा सकता है।

    घर लाएं गंगाजल: पितृपक्ष में गंगाजल का भी विशेष महत्व माना जाता है। इसका इस्तेमाल पितृ तर्पण और पूजा-पाठ में किया जा सकता है। परंपरा के अनुसार, घर के पूजा स्थल और अन्य स्थानों पर गंगाजल का छिड़काव भी किया जाता है।

    कौन सी चीजें वर्जित

    पितृपक्ष में कुछ चीजों की खरीदारी से बचना चाहिए।

    लोहे या लोहे से बनी चीजें खरीदने से बचें।

    नए कपड़ों की खरीदारी न करें।

    सोने-चांदी के आभूषण खरीदने से परहेज करें।

    इस दौरान नया वाहन खरीदने से बचें।

    जमीन या मकान की खरीदारी न करें।

    नए जूते-चप्पल खरीदने से बचें।

    शादी या अन्य मांगलिक कार्यों से जुड़ा सामान न खरीदें।

    पितृपक्ष में नई झाड़ू खरीदने से भी बचने की मान्यता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • AI की हुकूमत अजीबोगरीब: तकनीक; साल 6000 के ‘टाइम ट्रैवलर’ के ये दावे उड़ा देंगे नींद!

    AI की हुकूमत अजीबोगरीब: तकनीक; साल 6000 के ‘टाइम ट्रैवलर’ के ये दावे उड़ा देंगे नींद!

    AI की हुकूमत अजीबोगरीब: तकनीक; साल 6000 के ‘टाइम ट्रैवलर’ के ये दावे उड़ा देंगे नींद!

    साल 6000 से लौटने का दावा करने वाले एक शख्स ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. AI की हुकूमत, सिकुड़ने वाली तकनीक और 2028 में टाइम ट्रैवल के खुलासे का सच जानिए.

    ‘Time Traveler’ From Year 6000 Weird Claim: इंटरनेट पर इन दिनों एक अजीब दावा वायरल हो रहा है. एक शख्स ने अपना चेहरा छिपाकर और आवाज बदलकर कहा है कि वह साल 6000 से आया है. यानी वह 4000 साल आगे से समय में सफर करके लौटा है. सबूत के तौर पर उसने एक धुंधली तस्वीर दिखाई है. उसकी इस कहानी को सुनकर सोशल मीडिया पर हर कोई हैरान है.

    90 के दशक का ‘सीक्रेट मिशन’

    डेलीस्टार यूके की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूब के एक रहस्यमयी चैनल पर एक अनजान शख्स सामने आया है. उसका कहना है कि वह आम इंसान नहीं है. उसके मुताबिक, 90 के दशक में वह एक सीक्रेट मिशन का हिस्सा था, जिसमें लोगों को टाइम ट्रैवल के जरिए भविष्य में भेजा जाता था. उसने अपना चेहरा छिपाया और आवाज बदली हुई थी. लोग इसे झूठ या पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा है. उसने कहा, मुझे पता है आप मानेंगे नहीं. मैं खुद भी न मानता, अगर मैंने अपनी आंखों से न देखा होता.

    भविष्य में इंसानों पर AI का राज!

    शख्स का कहना है कि साल 6000 की दुनिया बहुत आगे निकल चुकी है. वहां की तुलना में आज की हमारी दवाइयां, सरकार और टेक्नोलॉजी बहुत पुरानी और बेकार लगती हैं. वहां कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होता. एक सुपर इंटेलिजेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पूरी दुनिया को शांति से चलाता है. उसने यह भी कहा कि भविष्य में लोग अपने शरीर को छोटा करने की तकनीक सीख चुके हैं, इसलिए ज्यादा आबादी और घर की कमी जैसी कोई परेशानी नहीं है.

    सबूत के नाम पर दिखाया धुंधला फोटो

    इंटरव्यू के दौरान जब पत्रकार ने सबूत मांगा, तो उस शख्स ने एक तस्वीर दिखाई. लेकिन उस तस्वीर में कुछ साफ नजर नहीं आ रहा. वह किसी आधुनिक शहर की फोटो न लगकर एक धुंधली पेंटिंग जैसी दिख रही है. इस पर उस शख्स ने कहा कि समय में सफर करने के दौरान तस्वीरें बिगड़ जाती हैं, इसलिए फोटो धुंधली दिख रही है.

    फ्यूचर में छूट गया जिगरी दोस्त!

    इस कहानी में एक भावुक मोड़ तब आया जब वह शख्स रो पड़ा. उसने कहा कि भविष्य में उसका एक करीबी दोस्त छूट गया है. उसके मुताबिक भविष्य किसी स्वर्ग जैसा है, लेकिन लौटते समय वह अपने दोस्त को साथ नहीं ला पाया. आंखों में आंसू लिए उसने कहा, बस उसे एक बार और देखना चाहता था.

    इस इंटरव्यू को अब तक लाखों लोग देख चुके हैं, लेकिन ज्यादातर लोग और वैज्ञानिक इसे सिर्फ एक मनगढ़ंत कहानी या मजाक मान रहे हैं. वहीं उस शख्स का दावा है कि 2028 तक सच्चाई सबके सामने आ जाएगी. तब तक आप पॉपकॉर्न लीजिए और इस कहानी का मजा लीजिए.