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  • Premanand Maharaj: ऑफिस में छुट्टी के लिए झूठ बोलना पाप है या नहीं? प्रेमानंद महाराज से जानिए जवाब..

    Premanand Maharaj: ऑफिस में छुट्टी के लिए झूठ बोलना पाप है या नहीं? प्रेमानंद महाराज से जानिए जवाब..

    Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज अपने साधक और भक्तों से एकांतिक वार्तालाप करते हैं. इसके कई वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. वह एकांतिक वार्तालाप के दौरान भक्तों द्वारा किए जाने वाले सभी सवालों का जबाव देते हैं. भक्त अक्सर सामान्य जीवन और धर्म-कर्म से जुड़े सवाल पूछते हैं. एक भक्त ने महाराज जी से ऑफिस में छूट्टी के लिए झूठ बोलने के बारे में पूछा.

    छुट्टी के लिए झूठ बोलना

    एक व्यक्ति ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि, ‘मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूं. कंपनी में जरूरी काम के कारण कई बार छुट्टी नहीं मिलती है. ऐसे में कई बार दादी, फूफा या किसी अन्य रिश्तेदार की मौत का बहाना बनाकर छुट्टी लेनी पड़ती है, तो क्या छुट्टी के लिए झूठ बोलने से पाप लगता है?’ इस बात को सुनकर प्रेमानंद महाराज के चेहरे पर हंसी आ गई. इसके बाद उन्होंने इस बात का जबाव दिया.

    क्या बोले प्रेमानंद महाराज?

    इसका जबाव प्रेमानंद महाराज ने हंसते हुए एक कहावत के साथ दिया, उन्होंने बोला कि, यह सब कलयुग का प्रभाव है. ‘झूठइ लेना झूठइ देना, झूठइ भोजन झूठ चबेना’ वह बोले कि, लेकिन कुछ भी हो झूठ बोलना पाप ही होता है. ऐसा करने से बचना चाहिए. उन्होंने आगे बताया कि, ‘सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप, जाके हृदय ताप है. तांके हृदय आप’ यानी जिसके मन में सच्चाई होती है उसके मन में भगवान का वास होता है. आप अपनी कठिनाइयों से लड़ें लेकिन झूठ बोलने से बचना चाहिए.

    प्रेमानंद महाराज को वहां बैठे एक व्यक्ति ने बताया कि, वह आज भी झूठ बोलकर यहां आया है. वरना उसे वृंदावन आने के लिए छुट्टी नहीं मिलती. इसको लेकर महाराज जी ने कहा कि, भजन, धाम और भगवत प्राप्ति के लिए झूठ बोलना झूठ नहीं होता है. आप पूजा-अर्चना और भगवान के दर्शन के छुट्टी लेकर जा सकते हैं. धार्मिक कार्यों के लिए झूठ बोलना उचित हो सकता है लेकिन सांसारिक कार्यों के लिए झूठ नहीं बोलना चाहिए.

  • कारागार में भक्ति की अनोखी गाथा, जानिए तुलसीदास जी ने कैसे की थी हनुमान चालीसा की रचना..?

    कारागार में भक्ति की अनोखी गाथा, जानिए तुलसीदास जी ने कैसे की थी हनुमान चालीसा की रचना..?

    तुलसीदास जी महान संत और भगवान श्रीराम के परम भक्त थे. वह 16वीं शताब्दी के महान संत थे. वह हनुमान जी की भक्ति करते थे. तुलसीदास जी ने रामचरितमानस महाकाव्य, हनुमान चालीसा और कई महाकाव्य की रचना की थी. उन्होंने अकबर की कैद में रहकर हनुमान चालीसा की रचना की थी.

    गोस्वामी तुलसीदास जी ने मुश्किल परिस्थितियों में हनुमान चालीसा की रचना की थी.

    अकबर की कैद में लिखी थी हनुमान चालीसा?

    प्रचलित कहानियों के अनुसार, एक बार मुगल बादशाह अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास जी को अपने दरबार में बुलाया था. इसके बाद अकबर ने तुलसीदास जी से चमत्कार दिखाने के लिए कहा. उनके मना करने से अकबर ने तुलसीदास जी को फतेहपुर सीकरी के कारागार में डाल दिया था. तुलसीदास जी ने अकबर की कैद में रहने के दौरान हनुमान चालीसा की रचना की थी.

    तुलसीदास जी ने कारागार में रोजाना हनुमान जी की स्तुति की और रोजानाा एक चौपाई लिखि. इस प्रकार 40 दिनों तक अकबर की कैद में रहने के दौरान तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी. लोक कथाओं के अनुसार, तुलसीदास जी के कैद में होने के दौरान 40वें दिन बंदरों ने फतेहपुर सीकरी के कारागार में हमला कर दिया. अकबर की सेना भी उन्हें नहीं रोक पाई. इसके बाद एक दरबारी ने सलाह दी कि, तुलसीदास जी को मुक्त कर दें. अकबर ने दरबारी की सलाह मानी और तुलसीदास जी को मुक्त कर दिया गया. इसके बाद सभी बंदर भी वहां से चले गए. इस प्रकार से हनुमान चालीसा की रचना हुई थी.

  • पति टॉफी लेने गया, वापस लौटा तो कमरे का नजारा देख उड़ गए होश; 25 साल की महिला की मौत..

    पति टॉफी लेने गया, वापस लौटा तो कमरे का नजारा देख उड़ गए होश; 25 साल की महिला की मौत..

    हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के चैलचौक से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां बिहार की रहने वाली 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर अपने क्वार्टर में फंदा लगाकर जान दे दी।

    बेटे के लिए पति से मंगवाई थी टॉफी

    मृतका की पहचान मनीषा खातून, पत्नी मुश्ताकुल अली, निवासी नारायणपुर, भागलपुर (बिहार) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मनीषा अपने पति और बेटे के साथ चैलचौक में रहती थी। उसका पति पास की एक दुकान पर दर्जी का काम करता है।

    घटना से कुछ समय पहले मनीषा ने अपने बेटे के लिए पति से टॉफी लाने को कहा था। पति दुकान से टॉफी लेकर वापस क्वार्टर पहुंचा और कमरे में गया, तो वहां का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए।

    कमरे में मिला महिला का शव

    पति ने मनीषा को फंदे से लटका हुआ देखा। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    मौत की वजह तलाश रही पुलिस

    मंडी पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और महिला की मौत के पीछे की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

  • ग्वालियर में युवती से दुष्कर्म, वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया; अमृतसर से अग्निवीर गिरफ्तार

    ग्वालियर में युवती से दुष्कर्म, वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया; अमृतसर से अग्निवीर गिरफ्तार

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    ग्वालियर में एक युवती की मौत के बाद अग्निवीर विकास बघेल पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल और हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है, युवती को वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया गया था।

    ग्वालियर में एक युवती की मौत के मामले ने गंभीर आरोपों के बाद सनसनी फैला दी है। पंजाब के अमृतसर में सेना की यूनिट में तैनात एक अग्निवीर पर युवती से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, मारपीट और जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने के आरोप लगे हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान युवती की मौत हो गई। सिरोल थाना पुलिस ने मामले में हत्या, दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित अग्निवीर विकास बघेल को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है।

    शादी की बात टूटी, लेकिन फोन पर बढ़ता गया संपर्क

    पुलिस के मुताबिक सिरोल थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी की बातचीत चिनौर निवासी विकास बघेल से चली थी। दोनों ने एक-दूसरे को देखा और मोबाइल नंबर भी साझा किए, लेकिन किसी कारण से रिश्ता तय नहीं हो सका। इसके बावजूद विकास लगातार युवती के संपर्क में रहा।

    आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले उसने युवती को मिलने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अश्लील वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर युवती को ब्लैकमेल किया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

    वीडियो डिलीट करने के बहाने फिर बुलाया

    पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले विकास ग्वालियर आया था। सात अगस्त को उसने युवती को यह कहकर मिलने बुलाया कि वह उसका अश्लील वीडियो मोबाइल से डिलीट कर देगा। आरोप है कि मिलने के बाद उसने फिर युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।

    युवती ने विरोध किया तो पोसंपा रेस्त्रां के पास उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया और पानी पिलाकर आरोपित वहां से फरार हो गया।

    अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान मौत

    जहरीला पदार्थ खिलाए जाने के बाद युवती किसी तरह हजार बिस्तर अस्पताल के पास पहुंची और अपने ममेरे भाई को फोन कर बुलाया। स्वजन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    युवती का मरणासन्न बयान- दो बार कराया गर्भपात

    पुलिस ने अस्पताल में युवती का मृत्युकालिक कथन दर्ज किया था। इसमें उसने कथित तौर पर बताया कि वह करीब तीन वर्षों से प्रताड़ना झेल रही थी। उसका आरोप था कि विकास न तो उससे शादी कर रहा था और न ही उसे छोड़ रहा था। मिलने से इंकार करने पर मारपीट किए जाने की बात भी उसने कही।

    पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उसके दो बार गर्भपात कराए गए। उसने बताया कि सात अगस्त को भी उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया गया था।

    मृत्यु के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या, दुष्कर्म और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। जांच के बाद आरोपित विकास बघेल को अमृतसर से गिरफ्तार कर ग्वालियर लाया गया है। पुलिस मामले में सामने आए आरोपों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

  • अमृतसर में 10वीं के छात्र की मौत या हत्या? गले पर मिले निशान से बढ़ा संदेह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

    अमृतसर में 10वीं के छात्र की मौत या हत्या? गले पर मिले निशान से बढ़ा संदेह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

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    जंडियाला गुरु में दसवीं के छात्र गुरसेवक सिंह की संदिग्ध मौत हुई। गले पर निशान मिलने पर परिवार ने दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    अमृतसर के जंडियाला गुरु में 10वीं कक्षा के छात्र गुरसेवक सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए दो युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि गुरसेवक सिंह का गला दबाकर हत्या की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

    परिवार के अनुसार गुरसेवक सिंह पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि रखता था। वह गांव के मैदान में अक्सर फुटबाल खेलता था और अच्छा खिलाड़ी था। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    छात्र के गले पर मिले निशान

    परिवार ने पुलिस को बताया कि छात्र के गले पर निशान मिले हैं। इसी आधार पर उन्हें आशंका है कि उसका गला दबाकर हत्या की गई। परिवार ने आरोप लगाया कि दो युवकों ने कथित तौर पर गुरसेवक सिंह के साथ मारपीट की और बाद में उसका गला दबा दिया।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू की

    डीएसपी बलजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत के कारणों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि छात्र की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और वह किन लोगों के संपर्क में था। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में शादी के बाद एक ऐसा मामला सामने आया , जिसने दूल्हे और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। जिस घर में एक दिन पहले नई दुल्हन के आने से खुशियां थीं, वहां अगली सुबह अचानक हड़कंप मच गया था। रात को दुल्हन के साथ सोने वाला दूल्हा जब सुबह उठा तो वह कमरे से गायब थी।

    मामला हाथरस के सादाबाद कस्बे का बताया गया था। परिवार के मुताबिक, कुछ समय पहले झारखंड की एक युवती से युवक की शादी हुई थी। शादी पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी और दुल्हन को घर लाने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था।

    शादी की पहली रात भी सब कुछ सामान्य था। परिवार को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह उन्हें ऐसा झटका लगने वाला था।

    सुबह कमरे में नहीं मिली दुल्हन

    दूल्हे के मुताबिक, रात में दुल्हन ने उसे सो जाने के लिए कहा था। इसके बाद दोनों कमरे में चले गए थे। सुबह जब उसकी आंख खुली तो दुल्हन वहां मौजूद नहीं थी।

    परिजनों ने घर के दूसरे हिस्सों में तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। जब घर में रखे सामान की जांच की गई तो परिवार को पता चला कि कुछ नकदी और कीमती जेवर भी गायब थे।

    परिवार का दावा था कि करीब दो लाख रुपये की नकदी और कुछ आभूषण लेकर दुल्हन घर से चली गई थी। अचानक दुल्हन के गायब होने और सामान के भी नहीं मिलने से परिवार के होश उड़ गए थे।

    पहले से बनाई गई थी योजना?

    घटना के बाद आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों को आशंका थी कि दुल्हन ने यह कदम पहले से बनाई गई किसी योजना के तहत उठाया था। परिवार भी इसी दिशा में जानकारी जुटाने में लगा था।

    हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी। परिवार ने शुरुआती दौर में सामाजिक बदनामी और लोकलाज के चलते पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से परहेज किया था।

    बाद में परिजन दुल्हन की तलाश में जुट गए थे और मामले की जानकारी पुलिस को देने की तैयारी कर रहे थे। परिवार यह समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर शादी के महज एक दिन बाद दुल्हन अचानक कहां चली गई और घर से नकदी व जेवर कैसे गायब हो गए।

    एक दिन पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहां अगले ही दिन हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा था कि आखिर नई नवेली दुल्हन ने ऐसा कदम क्यों उठाया।

  • महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ समय पहले पुलिस ने चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया था। जांच के दौरान एक आरोपी को लेकर ऐसी बात सामने आई, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पूछताछ में पता चला कि वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी हो चुका था।

    मामला मुगलसराय क्षेत्र में हुई एक चोरी की जांच से जुड़ा था। पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का एक सदस्य लंबे समय से चोरी की घटनाओं में शामिल था। पूछताछ में उसके बारे में बताया गया कि वह महीने में कई बार चोरी करता था और कुछ समय तक वारदात न करने पर बेचैनी महसूस करने लगता था।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कई छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। जांच में उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अलग-अलग जगहों पर हुई वारदातों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की गई।

    पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरोह के कुछ सदस्य चोरी किए गए जेवरात का बंटवारा करने की तैयारी में थे। इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई।

    पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में रेकी करने के बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी थी कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातें की हैं और चोरी का माल कहां-कहां खपाया गया।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में सामने आई चोरी की आदत वाली बात की वजह से यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • सुधर जाओ,ये गंदा काम बंद कर दो..पति की डांट सुन पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, चीखों से दहल उठा मोहल्ला..

    सुधर जाओ,ये गंदा काम बंद कर दो..पति की डांट सुन पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, चीखों से दहल उठा मोहल्ला..

    उत्तर प्रदेश से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक महिला की घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, और शुरुआती जानकारी में जो बात सामने आई उसने लोगों को और भी चौंका दिया।

    बताया जा रहा है कि घटना से ठीक पहले पति ने अपनी पत्नी को गुटखा खाते हुए देख लिया था। इसके बाद घर में जमकर कहासुनी हुई और पति ने उसे गुटखा छोड़ने की सख्त हिदायत देते हुए डांट दिया था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामूली सी बात इतना बड़ा रूप ले लेगी।

    कुछ ही घंटों में बदल गया सब कुछ

    परिवार के मुताबिक, महिला को गुटखा खाने की आदत थी और वह अक्सर छिपकर इसका सेवन करती थी। उस दिन भी जब पति ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया, तो दोनों के बीच बहस बढ़ गई।

    कुछ ही समय बाद घर में अचानक अफरा-तफरी मच गई जब महिला की हालत बिगड़ती नजर आई। परिजन घबरा गए और तुरंत उसे अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पति की डांट के बाद महिला के इस कदम की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।

    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

    मोहल्ले में मातम, परिवार सदमे में

    इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। पड़ोसी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि एक छोटी सी बात इतनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

    परिवार गहरे सदमे में है और महिला की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

    यह मामला अब इलाके में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।

  • गर्भवती होने की बात सामने आते ही मचा हड़कंप, रिश्ते के मामा के साथ मंदिर में हुई शादी..

    गर्भवती होने की बात सामने आते ही मचा हड़कंप, रिश्ते के मामा के साथ मंदिर में हुई शादी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया था। ननिहाल में रह रही एक युवती ने जब परिजनों को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी तो घर में हड़कंप मच गया। जांच-पड़ताल के दौरान युवती के रिश्ते के मामा के साथ उसके संबंध होने की बात सामने आई।

    बताया गया था कि युवती के माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था और वह लंबे समय से अपने ननिहाल में रह रही थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां रिश्ते के मामा से बढ़ गईं। दोनों के बीच संबंध इस कदर आगे बढ़े कि युवती गर्भवती हो गई।

    जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो मामला थाने तक पहुंच गया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। घटना सामने आने के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

    बताया गया कि पुलिस कार्रवाई के बीच युवक ने युवती से शादी करने की सहमति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों की रजामंदी से गांव के मंदिर में विवाह कराने का फैसला लिया गया।

    मंदिर में ग्रामीणों और परिवार के कुछ लोगों की मौजूदगी में शादी की रस्में पूरी की गईं। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर साथ रहने का संकल्प लिया। इस दौरान गांव के कुछ जिम्मेदार लोग भी मौजूद रहे।

    रिश्तों की मर्यादा से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा हुई थी। पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामला आगे किस तरह बढ़ा, इसे लेकर भी लोगों के बीच काफी समय तक बातचीत होती रही।

  • पुरानी कब्ज में नीम के पत्ते कितने असरदार? जानें क्या कहता है आयुर्वेद और मेडिकल साइंस..?

    पुरानी कब्ज में नीम के पत्ते कितने असरदार? जानें क्या कहता है आयुर्वेद और मेडिकल साइंस..?

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    कब्ज एक आम पाचन संबंधी समस्या है, लेकिन इसका असर सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक कब्ज रहने पर पेट में भारीपन, असहजता और दिनभर की सामान्य गतिविधियों में परेशानी हो सकती है। बार-बार होने वाली कब्ज व्यक्ति की मानसिक परेशानी और तनाव को भी बढ़ा सकती है। इसलिए कब्ज को केवल एक छोटी-मोटी समस्या मानकर नजरअंदाज करने के बजाय इसके कारणों को समझना और समय रहते सही उपाय करना जरूरी है। आयुर्वेद में कब्ज का इलाज करने के लिए कई आयुर्वेदिक हर्ब्स को असरदार पाया गया है।  वेदों में नीम को सर्व रोग निवारिणी कहा गया है, जिसका मतलब है सभी बीमारियों का इलाज। नीम एक ऐसा आयुर्वेदिक पेड़ है जिसके पत्ते से लेकर उसकी छाल और उसका फूल सब औषधीय गुणों से भरपूर है।  लोग नीम के बीज, पत्तियां, नीम का रस, फल, फूल, तेल, जड़ें और छाल का इस्तेमाल दवा के तौर पर करते हैं।  पारंपरिक आयुर्वेद में नीम को औषधीय गुणों का भंडार माना गया है।

    healthifyme.com के मुताबिक नीम के एंटी-ऑक्सीडेंट और डिटॉक्सिफाइंग गुण पाचन क्रिया को सुचारू बनाने में मदद कर सकते हैं, बशर्ते इसका सेवन सही मात्रा और सही तरीके से किया जाए। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण ने बताया नीम का पत्ता पाचन के लिए अमृत की तरह असर करता है। लोग अक्सर पाचन के लिए तुलसी और करी पत्ता खाते हैं लेकिन नीम का पत्ता भी पाचन का अचूक इलाज है। आइए जानते हैं मेडिकल साइंस और आयुर्वेद के मुताबिक नीम का पत्ता कैसे पाचन को दुरुस्त करता है और बॉडी को हेल्दी रखता है।

    नीम का पत्ता कैसे पाचन को दुरुस्त करता है?

    नीम के एंटी-बैक्टीरियल गुण आंतों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने और उन्हें साफ करने में मदद करते हैं। इसके अलावा नीम मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर पाचन में सुधार करता है। यह शरीर में कफ दोष को बैलेंस करने में भी मदद करता है, जिससे शरीर में पानी जमा नहीं होता और फैट बाहर निकल जाता है।

    नीम में एंटी-फ्लैटुलेंस यानी गैस कम करने वाले और एस्ट्रिंजेंट गुण भी होते हैं, जो पाचन नली में गैस बनने से रोकते हैं। साथ ही, इसमें एंटी-एसिड गुण भी होते हैं जो पेट में ज़रूरत से ज़्यादा एसिड बनने से रोकते हैं। इसके अलावा, नीम में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। इसलिए, नीम पाउडर का सेवन करने से मल आसानी से पास होता है और कब्ज़ की समस्या नहीं होती। रोज़ सुबह खाली पेट नीम का जूस पीने से पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

    नीम का पत्ता सेहत पर कैसे करता है असर?

    इम्यूनिटी होती है मजबूत

    नीम के पत्ते का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और बॉडी का बीमारियों से बचाव होता है। नीम में कई जैविक सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण हो सकते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि नीम का पत्ता इम्यूनिटी को मजबूत करता है। Journal of Ethnopharmacology और BMC Complementary Medicine and Therapies में प्रकाशित अध्ययनों से पता चलता है कि नीम का अर्क शरीर में T-कोशिकाओं (T-cells) को सक्रिय करता है। यह लिंफोसाइट्स की संख्या बढ़ाकर शरीर के इम्यून रिस्पांस को मजबूत करता है। PubMed Central की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नीम के फ्लैवोनोइड्स शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करके फ्री रेडिकल्स को बेअसर करते हैं।

    ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी है असरदार

    ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी नीम का पत्ता असरदार साबित होता है। कुछ रिसर्च में नीम के अर्क से ब्लड शुगर कम होने की संभावना सामने आई है। हालांकि, डायबिटीज की दवा के विकल्प के तौर पर नीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। Journal of Medical Food (2021) में प्रकाशित एक क्लीनिकल ट्रायल में मेटाबॉलिक सिंड्रोम वाले मरीजों को नीम का अर्क दिया गया। 12 हफ्तों के बाद उनके फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्टप्रांडियल शुगर और HbA1c के स्तर में काफी सुधार देखा गया। Pharmacological Research की स्टडी के अनुसार नीम की पत्तियों का अर्क मसल्स में GLUT4 ट्रांसपोर्टर्स को बढ़ावा देता है, जिससे खून में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज कोशिकाओं में अवशोषित हो जाता है।

    बॉडी की सूजन करते हैं कंट्रोल

    नीम के पत्तों का सेवन करने से सूजन भी कंट्रोल रहती है। नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। नीम में मौजूद निमबीडिन (Nimbidin) और निम्बिन (Nimbin) सूजन बढ़ाने वाले प्रो-इन्फ्लेमेटरी साइटोकाइन (Cytokines) के असर को दबाते हैं। Inflammation Research और Phytotherapy Research के अध्ययनों में देखा गया कि नीम का अर्क शरीर में सूजन पैदा करने वाले साइक्लोऑक्सीजिनेज (COX) और लाइपोक्सीजिनेज (LOX) एंजाइम को ब्लॉक करता है, जिससे जोड़ों या आंतों की पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) कम होती है।

    लिवर के लिए भी हैं असरदार

    नीम के पत्तों का सेवन लिवर की हेल्थ में भी सुधार कर सकता है। नीम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट यौगिक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में मदद कर सकते हैं। Food and Chemical Toxicology और PMC (2021) में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक नीम के पत्तों का अर्क लिवर एंजाइम्स जैसे ALT (Alanine Transaminase) और AST (Aspartate Aminotransferase) के स्तर को कंट्रोल रखता है। नीम में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स लिवर के टिश्यूज को नुकसान से बचाते हैं।

    नीम के पत्ते नेचुरल ब्लड प्यूरीफायर

    नीम का सेवन करने से खून साफ होता है। ये ब्लड में मौजूद अशुद्धियों को दूर करता है। शरीर से टॉक्सिन निकालने में नीम का जूस बेहद असरदार साबित होता है। International Journal of Ayurveda Research और स्किन-डर्मेटोलॉजी से जुड़ी रिसर्च के मुताबिक, नीम खून से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर लिवर और किडनी के लोड को कम करता है। यह लिपिड पेरोक्सीडेशन (Lipid Peroxidation) को रोककर लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) का ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाव करता है।

    कब्ज का इलाज के लिए नीम का कैसे करें सेवन

    • अगर आप कब्ज का इलाज नीम से करना चाहते हैं तो आप नीम की पत्तियों का पानी पिएं। नीम की कुछ साफ पत्तियों को पीसकर पानी में मिलाएं और उसे छानकर उसका सेवन करें।  नीम को पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी परेशानियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
    • नीम की पत्तियों की चाय बनाकर करें उसका सेवन। आप 2–4 नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उसकी चाय तैयार करें। इसे पारंपरिक तौर पर पाचन और हेल्थ को दुरुस्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    • नीम का सेवन उसका पाउडर बनाकर करें। नीम की सूखी पत्तियों को पीसकर पाउडर बना लें और उसे फांक लें और फिर पानी पी लें।

    डिस्क्लेमर :यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। पुरानी कब्ज या पेट से जुड़ी गंभीर समस्याओं में नीम का सेवन करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।