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  • बकरी के दूध में छिपे हैं बड़े फायदे! गाय के दूध से भी अलग, जानें क्यों माना जाता है खास..​​​​

    बकरी के दूध में छिपे हैं बड़े फायदे! गाय के दूध से भी अलग, जानें क्यों माना जाता है खास..​​​​

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    इंसान के बच्चों को एक साल की उम्र के बाद आमतौर पर गाय का दूध पिलाना शुरू किया जाता है. गाय को माता का दर्जा दिया जाता है क्योंकि उसका दूध पोषण से भरपूर माना जाता है. लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों में एक और विकल्प उभरकर सामने आया है जो कई मामलों में गाय के दूध से बेहतर साबित हो रहा है. वह है बकरी का दूध.

    बकरी के दूध के गुण कई तरह से इंसानी ब्रेस्ट मिल्क से मिलते-जुलते हैं. प्रोटीन और फैट की संरचना ऐसी है कि शरीर इसे आसानी से अवशोषित कर लेता है. बकरी का दूध सदियों से कई संस्कृतियों में इस्तेमाल होता रहा है. भारत में भी पारंपरिक रूप से इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक रिसर्च इसकी पुष्टि कर रही है. गाय के दूध की तुलना में बकरी के दूध के फैट ग्लोब्यूल्स छोटे होते है. इससे यह पेट में जल्दी टूट जाता है और पचने में आसान रहता है. कई लोगों को गाय का दूध भारी लगता है या गैस बनाता है, लेकिन बकरी का दूध उनके लिए राहत भरा साबित होता है.

    प्रोटीन का खजाना
    प्रोटीन के मामले में भी बकरी का दूध खास है. इसमें बीटा-केसीन की मात्रा अधिक होती है जो इंसानी दूध में भी पाई जाती है. गाय के दूध में ए1 बीटा-केसीन ज्यादा होता है जो कुछ लोगों के लिए पाचन संबंधी समस्या पैदा कर सकता है. बकरी के दूध में यह कम होता है. व्हे प्रोटीन की संरचना भी इंसानी दूध के करीब होती है. अध्ययनों में पाया गया कि बकरी के दूध आधारित फॉर्मूला का पाचन समय इंसानी दूध के समान अधिक होता है जबकि गाय के दूध वाले फॉर्मूला में यह धीमा रहता है. लैक्टोज की मात्रा बकरी के दूध में थोड़ी कम होती है. इसलिए हल्के लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों को यह बेहतर लगता है. हालांकि यह पूरी तरह लैक्टोज मुक्त नहीं है.

    काफी पोषक है बकरी का दूध
    ऑलिगोसैकेराइड्स की मात्रा बकरी के दूध में गाय से कई गुना अधिक होती है. ये प्रीबायोटिक की तरह काम करते हैं और आंत के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और सूजन कम होती है. पोषक तत्वों की बात करें तो बकरी के दूध में विटामिन ए, कुछ बी विटामिन और कई मिनरल्स अच्छी मात्रा में होते हैं. कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों के लिए जरूरी हैं. पोटैशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. कुछ अध्ययनों में आयरन और सेलेनियम जैसे तत्व भी उल्लेखनीय पाए गए हैं. कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा गाय के दूध के लगभग समान या थोड़ी अधिक होती है. इंसानी ब्रेस्ट मिल्क के साथ पूर्ण समानता नहीं है. ब्रेस्ट मिल्क शिशुओं के लिए विशेष रूप से तैयार होता है जिसमें एंटीबॉडीज, एंजाइम्स और अन्य बायोएक्टिव कंपोनेंट्स होते हैं. बकरी का दूध शिशुओं के लिए सीधे विकल्प नहीं है. डॉक्टर की सलाह के बिना एक साल से कम उम्र के बच्चों को ना दें. फॉर्मूला मिल्क में इसे फोर्टिफाइड करके इस्तेमाल किया जाता है.

  • आप करते हैं Room Freshner का इस्तेमाल, तो सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक साबित…?​​​​

    आप करते हैं Room Freshner का इस्तेमाल, तो सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक साबित…?​​​​

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    घर को खुशबूदार बनाने के लिए आजकल रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल काफी आम हो गया है. बाजार में स्प्रे, प्लग-इन, ऑटोमैटिक स्प्रे, जेल, रीड डिफ्यूजर और फ्रेगरेंस बीड्स जैसे कई तरह के रूम फ्रेशनर मिलते हैं. इनसे कमरे की बदबू कुछ समय के लिए दूर हो जाती है और अच्छी खुशबू आने लगती है. लेकिन क्या रोजाना रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करना पूरी तरह सेफ है?

    क्या होता है रूम फ्रेशनर में?

    रूम फ्रेशनर में खुशबू देने वाले केमिकल, एसेंशियल ऑयल और कुछ दूसरे पदार्थ हो सकते हैं. कई लिक्विड फ्रेशनर में खुशबू वाले तेल को ऐसे सॉल्वेंट के साथ मिलाया जाता है, जिससे उसकी खुशबू हवा में फैल सके. स्प्रे वाले फ्रेशनर में गैस का इस्तेमाल भी हो सकता है. वहीं जेल और बीड्स धीरे-धीरे खुशबू छोड़ते हैं.

    रूम फ्रेशनर से पहुंच सकता नुकसान?

    रूम फ्रेशनर से खुशबू के साथ कुछ ऐसे केमिकल हवा में फैल सकते हैं. ज्यादा मात्रा में या लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने को लेकर चिंता जताई गई है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रूम फ्रेशनर की हल्की खुशबू से हर व्यक्ति बीमार हो जाएगा. असर व्यक्ति की संवेदनशीलता, इस्तेमाल की मात्रा और कमरे की हवा पर निर्भर करता है.

    अगर फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बाद खांसी, गले में जलन, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे समय पर ताजी हवा वाली जगह पर जाना बेहतर है.

    बच्चों से दूर रखें रूम फ्रेशनर

    लिक्विड रिफिल, जेल, रीड डिफ्यूजर और खुशबू वाले बीड्स बच्चों के लिए खास तौर पर खतरनाक हो सकते हैं. बच्चे इन्हें गलती से मुंह में डाल सकते हैं. इन्हें हमेशा बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें.

    ऐसे करें रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल

    रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल हमेशा कम मात्रा में करें. बंद कमरे में बार-बार स्प्रे करने से बचें और खिड़की खोलकर हवा आने-जाने दें. केवल खुशबू से बदबू छिपाने के बजाय बदबू की असली वजह को साफ करें. स्प्रे वाले फ्रेशनर को आग, मोमबत्ती और सिगरेट से दूर रखें, क्योंकि इनमें मौजूद कुछ पदार्थ आग पकड़ सकते हैं.

  • ब्रेकअप के बाद भी नहीं छूटा EX का मोह! उसे वापस पाने के लिए महिलाएं खर्च कर रहीं लाखों रुपये..​​​​

    ब्रेकअप के बाद भी नहीं छूटा EX का मोह! उसे वापस पाने के लिए महिलाएं खर्च कर रहीं लाखों रुपये..​​​​

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    ब्रेकअप के बाद अक्सर लोग दोस्तों का सहारा लेते हैं या वक्त के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं. लेकिन चीन में कई महिलाएं टूटे रिश्ते को दोबारा जोड़ने के लिए हजारों-लाखों रुपये खर्च कर रही हैं. सोशल मीडिया पर खुद को ‘रिलेशनशिप एक्सपर्ट’ बताने वाले लोग दावा करते हैं कि वे बिछड़े प्यार को वापस ला सकते हैं. दर्द में डूबी महिलाएं इन दावों पर भरोसा कर रही हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लग रही है.

    24 घंटे की कोचिंग के लिए फीस 42 हजार रुपए
    28 साल की महिला वान ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड को वापस पाने के लिए एक रिलेशनशिप कोच को 3,500 युआन (करीब 42 हजार रुपए) दिए. इसके बदले उसे एक महीने की 24 घंटे की कोचिंग मिली. शुरुआत में 90 मिनट की मुफ्त कॉल पर कोच ने कहा कि रिश्ता इसलिए नहीं टूटा क्योंकि उसका पार्टनर प्यार नहीं करता था, बल्कि उसकी असुरक्षा रिश्ते पर भारी पड़ गई.

    21 दिन तक एक्स से बात नहीं
    कोच ने वान को 21 दिन तक एक्स से बिल्कुल कॉन्टैक्ट न करने की सलाह दी. साथ ही लुक बदलने, सोशल मीडिया पर खुश, बेहतर जिंदगी दिखाने और दोबारा बात शुरू करने के खास तरीके भी सिखाए. दावा किया गया कि अगर वो ये सब मानेगी तो उसक एक्स वपस आ सकता है.

    नतीजा उल्टा निकला, एक्स ने कर दिया ब्लॉक
    वान ने पूरी सलाह मानी, लेकिन उसका एक्स उसे चैट ऐप पर ब्लॉक कर गया. जब उसने 90% सफलता वाले दावे पर सवाल किया तो उसे और महंगा पैकेज खरीदने का सुझाव दिया गया, जिसकी कीमत 9,800 युआन (करीब 1.17 लाख रुपए) थी.

    टूटे दिल को बिजनेस का जरिया बना रहे लोग
    चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #getbacktogether और #datingskills जैसे हैशटैग अरबों बार देखे जा चुके हैं. इससे साफ है कि ब्रेकअप के बाद लोग जल्दी समाधान चाहते हैं और यही कमजोरी कई कंपनियों के लिए कमाई का जरिया बन गई है. कुछ महिलाएं तो अपने रिश्ते को बचाने के लिए 20 हजार युआन (करीब 2.4 लाख रुपए) तक खर्च कर चुकी हैं.

  • बारिश में क्यों बढ़ जाती है पसीने की बदबू? ये घरेलू उपाय अपनाकर दिनभर रहें फ्रेश और खुशबूदार..​​​​

    बारिश में क्यों बढ़ जाती है पसीने की बदबू? ये घरेलू उपाय अपनाकर दिनभर रहें फ्रेश और खुशबूदार..​​​​

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    बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ उमस भी बढ़ जाती है. ज्यादा नमी की वजह से शरीर में पसीना अधिक आता है और कई लोगों को बदबू, चिपचिपापन और असहजता की समस्या होने लगती है. अगर समय पर साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो यह परेशानी और बढ़ सकती है. हालांकि, रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें अपनाकर बारिश के मौसम में भी पूरे दिन ताजगी महसूस की जा सकती है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान उपाय.

    शरीर की सफाई का रखें खास ध्यान
    बारिश के मौसम में रोज कम से कम एक बार जरूर नहाएं. अगर ज्यादा पसीना आता है, तो दिन में दो बार नहाना बेहतर रहेगा. नहाते समय अंडरआर्म्स, गर्दन, कमर, पैरों और शरीर के उन हिस्सों की अच्छी तरह सफाई करें, जहां सबसे ज्यादा पसीना आता है. इससे बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया कम होते हैं और शरीर लंबे समय तक साफ रहता है.

    परफ्यूम लगाएं
    परफ्यूम लगाने का तरीका भी उसकी खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है. इसे कलाई, कानों के पीछे, गर्दन के पीछे, कोहनी के अंदर और घुटनों के पीछे लगाएं. इन हिस्सों की गर्माहट से खुशबू धीरे-धीरे फैलती रहती है. परफ्यूम लगाने के बाद उसे हाथ से रगड़ने से बचें. चाहें तो कंघी पर हल्का-सा स्प्रे करके बालों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

    नहाने के बाद लगाएं बॉडी लोशन
    नहाने के तुरंत बाद हल्की गीली त्वचा पर बॉडी लोशन या मॉइस्चराइजर लगाएं. इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और परफ्यूम की खुशबू भी ज्यादा देर तक टिकती है. अगर एक ही ब्रांड का लोशन और परफ्यूम इस्तेमाल करें, तो इसका असर और बेहतर हो सकता है.

    डियोड्रेंट और बालों की सफाई भी जरूरी
    जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है, उन्हें रोज डियोड्रेंट या एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा बालों को नियमित रूप से शैंपू करें, ताकि उनमें जमा गंदगी और तेल साफ हो सके. दिन में दो बार दांत साफ करें, फ्लॉस करें और पर्याप्त पानी पिएं. जरूरत पड़ने पर शुगर-फ्री च्युइंग गम या मिंट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इन छोटी-छोटी आदतों से बारिश के मौसम में भी आप दिनभर ताजगी और आत्मविश्वास के साथ रह सकते हैं.

  • इस दिशा में रखें Money Plant, होगी पैसों की बारिश… लेकिन अगर कर दी ये गलती, तो हो जाएंगे कंगाल..?​​​​

    इस दिशा में रखें Money Plant, होगी पैसों की बारिश… लेकिन अगर कर दी ये गलती, तो हो जाएंगे कंगाल..?​​​​

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    घर में मनी प्लांट लगाना आम बात है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसे सही दिशा में रखने से इसका फायदा कई गुना बढ़ जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट सिर्फ हरियाली के लिए नहीं बल्कि घर में पैसों का प्रवाह यानी कैशफ्लो बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है. ऐसे में जानना जरूरी है कि इसे किस दिशा में रखें.

    दक्षिण-पूर्व दिशा है सबसे अच्छी

    वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा को धन और समृद्धि की दिशा माना जाता है. इस दिशा में मनी प्लांट रखने से घर में आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और पैसों की तंगी दूर होती है. कहा जाता है कि यह दिशा शुक्र ग्रह से जुड़ी होती है, जो धन और सुख-समृद्धि का प्रतीक है. इसलिए ज्यादातर लोग इसी दिशा को चुनते हैं.

    पूर्व दिशा भी है अच्छा ऑप्शन

    अगर आपके घर में दक्षिण-पूर्व दिशा नहीं है, तो पूर्व दिशा में भी मनी प्लांट लगाया जा सकता है. यह दिशा सूरज की पहली रोशनी लेती है, जिससे पौधे को अच्छी एनर्जी मिलती है और घर में पॉजिटिवी बनी रहती है. इससे भी घर में पैसों का आना-जाना बेहतर होता है.

    किस दिशा में नहीं रखना चाहिए

    उत्तर दिशा में मनी प्लांट रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे कुछ मान्यताओं के अनुसार सही नहीं माना जाता. इसी तरह घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने भी मनी प्लांट लगाने से मना किया जाता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से पैसा बाहर की ओर जाता है, अंदर नहीं आता.

    पौधे की देखभाल भी जरूरी है

    सिर्फ सही दिशा में रखना ही काफी नहीं है, पौधे की देखभाल भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है. सूखी या पीली पत्तियां तुरंत हटा दें, क्योंकि इन्हें नेगेटिवी का इशारा माना जाता है. पौधे को साफ रखें और समय-समय पर पानी दें, ताकि यह हरा-भरा बना रहे.

    मिट्टी में लगाएं, पानी में नहीं

    बहुत से लोग मनी प्लांट को पानी की बोतल में रखते हैं, लेकिन मान्यता है कि इसे मिट्टी के गमले में लगाना ज्यादा शुभ होता है. मिट्टी में लगा पौधा जमीन से जुड़ा रहता है, जिससे घर में स्थिरता और धन दोनों बने रहते हैं.

  • बच्चे ने चुराया पिता का सीक्रेट! 25 सेकंड में निकल गई मां की जान..​​​​

    बच्चे ने चुराया पिता का सीक्रेट! 25 सेकंड में निकल गई मां की जान..​​​​

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    कहते हैं कि बच्चे अपने माता-पिता की हर हरकत की नकल करते हैं. वे देखकर सीखते हैं. खेल-खेल में भी यही होता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाली घटना शेयर की गई. इसमें एक छोटे बच्चे ने अपने पिता की लुकाछिपी वाली सीक्रेट जगह जान ली. फिर उसी की नकल करके वह इतनी अच्छी तरह छिप गया कि घरवाले उसे ढूंढ ही नहीं पाए.

    इस दौरान सिर्फ 25 सेकंड में मां की जान निकल गई. पूरा परिवार सदमे में था. वीडियो या पोस्ट में बताया गया कि पिता अक्सर दरवाजे के पीछे छिपते थे. यह उनकी पसंदीदा जगह थी. बच्चा इसे देखता रहा और एक दिन खुद उसी जगह छिप गया. जब खेल शुरू हुआ तो परिवार वाले घर भर में ढूंढने लगे. लेकिन बच्चा नजर नहीं आया. मां की चिंता तेजी से बढ़ी. घबराहट में उनकी हालत बिगड़ गई. पिता भी उसे ढूंढने लगा लेकिन बाद में बच्चा सुरक्षित मिल गया.

    लुका-छिपी पड़ी महंगी
    यह घटना याद दिलाती है कि बच्चों के खेल कितने सहज और निर्दोष लगते हैं लेकिन कभी-कभी अनजाने में बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं. लुकाछिपी जैसे पारंपरिक खेल पीढ़ियों से खेले जाते रहे हैं. वे बच्चों में छिपने, ढूंढने और धैर्य की आदत डालते हैं. लेकिन घर के अंदर या आसपास खतरनाक जगहों पर छिपना घातक हो सकता है. फ्रिज, वॉशिंग मशीन, ट्रंक, पानी की टंकी या बंद कमरों में छिपने से कई दुखद घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. माता-पिता को बच्चों की निगरानी हमेशा रखनी चाहिए. खेल के दौरान घर के हर कोने की जांच करें। खासकर छोटे बच्चों के साथ कभी अकेला ना छोड़ें. दरवाजे के पीछे या तंग जगहों को सीक्रेट स्पॉट ना बनाएं. बच्चों को सिखाएं कि सुरक्षित जगहों पर ही छिपें जहां हवा आती-जाती रहे और आसानी से खोला जा सके.

    अक्सर होते हैं हादसे
    इस तरह की घटनाओं से मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है. अचानक बच्चे के गायब होने का सदमा माता-पिता को पैनिक अटैक या हार्ट अटैक तक पहुंचा सकता है. खासकर अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो. 25 सेकंड का समय बहुत कम लगता है लेकिन घबराहट में शरीर का रिएक्शन तेजी से बिगड़ सकता है. इसलिए शांत रहना और व्यवस्थित तरीके से ढूंढना जरूरी है. घर में बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं. खतरनाक जगहों को लॉक रखें. बड़े फर्नीचर या दरवाजों के पीछे की जगहें बंद करें. खेल शुरू करने से पहले नियम बना लें कि कहां छिप सकते हैं और कहां नहीं. अगर बच्चा लंबे समय तक ना मिले तो तुरंत मदद लें. पड़ोसियों या पुलिस को सूचित करें।

     
  • आप भी मेहनत करते हैं, फिर भी दूसरे निकल जाते हैं आगे? Psychology बताती है असली वजह..​​​​

    आप भी मेहनत करते हैं, फिर भी दूसरे निकल जाते हैं आगे? Psychology बताती है असली वजह..​​​​

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    क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर एक जैसे हालात में क्यों कुछ लोग जल्दी सफल हो जाते हैं? जबकि कुछ लोग बार-बार मेहनत करने के बाद भी पीछे रह जाते हैं… साइकोलॉजी कहती है कि इसकी एक बड़ी वजह हमारी सोच और भरोसा हो सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंसान को सिर्फ वह नहीं मिलता जो वह चाहता है, बल्कि वह अपने भरोसे से लिए फैसले और उसी दिशा में उठाए कदम को हासिल करता है. यही वजह है कि पॉजिटिव सोच के साथ खुद पर भरोसा रखना बहुत जरूरी माना जाता है.

    कहते हैं जो लोग मानते हैं कि वे अपनी मानसिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं, उनमें खुश रहने और तनाव से बेहतर तरीके से निपटने के चांस ज्यादा होते हैं. यानी बदलाव की शुरुआत इस भरोसे से होती है कि आप बदलाव ला सकते हैं.

    किन चीज़ों पर दिमाग देगा ध्यान

    एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हमारा दिमाग हर समय आसपास की सभी चीजों पर ध्यान नहीं देता. वह उन्हीं बातों और मौकों को ज्यादा पहचानता है, जिन पर हमारा भरोसा और फोकस होता है. इसलिए अगर आप खुद को काबिल मानते हैं, तो आपको मौके भी ज्यादा दिखाई देने लगते हैं.

    नेगेटिव सोच भी डालती है असर

    जिस तरह अच्छी उम्मीदें हमें आगे बढ़ा सकती हैं, उसी तरह लगातार नेगेटिव सोच भी नुकसान पहुंचा सकती है. अगर कोई व्यक्ति पहले से मान ले कि वह सफल नहीं होगा, तो उसका कॉन्फिडेंस और कोशिश दोनों कमजोर पड़ सकते हैं.

    खुद पर भरोसा रखना है जरूरी

    साइकोलॉजी के अनुसार, जब इंसान अपनी काबिलियत पर भरोसा करता है, तो वह नए मौके अपनाने, मेहनत करने और मुश्किल समय में भी डटे रहने की कोशिश करता है. उसकी यही आदत लंबे समय में सफलता की संभावना बढ़ाती है.

    सिर्फ सोच ही काफी नहीं

    पॉजिटिव सोच का मतलब यह नहीं कि बिना मेहनत किए सब कुछ मिल जाएगा. सही सोच तभी असर दिखाती है, जब उसके साथ लगातार मेहनत, सही फैसले और पेशेंस भी जुड़ा हो. केवल इच्छा करने से नहीं, बल्कि उस दिशा में कदम बढ़ाने से बदलाव आता है.

    अगर आप अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं, तो सबसे पहले खुद पर भरोसा करना सीखें. अपनी कमजोरियों की जगह अपनी काबिलियत पर ध्यान दें और रोज छोटे-छोटे कदम उठाएं. आपकी सोच आपके फैसलों को बदलती है, फैसले आपकी आदतों को और आदतें धीरे-धीरे आपकी पूरी जिंदगी की दिशा तय कर सकती हैं.

  • अगर घर में दिख रहे हैं ये संकेत, तो होने वाली है आपकी बल्ले-बल्ले.. क्योंकि होने वाला है मां लक्ष्मी का आगमन..​​​​

    अगर घर में दिख रहे हैं ये संकेत, तो होने वाली है आपकी बल्ले-बल्ले.. क्योंकि होने वाला है मां लक्ष्मी का आगमन..​​​​

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    वास्तु शास्त्र की हमारे जीवन में खास जगह होती है. यह केवल घर की बनावट तक ही नहीं होता, बल्कि हमारे जीवन की ऊर्जा, सुख और मानसिक शांति से भी जुड़ा हुआ है. ऐसा माना जाता है कि यदि हम वास्तु के नियमों का पालन करते हैं, तो जीवन में पॉजिटिव बदलाव होते हैं. वहीं, कुछ ऐसे भी संकेत होते हैं जो इस बात का इशारा करते हैं कि हमारे घर में मां लक्ष्मी का आगमन हो चुका है या होने वाला है. चलिए बताते हैं आपको उन संकेतों के बारे में.

    हरी-भरी तुलसी का पौधा

    अगर आपके घर की तुलसी अचानक अधिक हरी-भरी और स्वस्थ दिखने लगे, तो यह बेहद शुभ संकेत माना जाता है. तुलसी को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. इसका अच्छा विकास इस बात का संकेत है कि घर में पॉजिटिव एनर्जी आने वाली है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी हुई है.

    अचानक धन लाभ के संकेत

    यदि बिना किसी मेहनत किए आपको आर्थिक लाभ होने लगे या इनकम के नए अवसर मिलने लगें, तो यह भी शुभ संकेत है. यह इस बात को दर्शाता है कि आपके जीवन में आर्थिक लाभ के द्वार खुल रहे हैं और मां लक्ष्मी की कृपा आपके ऊपर बनी हुई है.

    घर में खुशहाली और पॉजिटिविटी

    जब घर का माहौल बिना किसी कारण के शांत और खुशहाल बनने लगे, तो इसे भी शुभ संकेत माना जाता है. परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ना इस बात का संकेत है कि घर में पॉजिटिव एनर्जी दाखिल हो रही है.

    सुबह अच्छी खबर मिलना

    अगर आपके दिन की शुरुआत अच्छी खबरों या पॉजिटिव घटनाओं से होने लगे, तो यह भी मां लक्ष्मी की कृपा का संकेत माना जाता है. ऐसा होना आपके जीवन में खुशियों के आगमन को दर्शाता है.

    घर में सुगंध का अनुभव

    अगर घर में बिना किसी कारण के एक अच्छी सुगंध महसूस हो, तो यह भी एक शुभ संकेत है. वास्तु शास्त्र के अनुसार यह मां लक्ष्मी की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है.

  • विवाह में आ रही रुकावट या शादीशुदा जिंदगी में तनाव? मां मंगला गौरी की पूजा से जुड़े उपाय जानें..?​​​​

    विवाह में आ रही रुकावट या शादीशुदा जिंदगी में तनाव? मां मंगला गौरी की पूजा से जुड़े उपाय जानें..?​​​​

    सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना जाता है. इसी महीने के मंगलवार को मां गौरी की पूजा करने की भी परंपरा है. सावन के मंगलवार को की जाने वाली इस पूजा को मंगला गौरी पूजा कहा जाता है. मान्यता है कि मां गौरी की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना पूरी होती है. खासतौर पर विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों के लिए इस पूजा को शुभ माना जाता है.

    मंगला गौरी पूजा का क्या महत्व है?

    धार्मिक मान्यता के अनुसार मां गौरी को सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. सावन के मंगलवार को उनकी पूजा करने से विवाह में आ रही परेशानियों को दूर करने और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाने की कामना की जाती है. ज्योतिष में मंगल दोष को भी विवाह में देरी या परेशानी से जोड़ा जाता है. ऐसे में मंगला गौरी की पूजा को मंगल दोष से जुड़ी परेशानियों के लिए भी शुभ माना जाता है.

    विवाह में देरी हो रही हो तो ऐसे करें पूजा

    जिन कन्याओं का विवाह लंबे समय से नहीं हो पा रहा है, वे सावन के मंगलवार को सुबह या शाम मां गौरी की पूजा कर सकती हैं. मां के सामने घी का चौमुखी दीपक जलाएं. इसके बाद 16 फूल या 16 प्रकार के फूल अर्पित करें. इनमें लाल फूल जरूर रखें. मां को लाल चुनरी और लौंग भी चढ़ाएं. इसके बाद ‘ऊं ह्रीं गौर्ये नमः’ मंत्र का जाप करें. जाप पूरा होने के बाद मन में अच्छे जीवनसाथी और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें.

    पति-पत्नी के बीच तनाव हो तो करें ये उपाय

    अगर पति-पत्नी के बीच बार-बार विवाद होता है या आपसी संबंध अच्छे नहीं हैं, तो शाम के समय मां गौरी की पूजा करें. उनके सामने घी के तीन दीपक जलाएं. मां के चरणों में सिंदूर, इत्र और 16 इलायची अर्पित करें. इसके बाद “ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे’ मंत्र का 11 माला जाप करें. पूजा के बाद इलायची को प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है.

    रिश्ता टूटने की स्थिति में क्या करें?

    अगर वैवाहिक जीवन में परेशानी बहुत बढ़ गई है और रिश्ता टूटने की स्थिति में पहुंच गया है, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार मध्य रात्रि में मां गौरी और भगवान शिव की संयुक्त पूजा की जा सकती है. दोनों को वस्त्र अर्पित करें. मां गौरी को सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, आभूषण, मेहंदी, काजल, शीशा और आलता जैसी सुहाग सामग्री चढ़ाएं. इसके बाद ‘ऊं गौरीशंकराय नमः’ मंत्र का 11 माला जाप करें और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करें.

  • प्रेग्नेंसी समझकर लोग देते रहे बधाई, लेकिन पेट फूलने की असली वजह सामने आई तो मचा हड़कंप​​​​

    प्रेग्नेंसी समझकर लोग देते रहे बधाई, लेकिन पेट फूलने की असली वजह सामने आई तो मचा हड़कंप​​​​

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    फूलता ही जा रहा था महिला का पेट, लोग समझ रहे थे गर्भवती, डॉक्टर को दिखाया तो खिसकी पैरों तले जमीन!

    लंदन. यूके के स्विंडन शहर की रहने वाली 51 वर्षीय डेब्स डनहम की जिंदगी में कुछ साल पहले एक ऐसा खौफनाक मोड़ आया, जिसने उनकी सेहत, पहचान और आत्मविश्वास को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया. साल 2020 में जब डेब्स 44 साल की थीं और अपनी नॉर्मल व हेल्दी लाइफ जी रही थीं, तब अचानक उनका पेट अजीब तरीके से बाहर निकलने लगा. जिम में साइकिल चलाते समय बार-बार उनका घुटना पेट से टकराने लगा. शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य मानते हुए मेनोपॉज का असर समझा. वे लगातार पुदीने की चाय पीने लगीं और पेट की गैस कम करने की दवाइयां निगलने लगीं. लेकिन पेट का आकार रुकने के बजाय दिन-ब-दिन बढ़ता ही गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बाहर निकलने पर लोग उन्हें गर्भवती समझने लगे. खुद उनके पति ने भी टोकते हुए कहा कि वे दिखने में प्रेग्नेंट लग रही हैं.

    डेब्स इतनी असहज महसूस करने लगीं कि उन्होंने शीशे के सामने जाना और पति के सामने कपड़े बदलना तक बंद कर दिया. जब कोई भी घरेलू नुस्खा काम नहीं आया और पेट गुब्बारे की तरह फूलता चला गया, तो वे डॉक्टर के पास पहुंचीं. डॉक्टरों ने तुरंत एमआरआई स्कैन और ब्लड टेस्ट किए. इसके बाद जब रिपोर्ट सामने आई तो डेब्स और उनके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. उनके पेट के अंदर 20 सेंटीमीटर बड़ा कैंसरयुक्त ट्यूमर तेजी से बढ़ रहा था. जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी कर पेट में जमा तरल पदार्थ को बाहर निकाला और गर्भाशय हटाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया. सर्जरी पूरी तरह सफल रही और डेब्स कैंसर से मुक्त हो गईं. लेकिन इस गंभीर इलाज और सर्जिकल मेनोपॉज ने उनके शरीर पर भारी असर डाला. कैंसर के तनाव और बदले हुए हार्मोनल असंतुलन के कारण उनकी खाने-पीने की आदतें बुरी तरह बिगड़ गईं.

    डेब्स इसकी वजह से डिप्रेशन में चली गईं और बहुत ज्यादा खाना खाने लगीं, जिसके चलते उनका वजन बढ़कर लगभग 99 किलो तक पहुंच गया. उनके साइज के कपड़े छोटे पड़ने लगे. बीमारी के बाद ये भी एक ऐसा दौर था, जब वजन बढ़ने से डेब्स का आत्मविश्वास दोबारा डगमगाने लगा. लेकिन सितंबर 2023 में उन्होंने हार न मानते हुए खुद को बदलने का फैसला किया. उन्होंने वजन घटाने वाले इंजेक्शनों का सहारा लेने के बजाय संतुलित पोषण और सही पोर्शन कंट्रोल वाली डाइट प्लान की मदद ली. उन्होंने पोर्शन-कंट्रोल मील डिलीवरी का तरीका अपनाया और 9 महीनों के भीतर लगभग 29 किलो वजन कम कर लिया. आज 51 साल की उम्र में डेब्स पूरी तरह फिट हैं और उनकी शादीशुदा जिंदगी में भी पुरानी खुशियां लौट आई हैं.