
मसल्स दिखाने के दौरान आ गया हार्ट अटैक (इमेज- सोशल मीडिया)
इन दिनों जिम में अचानक हार्ट अटैक आने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे कई सीसीटीवी और मोबाइल फुटेज वायरल हो रहे हैं जिनमें युवा वर्कआउट के दौरान या उसके तुरंत बाद बेहोश होकर गिरते दिखते हैं. इसी कड़ी में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक युवक जिम में अपने बाइसेप्स बनाकर पोज दे रहा था. वह अपनी मसल्स को फ्लेक्स करके कैमरे के सामने दिखा रहा था. अचानक उसे हार्ट अटैक आ गया और वह जिम के फर्श पर निढाल होकर गिर पड़ा।
आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी. इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है. वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिखता है कि युवक अपनी बॉडी को फ्लेक्स कर रहा है. वह दोनों हाथों से बाइसेप्स को टाइट करके पोज दे रहा है. उसके चेहरे पर मेहनत और गर्व की भावना साफ झलक रही है. लेकिन कुछ ही सेकंड में उसका शरीर कांपने लगता है. वह संतुलन खो देता है और सीधे फर्श पर गिर जाता है.
आ गया हार्ट अटैक
वीडियो में देख सकते हैं कि मोमेंट को रिकॉर्ड कर रहा शख्स तुरंत उसके पास पहुंचता है. लेकिन बताया जा रहा है कि उसकी हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत पड़ गई. इस वीडियो को देखकर लोग हैरान रह गए हैं. कई लोगों ने कमेंट कर लिखा कि जिम अब सिर्फ फिटनेस की जगह नहीं रह गई बल्कि जानलेवा साबित हो रही है. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे हादसों की संख्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि युवा भारी वर्कआउट के तुरंत बाद रील बनाने या फोटो खिंचवाने के लिए सांस रोककर लंबे समय तक मसल्स फ्लेक्स करते हैं. जब व्यक्ति भारी वजन उठाता है तो शरीर में ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है. वर्कआउट के दौरान दिल तेज धड़कता है और ब्लड प्रेशर बढ़ता है. ऐसे में अगर व्यक्ति सांस रोककर पोज लेने लगे तो शरीर और दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. इसे वाल्सल्वा मैन्यूवर कहा जाता है. इसमें सांस रोकने से ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और दिल पर अचानक बोझ पड़ जाता है. कई युवा बिना वार्म-अप के या ओवरट्रेनिंग करके भी यही गलती करते हैं. फिटनेस जरूरी है लेकिन दिखावे और सोशल मीडिया के दबाव में शरीर की सीमाओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.
बदल रहा है फिटनेस वर्ल्ड
आजकल इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लाखों फॉलोअर्स वाले फिटनेस इंफ्लुएंसर अपनी परफेक्ट बॉडी दिखाते हैं. युवा उन्हें देखकर जल्दी रिजल्ट पाने की होड़ में लग जाते हैं. कई लोग सप्लीमेंट्स का अंधाधुंध इस्तेमाल करते हैं. कुछ स्टेरॉयड जैसी चीजों का सहारा लेते हैं जो दिल के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं. डिहाइड्रेशन, कम नींद, अनियमित खानपान और तनाव भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा देते हैं. जिम में एसी की ठंडक में पसीना नहीं आने पर कई लोग पानी कम पीते हैं जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि 20 से 35 साल की उम्र के युवाओं में हार्ट अटैक के मामले पहले कम होते थे लेकिन अब ये तेजी से बढ़ रहे हैं. एक अध्ययन के अनुसार जिम में होने वाले कई कार्डियक इवेंट्स में ओवरएक्सर्शन और गलत तकनीक मुख्य वजह होती है. जब व्यक्ति भारी वजन उठाकर तुरंत पोज लेता है तो कोरोनरी आर्टरीज पर दबाव बढ़ता है. अगर किसी को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या फैमिली हिस्ट्री ऑफ हार्ट डिजीज है तो जोखिम और बढ़ जाता है. कई युवा नियमित चेकअप नहीं कराते. वे सोचते हैं कि जिम जाने से वे पूरी तरह स्वस्थ हैं. लेकिन जिम जाना स्वस्थ होने की गारंटी नहीं है.



















