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  • दिन में था 10 करोड़ की लागत से बना पुल… रात में हो गया गायब… लोग हैरान..

    दिन में था 10 करोड़ की लागत से बना पुल… रात में हो गया गायब… लोग हैरान..

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    छत्तीसगढ़ के सूरजुपर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम धोंधा स्थित नदी पर बना पुल रातभर हुई बारिश में बह गया. पुल का निर्माण 10 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था. निर्माण के बाद से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे. पुल पर जहां-तहां दरारें दिखाई दे रही थीं. इसी बीच गुरुवार को रातभर बारिश हुई. सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं और नदी की ओर गए तो पुल बह चुका था. यह नजारा देखते ही लोग हैरान रह गए. जिस पुल से होकर दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही होती थी, वह देखते ही देखते पानी की तेज धारा में गायब हो चुका था. कहीं पिलर उखड़े पड़े थे, कहीं स्लैब पानी में समा गई थी और पुल का लंबा हिस्सा नदी की धार में बह चुका था. अब लोग निर्माण एजेंसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं.

    निर्माण में अनियमितता का आरोप  
    ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण में कथित तौर पर भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण पुल पहले से ही कमजोर हो चुका था. वाहनों की आवाजाही के साथ पुल के अलग-अलग हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी थीं और समय के साथ इसकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई. गुरुवार देर रात हुई बारिश से पानी का दबाव बढ़ते ही पुल भरभराकर गिर पड़ा और देखते ही देखते तेज धार में बह गया.

    आवागमन में परेशानी
    ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण की मजबूती सिर्फ कागजों पर ही रही. पुल ध्वस्त होने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. इससे नदी के दोनों ओर रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही जिम्मेदार विभाग ने इसकी स्थिति का गंभीरता से परीक्षण किया होता तो शायद आज यह नौबत नहीं आती.

    स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप
    पुल टूटने की घटना ने प्रतापपुर क्षेत्र में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में सड़क, पुल, रपटा और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के बजाय कागजी प्रक्रिया को अधिक महत्व दिया जाता है. उनका कहना है कि कहीं सड़क खराब हो रही है तो कहीं पुल और रपटा पहली ही बारिश में जवाब दे रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्यों में कथित मिलीभगत और लापरवाही के कारण सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है.

    कार्रवाई की मांग
    ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण कराए जाने की बात कही जा रही है. इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी पुल इतनी जल्दी कैसे जर्जर हो गया, यह बड़ा सवाल है. उन्होंने निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, विभागीय अधिकारियों और गुणवत्ता परीक्षण की भूमिका की जांच की मांग शुरू कर दी है. उनका कहना है कि जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

  • महंगे स्किन केयर को भूल जाइए! चावल का पानी बना सकता है चेहरे को Glass Skin जैसा चमकदार..

    महंगे स्किन केयर को भूल जाइए! चावल का पानी बना सकता है चेहरे को Glass Skin जैसा चमकदार..

    चेहरे को ग्लोइंग और साफ रखने के लिए लोग कई घरेलू नुस्खे आजमाते हैं. इन्हीं में चावल का पानी यानी राइस वॉटर भी शामिल है. माना जाता है कि इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. यही वजह है कि कई स्किन केयर प्रोडक्ट्स में भी राइस वॉटर का इस्तेमाल किया जाता है. तो चलिए आपको बताते हैं कि रोजाना राइस वॉटर से फेस वॉश करने के फायदे के बारे में.

    कोलेजन को मिल सकता है सपोर्ट
    चावल के पानी पर हुई कुछ रिसर्च में इसके स्किन के लिए फायदेमंद होने के संकेत मिले हैं. साल 2013 की एक स्टडी में कुछ समय तक चेहरे पर फर्मेंटेड राइस वॉटर का इस्तेमाल किया गया था. इसमें स्किन की सूजन कम होने और कोलेजन से जुड़े कुछ फायदे देखने को मिले. कोलेजन त्वचा को हेल्दी और जवां बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है.

    एजिंग के निशान कम करने में मदद
    चावल के पानी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से स्किन को बचाने में मदद कर सकते हैं. इसके चलते फाइन लाइंस और झुर्रियों जैसे एजिंग के कुछ निशान कम नजर आ सकते हैं. हालांकि, इसे किसी पक्के एंटी-एजिंग इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

    ड्राई स्किन को मिल सकती है राहत
    अगर आपकी स्किन अक्सर रूखी और खिंची-खिंची रहती है, तो राइस वॉटर कुछ राहत दे सकता है. इसका इस्तेमाल स्किन में नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है. इससे त्वचा पहले के मुकाबले सॉफ्ट और फ्रेश नजर आ सकती है.

    घर पर कैसे बनाएं चावल का पानी
    चावल का पानी बनाने के लिए सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद साफ चावल में पानी डालकर करीब 30 मिनट के लिए छोड़ दें. अब चावल को छानकर पानी को एक साफ कंटेनर में रख लें. इसी पानी का इस्तेमाल चेहरा धोने के लिए किया जा सकता है. अगर आपके पास समय कम है, तो चावल उबालने के बाद बचे हुए पानी को भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस्तेमाल करने से पहले पानी को पूरी तरह ठंडा कर लें.

    इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
    राइस वॉटर घरेलू नुस्खा है और हर व्यक्ति की स्किन पर इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ा सा पानी त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर पैच टेस्ट कर लें. अगर जलन, लालिमा या खुजली हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें. अगर चेहरे पर ज्यादा एक्ने, पिंपल या कोई दूसरी स्किन समस्या है, तो घरेलू नुस्खे आजमाने से पहले स्किन एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है. साथ ही, राइस वॉटर को स्किन केयर रूटीन का हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन इससे तुरंत ग्लो मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

  • अटल जी ने लिखी कविता, जगजीत सिंह ने गाया और कंपोज किया; ऐसे बनी ‘क्या खोया क्या पाया’ की यादगार धुन..

    अटल जी ने लिखी कविता, जगजीत सिंह ने गाया और कंपोज किया; ऐसे बनी ‘क्या खोया क्या पाया’ की यादगार धुन..

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    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ राजनीति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी कविताओं के लिए भी जाने जाते थे. उनकी लिखी पंक्तियों में जिंदगी, अकेलापन, संघर्ष और इंसानी भावनाओं की गहरी झलक दिखाई देती है. ऐसी ही एक चर्चित रचना ‘क्या खोया क्या पाया’ है, जिसे गजल सम्राट जगजीत सिंह ने अपनी आवाज और संगीत से ऐसा रूप दिया कि कविता का मूल भाव पूरी तरह बरकरार रहा.

    ‘संवेदना’ का हिस्सा था ‘क्या खोया क्या पाया’
    ‘क्या खोया क्या पाया’ को 2002 में आए चर्चित सहयोगी एल्बम ‘संवेदना’ (Samvedna) में शामिल किया गया था. इस पूरे प्रोजेक्ट में देश की राजनीति, साहित्य, संगीत और सिनेमा से जुड़े कई बड़े नाम एक साथ आए थे. अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें कविताएं लिखीं और उन्हें अपनी आवाज में पेश भी किया. वहीं जगजीत सिंह ने इन कविताओं को संगीत दिया और अपनी आवाज में गाया.

    एल्बम में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान भी जुड़े
    ‘संवेदना’ सिर्फ अटल जी और जगजीत सिंह की वजह से खास नहीं था. एल्बम के लिए प्रस्तावना जावेद अख्तर ने लिखी थी, जिसे अमिताभ बच्चन ने अपनी दमदार आवाज में पेश किया था. इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के चर्चित म्यूजिक वीडियो में सुपरस्टार शाहरुख खान भी नजर आए थे, जिसका निर्देशन खुद यश चोपड़ा ने किया था.

    अटल जी की कविताओं के पीछे था गहरा दर्द
    जगजीत सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी बैठकों के दौरान कविता और उसके पीछे की भावनाओं को लेकर बातचीत होती थी. अटल जी ने उन्हें समझाया था कि उनके जीवन में आया गहरा अकेलापन और देश के मुश्किल दौर ने उनके भीतर के कवि को और मजबूत किया. उनकी कई संवेदनशील रचनाओं पर इमरजेंसी के दौर में झेला गया कारावास और उस समय का व्यक्तिगत व सामूहिक दर्द भी असर डालता था.

    जगजीत सिंह ने करीब तीन साल तक तैयार किया संगीत
    जगजीत सिंह ने अटल जी की कविताओं को संगीत देने में जल्दबाजी नहीं की. उन्होंने करीब तीन साल तक ‘संवेदना’ की अवधारणा और इन कविताओं की धुनों पर काम किया. उनकी कोशिश थी कि संगीत कविता के शब्दों पर हावी न हो. इसलिए उन्होंने धुन को बेहद सादगी के साथ रखा, ताकि अटल जी की लिखी पंक्तियों की संवेदनशीलता, दार्शनिक गहराई और उनमें छिपा अकेलापन उसी तरह सामने आए.

    अटल जी की एक शर्त ने बदल दिया था पूरा नजरिया
    जगजीत सिंह अटल जी की रचनाओं को सामान्य राजनीतिक कविताओं की तरह पेश नहीं करना चाहते थे. उनका मकसद इन शब्दों को इंसान की जिंदगी, अकेलेपन, मृत्यु और मुश्किल समय में बने रहने की ताकत से जोड़ना था. अटल जी की शर्त भी यही थी कि कविता के मूल भाव और शब्दों के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. जगजीत सिंह ने इसी बात का ध्यान रखते हुए संगीत को इतना सधा हुआ रखा कि कविता की अपनी पहचान बनी रहे. यही वजह है कि ‘क्या खोया क्या पाया’ सिर्फ एक कविता का संगीतबद्ध रूप नहीं लगा, बल्कि अटल जी के शब्दों और जगजीत सिंह के संगीत का ऐसा मेल बना, जिसमें दोनों की अपनी-अपनी पहचान साफ सुनाई देती है.

  • हेयर फॉल और डैंड्रफ से हैं परेशान… तो बालों पर लगाएं फिटकरी… और फिर देखें कमाल..

    हेयर फॉल और डैंड्रफ से हैं परेशान… तो बालों पर लगाएं फिटकरी… और फिर देखें कमाल..

    Get Rid of Hair Fall with Alum: आज के समय में शायद ही ऐसा कोई हो, जो बालों के झड़ने की समस्या से परेशान न हों. बारिश के मौसम में तो हेयर फॉल और डैंड्रफ की समस्या और बढ़ जाती है. यदि आप हेयर फॉल और डैंड्रफ से हैं परेशान तो आपकी परेशानी एक छोटी सी फिटकरी दूर कर सकती है. जी हां, बालों के लिए फिटकरी को रामबाण मना जाता है. आपको मालूम हो कि फिटकरी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया और फंगस को कम करने में मदद कर सकते हैं. फिटकरी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण स्कैल्प पर जमा गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल को साफ करने के साथ डैंड्रफ और खुजली जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मदद कर सकती है. हम आपको बता रहे हैं फिटकरी को बालों में कैसे लगाना है?

    ऐसे लगाएं बालों में फिटकरी 
    1. फिटकरी और गुलाब जाल

    आप फिटकरी को गुलाब जल में मिलाकर बालों पर लगा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आप फिटकरी का पाउडर लें. इसके बाद गुलाब जल दें. अब फिटकरी और गुलाब जल को मिलाकर पतला पेस्ट बना लें. फिर इस फिटकरी और गुलाब जल के पेस्ट को स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाएं. इस पेस्ट को 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद नॉर्मल पानी से बालों को अच्छी तरह से धो लें. आपको मालूम हो कि इस दिन बालों में शैंपू न लगाएं आप अगले दिन बालों में शैंपू लाकर स्नान कर सकते हैं.

    2. फिटकरी और नारियल तेल
    यदि आपके बाल झड़ रहे हैं और डैंड्रफ की समस्या है तो आप फिटकरी और नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले फिटकरी का पाउडर और नारियल तेल लेना होगा. अब आप दो बड़े चम्मच हल्के गर्म नारियल तेल में एक छोटा चम्मच फिटकरी पाउडर मिलाएं. फिर इस पेस्ट को स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाएं. अब इस पेस्ट को 30 से 40 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर बालों को शैंपू से अच्छी तरह धो लें. ऐसा महीने में कुछ दिन करने से हेयर फॉल नहीं होगा और डैंड्रफ की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा.

    3. फिटकरी और अंडा
    यदि आपके बाल झड़ रहे हैं और डैंड्रफ की समस्या है तो आप फिटकरी और अंड़ा का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप फिटकरी के पाउडर में एक अंडा मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें. फिर इस मिश्रण को स्कैल्प और बालों पर लगाएं. इसको लगाने के 20 से 30 मिनट बाद बालों को पानी से धो लें और फिर शैंपू कर लें. ऐसा कुछ दिन करने से हेयर फॉल की समस्या दूर हो जाएगी. डैंड्रफ भी दूर हो जाएंगे.

    फिटकरी लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

    • फिटकरी कुछ लोगों के स्कैल्प को रूखा या इरिटेट कर सकती है. ऐसे में इसे पूरे सिर पर लगाने से पहले हाथ या स्कैल्प के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट कर लेना चाहिए.
    • बालों पर फिटकरी का इस्तेमाल हफ्ते में एक से दो बार से ज्यादा करने से बचें.
    • डैंड्रफ लगातार बना रहता है, स्कैल्प पर ज्यादा खुजली, लालिमा या घाव हो रहे हैं तो डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लिए बिना बालों में फिटकरी न लगाएं.
  • प्रेमी के लिए घर से भागी 3 बच्चों की मां, पति ने पकड़ा तो नहीं किया विरोध… करा दी दोनों की शादी..

    प्रेमी के लिए घर से भागी 3 बच्चों की मां, पति ने पकड़ा तो नहीं किया विरोध… करा दी दोनों की शादी..

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    उत्तर प्रदेश के चंदौली में पति-पत्नी और वो का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. पिछले 4 महीने से अपने आधी उम्र के प्रेमी के साथ फरार 3 बच्चों की मां को उसके पति ने पकड़ा और घर वापस चलने की मिन्नतें की. लेकिन बावजूद इसके जब पत्नी पति के साथ घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई. तो पति ने अपनी मौजूदगी में अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ करा दी. चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.

    आधी उम्र के युवक के प्यार में 3 बच्चों की मां-
    दरअसल चंदौली के सकलडीहा तहसील क्षेत्र के डैना गांव का रहने वाला जीवनाथ राजभर दिल्ली में रहकर वेल्डिंग का काम करता था. उसकी पत्नी सरिता अपने तीन बच्चों के साथ गांव में ही रहती थी. इसी दौरान तकरीबन 45 साल की सरिता का अफेयर अपनी आधी से भी कम उम्र के अजय नाम के एक युवक से हो गया. अजय गाजीपुर जनपद के गहमर गांव का रहने वाला है और ट्रेन में मूंगफली बेचने का काम करता है.

    प्रेमी के साथ फरार हो गई महिला-
    बताया जाता है कि सरिता की अजय से मुलाकात ट्रेन में ही हुई थी और दोनों में प्रेम संबंध बन गया था. उधर, जब इस बात की जानकारी सरिता के पति जीवनाथ को हुई तो उसने एतराज जताया. इसके बाद तकरीबन 4 महीना पहले सरिता अपने तीनों बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी अजय के साथ घर से फरार हो गई. उसके पति जीवनाथ ने उसे काफी ढूंढने का प्रयास किया. लेकिन वह नहीं मिली. 2 दिन पहले मंगलवार को अचानक सकलडीहा रेलवे स्टेशन पर जीवनाथ की मुलाकात अपनी पत्नी सरिता और उसके प्रेमी अजय से हो गई. जीवनाथ ने एक बार फिर अपने बच्चों का वास्ता दिया और कहा कि तुम वापस घर चलो. लेकिन काफी प्रयास के बाद भी सरिता अपने पति जीवनाथ के साथ घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई.

    पति ने प्रेमी के साथ कराई शादी-
    इसके बाद जीवनाथ ने जो किया, वह काफी हैरान कर देने वाला था. जीवनाथ अपनी पत्नी और उसके प्रेमी अजय को लेकर सकलडीहा तहसील पहुंचा और मैरिज रजिस्ट्रार के ऑफिस में अपनी पत्नी और उसके प्रेमी की शादी करा दी. सरिता का कहना था कि उसका पति खर्च के लिए उसको पैसे नहीं देता है और साथ ही साथ उसके साथ लड़ाई झगड़ा भी करता है. लिहाजा वह उसके साथ नहीं रहेगी और बच्चों को भी अपने साथ नहीं ले जाएगी. वहीं, जीवनाथ ने बताया कि मैं तो चाहता हूं कि यह मेरे साथ रहे, लेकिन जब यह मेरे साथ रहने के लिए तैयार नहीं है तो हम क्या ही कर सकते हैं.

  • मोबाइल चोरी हुआ तो घबराएं नहीं! इन सेटिंग्स से बैंक से जुड़ा आपका पैसा रहेगा सुरक्षित..

    मोबाइल चोरी हुआ तो घबराएं नहीं! इन सेटिंग्स से बैंक से जुड़ा आपका पैसा रहेगा सुरक्षित..

    Phone हो गया चोरी... डर रहा सता कि Banking App से निकाल न ले कोई पैसा... तो इन सेटिंग्स को करें सेट, Bank से कनेक्शन रहेगा हमेशा जुड़ा

    मौजूदा समय में मोबाइल फोन सिर्फ बात करने के इस्तेमाल नहीं आता. बल्कि इसमें बैंकिंग ऐप, UPI ऐप, डिजिटल वॉलेट और इंवेस्टमेंट से जुड़ी कई जरूरी जानकारी रहती है. ऐसे में सोचें कि अगर फोन खो जाए, तो आपका कितना जरूरी डेटा किसी और के हाथ लग सकता है. होता भी ऐसा ही है जब लोगों का फोन खोता है तो वह सोचते हैं कि कहीं कोई व्यक्ति बैंक खाते का गलत इस्तेमाल न कर ले, जिससे बैंक खाता खाली हो जाए. लेकिन केवल फोन हाथ लग जाने से बैंक खाते से पैसे निकालना आसान नहीं होता, क्योंकि बैंकिंग ऐप में कई सेफ्टी लेयर्स होती हैं.

    क्या कोई भी बैंक खाते से पैसे निकाल सकता है?

    आमतौर पर बैंकिंग ऐप से पैसे भेजने के लिए स्क्रीन लॉक, ऐप पासवर्ड, MPIN, बायोमेट्रिक या UPI PIN की जरूरत होती है. इसलिए सिर्फ फोन मिलने से कोई व्यक्ति सीधे पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकता. लेकिन अगर फोन में स्क्रीन लॉक नहीं है, और बैंकिंग ऐप पहले से लॉगिन है या PIN और पासवर्ड फोन में सेव हैं, तो खतरा बढ़ सकता है.

    फोन खोते ही सबसे पहले क्या करें?

    अगर आपका फोन चोरी हो गया है, तो इंतजार न करें. सबसे पहले फोन को Find My Device जैसी सुविधा से खोजने या दूर से लॉक करने की कोशिश करें. अगर फोन वापस मिलने की उम्मीद नहीं है, तो अगर पॉसिबल हो तो उसे रिमोट तरीके से डेटा डिलीट भी कर सकते हैं.

    इसके बाद अपनी मोबाइल कंपनी से संपर्क करके SIM बंद करवाएं. ऐसा करना जरूरी है, क्योंकि बैंक के OTP और दूसरे जरूरी मैसेज आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आते हैं. इसके साथ ही अपने बैंक को भी फोन खोने की जानकारी दें, ताकि जरूरत पड़ने पर बैंक जरूरी कार्रवाई कर सके.

    बैंक खाते पर रखें नजर

    फोन सेफ रखने के बाद भी कुछ दिनों तक अपने बैंक खाते पर नजर बनाएं रखें. बैंक से आने वाले SMS, अकाउंट स्टेटमेंट और UPI ट्रांजैक्शन देखें. अगर कोई ऐसा लेनदेन दिखता है जो आपने नहीं किया है, तो तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें. जल्दी शिकायत करने से बैंक मामले की जांच शुरू कर सकता है और आगे की जरूरी प्रक्रिया कर सकता है.

    किन बातों का रखें हमेशा ध्यान

    फोन में हमेशा मजबूत स्क्रीन लॉक और बायोमेट्रिक सेफ्टी लोक रखें. बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड या UPI PIN को फोन की नोट्स या मैसेज में सेव न करें. सभी बैंक खातों के ट्रांजैक्शन अलर्ट चालू रखें. नया फोन लेने पर पुराने फोन से बैंकिंग ऐप को लॉगआउट करके ही उसे रीसेट करें.

  • पनीर खरीदने वालो हो जाएं सावधान! व्हाइटनिंग एजेंट से बनाया जा रहा ..

    पनीर खरीदने वालो हो जाएं सावधान! व्हाइटनिंग एजेंट से बनाया जा रहा ..

    पनीर खरीदने वालो हो जाएं सावधान! व्हाइटनिंग एजेंट से बनाया जा रहा नकली पनीर, 1038 किलो माल नष्ट

    आमतौर पर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माने जाने वाले पनीर को लोग सेहतमंद भोजन समझकर परिवार की थाली में शामिल करते हैं, लेकिन मोदीनगर के नाहली गांव में पनीर के नाम पर जिस तरह का खेल सामने आया है, वह खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सेहत दोनों के लिए गंभीर चिंता पैदा करता है. यहां तीन डेयरियों में दूध और क्रीम से प्राकृतिक तरीके से पनीर-खोया तैयार करने के बजाय वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, एसिटिक एसिड, सफेद चूर्ण और रानीपाल जैसे पदार्थों के इस्तेमाल से पनीर तैयार किए जाने के प्रमाण मिले हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में मौके से 868 किलोग्राम पनीर और 170 किलोग्राम खोया, यानी कुल 1038 किलोग्राम खाद्य सामग्री, नष्ट कराई गई.

    उत्पादन परिसर में मिली भारी गंदगी आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने कल बीती 12 अगस्त की रात करीब 11 बजे ग्राम नाहली में मैसर्स तोमर डेयरी, कलवा डेयरी और शकील डेयरी पर एक साथ छापा मारा. जांच के दौरान तीनों इकाइयों के उत्पादन परिसर में न केवल भारी गंदगी और अस्वच्छता मिली, बल्कि पनीर और खोया निर्माण में ऐसे पदार्थों के इस्तेमाल के प्रमाण भी मिले, जिनका इस तरह खाद्य पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल उपभोक्ताओं के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है.

    मिल्क पाउडर, वनस्पति और रानीपाल से बना रहे थे नकली पनीर जांच में सामने आया कि शकील डेयरी में मिल्क पाउडर, वनस्पति और रानीपाल समेत अन्य अपमिश्रक रसायन मिले. कलवा डेयरी में रिफाइंड पामोलीन ऑयल और अन्य अपमिश्रक रसायन पाए गए, जबकि तोमर डेयरी में वनस्पति और सफेद पाउडर बरामद हुआ. इन पदार्थों का इस्तेमाल पनीर निर्माण में किए जाने की बात सामने आई. यानी जिस पनीर को उपभोक्ता दूध की मलाई और प्रोटीन से तैयार प्राकृतिक खाद्य पदार्थ समझकर खरीदता है, उसकी जगह लागत घटाकर और मात्रा बढ़ाकर तैयार किए जाने वाले मिश्रण का इस्तेमाल किया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा टीम ने तीनों इकाइयों से पनीर, खोया, वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड पाम ऑयल, एसिटिक एसिड, सफेद चूर्ण, रानीपाल, दूध और क्रीम समेत कुल 20 नमूने लिए हैं. इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है. प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन खाद्य पदार्थों में किस स्तर तक मिलावट और अपमिश्रण किया गया था.कपड़े चमकाने वाले रसायन तक का खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल इस कार्रवाई में सबसे गंभीर पहलू रानीपाल की बरामदगी है.

    रानीपाल का इस्तेमाल सामान्य तौर पर डिटर्जेंट पाउडर, लिक्विड डिटर्जेंट और फैब्रिक व्हिटनर जैसे उत्पादों में कपड़ों का पीलापन दूर कर उन्हें अधिक सफेद दिखाने के लिए किया जाता है. ऐसे पदार्थ के खाद्य निर्माण में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आना ही खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और उपभोक्ता स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर चेतावनी है. खाद्य पदार्थ को देखने में सफेद और आकर्षक बनाने के लिए यदि किसी औद्योगिक व्हाइटनिंग एजेंट का सहारा लिया जाए तो उपभोक्ता के साथ छल के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकता है.

    868 किलोग्राम पनीर जब्त अस्वच्छ परिस्थितियों और खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के चलते टीम ने मौके पर ही 868 किलोग्राम पनीर, जिसकी अनुमानित कीमत 2.11 लाख रुपये है, तथा 170 किलोग्राम खोया, जिसकी कीमत करीब 50,800 रुपये बताई गई, नष्ट करा दिया. इसके अलावा पनीर और खोया बनाने के लिए रखे गए 25 किलो सफेद पाउडर, चार किलो वनस्पति और 153 किलो रिफाइंड पामोलीन ऑयल को जब्त किया गया.

    खाद्य पदार्थों में अपमिश्रकों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए तीनों डेयरी संचालकों के खिलाफ थाना भोजपुर में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है. फिलहाल लिए गए 20 नमूनों की जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में अहम होगी. रिपोर्ट से यह भी सामने आएगा कि तैयार पनीर और खोया में इस्तेमाल किए गए पदार्थ किस स्तर तक खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत थे.

  • हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए..?

    हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए..?

    हाइड्रेट रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए? जानें हाइड्रेट रहने के आसान टिप्स

    पानी हमारे शरीर की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है. शरीर के हर सेल, टिश्यू और अंग को सही से काम करने के लिए पानी चाहिए. यह शरीर का तापमान सामान्य रखता है, पोषक तत्वों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता है और बेकार चीजों को बाहर निकालने में मदद करता है. सांस लेने, पसीना आने और पेशाब के जरिए दिनभर शरीर से पानी निकलता रहता है. अगर इसकी भरपाई न हो तो डिहाइड्रेशन हो सकता है,

    जिससे थकान, सिरदर्द और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में हमें पता होना चाहिए कि आखिर स्वस्थ रहने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए. चलिए हम आपको बताते हैं…दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए? एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में करीब 2.7 से 3.7 लीटर फ्लूइड की जरूरत होती है. इसमें सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि चाय, कॉफी, दूध, जूस और खाने से मिलने वाला पानी भी शामिल है. खाने से ही शरीर को करीब 20 प्रतिशत पानी मिल जाता है. इसलिए हर किसी को रोज 3 से 4 लीटर सिर्फ सादा पानी पीना ही जरूरी नहीं है.शरीर में पानी की कमी को कैसे पहचानें? जब शरीर में पानी कम होता है तो सबसे पहले प्यास लगती है और पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है. पर्याप्त पानी पीने पर पेशाब का रंग हल्का पीला या साफ रहता है.

    पानी की कमी से सिरदर्द, थकान और चक्कर आना भी आम है. अगर डिहाइड्रेशन बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो सोचने में परेशानी या घबराहट जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है.किन लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है? जो लोग रोज ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं या जिन्हें बहुत पसीना आता है, उन्हें ज्यादा पानी पीना चाहिए. गर्म और नमी वाले मौसम में भी पानी की जरूरत बढ़ जाती है. उल्टी, दस्त या बुखार में शरीर से तेजी से पानी निकलता है, इसलिए ज्यादा फ्लूइड लेना जरूरी है. प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भी महिलाओं को ज्यादा पानी की सलाह दी जाती है. कुछ किडनी और यूरिन की समस्याओं में भी डॉक्टर ज्यादा पानी पीने को कहते हैं.

  • पहले पति से लव मैरिज, 5 बच्चों के बाद दूसरे से हुआ प्यार… पति ने मंदिर में कराई दोनों की शादी..

    पहले पति से लव मैरिज, 5 बच्चों के बाद दूसरे से हुआ प्यार… पति ने मंदिर में कराई दोनों की शादी..

    उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में एक अनोखी शादी की चर्चा हो रही है. एक पति ने अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी. पति ने पत्नी के प्रेम प्रसंग और लगातार पारिवारिक विवाद के बाद मंदिर में शादी कराई. दोनों की शादी 21 साल पहले हुई थी. इस दंपति के 5 बच्चे हैं. लेकिन अब पति ने पत्नी को प्रेमी के पास भेज दिया. इस शादी की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है.

    21 साल पहले की थी लव मैरिज- धनघटा विधानसभा के डेवरी गांव निवासी बुद्धिराम निषाद की शादी करीब 21 वर्ष पहले फूलमती से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी. दंपति के पांच बच्चे हैं. पिछले कुछ समय से फूलमती का गांव के ही अवधेश नाम के व्यक्ति से प्रेम संबंध था. करीब दो महीने पहले वह घर छोड़कर अवधेश के साथ चली गई थी.

    पति ने अब प्रेमी से मंदिर में कराई शादी- परिजनों और ग्रामीणों के समझाने के बाद जब फूलमती वापस लौटी, तब भी पारिवारिक विवाद समाप्त नहीं हुआ. इसके बाद बुद्धिराम ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का निर्णय लिया. ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में अशरफपुर स्थित शिव मंदिर में फूलमती और अवधेश का विवाह कराया गया. विवाह के बाद बुद्धिराम ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए विदा कर दिया.

    पत्नी की खुशी के लिए फैसला किया- पति पति का कहना है कि करीब 21 साल पहले हमने भी प्रेम विवाह किया था, लेकिन अब पत्नी का मन मेरे साथ नहीं था. जब वह किसी और के साथ अपना जीवन बिताना चाहती थी, तो मैंने उसकी खुशी को स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया. मैं शांति से अपना जीवन जीना चाहता हूं.

    पति ने पत्नी की शादी प्रेमी से कराई तो इसकी चर्चा पूरे इलाके में होने लगी. इस दंपति के 5 बच्चे हैं. अब सवाल उठता है कि ये बच्चे किसके साथ रहेंगे? अपने पिता के साथ रहेंगे या अपनी मां के साथ रहेंगे.

  • अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी, तभी महिला ने खोल दी आंखें! 17 घंटे बाद जिंदा होने की कहानी चौंकाएगी..

    अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी, तभी महिला ने खोल दी आंखें! 17 घंटे बाद जिंदा होने की कहानी चौंकाएगी..

    कफन आ गया था, चल रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी, 17 घंटे बाद जिंदा हो गई महिला, जानें पूरा कहानी

    उत्तर प्रदेश के आगरा में 65 साल की शीला देवी की जिंदगी और मौत से जुड़ी कहानी ने हर किसी को हैरान कर दिया था. जिस बुजुर्ग महिला को मृत मानकर परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुका था, परिवार के मुताबिक करीब 17 घंटे बाद उनके शरीर में हलचल महसूस हुई और उन्हें जीवित पाया गया. लेकिन जिंदगी और मौत से करीब 9 दिन तक जंग लड़ने के बाद रविवार को शीला देवी की मौत हो गई.

    चल रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी- शीला देवी आगरा के ट्रांस यमुना कॉलोनी के श्रीनगर क्षेत्र में अपने बेटे सुनील माहौर के साथ रहती थीं. वह सांस की बीमारी से पीड़ित थीं और उनका इलाज बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में चल रहा था. 30 जुलाई को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिवार शीला देवी के शव को आगरा ले आया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं.

    कफन तक आ गया था, फिर हुआ चमत्कार- परिवार के मुताबिक, अंतिम संस्कार के लिए कपड़े और फूल-मालाएं तक मंगवा ली गई थीं. इसी दौरान शीला देवी के दामाद ने उनके पैर छुए. परिवार का दावा है कि पैर छूते ही उन्हें शरीर में हलचल महसूस हुई. इसके बाद शीला देवी ने कथित तौर पर बातचीत भी की और पूछा कि सभी लोग क्यों रो रहे हैं और उन्हें कहां ले जा रहे हैं.

    17 घंटे बाद जिंदा हो गई महिला- बुजुर्ग महिला को जीवित पाकर परिवार में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद शीला देवी का इलाज आगरा के घटिया आजम खां स्थित पार्क हॉस्पिटल में चल रहा था. परिवार को उम्मीद थी कि वह जिंदगी की जंग जीतकर वापस घर लौटेंगी, लेकिन रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

    शीला देवी के दूसरे बेटे संजीव बदायूं के एक निजी अस्पताल में कार्यरत बताए जाते हैं. अब मां की मौत के बाद संजीव ने पार्क हॉस्पिटल के इलाज और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

    5 लाख का बिल, इलाज पर सवाल- संजीव का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों को अस्पताल की खुद की कंपनी और लोकल ब्रांड की दवाइयां दी जाती हैं. उनका आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ मरीजों की ठीक से देखभाल नहीं करता था. परिवार का यह भी दावा है कि इलाज के दौरान अस्पताल की ओर से करीब पांच लाख रुपये का बिल थमाया गया.

    बेटे ने की कार्रवाई की मांग- मां की मौत के बाद अब बेटे ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है. संजीव का कहना है कि वह पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से करेंगे और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग करेंगे.

    हालांकि, अस्पताल पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पार्क हॉस्पिटल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है. ऐसे में अब जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि शीला देवी के इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं.

    9 दिन तक मौत से लड़की रही महिला- जिस परिवार ने नौ दिन पहले शीला देवी को मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी, उसी परिवार को उनके जीवित होने से नई उम्मीद मिली थी. लेकिन नौ दिन बाद वही उम्मीद फिर मातम में बदल गई. अब शीला देवी की मौत के बाद बेटे के आरोपों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज के खर्च को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.