नशे के कारोबार के खिलाफ धमतरी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। कुरूद पुलिस ने स्कूल के पास हेरोइन (चिट्टा) बेचने की फिराक में घूम रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.1 ग्राम हेरोइन, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
धमतरी जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिलेभर में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कुरूद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम छाती स्थित एनएच-30 हाईस्कूल के पास दो व्यक्ति हेरोइन (चिट्टा) बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1.1 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 36 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कुरूद थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ए) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाहिद खान निवासी संजय नगर, कुरूद और केशवराम ध्रुव निवासी संजय नगर, कुरूद के रूप में हुई है।
सुबह की शुरुआत अगर एक फ्रेश और हेल्दी ड्रिंक से हो, तो पूरा दिन एनर्जेटिक बना रहता है। आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और असंतुलित खानपान के बीच खुद को डिटॉक्स करना बेहद ज़रूरी है। ऐसे में सुबह खाली पेट खीरा और पुदीने का जूस पीना आपके शरीर के लिए वरदान साबित हो सकता है। यह न सिर्फ आपको ताजगी देता है, बल्कि शरीर को अंदर से साफ कर कई बीमारियों से दूर रखता है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि सुबह खाली पेट खीरे और पुदीना का जूस पीने से क्या होता है।
1. शरीर को करता है डिटॉक्स
रात भर में हमारे शरीर में कई तरह के हानिकारक टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं। खीरे में भरपूर मात्रा में पानी और फाइबर होता है, जबकि पुदीना अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। जब आप खाली पेट इसका सेवन करते हैं, तो यह लिवर और किडनी को साफ करने में मदद करता है और शरीर के सारे गंदे टॉक्सिन्स को बाहर निकाल फेंकता है।
2. वजन घटाने में मददगार
अगर आप बढ़ते वजन या पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो यह जूस आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। खीरे और पुदीने के जूस में कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है और पानी की मात्रा बहुत अधिक। इसे सुबह पीने से आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जिससे फैट बर्न होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। साथ ही, यह लंबे समय तक आपका पेट भरा रखता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।
3. पाचन तंत्र के लिए
गैस, एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी पेट की समस्याओं के लिए यह जूस रामबाण साबित होता है। पुदीने में मौजूद ‘मेंथॉल’ पाचक एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना आसानी से पचता है। वहीं, खीरे की ठंडी तासीर पेट की जलन और एसिडिटी को तुरंत शांत करती है। सुबह खाली पेट इसे पीने से आपका पेट पूरी तरह साफ रहता है।
4. नेचुरल ग्लोइंग स्किन
कहा जाता है कि आपकी स्किन वैसी ही दिखती है, जैसा आपका पेट होता है। जब यह जूस आपके खून को साफ करता है और शरीर को हाइड्रेट रखता है, तो इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर दिखता है। खीरे में मौजूद सिलिका और पुदीने के एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों, दाग-धब्बों को कम करते हैं और त्वचा को अंदर से चमकदार और बेदाग बनाते हैं।
5. डिहाइड्रेशन से बचाए
गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है। खीरे में लगभग 95% पानी होता है। सुबह खाली पेट इस जूस को पीने से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है, जिससे आप दिनभर हाइड्रेटेड और फ्रेश महसूस करते हैं। यह शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
भिलाई के स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र स्थित कोहका के एक ओयो होटल में मंगलवार रात प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के सामने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान कैंप निवासी 19 वर्षीय शादाब शेख के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 6 बजे युवक और उसकी प्रेमिका कोहका स्थित होटल कुणाल के एक कमरे में ठहरे थे। बताया जा रहा है कि रात में दोनों ने जमकर शराब पी, जिसके बाद किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। युवती नशे की हालत में सो गई। इसी दौरान युवक ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बुधवार सुबह जब युवती की नींद खुली तो उसने युवक को फंदे पर लटका देखा। उसने उसे नीचे उतारा और अपने दोस्तों को बुलाया। इसके बाद युवक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर स्मृतिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस होटल के कर्मचारियों, दोस्तों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से मंगलवार दोपहर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 50 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ राजस्थान के बीकानेर निवासी रामनिवास 20 को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 500-500 रुपये के नकली नोटों की 10 गड्डियां मिलीं। प्रत्येक गड्डी के ऊपर और नीचे केवल नोट प्रिंट थे, जबकि बीच में सादे कागज के टुकड़े थे। पुलिस ने बरामद गड्डियों की कीमत 50 लाख रुपये आंकी है। मंगलवार को आरोपी को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी के बैग में रखी सभी गड्डियां सफेद पारदर्शी प्लास्टिक में पैक थीं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली के पहाड़गंज से इन नकली गड्डियों को लेकर कोलकाता जा रहा था। वह लोगों को अधिक रकम का लालच देकर नकली नोटों की गड्डियों को असली बताकर सौंप देता था। पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को ठगकर अवैध कमाई कर रहा था। जीआरपी थाना प्रभारी अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि गड्डियां उसे दिल्ली में कहां से मिलीं, इसके पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय है और इस नेटवर्क में उसके अन्य साथी कौन हैं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली से प्रयागराज पहुंचा था और यहां से उसे कोलकाता जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी। अब यह सवाल उठ रहा है कि दिल्ली से कोलकाता के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध थीं, तो आरोपी प्रयागराज में क्यों उतरा? क्या वह यहां किसी से मिलने वाला था या किसी को नकली गड्डियां सौंपने की तैयारी में था? फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सूरजपुर । जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। रामानुजनगर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 दरिंदों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पति के सामने आरोपियों ने की दरिंदगी
पुलिस के मुताबिक, घटना 27 जून की देर शाम की है। पति-पत्नी बाजार गए थे और देर शाम अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पति शराब के नशे में सो गया। इसका फायदा उठाकर चार युवकों ने महिला को जबरन पास के एक खेत में ले जाकर उसका मुंह दबाया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
वहीं इस घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
धमतरी। जिले में लूट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। बदमाशों ने पहले चाकू की नोक पर पीड़ित पिता-पुत्र से 50 हजार रुपये नगद लूट लिए और इसके बाद उन्हें धमकाकर क्यूआर (QR) कोड के जरिए 28 हजार 500 रुपये अपने बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर भी करा लिए। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग बालक को भी पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, घटना 6 जुलाई की रात करीब 10 बजे की है। मनीष सोनवानी अपने पिता के साथ छोटा हाथी वाहन से मवेशियों को ग्राम रिवागहन लेकर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम दर्री और गुजरा के बीच एक तूफान वाहन में सवार चार लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने पहले गाली-गलौज करते हुए पिता-पुत्र के साथ मारपीट की। इसके बाद चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनके पास मौजूद 50 हजार रुपये नगद लूट लिए। वारदात यहीं नहीं रुकी। बदमाशों ने पीड़ित को डराकर क्यूआर कोड के माध्यम से 28 हजार 500 रुपये भी अपने बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना भखारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर लगातार दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस चारों आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तूफान वाहन, एक धारदार चाकू, तीन मोबाइल फोन तथा लूटी गई रकम में से 30 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं।
पुलिस ने आरोपी नागेंद्र साहू, नीरज ध्रुवंशी और विनय ध्रुवंशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। वहीं, मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। कानूनी प्रावधानों के तहत उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद गंभीर और झकझोरने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने शौहर और ससुराल पक्ष के लोगों पर उत्पीड़न के संगीन आरोप मढ़े हैं. पीड़िता का दावा है कि निकाह के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके बाद उसके साथ मारपीट कर उसे तीन तलाक दे दिया गया. इतना ही नहीं, आरोप है कि दोबारा निकाह कराने का झांसा देकर उसे वापस ससुराल बुलाया गया और फिर कथित तौर पर हलाला की आड़ में उसके सगे जेठ ने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया. इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस ने पति, जेठ और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा कायम कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
निकाह के बाद से ही शुरू हुआ जुल्म का सिलसिला
पूरा वाकया शेरकोट कस्बे का है. यहां की रहने वाली पीड़िता का निकाह करीब एक साल पहले नहटौर के मोहल्ला सादात निवासी नदीम के साथ हुआ था. महिला के मुताबिक, उसकी शादी में मायके वालों ने हैसियत के मुताबिक फ्रिज, वाशिंग मशीन, सोफा सेट, डबल बेड, फर्नीचर, मोटरसाइकिल, सोने-चांदी के जेवरात और दो लाख रुपये कैश समेत तमाम घरेलू सामान दिया था. इसके बावजूद ससुराल के लोग इस दान-दहेज से नाखुश थे और शादी के बाद से ही उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे. पीड़िता का आरोप है कि बीती 19 मई की रात करीब 11 बजे उसके पति नदीम ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. महिला ने बताया कि पेट पर लात मारे जाने के कारण उसके ऑपरेशन के टांकों में भी तेज दर्द शुरू हो गया और इसी गहमा-गहमी के बीच पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर आधी रात को घर से बाहर खदेड़ दिया.
थाने के बाहर समझौता और हलाला की घिनौनी शर्त
पीड़िता के अनुसार, अगले दिन वह न्याय की गुहार लेकर नहटौर थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दी. आरोप है कि थाने के बाहर ही उसका पति और ससुराल के अन्य लोग मिल गए, जिन्होंने दोबारा निकाह करके साथ रखने का भरोसा दिया और उसे समझा-बुझाकर वापस घर ले आए. महिला का दावा है कि 30 मई को दोबारा निकाह संपन्न होने से ठीक पहले उसके पति ने एक घिनौनी शर्त सामने रख दी. पति ने साफ कहा कि दोबारा निकाह करने से पहले उसे उसके बड़े भाई (जेठ) वसीम के साथ हलाला की प्रक्रिया से गुजरना होगा, तभी वह उसे दोबारा अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करेगा.
विरोध करने पर बंधक बनाया और जबरन बनाए शारीरिक संबंध
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसने इस कुप्रथा और शर्त का पुरजोर विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद उसके जेठ वसीम ने हलाला के नाम पर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए. पीड़िता का यह भी संगीन आरोप है कि इस वारदात के बाद उसे घर के भीतर ही कैद कर दिया गया, ताकि वह बाहर न निकल सके और अपने मायके वालों से किसी भी तरह का संपर्क न साध पाए. जब भी उसने इस कैद का विरोध किया, तो उसके साथ दोबारा मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया. कुछ समय बीतने के बाद उसने किसी तरह गुपचुप तरीके से अपने परिवार को आपबीती बताई, जिसके बाद उसकी भाभी ससुराल पहुंची और उसे अपने साथ मायके ले आई.
एसपी के हस्तक्षेप के बाद जेठ, पति और जेठानी पर मुकदमा दर्ज
पीड़िता का आरोप है कि मायके आने के बाद जब उसने दोबारा नहटौर थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया, तो स्थानीय स्तर पर केस दर्ज नहीं किया गया. इसके बाद उसने हार न मानते हुए बिजनौर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात की और लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा. एसपी के कड़े निर्देश के बाद नहटौर पुलिस हरकत में आई और पति नदीम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट व अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया. वहीं, मुख्य आरोपी जेठ वसीम के खिलाफ दुष्कर्म (रेप) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है. इस पूरे कृत्य में सहयोग करने के आरोप में जेठानी नगमा को भी मुकदमे में नामजद किया गया है.
इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार ने एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. पुलिस टीम इस पूरे मामले की हर एक पहलू से बारीकी से तफ्तीश कर रही है और जांच के दौरान जो भी नए साक्ष्य या तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
गीली मिट्टी की खुशबू, ठंडी हवाएं और बारिश की बूंदों की आवाज, ये मानसून के मौसम को सुहावना बना देती हैं। ये मौसम भीषण गर्मी से राहत दिलाता है और हवा में ठंडक लेकर आता है। बारिश के दिनों में लोग तला भुना बहुत खाने लगते हैं। चाय के साथ पकौड़े, समोसे-कचौड़ी खाना लोगों को खूब पसंद होता है। लेकिन आप ये नहीं जानते कि ये मौसम बीमारियों और इंफेक्शन का भी है। इस मौसम में बाहर का खाना सबसे जल्दी खराब होता है। जिससे बीमार पड़ने में देर नहीं लगती। इसलिए बाहर की ये कुछ चीजें आपकी सेहत के लिए खतरा हो सकती हैं।
बारिश के मौसम में अगर गरम-गरम पकौड़े, चाय और भुने हुए भुट्टे मिल जाएं, तो दिन बन जाता है। लेकिन आशा आयुर्वेद क्लीनिक की डॉक्टर शर्मा ने बताया कि यही मौसम अपने साथ कुछ ऐसे बदलाव लाता है जो आपके शरीर पर प्रभाव डालते हैं। पहले उन बदलावों को जान लेना जरूरी है। मानसून का मौसम वातावरण में नमी और ठंडक लाता है। आयुर्वेद के अनुसार यही मौसम आपके शरीर में वात और पित्त के असंतुलन का कारण बनता है।
वात असंतुलन-
नमी और ठंडी हवा के कारण शरीर में वात बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में दर्द, अकड़न, बदन दर्द और थकान होती है।
पित्त असंतुलन-
गर्मी के बाद बारिश का मौसम जमीन से भाप छोड़ता है जो प्रकृति में एसिडिक होता है। इससे शरीर में पित्त बढ़ता है। पेट में जलन और एसिडिटी की परेशानी होती है, जिसका सीधा असर आपकी पाचन क्रिया पर पड़ता है। इससे खाना पचाने में भी समय लगता है।
कफ असंतुलन-
अगर आपको हल्की सी सर्दी लगने पर सर्दी, खांसी और कफ की समस्या होती है, तो इसका कारण आपका बढ़ा हुआ कफ दोष है।
मानसून में क्या नहीं खाना चाहिए?
इस मौसम में आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि आप बारिश का मज़ा उठा सके और बीमार न पड़े। आप सिर्फ अपने खान पान को सुधार कर सेहतमंद रह सकते है। इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखना होगा।
तला भुना बाहर का खाना छोड़ दें-
आयुर्वेद में इसे अभक्ष्य कहते हैं। इसमें तला भुना खाना शामिल होती है। बाहर सड़क पर खुले में बिकने वाले खाने से इस मौसम में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इससे एसिडिटी, गैस और सीने में जलन भी हो सकती है। इसलिए बरसात में चाट पकोड़े, गोल गप्पे, भुने हुए भुट्टे, शकरकंद बाहर से खरीदकर न खाएं।
नॉन वेज खाना छोड़ दें-
बरसात के मौसम में मांसाहारी भोजन से परहेज करें क्योंकि उच्च आर्द्रता बैक्टीरिया को पनपने में मदद करती है। इस मौसम में पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है। अधिक मांस या खराब सी फूड खाने से पेट में गंभीर संक्रमण और फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
ठंडे पेय और खाना छोड़ दें-
इस मौसम में आपको ठंडे भोजन से दूर रहना चाहिए। पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है, जिससे खाना ठीक से पचाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ठंडा पेय या ठंडा भोजन खाने से बचें। हर्बल टी, अदरक का पानी या सूप जैसी गर्म चीजें पीएं। इससे पाचन बेहतर होगा।
मसालेदार खाना न खाएं-
मसालेदार खाना पेट की अंदरूनी परत में जलन पैदा कर सकता है और पाचन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है, खासकर मानसून के मौसम में जब पाचन क्रिया स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है। इसके बजाय, अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए हल्का और आसानी से पचने वाला खाना चुनें, जिसमें तेल और मसाले कम हों।
पत्तेदार सब्जियों और कटे हुए सलाद से बचें-
हरी सब्जियों की नमी में कीड़े और बैक्टीरिया चिपके होते हैं। इसे खाने से पेट खराब हो सकता है। बाहर बिकने वाले कटे हुए सलाद या जूस में मक्खियां बैठ सकती हैं। हमेशा घर में ताजा कटा सलाद ही खाएं।
मानसून के मौसम में अपना ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस मौसम में वातावरण में पनपने वाले कीटाणुओं की संख्या बढ़ जाती है ऐसे में आप बाहर के खाने से बचें, घर का शुद्ध सात्विक भोजन ही खाएं। मानसून में ताजा और हल्का गर्म खाना खाएं। इसके अलावा सौंफ और जीरे का पानी पीएं ताकि आपका पेट साफ हो सके और इंफेक्शन से बचें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक दरोगा पर शादी और पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर महिला के यौन शोषण, जबरन गर्भपात कराने और लाखों के जेवर ठगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने खुद को दरोगा की ‘दूसरी पत्नी’ बताते हुए कई आपत्तिजनक तस्वीरें और इनसाइड वीडियो सबूत के तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एडीजी को सौंपे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
केस की जांच के बहाने घर आना-जाना, फिर करवाचौथ पर खुद को बताया पति
मिली जानकारी के अनुसार, बारादरी क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता का साल 2022 से अपने पति से विवाद चल रहा था। साल 2025 में जब वह अपनी शिकायत लेकर बारादरी थाने पहुंची, तो उस समय के विवेचक दरोगा नरेश बाबू ने केस की जांच के बहाने पीड़िता के घर आना-जाना शुरू कर दिया। आरोप है कि दरोगा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने और पुलिस में नौकरी लगवाने का लालच दिया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। महिला ने आरोप लगाया कि साल 2025 में करवाचौथ के मौके पर दरोगा अपनी पहली पत्नी के पास जाने के बजाय उसके घर आया था और बकायदा पति के रूप में पूजा करवाई थी, जिसके फोटो-वीडियो अब सामने आए हैं।
8 लाख के जेवर हड़पे और गर्भवती होने पर दी गर्भपात की दवा
पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि फरवरी 2026 में दरोगा ने अपने बेटे की शादी का बहाना बनाकर उससे करीब आठ लाख रुपये के सोने के जेवर ले लिए और वापस नहीं किए। हद तो तब हो गई जब महिला गर्भवती हो गई। आरोप है कि इसकी जानकारी मिलते ही बीती 12 मई को दरोगा उसे प्रेमनगर के एक नामी अस्पताल ले गया और वहां उसे धोखे से गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ी, तो उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला का आरोप है कि रिटायरमेंट नजदीक आते देख दरोगा ने उससे पीछा छुड़ाने के लिए अपना तबादला सिरौली थाने करवा लिया था।
अस्पताल में पहली पत्नी और बेटों ने की पिटाई, तब खुला राज
इस पूरे मामले का हाई-वोल्टेज ड्रामा तब सामने आया जब 5 जुलाई 2026 की रात ड्यूटी से लौटते समय दरोगा नरेश बाबू की बाइक का एक्सीडेंट हो गया और उसका कंधा फ्रैक्चर हो गया। महिला ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का खर्च भी उठाया। लेकिन अगले दिन जब दरोगा की पहली पत्नी और उसके बेटे अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने पीड़ित महिला के साथ जमकर गाली-गलौज और मारपीट की। महिला ने जब डायल 112 पर सूचना दी, तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। इसके बाद महिला ने वकीलों के साथ एसएसपी दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी ने बताया कि एसपी ग्रामीण को मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नालंदा।
बिहार के नालंदा जिले में एक हत्या की जांच करते हुए पुलिस के सामने रिश्तों को उलझा देने वाला मामला सामने आया है। हरनौत थाना क्षेत्र के मूढ़ाढ़ी गांव में पैथोलॉजी कर्मी सोनू कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके कथित हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि हत्या का आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का रिश्तेदार दामाद था। पुलिस के अनुसार, दोस्तों के तानों और सामाजिक दबाव से परेशान होकर आरोपी ने यह कदम उठाया।
चाकू से हमला कर की गई थी हत्या
37 वर्षीय सोनू कुमार चेरण गांव का रहने वाला था और हरनौत बाजार स्थित एक पैथोलॉजी सेंटर में काम करता था। कुछ दिन पहले उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने रजौली-बख्तियारपुर NH-20 को जाम कर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली। इसी आधार पर पुलिस हरनौत बाजार निवासी मुकेश कुमार तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
सास के साथ संबंधों के शक ने बढ़ाई दुश्मनी
पुलिस पूछताछ में मुकेश ने बताया कि उसकी शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी। उसके ससुर की मौत करीब 10 साल पहले हो चुकी थी। शादी के बाद जब वह पहली बार ससुराल गया तो वहां सोनू कुमार से मुलाकात हुई। परिवार ने उसे पड़ोसी और करीबी व्यक्ति बताया था।
मुकेश के मुताबिक, सोनू अक्सर ससुराल में मौजूद रहता था और परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार करता था। शुरुआत में उसने इसे सामान्य माना, लेकिन बाद में उसकी मौजूदगी और व्यवहार को लेकर उसे शक होने लगा।
दोस्तों के तानों से परेशान होकर बनाया प्लान
मुकेश ने पुलिस को बताया कि उसके दोस्तों ने उसे सोनू और उसकी सास के बीच कथित संबंधों के बारे में बताया। इसके बाद दोस्त उसे लेकर ताने मारने लगे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
उसने सास, पत्नी और सालों के सामने इस रिश्ते का विरोध किया और सोनू से दूरी बनाने की बात कही। इसी बात को लेकर विवाद भी हुआ और दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
बहाने से बुलाकर किया हमला
पुलिस के अनुसार, मुकेश ने सोनू को फोन कर शिवाजी मोहल्ला बुलाया। वहां पहले से मौजूद होकर उसने सोनू पर चाकू से हमला कर दिया। आरोप है कि उसने सिर, गर्दन और पीठ पर कई वार किए। इसके बाद लोहे की रॉड से भी हमला किया गया।
गंभीर रूप से घायल सोनू को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पीएमसीएच में उसकी मौत हो गई।
कॉल डिटेल से खुला हत्या का राज
एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि मोबाइल कॉल डिटेल की जांच के बाद आरोपी की पहचान हुई। पूछताछ में मुकेश ने प्रतिशोध की भावना से हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई ग्लैमर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोनू अविवाहित था और ससुर की मौत के बाद वह परिवार के काफी करीब हो गया था। बताया जा रहा है कि वह परिवार की आर्थिक मदद भी करता था। इसी वजह से कई लोग उसका विरोध नहीं कर पाते थे। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।