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  • 3500 रूपए रिश्वत लेते सरपंच’ समेत 2 को पकड़ा, प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; EOW ने की बड़ी कार्रवाई

    3500 रूपए रिश्वत लेते सरपंच’ समेत 2 को पकड़ा, प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; EOW ने की बड़ी कार्रवाई

    3500 रूपए रिश्वत लेते सरपंच’ समेत 2 को पकड़ा, प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; EOW ने की बड़ी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश के उज्जैन की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सोमवार को मंदसौर जिले की दलौदा ग्राम पंचायत में कार्रवाई करते हुए सरपंच और उसके पति को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    उज्जैनः मध्यप्रदेश के उज्जैन की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सोमवार को मंदसौर जिले की दलौदा ग्राम पंचायत में कार्रवाई करते हुए सरपंच और उसके पति को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    पुलिस के अनुसार मंदसौर जिले के सीतामऊ निवासी विक्रम सिंह ने अपने पिता के नाम से भूमि खरीदी थी, जिसका नामांतरण हो चुका था। बैंक से ऋण लेने के लिए नक्शे के अनुरूप निर्माण अनुमति के लिए ग्राम पंचायत से प्रमाण-पत्र की आवश्यकता थी। प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में सरपंच और उसके पति ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह राशि चार हजार रुपये तय हुई।

    आवेदक विक्रम सिंह पहले ही 500 रुपये सरपंच के पति को दे चुका था। शेष 3,500 रुपये 28 सितंबर को देना तय हुआ। आवेदक ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक समर वर्मा से की। शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने कार्रवाई की और सरपंच दुर्गा कैथवास तथा उनके पति अनिल कैथवास को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 

  • अश्लील वीडियो को लेकर’ फंसे महंत ने दी सफाई, मिर्ची बाबा पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- उनकी चेली…

    अश्लील वीडियो को लेकर’ फंसे महंत ने दी सफाई, मिर्ची बाबा पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- उनकी चेली…

    अश्लील वीडियो को लेकर’ फंसे महंत ने दी सफाई, मिर्ची बाबा पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- उनकी चेली…

    मध्य प्रदेश के गोलेश्वर धाम, करहिया के महंत सोमनाथ गिरी महाराज का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। महंत सोमनाथ गिरी ने पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए वैराग्यानंद उर्फ ‘मिर्ची बाबा’ और उनके सहयोगियों पर उन्हें फंसाने और बदनाम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    ​सोमनाथ गिरी महाराज ने लगाए ​यज्ञ के नाम पर वसूली और साजिश का आरोप

    महंत सोमनाथ गिरी ने आरोप लगाया कि मिर्ची बाबा और उनके सहयोगी गोपाल भारद्वाज धाम और क्षेत्र में यज्ञ कराने के नाम पर आए थे। उनका कहना है कि पिछले साल भी क्षेत्र के लोगों से लाखों रुपये लिए गए थे और इस बार भी ऐसा ही प्रयास किया जा रहा था। जब उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम की लिखित अनुमति तथा क्षेत्रवासियों की सहमति के बिना यज्ञ कराने से मना किया, तो उनके खिलाफ साजिश रची गई

    वायरल वीडियो पर दी सफाई

    वीडियो के संदर्भ में सोमनाथ गिरी ने स्पष्ट किया कि करीब एक माह पूर्व वह दिल्ली में उनके ठिकाने पर गए थे। वहां मौजूद युवकों ने किसी महिला से वीडियो कॉल पर बात करते हुए फोन उनके हाथ में थमा दिया और कहा कि यह ‘चेलिन’ (शिष्या) है। महंत के अनुसार, उन्होंने स्क्रीन पर आपत्तिजनक स्थिति देखकर फोन करने का इशारा किया और वीडियो कॉलिंग न करने की बात कही। इसी दौरान पीछे से किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उन्हें बदनाम करने की नीयत से इसे गलत तरीके से प्रचारित किया गया।

    स्थान से हटाने और आर्थिक दबाव बनाने की बात

    महंत का कहना है कि धाम की दान-राशि और व्यवस्था में किसी भी प्रकार का अनुचित हस्तक्षेप न होने देने के कारण कुछ लोग उन्हें इस स्थान से हटाना चाहते हैं।

    प्रशासन को पहले से सूचना देने का दावा

    सोमनाथ गिरी ने दावा किया कि उन्हें पहले से ही इस प्रकार के षड्यंत्र की आशंका थी। इसके चलते उन्होंने तीन-चार महीने पहले ही कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और संबंधित थाने में आवेदन देकर अपने खिलाफ साजिश रचे जाने की आशंका जताई थी। महंत सोमनाथ गिरी ने कहा कि वह सच्चाई सामने रख रहे हैं और भोलेनाथ सब जानते हैं; अब क्षेत्र की जनता को तय करना है कि वे सच को किस रूप में देखते हैं।

  • MP नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ में बड़ा गड़बड़ घोटाला! गधे का भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, हैरान कर देगा पूरा मामला

    MP नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ में बड़ा गड़बड़ घोटाला! गधे का भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, हैरान कर देगा पूरा मामला

    MP नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ में बड़ा गड़बड़ घोटाला! गधे का भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, हैरान कर देगा पूरा मामला

    भोपाल: मध्यप्रदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। NSUI ने दावा किया है कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में ऐसी खामी सामने आई, जिसके चलते गधे की फोटो और कथित तौर पर मान्य शैक्षणिक दस्तावेजों के बिना भी नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया।

    इस दावे के सामने आने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में दस्तावेजों और आवेदकों के सत्यापन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    गधे की फोटो लगाकर किया गया आवेदन

    NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार के मुताबिक, उन्होंने MPNRC की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का परीक्षण किया। इस दौरान आवेदन में आवेदक की तस्वीर की जगह गधे की फोटो अपलोड की गई।

    दावा है कि आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेजों की जगह ऐसे दस्तावेज भी लगाए गए, जिनसे वास्तविक शैक्षणिक योग्यता की पुष्टि नहीं होती थी। इसके बावजूद आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया में आगे बढ़ा।

    शुल्क जमा करने के बाद जारी हुआ सर्टिफिकेट

    NSUI के दावे के अनुसार, निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद ऑनलाइन सिस्टम से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जारी हो गया। इस दावे ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में होने वाले सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    हालांकि, यह मामला फिलहाल NSUI द्वारा किए गए दावे और प्रक्रिया के कथित परीक्षण पर आधारित है। संबंधित सरकारी विभाग या परिषद की ओर से इस दावे पर आधिकारिक स्पष्टीकरण की जानकारी सामने आना बाकी है।

    मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल

    NSUI ने आरोप लगाया है कि यदि बिना पर्याप्त सत्यापन के किसी व्यक्ति का नर्सिंग रजिस्ट्रेशन जारी किया जा सकता है, तो इसका सीधा असर रजिस्ट्रेशन व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है।

    नर्सिंग पेशे में काम करने वाले लोगों की योग्यता और पहचान का सत्यापन मरीजों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम में किसी भी तरह की तकनीकी या सत्यापन संबंधी कमी गंभीर विषय बन सकती है।

    अब जांच और आधिकारिक जवाब का इंतजार

    गधे की फोटो के साथ रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने के दावे ने MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परिषद इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देती है और क्या पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराई जाती है।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गधे की फोटो से सर्टिफिकेट जारी होने का दावा NSUI की ओर से किया गया है। इसकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

  • नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल… करनाल में ACB ने नगर निगम क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, जानें पूरा मामला

    नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल… करनाल में ACB ने नगर निगम क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, जानें पूरा मामला

    नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल… करनाल में ACB ने नगर निगम क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, जानें पूरा मामला

    हरियाणा के करनाल जिले में  एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां  नगर निगम के क्लर्क को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। 

    मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए क्लर्क की पहचान गौरव राणा के रुप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रापर्टी आइडी में नाम ठीक करने के एवज में पांच हजार घूस की मांग की थी। शिकायतकर्ता  ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी प्रापर्टी आईडी में हुई गलती ठीक कराने के लिए नगर निगम गया था। वहां क्लर्क गौरव राणा ने गलती ठीक करने के बदले उससे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इस शिकायत के बाद ACB ने रणनीति बनाकर ट्रैप बिछाया।

    जैसे ही क्लर्क ने रिश्वत के पांच हजार रुपये लिए, टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। साथ ही उससे रुपये भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल एसीबी टीम क्लर्क को पकड़कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

  • भिवानी में दिल दहला देने वाला मामला, पेड़ पर बंधी पॉलीथिन से आई बच्चे के रोने की आवाज…आवाज सुन सहमे लोग.

    भिवानी में दिल दहला देने वाला मामला, पेड़ पर बंधी पॉलीथिन से आई बच्चे के रोने की आवाज…आवाज सुन सहमे लोग.

    भिवानी में दिल दहला देने वाला मामला, पेड़ पर बंधी पॉलीथिन से आई बच्चे के रोने की आवाज…आवाज सुन सहमे लोग.

    हरियाणा के भिवानी जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की बिजली बोर्ड कॉलोनी में सुबह-सवेरे एक पेड़ पर लटकी काली थैली से एक नवजात बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।   

     प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह जब कुछ लोग टहलने के लिए निकल रहे थे, तब उन्होंने एक पेड़ पर बंधी काली पॉलीथिन को हिलते और उससे बच्चे के रोने की आवाज आते देखा। पास जाकर देखा गया तो अंदर एक एक दिन का नवजात शिशु (लड़का) मौजूद था, जिसके शरीर पर जन्म के बाद की नाल भी बंधी हुई थी। कड़ाके की ठंड और खुले में लटके रहने के कारण बच्चे का शरीर काफी ठंडा पड़ चुका था।   

    घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर नागरिक अस्पताल भिवानी पहुँचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण आयोग की टीम भी अस्पताल पहुँची और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली।   

    सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, नवजात का वजन लगभग 1200 ग्राम है और उसे सांस लेने में परेशानी (रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उच्च चिकित्सकीय देखरेख के लिए रोहतक PGI रेफर कर दिया।   फिलहाल, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले कलयुगी लोग कौन हैं।

  • मंदिर के पुजारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, चौंकाने वाली वजह आई सामने….

    मंदिर के पुजारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, चौंकाने वाली वजह आई सामने….

    मंदिर के पुजारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, चौंकाने वाली वजह आई सामने….

    फरीदाबाद:  फरीदाबाद के सेक्टर-30 बाइपास रोड पर नहर किनारे स्थित मंदिर के पास हुए पुजारी हत्याकांड का अपराध शाखा डीएलएफ ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मंदिर के पास नशा करने से मना करने पर आरोपियों ने बेरहमी से पुजारी की जान ले ली।

    हत्या की पूरी वारदात
     पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मंदिर के पास नशा कर रहे थे। 65 वर्षीय पुजारी ओमप्रकाश ने जब उन्हें वहां नशा करने से रोका, तो बात बढ़ गई और आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।हाथापाई के दौरान दरिदों ने सिलबट्टे से पुजारी के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशिफ उर्फ टीटी (20), निवासी गांव हुसैनी, मथुरा, हाल किसान मजदूर कॉलोनी और आशिफ उर्फ कालिया (34), निवासी गांव बामनी, जुरहेड़ा, भरतपुर, हाल किसान मजदूर कॉलोनी के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार टीटी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और चोरी समेत तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है

  • ‘मैं यमराज हूं, 5 लाख’ दो नहीं तो मौत का काउंटडाउन’,…रेवाड़ी की ESIC डिस्पेंसरी स्टाफ को मिला धमकी भरा पत्र;

    ‘मैं यमराज हूं, 5 लाख’ दो नहीं तो मौत का काउंटडाउन’,…रेवाड़ी की ESIC डिस्पेंसरी स्टाफ को मिला धमकी भरा पत्र;

    ‘मैं यमराज हूं, 5 लाख’ दो नहीं तो मौत का काउंटडाउन’,…रेवाड़ी की ESIC डिस्पेंसरी स्टाफ को मिला धमकी भरा पत्र;

    धारूहेड़ा स्थित ई. एस. आई.सी. डिस्पेंसरी नंबर 2 के स्टाफ को धमकी भरा पत्र मिला। पत्र में 5 लाख रुपए की रंगदारी नहीं देने पर स्टाफ के सदस्यों को मारने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही धारूहेड़ा के सैक्टर-6 थाना पुलिस ने पत्र को कब्जे लेकर जांच शुरू कर दी है।

     उक्त धमकी भरा पत्र डिस्पेंसरी के लैब टैक्नीशियन गुरमीत सिंह को सोमवार को डिस्पेंसरी के बाहर मिला। उन्होंने जब इस पत्र को पढ़ा तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई और इसकी सूचना तत्काल पुलिस व अधिकारियों को दी। पत्र में आरोपी ने लिखा है कि 5 लाख रुपए नहीं देने पर उनकी मौत का काऊंट डाऊन शुरू हो जाएगा और मांग पूरी नहीं करने पर यह रकम दोगुनी कर दी जाएगी। डाक्टर, कर्मचारी से चपरासी तक सभी को जान से मार दिया जाएगा। उसे लोग यमराज कहते हैं। जिसको पत्र लिख दिया, उसका मरना तय है। सभी कर्मचारी मिलकर 5 लाख रुपए एकत्रित करो। यदि रकम देने पर सहमति बन जाए तो डिस्पेंसरी के गेट पर प्लस का निशान बना देना।

    यदि नहीं दोगे तो एक-एक कर सभी को मार दिया जाएगा। अब तुम स्वयं फैसला कर लो, मरना है या पैसे देने हैं। अंत में लिखा है वेट फॉर माई नैक्स्ट लैटर। गुरमीत सिंह की शिकायत पर सैक्टर-6 थाना पुलिस ने पत्र कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस डिस्पेंसरी के आसपास लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

  • रोहतक में रिश्तों का कत्ल! नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाला चाचा दोषी करार

    रोहतक में रिश्तों का कत्ल! नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाला चाचा दोषी करार

    रोहतक में रिश्तों का कत्ल! नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाला चाचा दोषी करार

    हरियाणा के रोहतक जिले से एक अत्यंत शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) शैलेंद्र सिंह की अदालत ने अपनी ही नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बनाने वाले कलयुगी चाचा को दोषी करार दिया है। इस मामले में अदालत द्वारा सजा का ऐलान किया जाएगा।

    क्या है पूरा मामला?
    वारदात का समय: यह गंभीर घटना वर्ष 2024 की है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता ने बताया कि आरोपी चाचा पिछले दो-तीन साल से उसे परेशान कर रहा था। वह पानी लाने के बहाने अक्सर उसे अपने साथ ले जाता था।  अप्रैल 2024 में आरोपी घर आया और पुराने घर में पंखा लगवाने के बहाने पीड़िता को अपने साथ ले गया। वहां उसने सुनसान जगह पर पीड़िता के पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

    अदालत का फैसला
    अदालत में पेश किए गए ठोस सबूतों, गवाहों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर जज शैलेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी चाचा को गुनाहगार माना है। कोर्ट के इस फैसले को पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

  • भाभी ने घर तबाह कर दिया…’ नोट लिख युवती ने उठाया खौफनाक कदम.

    भाभी ने घर तबाह कर दिया…’ नोट लिख युवती ने उठाया खौफनाक कदम.

    भाभी ने घर तबाह कर दिया…’ नोट लिख युवती ने उठाया खौफनाक कदम.

    गत सांय लाईन पार क्षेत्र नई आबादी गली नं.14 निवासी एक युवती ने अपने ही घर में पंखे से लटक कर फांसी लगा ली। घटनास्थल से मिले एक सुसाईड नोट में मृतका ने अपनी भाभी पर उसका घर तबाह करने के कथित आरोप लगाए हैं। नगर थाना नंबर 2 की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आज पुलिस द्वारा मृतक युवती का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार गली नं. 14 बड़ी पौड़ी निवासी डा. मदन लाल चौधरी बीमार होने के कारण अपने बेटे सनप्रीत उर्फ सोनू व पत्नी रानी चौधरी के साथ दवाई लेने के लिए श्रीगंगानगर गए हुए थे। जबकि उनकी करीब 23 वर्षीय गोद ली हुई पुत्री आरती घर पर अकेली थी। देर सांय करीब 6 बजे जब डा. चौधरी अपने बेटे और पत्नी के साथ घर वापिस आए तो मेन गेट अंदर से बंद था और बार-बार आवाज लगाने पर भी गेट नहीं खुला। इसके बाद सोनू ने पड़ौसी के घर से छत के रास्ते अपने घर में प्रवेश किया और मेन गेट खोलने के बाद अंदर कमरे में देखा तो आरती फंदे पर लटकी हुई थी। यह देखते ही घर में कोहराम मच गया।

    जांच पड़ताल में मृतका के पास से अंग्रेजी भाषा में लिखा हुआ एक सुसाईड नोट मिला है। जिसमें युवती ने आरोप लगाया कि उसकी भाभी ने उसका घर तबाह कर दिया। वह मेरे भाई की सरकारी नौकरी छुड़वाने की धमकियां देती थी । इसी टेंशन में उसके पिता डा. चौधरी भी बीमार हो गए। सूचना मिलते ही नगर थाना नं. 2 की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी।

    सूत्रों से पता चला है कि डा. मदन लाल चौधरी का बेटा सनप्रीत उर्फ सोनू पंजाब ग्रामीण बैंक में नौकरी करता है और उसकी शादी करीब 10 माह पूर्व ही सुजावलपुर से हुई है। शादी के कुछ समय बाद ही इनके घर में कलेश रहने लगा और वर्तमान में सोनू की गर्भवती पत्नी तीन महीने से अपने मायके में रह रही है। सूत्र बताते हैं कि सोनू की पत्नी अपनी कोख में पल रहा पहला बच्चा कथित तौर पर गांव बनवाला निवासी अपनी बड़ी बहन को देना चाहती थी। क्योंकि उसके कोई बच्चा नहीं है। जबकि सोनू सहित डा. चौधरी का पूरा परिवार इस बात से सहमत नहीं था।

  • मिल गया वो मैसेज, जिससे LPU में मचा था बवाल! अब IP Address खंगाल रही पुलिस.

    मिल गया वो मैसेज, जिससे LPU में मचा था बवाल! अब IP Address खंगाल रही पुलिस.

    मिल गया वो मैसेज, जिससे LPU में मचा था बवाल! अब IP Address खंगाल रही पुलिस.

    पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर की देर रात शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब पुलिस और साइबर सेल की जांच के घेरे में है। प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात, तोड़फोड़ और आगजनी के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक Reddit मैसेज को भी अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

    हॉस्टल में पहले पहुंचा था मैसेज

    शुरुआती जांच के मुताबिक, कथित तौर पर एक Reddit पोस्ट हंगामे से करीब पांच दिन पहले यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में शेयर की गई थी। इस पोस्ट में हॉस्टल की एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा गंभीर दावा किया गया था। पोस्ट में छात्रा की स्थिति को लेकर भी कई बातें कही गई थीं।

    हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा के साथ ऐसी किसी घटना की बात को अफवाह बताते हुए खारिज किया है। पुलिस भी सोशल मीडिया पर किए गए दावों और वास्तविक घटनाक्रम की अलग-अलग जांच कर रही है।

    अब Reddit पोस्ट के पीछे कौन, इसकी तलाश

    पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि यह मैसेज सबसे पहले किसने तैयार किया था और इसे यूनिवर्सिटी के छात्रों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। साइबर सेल पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और IP Address समेत अन्य तकनीकी सुरागों की जांच कर रही है।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्ट सबसे पहले किस अकाउंट से शेयर हुई, इसके बाद इसे किन लोगों ने आगे प्रसारित किया और इसका छात्रों के बीच कितना प्रसार हुआ।

    पांच दिन बाद अचानक क्यों बढ़ा विरोध?

    पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर मैसेज कथित तौर पर प्रदर्शन से करीब पांच दिन पहले सामने आया था, तो उस समय बड़े स्तर पर विरोध क्यों नहीं हुआ। इसके बाद शनिवार देर रात अचानक बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए।

    प्रदर्शन के कारण जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। हालात बिगड़ने के बाद तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस की कुछ गाड़ियों और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई।

    अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि सोशल मीडिया पर सामने आए मैसेज और पांच दिन बाद हुए बड़े प्रदर्शन के बीच क्या कड़ी थी।

    डिजिटल रिकॉर्ड से खुल सकता है पूरा घटनाक्रम

    पुलिस और साइबर सेल सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है। जांच में पोस्ट के स्रोत, उसे शेयर करने वाले अकाउंट और उसके प्रसार से जुड़े डिजिटल सुरागों पर ध्यान दिया जा रहा है।

    साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों का प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसक घटनाओं पर क्या असर पड़ा।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। Reddit पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और यूनिवर्सिटी प्रशासन इन आरोपों को अफवाह बता चुका है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल मैसेज की वास्तविकता क्या थी और LPU में हुए विरोध प्रदर्शन से उसका कितना संबंध था।