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  • ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है तो सावधान! इन सब्जियों का ज्यादा सेवन कर सकता है नुकसान..​​​

    ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है तो सावधान! इन सब्जियों का ज्यादा सेवन कर सकता है नुकसान..​​​

    ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है तो सावधान! इन सब्जियों का ज्यादा सेवन कर सकता है नुकसान..​​​

    डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का बहुत ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है। खानपान को लेकर ज़रा सी लापरवाही ब्लड शुगर बहुत तेजी से बढ़ाती है। डायबिटीज के ज़्यादातर मरीजों लगता है कि उन्हें सिर्फ मीठे से परहेज करना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है, ऐसी कई सब्जियां हैं जो हैं तो हेल्दी लेकिन उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है जों डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी ज़हर से कम नहीं है। डॉक्टर ने अपने यू ट्यूब पेज पर वडियो शेयर कर के बताया है कि डायबिटीज में किन सब्जियों को नहीं खाना चाहिए?

    डायबिटीज इन सब्जियों का नहीं करना चाहिए सेवन

    • आलू
      : डायबिटीज के मरीजों को आलू का सेवन नहीं करना चाहिए। एक पकाए हुए आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 111 तक हो सकता है जो चीनी से भी ज़्यादा है। वहीं, उबाले हुए आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 78 से लेकर 89 तक होता है। उबले हुए आलू का सेवन करने से शुगर उतना ही बढ़ता है जितना एक कोल्ड ड्रिंक पीने से बढ़ता है।

    • कॉर्न
      : बारिश के मौसम में लोग भुट्टा खूब खाते हैं लेकिन यही मक्का डायबिटीज के मरीजों के लिए ज़हर समान है। आधी कटोरी मक्का में 21 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं और सिर्फ 2 ग्राम फाइबर होते हैं। स्वीट कॉर्न का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 60 के ऊपर होता है जो हाई रेंज में आता है। आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे इसलिए कॉर्न को अपनी डाइट से हमेशा दूर रखें।

    • वेजिटेबल जूस
      : डायबिटीज मरीजों के लिए सिर्फ फ्रूट जूस ही हानिकारक नहीं है बल्कि गाजर, बीटरूट और टमाटर जूस जैसे मिक्स जूस भी नुकसानदायक माने जाते हैं। दरअसल, जब आप सब्जी का जूस निकालते हैं तो उसका फायबर चला जाता है और उसमें सिर्फ शुगर रह जाता है। हालांकि, आपके लिए करेले का जूस फायदेमंद है

    • शकरकंदी
      : शकरकंदी का सेवन भी डायबिटीज के मरीजों को नहीं करना चाहिए। शकरकंदी को अगर आप बेक या रोस्ट कर खा रहे हैं तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 90 तक जा सकता है। हालांकि, अगर आप इसे उबालकर खाते हैं तो इसका जीआई 40 तक रहता है। तो आप इसका सेवन उबालकर कर सकते हैं लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • गट हेल्थ खराब होने पर शरीर देता है कई संकेत, डॉक्टर से जानिए किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए..​​​

    गट हेल्थ खराब होने पर शरीर देता है कई संकेत, डॉक्टर से जानिए किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए..​​​

    गट हेल्थ खराब होने पर शरीर देता है कई संकेत, डॉक्टर से जानिए किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए..​​​

    अगर आपको लगता है कि खराब गट हेल्थ का असर सिर्फ पेट तक सीमित रहता है, तो ऐसा नहीं है। MD (Anesthesiology – Pain Medicine) डॉ के अनुसार, गट हेल्थ बिगड़ने पर आपके शरीर में कई संकेत दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि ख़राब गट हेल्थ होने पर शरीर में कौन से लक्षण नज़र आ सकते हैं

    खराब गट हेल्थ होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

    • बदबूदार मल
      : सड़े हुए अंडे जैसी बदबू का मतलब हो सकता है कि आपके पेट के बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ गया है। कुछ बैक्टीरिया सल्फर गैस बनाते हैं जिनकी बदबू खराब होती है और ये क्रोहन (Crohn’s) या पोषक तत्वों के ठीक से न पचने जैसी पेट की समस्याओं से जुड़े होते हैं।

    • खाने के बाद पेट फूलना
      : अगर खाना खाने के बाद आपका पेट फूल जा रहा है तो यह भी एक गंभीर लक्षण है। हालांकि, यह हमेशा इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आपने कितना खाया है। यह कब्ज या पेट के खाली होने में दिक्कत के कारण भी हो सकता है।

    • कम एनर्जी:
      लीकी गट की वजह से एंडोटॉक्सिन ब्लड सर्कुलेशन में पहुंच जाते हैं, जिससे शरीर में इन्फ्लेमेशन होती है और एनर्जी मेटाबॉलिज़्म पर बुरा असर पड़ता है। गट में असंतुलन से विटामिन B12, आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम के एब्ज़ॉर्प्शन में भी रुकावट आ सकती है, जो एनर्जी के लिए बहुत ज़रूरी हैं।

    • पिंपल्स निकलना:
      अगर आपके चेहरे पर बार बार एक्ने की समस्या हो रही हो तो इसका कनेक्शन आपकी गट हेल्थ से भी हो सकता है। जब पेट के माइक्रोबायोम में असंतुलन होता है तो यह शरीर में पुरानी सूजन को बढ़ावा देता है, जिससे मुँहासे (acne) बढ़ सकते हैं। मुँहासे वाले मरीज़ों में अक्सर लैक्नोस्पिरेसी की कमी और बैक्टेरॉइड्स की अधिकता देखी जाती है, जो पेट से जुड़ी समस्या की ओर इशारा करती है।

    • फूड इनटॉलरेंस
      : अगर कुछ खास तरह के खाने, जैसे डेयरी या ग्लूटेन से आपको अचानक परेशानी होने लगती है, तो हो सकता है कि आपका पेट उन पर ठीक से प्रतिक्रिया न कर रहा हो, क्योंकि उन्हें पचाने में मदद करने वाले बैक्टीरिया या तो गायब हैं या सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।

    Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • Kartik Swami Temple: भारत का अनोखा मंदिर, जहां मूर्ति नहीं बल्कि भगवान कार्तिकेय की अस्थियों के दर्शन करने पहुंचते हैं श्रद्धालु..

    Kartik Swami Temple: भारत का अनोखा मंदिर, जहां मूर्ति नहीं बल्कि भगवान कार्तिकेय की अस्थियों के दर्शन करने पहुंचते हैं श्रद्धालु..

    उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जिला अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक महत्व के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां स्थित केदारनाथ, तुंगनाथ, मद्महेश्वर, ओंकारेश्वर, त्रियुगीनारायण, कालीमठ, कोटेश्वर महादेव, अगस्त्यमुनि, रुद्रनाथ, धारी देवी और कई अन्य प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। इन्हीं पवित्र धामों के बीच स्थित है कार्तिक स्वामी मंदिर, जिसे पूरे उत्तर भारत में भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय को समर्पित सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि उनके कुलदेवता का पवित्र धाम भी है।

    कार्तिक स्वामी मंदिर कहां स्थित है?

    कार्तिक स्वामी मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में कनकचौरी गांव के पास क्रौंच पर्वत की ऊंची चोटी पर स्थित है। रुद्रप्रयाग से इसकी दूरी लगभग 38 किलोमीटर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए कनकचौरी से करीब 2.5 से 3 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करना पड़ता है। यह ट्रेक भले ही छोटा हो, लेकिन रास्ते में दिखने वाले घने जंगल, पहाड़ी मोड़ और हिमालय के अद्भुत नज़ारे यात्रा को यादगार बना देते हैं।

    मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता

    कार्तिक स्वामी मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान कार्तिकेय की पारंपरिक मूर्ति स्थापित नहीं है। यहां एक पवित्र शिला की पूजा की जाती है, जिसे भगवान कार्तिकेय की अस्थियों का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस मंदिर का धार्मिक महत्व अन्य मंदिरों से अलग और बेहद विशेष माना जाता है।

    कार्तिक स्वामी मंदिर की पौराणिक कथा

    इस मंदिर से जुड़ी एक अत्यंत प्रसिद्ध पौराणिक कथा प्रचलित है। मान्यता के अनुसार, एक बार भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्रों, कार्तिकेय और गणेश, की परीक्षा लेने के लिए उन्हें पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करने का कार्य सौंपा।

    कार्तिकेय अपने वाहन पर बैठकर पृथ्वी की परिक्रमा के लिए निकल पड़े, जबकि गणेश जी ने अपनी बुद्धि और भक्ति का परिचय देते हुए माता-पिता की ही परिक्रमा कर ली। शास्त्रों के अनुसार माता-पिता की परिक्रमा संपूर्ण संसार की परिक्रमा के समान मानी जाती है। इसी कारण गणेश जी को प्रथम पूज्य होने का सम्मान प्राप्त हुआ।

    जब कार्तिकेय को इस निर्णय का पता चला, तो वे अत्यंत दुखी और आहत हुए। लोकमान्यता के अनुसार उन्होंने अपने शरीर का मांस माता-पिता को अर्पित कर दिया और सांसारिक जीवन से विरक्त होकर तपस्या के लिए क्रौंच पर्वत पर चले गए। कहा जाता है कि उन्होंने यहीं कठोर साधना की और अंततः उनका यह तपस्थल आज कार्तिक स्वामी मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

    इसी वजह से यह स्थान त्याग, तपस्या, समर्पण और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

    आध्यात्मिक महत्व

    यह मंदिर केवल दर्शन का स्थान नहीं, बल्कि गहन आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र भी माना जाता है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु प्राकृतिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं। कई भक्त मानते हैं कि यहां मन से की गई प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है।

    मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता

    ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण कार्तिक स्वामी मंदिर से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां, चौखंभा पर्वत श्रृंखला और दूर-दूर तक फैली घाटियों का अत्यंत मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।

    सूर्योदय के समय जब पहली किरणें हिमालय की चोटियों पर पड़ती हैं और सूर्यास्त के समय पूरा आकाश सुनहरे रंग में रंग जाता है, तब यह स्थान किसी दिव्य लोक जैसा प्रतीत होता है। बादलों के बीच स्थित यह मंदिर प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

    यहां होने वाले प्रमुख धार्मिक आयोजन

    मंदिर में पूरे वर्ष नियमित पूजा, दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं। विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    प्रमुख आयोजनों में शामिल हैं—

    • कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष पूजा और दीपदान
    • वैकुंठ चतुर्दशी का धार्मिक आयोजन
    • जून माह में आयोजित महायज्ञ
    • प्रतिदिन होने वाली संध्या आरती

    संध्या आरती के समय मंदिर परिसर घंटियों की मधुर ध्वनि और भजनों से गूंज उठता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

    घंटी बांधने की अनोखी परंपरा

    कार्तिक स्वामी मंदिर की एक विशेष परंपरा घंटी चढ़ाने की भी है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना से मंदिर परिसर में घंटियां बांधते हैं। इसी कारण यहां हजारों घंटियां दिखाई देती हैं, जो इस मंदिर की अलग पहचान बन चुकी हैं।

    कार्तिक स्वामी मंदिर कैसे पहुंचें?

    यदि आप ऋषिकेश से यात्रा शुरू कर रहे हैं, तो सबसे पहले सड़क मार्ग से रुद्रप्रयाग पहुंचना होगा। वहां से कनकचौरी गांव की ओर जाना होता है, जो मंदिर का आधार बिंदु माना जाता है। इसके बाद लगभग 2.5 से 3 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करके मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

    दूरी

    • ऋषिकेश से कनकचौरी – लगभग 181 किलोमीटर
    • सड़क यात्रा – लगभग 7 घंटे
    • रुद्रप्रयाग से कनकचौरी – लगभग 38 किलोमीटर

    रास्ते में क्या-क्या देखने को मिलेगा?

    यात्रा के दौरान कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल और सुंदर प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलते हैं। घुमावदार पहाड़ी सड़कें, घने जंगल, शांत वातावरण और हिमालय की भव्य पर्वत श्रृंखलाएं इस सफर को बेहद यादगार बना देती हैं।

    यात्रा का आसान प्लान

    • सुबह जल्दी ऋषिकेश से यात्रा शुरू करें।
    • सड़क मार्ग से रुद्रप्रयाग पहुंचें।
    • वहां से कनकचौरी गांव जाएं।
    • कनकचौरी से लगभग 3 किलोमीटर का ट्रेक कर मंदिर तक पहुंचें।
    • दर्शन के साथ हिमालय की मनमोहक सुंदरता और शांत वातावरण का आनंद लें।

    क्या है इस कथा की प्रामाणिकता?

    कार्तिक स्वामी मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत प्राचीन माना जाता है। मंदिर से जुड़ी जो कथा आज सबसे अधिक प्रचलित है, वह मुख्य रूप से लोकपरंपराओं, मंदिर की मान्यताओं और धार्मिक आस्था पर आधारित है। विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में भगवान कार्तिकेय और क्रौंच पर्वत का उल्लेख मिलता है, लेकिन इस कथा का वर्तमान स्वरूप मुख्यतः श्रद्धालुओं की पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही आस्था और स्थानीय परंपराओं से जुड़ा हुआ माना जाता है।

    इसी कारण कार्तिक स्वामी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, भक्ति और हिमालय की दिव्य प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम माना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और भगवान कार्तिकेय के आशीर्वाद की कामना लेकर पहुंचते हैं।

  • शादी का झांसा देकर युवती को भगाने का आरोप, महराजगंज पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार.

    शादी का झांसा देकर युवती को भगाने का आरोप, महराजगंज पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार.

    शादी का झांसा देकर युवती को भगाने का आरोप, महराजगंज पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार.

    करीब डेढ़ माह पूर्व युवती को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में श्यामदेउरवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अपहृत युवती को सकुशल बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा युवती से शादी करने के साक्ष्य मिलने पर मुकदमे में नई धारा भी बढ़ाई गई है।

    पुलिस के अनुसार, 16 मई 2026 को धर्मेंद्र उर्फ गुरुदीप गुप्ता पुत्र राम कृपाल गुप्ता, निवासी लक्ष्मीपुर टोला अमहवा, थाना पनियरा (वर्तमान पता ग्राम मोहना, थाना कैंपियरगंज, जनपद गोरखपुर) वादी की पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। पीड़ित की तहरीर पर 18 मई 2026 को थाना श्यामदेउरवा में मुकदमा अपराध संख्या 142/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।

    पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी (आईपीएस) के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ (पीपीएस) तथा क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम (पीपीएस) के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी श्यामदेउरवा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की जांच तेज करते हुए 7 जुलाई 2026 को युवती को सकुशल बरामद कर लिया तथा आरोपी धर्मेंद्र उर्फ गुरुदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।

    जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने युवती से शादी कर ली थी। इसके साक्ष्य मिलने पर मुकदमे में धारा 87 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र उर्फ गुरुदीप गुप्ता पुत्र राम कृपाल गुप्ता, निवासी लक्ष्मीपुर टोला अमहवा, थाना पनियरा (वर्तमान पता ग्राम मोहना, थाना कैंपियरगंज, जनपद गोरखपुर) है।

    गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक मंगल प्रसाद, हेड कांस्टेबल संजय सिंह, हेड कांस्टेबल शम्भू यादव तथा महिला कांस्टेबल प्रतिमा सिंह शामिल रहीं।

  • पति ने नॉनवेज बनाने को कहा, मना करने पर हुआ झगड़ा और फिर हो गया बड़ा कांड

    पति ने नॉनवेज बनाने को कहा, मना करने पर हुआ झगड़ा और फिर हो गया बड़ा कांड

    पति ने नॉनवेज बनाने को कहा, मना करने पर हुआ झगड़ा और फिर हो गया बड़ा कांड

    चिकन करी को लेकर शुरू हुआ झगड़ा… कुछ ही मिनटों में उजड़ गया पूरा परिवार

    तेलंगाना के कामारेड्डी जिले की एक मामूली घरेलू कहासुनी ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि दो मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। शनिवार रात घर में सिर्फ एक बात को लेकर बहस शुरू हुई थी—चिकन करी क्यों नहीं बनाई गई? लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह विवाद कुछ ही देर में एक परिवार की खुशियां छीन लेगा।

    करीब 28 वर्षीय कोडंदम शिवाजी, जो कबाड़ का काम करता था, रात करीब 9 बजे घर पहुंचा। बताया जाता है कि उसने पत्नी लक्ष्मी से चिकन करी न बनाने को लेकर नाराजगी जताई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस तेज हो गई। शोर सुनकर पास में रहने वाले रिश्तेदार दादाया और शारदा मौके पर पहुंचे और दोनों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।

    कुछ समय तक सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन घर के अंदर तनाव खत्म नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद पति-पत्नी के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। इस बार बात सिर्फ चिकन करी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दूसरे घरेलू मुद्दों को लेकर भी दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे।

    इसी दौरान गुस्से में लक्ष्मी ने घर में रखा हंसिया उठा लिया। आरोप है कि उसने शिवाजी की गर्दन पर वार कर दिया। अचानक हुए हमले से शिवाजी जमीन पर गिर पड़ा। गर्दन पर गहरी चोट लगने के साथ गिरने से उसके सिर में भी गंभीर चोट आई और अत्यधिक खून बहने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कामारेड्डी पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि गर्दन पर लगे घातक वार और अधिक रक्तस्राव के कारण शिवाजी की मौत हुई।

    मृतक के बड़े भाई सूरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शिवाजी और लक्ष्मी की शादी करीब छह साल पहले हुई थी और उनकी दो छोटी बेटियां हैं। पिछले छह महीनों से दोनों अपने रिश्तेदार दादाया के किराए के मकान में रह रहे थे। परिवार का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे और कई बार रिश्तेदारों को बीच-बचाव करना पड़ता था।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर लक्ष्मी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शिवाजी का शव परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि आरोपी महिला को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    एक छोटी-सी बहस ने देखते ही देखते पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। अब दो मासूम बच्चियां अपने पिता के बिना रह गई हैं और एक घरेलू विवाद ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।

  • पंजाब में SIR ड्यूटी के दबाव में सरकारी शिक्षक ने उठाया खौफनाक कदम, कॉल पर बयां किया दर्द..

    पंजाब में SIR ड्यूटी के दबाव में सरकारी शिक्षक ने उठाया खौफनाक कदम, कॉल पर बयां किया दर्द..

    पंजाब में SIR ड्यूटी के दबाव में सरकारी शिक्षक ने उठाया खौफनाक कदम, कॉल पर बयां किया दर्द..

    पंजाब के गुरदासपुर में एसआईआर ड्यूटी से कथित तौर पर परेशान एक सरकारी टीचर ने नहर में कूद गया. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और शिक्षक की तलाश जारी है. गुरदासपुर के सरकारी प्राथमिक स्कूल भैणी मियांखां में तैनात शिक्षक गुरप्रीत सिंह ने मंगलवार सुबह भट्टियां पुल के पास अपनी कार खड़ी करने के बाद नहर में छलांग लगा दी.

    परेशान टीचर ने नदी में लगाई छलांग

    घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और उसके अध्यापक साथी मौके पर पहुंच गए. बताया जा रहा है कि नहर में छलांग लगाने से पहले शिक्षक ने अपने एक साथी शिक्षक को फोन कर कहा कि वह नहर में कूदने जा रहा है. इस दौरान उसने अपनी परेशानी साथी शिक्षकों को बताई थी.

    SIR ड्यूटी से परेशान था टीचर

    साथी शिक्षक गुरप्रताप सिंह और गांव के सरपंच कौशल सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह ने फोन पर कहा था कि वह भट्टियां गांव के पास नहर किनारे खड़ा है और उसकी कार वहीं खड़ी है, जिसमें उसका सारा सामान रखा हुआ है. उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान गुरप्रीत सिंह ने एसआईआर ड्यूटी को लेकर अपनी परेशानी जताई और कहा कि वह इस काम के दबाव से बेहद परेशान हैं. उनसे यह कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है.

    गोताखोर कर रहे नदी में तलाश

    वहीं, पास के खेतों में काम कर रहे एक किसान ने भी बताया कि उसने एक व्यक्ति को नहर किनारे कार खड़ी करने के बाद वहां से जाते देखा था, लेकिन उसे यह जानकारी नहीं थी कि वह नहर में छलांग लगाने जा रहा है. फिलहाल पुलिस और गोताखोरों की टीम नहर में शिक्षक की तलाश में जुटी हुई है. घटना के कारणों की जांच की जा रही है.

  • मध्य प्रदेश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना! कैंसर पीड़ित मां पर बेटे के अत्याचार का आरोप..

    मध्य प्रदेश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना! कैंसर पीड़ित मां पर बेटे के अत्याचार का आरोप..

    मध्य प्रदेश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना! कैंसर पीड़ित मां पर बेटे के अत्याचार का आरोप..

    इंदौर मे कलयुगी कपूत का एक काला कारनामा सामने आय़ा है,जहां मां जैसे रिश्ते के साथ धोखाधड़ी की गई.. मां अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची है..

    इंदौर मे कलयुगी कपूत का एक काला कारनामा सामने आय़ा है,जहां मां जैसे रिश्ते के साथ धोखाधड़ी की गई.. मां अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची है.. इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को एक 70 वर्षीय कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला न्याय की गुहार लेकर पहुंचीं..  महिला ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाकर मकान और स्कूल की संपत्ति अपने नाम गिफ्ट डीड करा ली…  इतना ही नहीं, लाखों रुपये और गहने भी हड़प लिए… अब परिवार के अन्य लोगों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है और वह बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरस गई है..

    सरस्वती गावड़े  व्हीलचेयर पर अपने पोते के साथ कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं

    70 वर्षीय कैंसर पीड़ित बुजुर्ग सरस्वती गावड़े  व्हीलचेयर पर अपने पोते के साथ कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं.. महिला ने बताया कि उनके बेटे ने विश्वास में लेकर वसीयत बताकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए.. बाद में पता चला कि उन्हीं दस्तावेजों के जरिए मकान और स्कूल की संपत्ति अपने नाम गिफ्ट डीड करा ली गई.. शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुजुर्ग महिला को न्याय का भरोसा दिलाया है..

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा के तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    कलेक्टर ने आरोपी बेटे को फोन कर कार्यालय बुलाने के निर्देश दिए हैं.. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए… कलेक्टर ने कहा कि हाल के दिनों में बुजुर्गों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं, इसलिए जनसुनवाई में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था की गई है और उनकी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा। लिहाजा ये मामला बेटे जैसे रिश्ते को शर्मसार कर रहा है.

  • आनंद महिंद्रा की ये प्रेरणादायक बातें बदल सकती हैं आपकी सोच, जीवन को मिल सकती है नई दिशा…

    आनंद महिंद्रा की ये प्रेरणादायक बातें बदल सकती हैं आपकी सोच, जीवन को मिल सकती है नई दिशा…

    आनंद महिंद्रा की ये प्रेरणादायक बातें बदल सकती हैं आपकी सोच, जीवन को मिल सकती है नई दिशा…

    आनंद महिंद्रा भारत के जाने माने उद्योगपति हैं। वे महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन हैं। यह ग्रुप भारत के सबसे बड़े और प्रमुख बिजनेस घरानों में से एक है, जो गाड़ियां, ट्रैक्टर, आईटी और रियल एस्टेट जैसे कई क्षेत्रों में काम करता है। आनंद महिंद्रा सिर्फ अपने बिजनेस के लिए ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के लिए भी जाने जाते हैं। वे अक्सर भारत के टैलेंट, नए इनोवेशन्स और प्रेरणादायक वीडियो शेयर करते रहते हैं। वे देश में छिपे हुए हुनर की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उन्होंने सोशल मीडिया पर दिखे किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति की आर्थिक मदद की है। उनके विचार लोगों को प्रेरित करने का भी काम कर सकते हैं। ऐसे में यहां हम आनंद महिंद्रा के मोटिवेशनल कोट्स लेकर आए हैं जो आपको जीवन में सही दिशा दिखा सकते हैं।

    • यदि आपके सपने आपको डराते नहीं हैं, तो वे उतने बड़े नहीं हैं।
    • आप जितने सकारात्मक बदलाव करे हैं, उतना ही आप अपने व्यापार को बढ़ा रहे होते हैं।
    • स्थिरता हमारी तरक्ती का हिस्सा है। अगर आप समाज को देने की जगह लेने पर विश्वास रखते हैं तो सफल नहीं हो पाएंगे।
    • जिंदगी के पास सबसे ताकतवर लोगों को भी ये सिखाने का दिलचस्प तरीका है कि दौलत की खुशी पल भर की है।
    • जो व्यक्ति आज की बात को कल पर टाल देता है, वो संभवत पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है।
    • नेता पीछे नहीं देखते, वे बगले नहीं झांकते हैं- वे आगे की ओर देखते हैं।
    • लीडर्स पीछे पलटकर नहीं देखते, वो अपने ईर्द-गिर्द भी नहीं देखते-वो आगे देखते हैं।
    • कभी भी सपने की शक्ति को कम मत समझो। इसमें जीवन को बदलने और भविष्य को आकार देने की क्षमता है।
    • अपनी वर्तमान परिस्थितियों तक सीमित न रहें। बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और कभी हार न मानें।
    • दुनिया उन्हीं की है जो सपने देखने की हिम्मत रखते हैं और अपने सपनों को लगातार पूरा करने का साहस रखते हैं।

  • वायरल रील ने पहुंचाया सलाखों तक! थाने में रौब झाड़ने वाले युवक की पुलिस ने कराई परेड

    वायरल रील ने पहुंचाया सलाखों तक! थाने में रौब झाड़ने वाले युवक की पुलिस ने कराई परेड

    वायरल रील ने पहुंचाया सलाखों तक! थाने में रौब झाड़ने वाले युवक की पुलिस ने कराई परेड

     सोशल मीडिया पर रील बनाना और दबंगई दिखाने का काफी ट्रेंड चल रहा है लेकिन कई बार दबंगई दिखाना काफी भारी पड़ जाता है. झारखंड के चुटिया थाना क्षेत्र में भी कुछ ऐसा ही हुआ. यहां सोशल मीडिया पर ‘दबंग’ बनने का शौक एक युवक को महंगा पड़ गया. रांची के चुटिया थाना परिसर को फिल्मी सेट समझकर बनाई गई एक रील वायरल क्या हुई, पुलिस सीधे एक्शन में आ गई. जिस थाने में युवक ने हीरो वाली एंट्री मारकर रील शूट की थी, उसी थाने में पुलिस ने उसकी परेड कराई और आखिरकार उसे हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी.

    कैमरे के सामने फिल्मी अंदाज

    मामला झारखंड के चुटिया थाना क्षेत्र का है. यहां साहिल महतो नाम का युवक थाना परिसर में दबंग स्टाइल में एंट्री करता है. कैमरे के सामने फिल्मी अंदाज में रील शूट होती है और फिर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जाता है. देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया. रील वायरल होने के बाद चुटिया थाना पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया. थाना प्रभारी पूनम कुजूर के निर्देश पर युवक की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया. जिस परिसर में वह रील बनाकर रौब झाड़ रहा था, वहीं पुलिस ने उसकी परेड कराई. पुलिस की सख्ती के आगे युवक की सारी हेकड़ी निकल गई.

    पुलिस से हाथ जोड़कर मांगी माफी

    पूछताछ के दौरान साहिल महतो ने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस से माफी मांगी. थाना प्रभारी पूनम कुजूर ने कार्रवाई करते हुए युवक की परेड कराई और उसे गलती का एहसास कराया. बाद में पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया. युवक ने माफी मांगते हुए दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की बात कही है. इसके बाद पुलिस ने कड़ी चेतावनी देते हुए उसे पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया. 

    कानून के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

    पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए सरकारी संस्थानों की गरिमा से खिलवाड़ या कानून की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कुछ सेकेंड की रील ने युवक को ऐसा सबक सिखाया, जिसे वह शायद लंबे समय तक नहीं भूल पाएगा.

  • बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    Bihar News: शेखपुरा जिले के बरबीघा में मंगलवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब रेलवे स्टेशन के पश्चिम स्थित एक खेत से एक अधेड़ व्यक्ति का नग्न शव बरामद हुआ। बरबीघा रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर पश्चिम खेत में पड़ी लाश मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

    जानकारी के अनुसार, नारायणपुर गांव के कुछ युवक सुबह टहलने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में नग्न अवस्था में पड़े एक शव पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और खबर आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 और बरबीघा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही बरबीघा थानाध्यक्ष गौरव कुमार तथा अंचल निरीक्षक ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और आसपास से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि मृतक थाना चौक के आसपास ठेले पर घूम-घूमकर नींबू बेचने का काम करता था। हालांकि वह किस गांव या जिले का रहने वाला था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है।थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जब तक मृतक की पहचान नहीं हो जाती, तब तक शव को अस्पताल में सुरक्षित रखा जाएगा।

    घटनास्थल से एक माला बरामद हुई है, लेकिन उसमें लगा सोने का लॉकेट गायब पाया गया है। इसी वजह से हत्या, लूटपाट या अन्य आपराधिक एंगल से भी पुलिस तहकीकात कर रही है। वहीं स्थानीय लोग अवैध संबंध सहित कई तरह की आशंकाएं जता रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।