सलमान खान और फिल्ममेकर अमित जानी के बीच ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सलमान खान ने पर्सनैलिटी राइट्स के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 27 जुलाई को ‘काला हिरण’ का टीजर और उससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया।
इस फैसले से असंतुष्ट अमित जानी ने अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसी बीच फिल्ममेकर ने एक और गंभीर दावा किया है। उनका कहना है कि इस विवाद के बाद से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
अमित जानी के इस दावे के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर है कि अदालत इस पूरे विवाद पर क्या फैसला सुनाती है।
जानी ने कहा है, “हमें धमकियां मिल रही हैं, इसलिए अगर हम यह भी नहीं कह सकते कि हमें धमकियां मिल रही हैं, तो यह लोकतंत्र की पूरी तरह से हत्या होगी। हमने सुप्रीम कोर्ट से यही बात कही है।”
इसके आगे अमित जानी ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि सलमान खान उनके दोस्त हैं। वे खुद फोन करके कहते हैं कि सलमान खान हमारे दोस्त हैं। वे हमें धमकी दे रहे हैं कि अगर आपने सलमान खान पर फिल्म बनाई, तो हम आपको मार देंगे। हम ग्रेनेड फेंकेंगे।”
जानी ने इस बात पर नाराजगी जताई कि हाई कोर्ट का आदेश सिर्फ टीजर और इंटरव्यू तक सीमित था, लेकिन उनकी पूरी फिल्म रोक दी गई है। एएनआई के साथ बात करते हुए जानी ने कहा, “27 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर टीजर हटाने का आदेश दिया। म इस फैसले से सहमत नहीं हैं। हम इस टीजर और सभी इंटरव्यू को बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए हैं। हमने किसी भी इंटरव्यू में यह नहीं कहा है कि सलमान खान का अंडरवर्ल्ड से कोई संबंध है।” इस खबर के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
अक्सर कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि अनजान व्यक्ति से बात करने, अपनी बातों को स्पष्टता से रखने, नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के दौरान घबरा जाते हैं। कई बार सही बात पता होने के बावजूद उसे स्पष्ट तरीके से कह नहीं पाते, बातचीत के दौरान घबराहट होने लगती है। यहां तक कि सामने वाले की बात भी ठीक से सुन नहीं पाते। ऐसे लोगों में कम्युनिकेशन स्किल कमजोर हो सकती है। साफ बोलना, ध्यान से सुनना, सही सवाल पूछना और अपनी बात को आत्मविश्वास से रखना बेहतर कम्युनिकेशन स्किल का हिस्सा है।
अगर आप भी इस तरह बात करने में झिझक महसूस करते हैं या अपने आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं तो अपनी कम्युनिकेशन स्किल को सुधारने के लिए कुछ तरीके अपना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे अपनी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर करें:
1- ध्यान से सुनें बात
अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई हमसे बात कर रहा होता है, तो हम उसकी बात सुनने की बजाय मन ही मन अपने जवाब के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन अच्छा कम्युनिकेटर सिर्फ अच्छा बोलता नहीं, बल्कि अच्छा श्रोता भी होता है। बातचीत के दौरान पहले से अपना जवाब सोचने के बजाए सामने वाली की बात पूरी होने दें और उसे ध्यान से सुनें। बीच में इधर-उधर देखना, फोन देखना या बार-बार बीच में बोलना सामने वाले को यह महसूस करा सकता है कि आप उसकी बातों में रुचि नहीं रख रहे हैं। वहीं, जवाब देने से पहले कुछ सेकंड रुकें। रुककर सोचने के बाद दिया गया जवाब अक्सर जल्दबाजी में दिए गए जवाब से कहीं बेहतर होता है।
2- सरल और स्पष्ट बात करें
अक्सर लोगों के साथ ऐसा होता है कि जिस मुद्दे पर बात कर रहे हैं उसे बहुत घुमा फिरा कर रखते हैं। लेकिन अच्छी कम्युनिकेशन का मतलब अपनी बात को सरल और स्पष्ट तरीके से रखना होता है। आपकी बात जितनी सरल और स्पष्ट होगी उसे समझने में उतनी ही आसानी होगी। जितना जरूरी हो उतना ही बताएं।
3- बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें
बातचीत के दौरान शब्द जितना प्रभाव डालते हैं, उतना ही काम बॉडी लैंग्वेज यानी शारीरिक हाव-भाव का भी होता है। जब कोई आपसे बात करे तो उस दौरान बार-बार फोन देखने, घड़ी और इधर-उधर देखने से सामने वाले को संदेश जाता है कि आपका ध्यान उसकी बात में नहीं है। जरूरी नहीं है कि आप सामने वाले की आंखों में देखकर बात करें, लेकिन इस दौरान पूरी तरह मौजूद और ध्यान से सुनने वाला व्यक्ति बनना बहुत फर्क पैदा करता है।
4- ओपन-एंडेड सवाल पूछें
ओपन-एंडेड सवाल का मतलब कि ऐसे सवाल पूछें जिनका जवाब केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ में न दिया जा सके। इससे बातचीत जल्दी खत्म हो सकती है। अगर आप सच में यह समझना चाहते हैं कि सामने वाला क्या सोच रहा है, खासकर काम से जुड़ी किसी मुश्किल बातचीत में, तो ऐसे सवाल पूछें जिनका जवाब थोड़ा विस्तार से देना पड़े।
5- बोलने का तरीका
किसी भी सवाल का जवाब देने से पहले अपने आत्मविश्वास को मजबूत करें। क्योंकि, घबराहट होने पर लोग अक्सर तेजी से बोलने लगते हैं। इससे शब्द अस्पष्ट हो सकते हैं और आपकी बात का प्रभाव भी कम हो सकता है। अगर आप शांत और आत्मविश्वासी दिखना चाहते हैं, तो बोलने की गति थोड़ी धीमी रखें। साथ ही अंत तक अपनी आवाज को स्थिर और स्पष्ट रखें। जो बात आप कह रहे हैं, उसे आत्मविश्वास के साथ कहें।
6- जवाब देने से पहले सवाल समझें
चाहे नौकरी के लिए इंटरव्यू हो या किसी और को जवाब देना हो, लेकिन जवाब देने से पहले सवाल को समझना जरूरी है। अगर सवाल स्पष्ट न हो तो दोबारा पूछ सकते हैं। घबराहट दिखाने के बजाए सावधानी और समझदारी से जवाब दें। इससे आप अपनी बात को स्पष्ट रूप से रख पाएंगे।
7- कहने का अभ्यास करें
केवल पढ़ने से कम्युनिकेशन स्किल बेहतर नहीं होती। इसके लिए नियमित अभ्यास भी जरूरी है। अपनी कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर करने के लिए हर दिन किसी विषय पर 2-5 मिनट अपनी बात बोलकर अभ्यास कर सकते हैं। मोबाइल में अपनी आवाज रिकॉर्ड करके उसे सुनें और देखें कि आप बहुत तेज तो नहीं बोल रहे, बार-बार कोई शब्द तो नहीं दोहरा रहे या बात को अनावश्यक रूप से लंबा तो नहीं कर रहे।
बॉलीवुड एक्टर सुरेश ओबेरॉय जो खुद साल 2004 में बीजेपी में शामिल हुए थे, उन्होंने अब उसी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने राजनीतिक पार्टी के प्रति अपनी निराशा जताई है और अपने खुद के राजनीतिक सफर के अनुभव को साझा किया है। उनका कहना है कि उन्हें समझ आ गया है कि वो राजनीति के लिए नहीं बने हैं। उन्होंने पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी में ज्यादातर लोग सिर्फ पैसा बना रहे हैं, वो भी झूठ बोलकर।
सुरेश ओबेरॉय क्यों हुए थे बीजेपी में शामिल
80 और 90 के दशक के पॉपुलर बॉलीवुड स्टार सुरेश ओबेरॉय ने हाल ही में निधि वसनदानी के साथ एक पॉडकास्ट किया जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने बीजेपी क्यों ज्वाइन की थी। सुरेश ओबेरॉय बताते हैं कि वह एक कॉलेज फ्रैंड के कहने पर बीजेपी में शामिल हुए थे।
अभिनेता ने बताया कि हैदराबाद में कॉलेज के दिनों का उनका एक दोस्त एक दिन उनके घर आया और उन्हें BJP में शामिल होने के लिए कहा। दोस्त के कहने पर वह उसके साथ पार्टी में चले गए। उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले BJP की सदस्यता ली थी और इसके बाद पार्टी के लिए चुनाव प्रचार भी किया था।
जब गुरू से पड़ी थी राजनीति के लिए डांट
सुरेश ओबेरॉय ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी से उनके जुड़ाव का कारण लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे वरिष्ठ नेता थे। एक्टर ने कहा कि आडवाणी जी और अटल जी ने मुझे माला पहनाई, लेकिन इसके बाद जब मैं अपने गुरू से मिला तो उन्होंने मुझे डांटा। वो मुझे बहुत प्यार करते थे तो उन्होंने मुझे सावधान रहने को कहा और बोले कि इन लोगों से संपर्क मत रखो। उन्होंने इस तरह किसी को नहीं डांटा था लेकिन उन्होंने मुझे सच में बहुत डांटा।
बीजेपी में ज्यादातर लोग पैसा कमा रहे हैं
सुरेश ओबेरॉय ने कहा कि वो समाजसेवा में काफी रुचि रखते हैं, इसी वजह से उन्होंने जवसेवा की सोच से पार्टी ज्वाइन की थी लेकिन वहां के अनुभव से उन्हें काफी निराशा मिली। एक्टर ने बात खत्म करते हुए कहा कि उन्हें लगता था कि राजनीति का मतलब देश के लिए कुछ करना है।
“बाद में मुझे एहसास हुआ कि ज्यादातर लोग पैसा कमा रहे थे। झूठ बोलकर और पैसा बना रहे थे। दो-चार लोगों को छोड़कर- जैसे मोदी जी, उनके आस पास के एक दो बड़े नेता और योगी जी को छोड़कर। मैं उनकी बात नहीं कर रहा हूं लेकिन उनके अलावा ज्यादातर लोग पैसे बना रहे हैं।” सुरेश ओबेरॉय ने कहा
राजनीति से खुश नहीं थे एक्टर सुरेश ओबेरॉय
साथ ही एक्टर ने बताया कि अपने गुरू की चेतावनी के बाद भी वह राजनेताओं के संपर्क में रहे लेकिन उन्हें अंदर से खुशी नहीं मिलती थी। वो राजनीतिक माहौल में असहज महसूस करते थे। उन्होंने कहा कि “मैं अंदर से खुश नहीं था। मुझे अच्छी एनर्जी नहीं मिली।”
एक्टर ने कहा, “मोदी जी और अमित शाह तो ठीक थे लेकिन वहां कई और ऐसे नेता थे जो मुझे अजीब लगे। कुछ बनावटी सा लगा। फिल्मों में, आप एक फिल्म पर काम करते हो और फिर आगे बढ़ जाते हो लेकिन यहां ऐसा नहीं था। आपको चीजों को लेकर साथ चलना पड़ता है, उसका हिस्सा बनना होता है, मैं वो हिस्सा नहीं बन सका।”
Vastu Tips for Kitchen:
वास्तु और हिंदू घरेलू परंपराओं में रसोई को अन्न, अग्नि और शुद्धता का स्थान माना गया है। इतना ही नहीं इस स्थान पर भोजन बनता है जो पूरे परिवार के लोग खाते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार घर में मौजूद किचन को हद्य माना जाता है, क्योंकि ये परिवार के सेहत, सुख-शांति, ऊर्जा पर असर डालता है। इसलिए किचन को हमेशा साफ-सुथरा रखने के साथ-साथ कुछ चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूर है। मनुस्मृति 4.65 में टूटे बर्तन में भोजन न करने की बात कही गई है। इसके अलावा कुछ और चीजों को किचन में रखने की मनाही होती है, क्योंकि इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में किन चीजों को रखने की मनाही होती है…
टूटी-फूटी बर्तन
वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में बिल्कुल भी ऐसे बर्तन रखें, जो टूटे-फूटे, दरार आदि पड़ी हो। ऐसे बर्तन नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। इसके साथ ही घर में दरिद्रता और कलह फैला सकते हैं। परिवार के सदस्यों के बीच खटास बनी रहती हैं। इसलिए ऐसे बर्तनों को घर से तुरंत हटा दें।
जंग लगे औजार
किचन में इस्तेमाल होने वाले चाकू, कैंची या अन्य लोहे से बनी चीजों में अगर जंग लग गई है या फिर टूट-फूट गया है, तो उसे तुरंत हटा दें या फिर अच्छे से साफ कर लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी चीजें घर में होने से नकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में घर में लड़ाई-झगड़े के साथ-साथ सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
दवाइयां
आधुनिक वास्तु शास्त्र में मान्यता है कि किचन में दवाइयां नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि ये अग्नि और अन्न का स्थान है। वहीं दवाएं रोग-निवारण से संबंधित हैं। हालांकि, इसे प्राचीन धर्मशास्त्रों का स्पष्ट नियम नहीं माना जा सकता।
झाड़ू और सफाई का सामान
आधुनिक वास्तु या घरेलू परंपरा के अनुसार किचन में झाड़ू या फिर सफाई से संबंधित चीजों को नहीं रखना चाहिए। एक तरफ को ये स्वच्छता की दृष्टि से बेहतर नहीं है। इसके अलावा इसे किचन में रखने से नकारात्मकता में बढ़ोतरी हो सकती है। रसोई घर को सबसे ज्यादा पवित्र स्थान माना जाता है। जबकि झाड़ू को गंदगी से संबंधित माना जाता है। इसलिए इसे किचन में रखने से बरकत कम होती हैं और धन का नाश हो सकता है। इसके अलावा सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
पितरों की तस्वीर
घर की किचन में कभी भी पितरों की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर-परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही धन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
किचन को पॉजिटिव बनाए रखने के आसान उपाय:
किचन में हमेशा साफ रखें। समय-समय पर डिब्बों की भी सफाई करते रहें। रोजाना पूजा के समय किचन में धूपबत्ती जलाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा हटेगी। किचन को हल्का और रोशन रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। किचन में कभी भी चूल्हे के पास पानी से संबंधित चीजें न रखें।
हर कोई आकर्षक दिखना चाहता है और इसमें कपड़े अहम भूमिका निभाते हैं। फैशन के इस दौर में महिलाएं किसी भी तरह के कपड़े पहनने से नहीं हिचकिचाती हैं। अब तो स्लीवलेस पहनना आम हो गया है। कई बार तो पार्टी में जाते वक्त महिलाएं बैंडो ड्रेस भी पहनना पसंद करती हैं। वहीं, कुछ महिलाएं डार्क अंडरआर्म्स के कारण चाहकर भी स्लीवलेस ड्रेस नहीं पहन पाती हैं। खासकर गर्मियों के मौसम में उन्हें इसके कारण शर्मिंदगी महसूस होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम कुछ शानदार घरेलू टिप्स लेकर आए हैं। ये घरेलू उपचार डार्क अंडरआर्म्स की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकेंगे।
त्वचा के अन्य हिस्सों के मुकाबले अंडरआर्म्स का रंग थोड़ा डार्क होता है। हालांकि, ये किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होते, लेकिन कभी-कभी शर्मिंदगी का कारण बन जाते हैं। खासकर तब जब कोई लड़की स्लीवलेस कपड़े पहनने के बारे में सोचती है। इसलिए, इसे ठीक करना जरूरी हो जाता है। इन्हें ठीक करने से पहले हम यह जान लेते हैं कि अंडरआर्म्स डार्क क्यों होते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
अधिक केमिकल का इस्तेमाल करना, जैसे- ब्लीच, हेयर रिमूविंग क्रीम, डियोड्रेंट।
बार-बार शेविंग करने से भी अंडरआर्म्स काले हो जाते हैं।
मेलेनिन के अधिक उत्पादन से भी डार्क अंडरआर्म्स की समस्या हो सकती है
प्रेगनेंसी में भी स्किन का कलर डार्क हो सकता है
डायबिटीज या उच्च इंसुलिन स्तर भी त्वचा के कालेपन की वजह होती है
बैक्टीरियल इंफेक्शन खासकर एरिथ्रस्मा (Erythrasma) भी अंडरआर्म्स के कालेपन का कारण माना जा सकता है
डेड स्किन के कारण भी अंडरआर्म्स में कालापन आ सकता है।
वहीं डॉक्टरों की मानें तो एकान्थोसिस निग्रिकांस (acanthosis nigricans) के कारण भी हो सकता है। यह त्वचा संबंधित स्थिति होती है, जिसमें त्वचा का मलिनकिरण होने लगता है।
यहां हम अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा पाने के कुछ असरदार घरेलू उपाय बता रहे हैं। बस इन घरेलू नुस्खों को इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट करें, ताकि पता चल सके कि किसी सामग्री से एलर्जी तो नहीं होती है। चलिए, जानते हैं कि बगल का कालापन कैसे दूर करें-
1. सेब का सिरका
सामग्री:
सेब का सिरका – दो चम्मच
बेकिंग सोडा – दो चम्मच
उपयोग करने का तरीका:
बेकिंग सोडा में सिरका मिलाएं और इसे अच्छे से घोल लें।
एक बार जब यह अच्छे से घुल जाए, तो इसे अपने अंडरआर्म्स पर लगाकर थोड़ी देर सूखने दें।
फिर थोड़ी देर के बाद उसे धो दें।
इसे हफ्ते में तीन बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है :
जैसा कि हमने लेख में बताया कि मृत कोशिकाएं भी ब्लैक अंडरआर्म्स का एक कारण हो सकती हैं। ऐसे में सेब के सिरके में मौजूद अल्फा हाइड्रोक्साइल एसिड त्वचा में जमे हुए मृत कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ स्किन को जन्म दे सकता है (5)। इसके अलावा, सेब के सिरके में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो सूक्ष्म बैक्टीरिया (जिसकी वजह से कालापन हो सकता) को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं (6)।
सावधानी :
अगर किसी की त्वचा संवेदनशील है, तो एक चम्मच सेब के सिरके में एक चम्मच पानी और बेकिंग सोडा जरूर मिलाए।
2. एलोवेरा
सामग्री:
एलोवेरा का पत्ता
उपयोग करने का तरीका:
एलोवेरा के पत्ते को काटकर उसका जेल निकालें।
अब इस जेल को अंडर आर्म्स पर लगाकर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें।
फिर थोड़ी देर बाद पानी से धो लें।
अगर किसी के पास एलोवेरा का पौधा नहीं है, तो बाजार में मिलने वाले ऑर्गेनिक एलोवेरा जेल का भी उपयोग कर सकते हैं।
इस नुस्खे का इस्तेमाल हर दूसरे दिन किया जा सकता है।
एलोवेरा में एलोसिन (Aloesin) होता है। यह टायरोसिन अवरोधक (tyrosinase inhibitor) है। टायरोसिन एक तरह का एंजाइम है, जो त्वचा पर पिगमेंटेशन के लिए जिम्मेदार है।एलोवेरा इस एंजाइम की गतिविधि में बाधा डालकर अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर रखने में मदद कर सकता है
3. जैतून का तेल
सामग्री:
जैतून का तेल – दो चम्मच
भूरी चीनी – दो से तीन चम्मच
उपयोग करने का तरीका:
तेल में भूरी चीनी को अच्छी तरह मिलाएं।
अब अंडरआर्म्स को हल्का भिगोकर उस पर यह मिश्रण लगाएं।
फिर इसे एक से दो मिनट के लिए स्क्रब करें और फिर पांच मिनट के लिए छोड़ दें।
बाद में गुनगुने पानी से धो दें।
जब तक इसका पूरा परिणाम न मिले, तब तक इसे हफ्ते में दो बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है :
जैतून में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी माइक्रोबियल गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स और बैक्टीरिया से त्वचा की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं (8)। इसके अलावा, जैतून का तेल मेलेनिन के उत्पादन को कम कर सकता है, जिससे त्वचा का रंग डार्क होने से बचाया जा सकता है (9)। वहीं, ब्राउन शुगर का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से साबुन या लोशन में एक कंपाउंड के तौर पर त्वचा की समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता रहा है। यह यूवीबी किरणों के कारण समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने और झुर्रियों को रोकने में मदद कर सकता है ।
4. हल्दी
सामग्री:
हल्दी पाउडर- एक चम्मच
दूध पाउडर – एक चम्मच
शहद – एक चम्मच
उपयोग करने का तरीका:
सारी सामग्रियों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
फिर उस पेस्ट को अपने अंडर आर्म्स पर लगाएं।
अब इसे 10-12 मिनट के लिए सूखने दें।
उसके बाद पानी से धो लें।
इसे हफ्ते में दो बार लगा सकते हैं।
आमतौर पर हल्दी को फेस पैक की तरह लगाया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो त्वचा के दाग-धब्बों को हल्का कर रंगत को निखार सकता है। अगर डार्क अंडरआर्म्स पर इसका उपयोग लगातार किया जाए, तो कालापन दूर हो सकता(11)(12)। वहीं, दूध त्वचा से पिगमेंटेशन और डार्क स्पॉट को कम कर निखार लाने में मदद कर सकता है
सावधानी :
अगर किसी को दूध या दूध के उत्पादों से एलर्जी है, तो इस नुस्खे को न अपनाएं।
5. अरंडी का तेल
सामग्री:
अरंडी का तेल – एक से दो चम्मच
उपयोग करने का तरीका:
नहाने से पहले अंडरआर्म्स में अरंडी का तेल लगाकर पांच मिनट तक मालिश करें।
फिर नहा लें।
रोजाना इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है:
अरंडी का तेल भी अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, अरंडी का तेल त्वचा के कालेपन की वजह बनने वाले अशुद्धियों को निकालकर उसे साफ करने में मदद कर सकता है (14)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अरंडी का तेल अंडरआर्म्स के कालेपन को कम कर सकता है।
6. टी ट्री ऑयल
सामग्री :
टी ट्री ऑयल – चार-पांच बूंद
पानी – एक कप
एक छोटी स्प्रे बोतल
उपयोग करने का तरीका:
स्प्रे बोतल में पानी भरकर इसमें टी ट्री ऑयल डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें।
अब इस मिश्रण को अंडर आर्म्स पर स्प्रे करें और उसे प्राकृतिक तरीके से सूखने दें।
इसका रोज इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है :
अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा पाने के लिए टी ट्री ऑयल अच्छा विकल्प है । जैसा कि हमने लेख में बताया कि अंडरआर्म्स के काले होना का कारण कभी-कभी बैक्टीरिया भी हो सकते हैं। ऐसे में टी ट्री ऑयल के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च से पता चलता है कि टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो कीटाणुओं से लड़ने में मदद कर सकते हैं (15)।
सावधानी :
टी ट्री ऑयल एसेंशियल ऑयल है और काफी गाढ़ा होता है। संभव है कि कुछ लोगों की त्वचा पर यह सूट न करे, इसलिए इसका पैच टेस्ट जरूर कर लें।
7. बादाम तेल
सामग्री:
बादाम तेल की 3 से 4 बूंदें
उपयोग करने का तरीका :
पांच से दस मिनट के लिए बादाम तेल से अपने अंडर आर्म्स की मालिश करें।
हर दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है:
डार्क अंडरआर्म्स में बादाम के तेल के फायदे भी देखे जा सकते हैं। एनसीबाआई की साइट पर उपलब्ध शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि बादाम के तेल में एमोलिएंट (emollient) गुण होता है, जो स्किन टोन को सुधारने में मदद कर सकते है। यही नहीं, बादाम का तेल त्वचा को स्मूद (चिकना) और जवां बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है (16)।
8. नींबू रस
सामग्री :
एक नींबू
उपयोग करने का तरीका:
सबसे पहले नींबू को काट लें और उसे अपने अंडरआर्म्स पर दो-तीन मिनट तक रगड़ें।
फिर 10 मिनट तक नींबू के रस को वहां लगा रहने दें और फिर धो लें।
हफ्ते में तीन से चार बार इसका उपयोग कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है :
त्वचा के लिए नींबू के फायदे कई सारे हैं। इसमें विटामिन-सी होता है, जो कई मायने में त्वचा की रक्षा कर सकता है। इसके अलावा, नींबू में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो मृत कोशिकाओं (ब्लैक अंडरआर्म्स के कारणों में से एक) को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं । साथ ही नींबू में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया से लड़कर त्वचा को सुरक्षित रख सकता है (5)।
9. खीरा
सामग्री:
खीरे के दो टुकड़े
उपयोग करने का तरीका:
खीरे के टुकड़ों को लें और अंडरआर्म्स पर एक से दो मिनट के लिए रगड़ें।
फिर खीरे से निकले रस को अंडरआर्म्स पर करीब 10 मिनट तक लगा रहने दें।
इसके बाद पानी से धो लें।
जल्द और अच्छे परिणाम के लिए हर दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है :
बगल के कालेपन को दूर करने में खीरा भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि खीरे का इस्तेमाल स्क्रब के रूप में किया जा सकता है। यह त्वचा की अशुद्धियों, मृत कोशिकाओं और गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है (17)। ये सभी गुण ब्लैक अंडरआर्म्स को दूर करने में सहायक हो सकते हैं।
10. प्यूमिक स्टोन
सामग्री:
एक प्यूमिक स्टोन
उपयोग करने का तरीका:
नहाने से पहले प्यूमिक स्टोन को भिगोकर कुछ मिनट तक अपने अंडरआर्म्स पर हल्के-हल्के हाथों से रगड़ें।
हफ्ते में दो-तीन बार इस विधि को अपना सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है :
अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा पाने के लिए प्यूमिक स्टोन का भी उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, इसका इस्तेमाल कई सालों से एक्सफॉलिएट के तौर पर किया जाता आ रहा है। यह स्क्रब की तरह काम कर सकता है, जिसकी मदद से मृत कोशिकाओं (कालेपन का कारण) को हटाने में काफी आसानी हो सकती है (17)। इससे जुड़े एक शोध में बताया गया है कि प्यूमिक स्टोन के जरिए त्वचा की मोटी परत को निकालने में मदद मिल सकती है (18)।
सावधानी :
इसे ज्यादा जोर से नहीं, बल्कि हल्के-हल्के हाथों से रगड़ें। अंडरआर्म्स की त्वचा बहुत संवेनदशील होती है, इसे जोर से रगड़ने से त्वचा छिल सकती है।
11. सूरजमुखी का तेल
सामग्री :
सूरजमुखी तेल की कुछ बूंदें
उपयोग करने का तरीका:
अपने अंडरआर्म्स पर सूरजमुखी के तेल से एक-दो मिनट तक मालिश करें।
तेल को 15-20 मिनट के लिए लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें।
अच्छे परिणाम के लिए इसे दिनभर में दो बार लगाएं।
कैसे फायदेमंद है :
डार्क अंडरआर्म्स पर सूरजमुखी के तेल के फायदे देखे जा सकते हैं। एक शोध में यह बताया गया है कि इसमें एंटी माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं (19)। यह अंडरआर्म्स के कालेपन की वजह बनने वाले बैक्टीरियाओं से लड़ने में त्वचा की मदद कर सकते हैं।इस आधार पर यह माना जा सकता है कि सूरजमुखी का तेल बैक्टीरिया के कारण होने वाले बगल के कालेपन को दूर करने में मदद कर सकता है ।
12. मुल्तानी मिट्टी
सामग्री :
मुल्तानी मिट्टी- दो चम्मच
नींबू का रस – एक चम्मच
उपयोग करने का तरीका :
मुल्तानी मिट्टी में नींबू का रस और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर पेस्ट बना लें।
इसे पेस्ट को अंडरआर्म्स पर 10 मिनट तक लगाकर रखें और फिर धो लें।
मुल्तानी मिट्टी के इस पैक को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसे फायदेमंद है :
त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी के फायदे कई सारे हैं। त्वचा को चमकदार बनाने के लिए इसका उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। इसलिए, बगल के कालेपन को हटाने में इसके फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, यह त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाकर अशुद्धियों को साफ करने में मदद कर सकता है (13)। इससे अंडरआर्म्स के डार्कनेस को हटाने में मदद मिल सकती है।
सावधानी :
कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है। संभव है कि मुल्तानी मिट्टी का पैक उन्हें सूट न करे। इसलिए, यह घरेलू नुस्खा इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
13. गुलाब जल
सामग्री:
गुलाब जल
एक चम्मच बेकिंग सोडा
उपयोग करने का तरीका:
बेकिंग सोडा और गुलाब जल को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को अंडरआर्म्स पर लगाकर आठ-दस मिनट के लिए रखें, ताकि यह सूख जाए।
फिर इसे ठंडे पानी से धो लें।
इस पैक को हफ्ते में दो बार लगाया जा सकता है।
कैसे फायदेमंद है :
गुलाब जल त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। इसकी मदद से त्वचा में निखार आ सकता है। एक शोध में बताया गया है कि गुलाब की पंखुड़ियों के अर्क में स्किन व्हाइटनिंग गुण यानी त्वचा में निखार लाने के गुण मौजूद होते हैं (20)। वहीं, बेकिंग सोडा में भी एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सूक्ष्म जीवाणु से लड़ने में त्वचा की मदद कर सकते हैं (21)। फिलहाल, इस संबंध में और रिसर्च किया जा रहा है।
14. आलू
सामग्री:
एक छोटा आलू
उपयोग करने का तरीका:
आलू को छीलकर उसे कद्दूकस कर लें।
अब इस कद्दूकस किए आलू को निचोड़कर रस निकाल लें और उसे अपने अंडरआर्म्स पर लगा लें।
फिर 10-15 मिनट बाद उसे पानी से धो लें।
जब तक प्रभाव नजर न आए, इसे दिनभर में दो बार लगाएं।
कैसे फायदेमंद है :
त्वचा के लिए आलू के फायदे अनेक हैं। दरअसल, आलू में विटामिन-सी पाया जाता है (22)। बता दें कि विटामिन-सी मेलानोजेनेसिस (मेलेनिन के उत्पादन की प्रक्रिया) को कम कर सकता है, जिससे त्वचा की रंगत में सुधार हो सकता है (23)। एक अन्य शोध की मानें, तो विटामिन-सी एंटी पिगमेंटिंग कंपाउंड के रूप में भी कार्य कर सकता है, जो हाइपर पिगमेंटेड स्पॉट (काले धब्बे) को कम कर सकता है (24)।
15. फिटकिरी
सामग्री:
एक या दो चम्मच फिटकरी का पाउडर
उपयोग करने का तरीका:
फिटकरी में थोड़ा-सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें।
फिर नहाने से पहले इस पेस्ट को लगाकर 10 से 15 मिनट तक रहने दें।
उसके बाद नहा लें।
हफ्ते में एक या दो बार इस पेस्ट को लगाएं।
कैसे फायदेमंद है :
फिटकरी के फायदे त्वचा के लिए कई प्रकार के हैं। दरअसल, फिटकरी में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं (25)। यह उन बैक्टीरिया से त्वचा की रक्षा कर सकते हैं, जो ब्लैक अंडरआर्म्स का कारण बनते हैं। इसके अलावा, एक रिसर्च में इस बात की भी जानकारी मिलती है कि, फिटकरी का इस्तेमाल अंडरआर्म्स में आने वाले पसीने को कम करने के लिए किया जा सकता है (26)। इस आधार पर माना जा सकता है कि अंडर आर्म्स के कालेपन से छुटकारा पाने में फिटकरी का उपयोग प्रभावी हो सकता है। अभी इस संबंध में और शोध किया जा रहा है।
बने रहें हमारे साथ
आइए, अब जानते हैं कि अंडर आर्म्स ब्लैक रिमूवल के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए।
अंडरआर्म्स के कालेपन के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?
यहां हम बता रहे हैं कि अंडरआर्म्स के कालेपन के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए-
अगर ऊपर बताए गए डार्क अंडरआर्म्स होम रेमेडी के बाद भी बगल का कालापन नहीं जाता है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कभी-कभी कालापन बैक्टीरिया के अलावा किसी अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए, ऐसे मामले में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर समस्या की पहचान कर सही सुझाव या ट्रीटमेंट दे सकते हैं।
इसके अलावा, अगर कोई मधुमेह की समस्या या फिर थायराइड की समस्या से ग्रसित है और उनके बगल के काले दाग कई उपायों के बाद भी नहीं ठीक हो रहे हैं, तो उन्हें भी तुरंत डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए।
अंडरआर्म्स के कालेपन से छुटकारा का इलाज
अंडरआर्म्स का काला होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। घर बैठे ही इससे आसानी से निजात पाया जा सकता है। फिर भी कुछ मामलों में अगर बताए गए घरेलू उपायों से यह ठीक नहीं होता है, तो डॉक्टरी सलाह पर इसका इलाज कराया जा सकता है। चलिए, जान लेते हैं कि बगल के काले दाग से छुटकारा पाने के इलाज क्या हैं।
केमिकल पील्स: इसका इस्तेमाल त्वचा के पिगमेंटेशन को सुधारने के लिए किया जा सकता है। यह त्वचा से अधिक मेलेनिन के उत्पादन को कम करने में सहायता कर सकता है, जिससे पिगमेंटेशन को कम करने में सहायता मिल सकती है (27)।
क्रीम और एंटीबायोटिक्स: कई डॉक्टर अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने के लिए एंटी बैक्टीरियल क्रीम या एंटीबायोटिक की सलाह दे सकते हैं। ये सभी कांख के कालेपन को दूर करने में सहायक साबित हो सकते हैं।
लेजर – अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने और बालों को कम करने के लिए लेजर ट्रीटमेंट भी उपयोगी हो सकता है
सावन के महीने में बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश मौसम को खुशनुमा बनाती है और सूखे धरती को राहत देकर उसे हरा-भरा करती है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बारिश के पानी को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि बरसात के साफ पानी को जमा करके किए गए कुछ उपायों से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। तो चलिए जानते हैं बारिश के पानी से जुड़े कुछ आसान उपाय।
आर्थिक स्थिति से राहत का उपाय
अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो बारिश के पानी से जुड़ा यह उपाय कर सकते हैं। इसके लिए बारिश का पानी मिट्टी के घड़े या तांबे के बर्तन में इकट्ठा करें। बर्तन में रखें इस पानी में एक चुटकी हल्दी मिला दें। अब इसे घर की उत्तर दिशा में रख दें। सनातन धर्म
की मान्यताओं के अनुसार, 11 दिनों तक सुबह और शाम इसके पास दीपक जलाने से आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं।
अच्छी सेहत के लिए उपाय
हालांकि, बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह और सही इलाज लेना जरूरी है। लेकिन अगर परिवार में कोई व्यक्ति लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहा है तो बारिश पानी का यह उपाय राहत दे सकता है। इसे स्टील या तांबे के बर्तन में रखकर भगवान शिव की पूजा करें। इसके बाद शिवलिंग पर यह जल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मन को शांति और सकारात्मकता मिलने की मान्यता है।
इस उपाय से चंद्रमा को करें मजबूत
ज्योतिष में कमजोर चंद्रमा को मानसिक अशांति, अनिद्रा और आत्मविश्वास में कमी से जोड़ा जाता है। इसके लिए बारिश का पानी हरे रंग की कांच की बोतल में भरकर घर के किसी शांत स्थान पर रख सकते हैं। इसे पूरे साल स्टोर करके रखने की मान्यता है। इसके बाद आने वाले साल में पुराने पानी की जगह फिर से बारिश का नया पानी भरने की मान्यता है।
साफ पानी का करें इस्तेमाल
बारिश के पानी से जुड़े ये आसान उपाय ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन उपायों के लिए हमेशा साफ और स्वच्छ बारिश के पानी का ही इस्तेमाल करें।
रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा । जब भी कोई पर्व आने को होता है, तो उस पर्व से जुड़ी कथाओं और कहानियों के बारे में इंटरनेट पर खूब सर्च होने लगता है। जैसा कि राखी का त्योहार आने वाला है तो ऐसे में स्वाभाविक है कि लोग इस बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहेंगे। इस त्योहार को लेकर एक बड़ा सवाल जो हर किसी के मन में रहता है कि आखिर इस पर्व की शुरुआत हुई कैसे थी और इतिहास में सबसे पहली राखी किसने किसको बांधी थी? तो आज हम अपने इस खास लेख में आपके इसी सवाल का सटीक जवाब देंगे। क्या आप जानते हैं कि राखी की शुरुआत धरती नहीं बल्कि पाताल लोक से हुई थी।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन के त्योहार का प्रारंभ खुद माता लक्ष्मी ने किया था। माता ने एक अनोखे वादे के कारण राजा बलि के हाथ में पहली राखी बांधी थी। चलिए जानते हैं राखी की सबसे पौराणिक कथा।
रक्षाबंधन की सबसे पौराणिक कथा
श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार
, असुरराज बलि बहुत पराक्रमी और दानवीर राजा थे। उन्होंने अपने तपोबल और पराक्रम से तीनों लोकों पर अपना अधिकार जमा लिया था। इससे भयभीत होकर देवराज इंद्र भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे। तब देवताओं की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और वे राजा बलि के यज्ञ में पहुंचे। बलि ने यज्ञ में आए वामन देव से मनचाहा दान मांगने को कहा। जिस पर वामन देव ने केवल तीन पग भूमि देने की मांग की। जब राजा बलि इतनी भूमि देने के लिए तैयार हो गए तब वामन देव ने अपना विशाल रूप धारण किया और उन्होंने दो पग में ही पूरी पृथ्वी, आकाश और स्वर्ग लोक नाप लिया।
जब तीसरा पग रखने के लिए कुछ नहीं बचा तब राजा बलि ने अपना सिर ही वामन देव के चरणों में रख दिया। बलि की इस भक्ति और दानशीलता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक का राजा बना दिया। साथ ही भगवान विष्णु ने बलि से वरदान मांगने को कहा, तब राजा बलि ने एक अत्यंत अनोखा वादा मांग लिया। बलि ने कहा, ‘हे प्रभु मुझे वरदान दीजिए कि जब भी मैं सुबह उठूं या रात को सोऊं, आप हमेशा मेरे सामने रहें। मेरी इच्छा है कि आप मेरे पाताल लोक के द्वारपाल बनकर रहें।’ इसके बाद भगवान विष्णु बैकुंठ धाम छोड़कर पाताल लोक में राजा बलि के द्वारपाल बनकर रहने लगे।
माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को वापस पाने के लिए बांधी पहली राखी
भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम छोड़ने से माता लक्ष्मी अत्यंत दुखी रहने लगीं। तब उन्होंने प्रभु को वापस लाने की एक योजना बनाई। उस योजना के तहत माता लक्ष्मी एक साधारण स्त्री का रूप धारण करके पाताल लोक पहुंचीं। उन्होंने राजा बलि को अपना भाई माना और श्रावण पूर्णिमा के दिन राजा बलि की कलाई पर एक रक्षासूत्र बांध दिया। साथ ही उन्होंने राजा बलि के लंबे और सुखद जीवन की प्रार्थना की। यह देख राजा बलि का दिल स्नेह और करुणा से भर गया। जिसके बाद राजा बलि ने अपनी धर्म बहन से कुछ मांगने के लिए कहा। तब माता लक्ष्मी अपने वास्तविक रूप में प्रकट हुईं और बोलीं, ‘हे राजन! मुझे धन-दौलत कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ मेरे स्वामी मुझे लौटा दो।’ राजा बलि ने माता लक्ष्मी द्वारा बांधे गए पवित्र धागे का मान रखा और तुरंत भगवान विष्णु को अपने उस अनोखे वादे से मुक्त कर दिया, जिसके तहत उन्होंने भगवान को अपना द्वारपाल बना लिया था। इसके बाद माता लक्ष्मी भगवान विष्णु को लेकर बैकुंठ धाम वापस आ गईं। कहते हैं इस घटना के बाद से ही राखी पर्व मनाया जाने लगा।
शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एनीमिया के कारणों में आयरन की कमी एक प्रमुख कारण है। ऐसे में डॉक्टर जरूरत के मुताबिक आयरन रिच फूड्स के साथ आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को आयरन सप्लीमेंट लेने पर कब्ज, पेट दर्द, मतली या पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। इन समस्याओं के कारण कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना बंद कर देते हैं। ऐसे में डाइट में आयरन से भरपूर फूड्स का सेवन मददगार हो सकता है।
फिजिशियन एवं एमडी (मेडिसिन) डॉ. शालिनी सिंह सालुंके के मुताबिक, आयरन की जरूरत को पूरा करने के लिए डाइट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे राजगिरा, बाजरा, रागी, ज्वार, क्विनोआ, काला तिल और सहजन के पत्ते शामिल किए जा सकते हैं। इनके अलावा अंडा और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी संतुलित डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि आयरन की गोली लेने पर पेट क्यों खराब होता है और इसकी कमी होने पर डाइट में किन अनाज को शामिल किया जा सकता है जिससे पाचन भी दुरुस्त रहे और दवाओं के साइड इफेक्ट से भी बचा जा सके।
आयरन की गोली कैसे पेट को खराब करती है?
आयरन की गोली से पेट खराब होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि आयरन का कुछ हिस्सा शरीर में अवशोषित नहीं हो पाता और आंतों में रह जाता है।यह पाचन तंत्र को इरिटेट कर सकता है, जिससे कुछ लोगों को कब्ज, पेट दर्द, मितली, गैस या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है।
आयरन के लिए रागी की रोटी खाएं
रागी पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है, जिसमें आयरन के साथ कैल्शियम, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इस अनाज का सेवन रोटी, डोसा, चीला या दलिया के रूप में करें बॉडी को भरपूर आयरन मिलेगा। रागी में मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने की प्रक्रिया में योगदान देता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN, ICMR) और Journal of Food Science and Technology के अनुसार, रागी में हाई फाइबर और पॉलीफेनोल्स होते हैं जो नॉन-हीम आयरन के अवशोषण को धीमा कर सकते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि रागी के साथ विटामिन-C जैसे नींबू या आंवला करने से इसकी अवशोषण क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
बाजरा की रोटी खाएं
बाजरा एक ऐसा साबुत अनाज है जिसमें आयरन, फाइबर, प्रोटीन और कई अन्य पोषक तत्वों भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। बाजरा का सेवन उसकी रोटी, खिचड़ी, चीला या दलिया बनाकर करें तो बॉडी को फायदा होगा। बाजरे में मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है और नियमित संतुलित डाइट का हिस्सा बनने पर आयरन की जरूरत पूरी करने में योगदान दे सकता है। The Journal of Nutrition और ICRISAT की रिसर्च के अनुसार, भारत में कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए बायो फोर्टिफाइड बाजरे को एक बेहतरीन विकल्प माना गया है। क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया कि बाजरा नियमित खाने से बच्चों और महिलाओं में फेरिटिन यानी आयरन स्टोर के स्तर में सुधार होता है।
ज्वार को मिक्स करके बनाएं रोटी
ज्वार एक ग्लूटेन-फ्री साबुत अनाज है, जिसमें आयरन, फाइबर, प्रोटीन और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे रोटी, भाकरी, दलिया या दूसरे व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। ज्वार में मौजूद आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आयरन की जरूरत को पूरा करने में योगदान देता है। ICMR-NIN की ‘इंडियन फूड कम्पोजिशन टेबल्स’ (IFCT) के अनुसार, ज्वार एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है। Food Chemistry पत्रिका में प्रकाशित अध्ययनों से पता चलता है कि ज्वार में टैनिन और फाइटेट्स मौजूद होते हैं, जिससे नॉन-हीम आयरन का अवशोषण प्रभावित होता है। हालांकि, ज्वार को अंकुरित करने या इसे खमीर बनाने से इसके एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और आयरन का अवशोषण बेहतर होता है।
राजगीर (अमरंथ) को मिक्स करें गेहूं के आटे के साथ
राजगीर यानी अमरंथ को आयरन सहित कई पोषक तत्वों से भरपूर अनाज माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और खनिज भी पाए जाते हैं। इसे आटे के रूप में रोटी, चीला या लड्डू बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। राजगीर से मिलने वाला आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में योगदान देता है और संतुलित आहार के जरिए रोजाना आयरन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है। International Journal of Food Sciences and Nutrition के अनुसार, राजगीर में न केवल आयरन बल्कि लाइसिन (Lysine) नामक अमीनो एसिड और कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में होता है। रिसर्च बताती है कि इसमें मौजूद आयरन का बायो-अवेलेबिलिटी अन्य अनाजों की तुलना में बेहतर होती है, जो हीमोग्लोबिन का स्तर बनाए रखने में मददगार है।
ओट्स
ओट्स में आयरन के साथ फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे दलिया, ओवरनाइट ओट्स या चीला बनाकर आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है। ओट्स से मिलने वाला आयरन पौधों से प्राप्त नॉन-हीम आयरन होता है। British Journal of Nutrition और USDA (अमेरिकन कृषि विभाग) के डेटा के मुताबिक, ओट्स में आयरन के साथ ‘सॉल्युबल फाइबर पाया जाता है। ओट्स में मौजूद फाइटिक एसिड नॉन-हीम आयरन के अवशोषण को बाधित करता है, इसलिए शोधकर्ता ओट्स को रात भर भिगोकर या विटामिन-C से भरपूर फलों जैसे संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी के साथ खाने की सलाह देते हैं। विटामिन सी से भरपूर फूड्स के साथ इसका सेवन करने से बॉडी में इसका अवशोषण बेहतर होता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। आयरन युक्त अनाज और खाद्य पदार्थ संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन गंभीर आयरन की कमी या एनीमिया में केवल खान-पान के जरिए इलाज संभव नहीं है। आयरन सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
केरल के अलाप्पुझा में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है जहां एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का मामला सुलझाते हुए पुलिस ने दावा किया है कि उसकी हत्या उसी की नाबालिग पोती ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पोती समेत चार नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि इस केस को जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत देखा जाएगा।
पुलिस ने बताया है कि बुजुर्ग व्यक्ति की पोती ने अपने दादा की हत्या
के लिए ही अपने दोस्तों को हायर किया था और इस हत्या को अंजाम इसलिए दिया गया क्योंकि उस लड़की को अपने लिए आईफोन और अपने बॉयफ्रेंड के लिए बाइक चाहिए थी। लड़की ने अपने दादा की हत्या कराने के बाद घर में से सोने के सिक्के भी चुरा लिए।
वादरात के वक्त घर में अकेला था बुजुर्ग
पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या की वारदात को अंजाम तीन नाबालिगों ने दिया था। तीनों आरोपियों ने हत्या का वीडियो
रिकॉर्ड करके उस लड़की को भी भेजा था। पुलिस ने बताया कि वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया जब बुजुर्ग व्यक्ति घर में अकेला था। ऐसे में पुलिस ने यह कंफर्म किया है कि इस हत्या के लिए अच्छी खासी प्लानिंग की गई थी।
गला घोंटकर की गई थी हत्या!
अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस सूचना के बाद मौके पर पहुंची तो मृत बुजुर्ग व्यक्ति के हाथ और पैर कपड़े के एक टुकड़े से बंधे हुए थे। स्थानीय लोगों ने उसे आखिरी बार शनिवार शाम को देखा था। पोती जो एक रिश्तेदार के घर पर रह रही थी वह सोमवार सुबह किराए के घर आई और पड़ोसियों को बताया कि कोई दरवाजा नहीं खोल रहा है। इसके बाद पड़ोसी जबरदस्ती घर में घुसे और फिर पुलिस को जानकारी दी गई।
पुलिस को कैसे हुआ लड़की पर शक?
पुलिस ने जब बुजुर्ग व्यक्ति की बॉडी को बरामद किया तो बॉडी के गले में रस्सी के निशान थे जिससे पुलिस को शक हुआ कि हत्या गला घोंटकर दी गई है। पुलिस ने घर की तलाशी ले तो पता चला कि घर में चोरी भी हुई है। घर में से सोने के 6 सिक्के गायब हैं।
पुलिस को लड़की पर शक तब हुआ जब उसकी गतिविधियां संदेह में रहीं। पुलिस ने देखा कि लड़की ने स्कूल में चल रहे टर्म एग्जाम में शामिल होने का जोर दिया। साजिश का पता तब चला जब पुलिस ने उससे डिटेल में पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन की जांच की, जिससे पता चला कि टीन गैंग ने मर्डर के विज़ुअल शेयर किए थे।
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में एक एमसीडी सफाईकर्मी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। 28 साल के सफाई कर्मी अनिल कुमार की हत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच की वहीं, घटना से आक्रोशित एमसीडी सफाई कर्मचारियों ने लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल का घेराव कर लिया और धरने पर बैठ गए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
गोविंदा और सुनीता आहूजा का रिश्ता लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन के साथ फैमिली कोर्ट के बाहर देखा गया। जिसके बाद गोविंदा के मैनेजर ने जानकारी दी सुनीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि हर परिवार में मतभेद होते हैं। अगर तलाक की अर्जी वापस लेनी थी तो ये तमाशा क्यों किया गया।
मीडिया से बात करते हुए गोविंदा के मैनेजर ने सुनीता द्वारा तलाक की अर्जी वापस लिए जाने पर खुशी जताई। मगर साथ ही ये भी सवाल उठाये कि इस मुद्दे को इतना बढ़ाया क्यों गया?
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा कि कपल के बीच ये विवाद लगभग डेढ़ से दो साल से चल रहा है। इसके कारण दोनों की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि किसी भी रिश्ते में विवाद होना आम बात है लेकिन अगर मामला अदालत तक पहुंच जाए तो ये पब्लिक हो जाता है।
इसके अलावा शशि सिन्हा ने कहा कि इस मामले को लेकर अदालत तक नहीं जाना चाहिए था। इस मामले को घर में बात करके खत्म किया जा सकता था। बैठकर बात करके बहुत सी चीजें ठीक हो सकती हैं। जब केस वापस लेना था तो किया क्यों था। उन्होंने कहा, “इस बात का मुझे दुख हो गया। काहे को फिर हम लोग तमाशा बन गए?”
शशि ने गोविंदा के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका इस पर कोई रिएक्शन नहीं है। शशि ने कहा, “भगवान सबको सद्बुद्धि दें, सब लोग बुद्धि से चलें। बस यही अच्छा है, परिवार के अंदर कन्फ्यूजन और गलतफहमियां आपस में बैठकर सुलझाई जा सकती हैं। समस्याएं बड़ी हो सकती हैं, लेकिन उन्हें सुलझाना नामुमकिन नहीं होता।”
बता दें कि कुछ दिन पहले गोविंदा को उनकी को-एक्ट्रेस के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। जिसके बाद सुनीता ने पैपराजी से बात करते हुए कहा था, “एक कहावत सुनी है कभी… विनाश काले, विपरीत बुद्धि। उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। इसलिए ये सब करता है वो, क्या बोलूं।” इसके बाद गोविंदा ने भी पैपराजी से बात करते हुए कहा, “काम जो बाहर मुझे मिलता है वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। जब आप अपना काम कर रही थीं, चाहें वो खाने का शो हो या वो लॉकडाउन हो, आपने टीना से कहकर दोनों शो में आप ऐसे-वैसे करके मुझे बुलवाया।”
इसके बाद गोविंदा ने कहा, ““मैं ये दोबारा कहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत ज्यादा गालियां देने लगी हैं और ईश्वर से आप मनाइए कि लोग आपसे प्रेरित हो, यंगस्टर्स आपको देखकर आपको फॉलो करेंगे। कहीं आपके साथ ही लोग गालियां देने लग जाएंगे तो हम सब लज्जित हो जाएंगे।” पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें…